मटर फली छेदक (पी. पॉड बोरर) इस कीट की इल्लियाँ लोबिया व मटर की फलियों में छेदकर दानों को खा जाती है। प्रबंधन 1. ग्रसित फलियों को इकट्ठा कर नष्ट कर देना चाहिए। 2. बी.टी. 1 ग्राम/लिटर या एण्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि./लिटर या कार्बेरिल 50 डब्ल्यू.पी. 2 ग्राम/लिटर या एमामेक्टिन बेंजोएट 5 एस.जी. 1 ग्राम/2 लिटर का छिड़काव करें। यूबलेमा इल्ली इस कीट की इल्लियाँ लोबिया के फूलों को जाला बनाकर लपेटती हैं तथा बाद में खा जाती है। प्रबंधन 1. जाल में लपेटे हुए फूलों के गुच्छों को नष्ट कर दें । 2. इल्लियों को जाला बनाने से पहले नीम बीज अर्क (4 प्रतिशत) या कार्बेरिल 50 डब्ल्यू. पी. 2 ग्रा./लिटर यी बी..टी. 1 ग्राम/लिटर के छिड़ाव करें । सेम फली छेदक (बीन पॉडबोरर) इस कीट की इल्ली सेम की फल्लियों में छेदकर दानों को खा जाती है। इस कीट की राकथाम के लिए इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि./लिटर या स्पिनोसेड 45 एस.सी. 1 मि.लि./4 लिटर या एमाएमेक्टिम बेन्जोएट 5 एस.जी. 1 ग्राम/2लिटर का इस्तेमाल करें। फली छेदक बग (पॉड बग) इस बग के शिशु व वयस्क दोनों ही लोबिया व रोग की फसल की फलियाँ व कोमल प्ररोहों से रस चूसते हैं। इसके नियंत्रण के लिए इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2. मि.लि./लिटर या स्पिनोसेड 45 एस.सी. 1. मि.लि./4 लिटर या इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि./लि. का छिडकाव करें | चेपा (एफिड) काले रंग के चेपा के शिशु व वयस्क लोबिया, रोम, मटर व फ्रेंचबीन की पत्तियों व अन्य कोमल भागों से रस चूसकर पौधों को हानि पहुँचाते हैं। प्रबंधन 1. लेडी बर्ड भृंग को संरक्षण करें। 2. नीम बीज अर्क (5 प्रतिशत) या क्विनलफोस 25 ई.सी. 2 मि.लि./मि.लि. या इन्डोस्लफान 35 ईसी. 2 मि.लि./लिटर या इमिडक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 1 मि.लि./4 लिटर का छिड़काव करें। तना मक्खी (स्टैम फ्लाई) इस मक्खी के शिशु मटर व लोबिया की पत्ती की शिरा में सुरंग बनाते हुए पौधों को शाखा व मुख्य तने तक घुसकर फसल को हानि पहुँचाते हैं। प्रबंधन फल लगने से पहले कार्बोफ्यूरॉन 3 जी. 25 किलो/हेक्टेयर या किप्रोनिल 0.3 जी. 1 किलो/हेक्टेयर का प्रयोग करें। तना मक्खी कीट से कैसे बचाएं मटर की फसल, देखिए इस विडियो में पत्ती सुरंगक/(लीक माइनर) इस कीट के शिशु मटर की पत्तियों के हरे पदार्थ को खाकर सफेद रंग की टेढ़ी-मेढ़ी सुरंगे बनाते हैं। प्रबंधन 1. ग्रसित पत्तियों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें । 2. डायमेथेएट 30 ई.सी. 2 मि.लि. /लिटर या इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि. /लिटर या इनिडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 1 मि.लि./3 लिटर का छिड़काव करें। बीज का भृंग (बीन बीटल) इस कीट के शिशु व वयस्क दोनों ही फ्रेंचबीन के लगभग सभी भागों को हानि पहुँचाते हैं। इस कीट की रोकथाम के लिए कार्बेरिल 50 डब्ल्यू. पी. 2 ग्राम/लिटर या इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि. /लिटर या स्पिोनोसेड 45 एस.सी. 1 मिलि./4लिटर या नीम बीज अर्क (4 प्रतिशत) या एमाएमेक्टिम बेन्जोएट 5 एस.जी. 1 ग्राम/2लिटर का इस्तेंमाल करें। फ्रेंचबीन थ्रिप्स थ्रिप्स पत्तों से रस चूसकर पौधों को नुकसान पहुँचाते है। ग्रसित पत्ते पीले पड़ जाते हैं एवं फलियों का रंग चांदी जैसा सफेद हो जाता है। प्रबंधन इन्डोसल्फान 35 ई.सी. 2 मि.लि. /लिटर या डाइनमेथेएट 35 ई.सी. 2 मि.लि. /लिटर का छिड़काव करें। बीज का मैगट ( बीज मैगट) यह कीट भूमि के अंदर जाकर फ्रेंचबीन के बीज व उगते हुए पौधों को खा जाता है। प्रबंधन 1. क्लोरोयरीफॉस 20 ई.सी. 10 मि.लि./किलो बीज की दर से बीज उपचार करें। 2. यदि खेत में जैविक खाद अच्छी तरह गल -सड़ न जाए तो बीज न बोएँ। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार; ज़ेवियर समाज सेवा संस्थान