<h3 style="text-align: justify;">मिश्रित मत्स्य पालन</h3> <p style="text-align: justify;"> तेज़ी से वृद्धि करने वाले प्रजाति के चयनित मछलियों को मिश्रित रूप सेअधिकतम मत्स्य उत्पादन हेत् तालाब में पालन करने की विधि को। मिश्रित मत्स्य पालन कहते हैं | जिसमे तालाब के प्रत्येक सतह के भोजन का पूर्णतः उपयोग हो सके |</p> <h3 style="text-align: justify;"> उद्देश्य </h3> <ul style="text-align: justify;"> <li> तालाब के प्रत्येक सतह के भोजन का पूर्णतः उपयोग हो सके |</li> <li> तेज़ी से वृद्धि करने वाले प्रजाति के मछलियों का पूरक आहार के अनुसार</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">निर्धारित अनुपात में संचयन करना</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li> कार्बनिक एवं अकार्बनिक उर्वरक एवं पूरक आहार का प्रयोग कर अधिकतम मत्स्य उतपादन करना तथा अधिकतम लाभ प्राप्त करना |</li> <li> <strong>अनुसंशित प्रयोग </strong>- 5000 किलो प्रति हेक्टेयर /वर्ष </li> <li><strong> औसत उत्पादन</strong> - 3000 किलो प्रति हेक्टेयर | वर्ष</li> </ul> <p style="text-align: justify;">(कृषि मंत्रालय /डी. ए. एच. डी. एवं एफ हैंडबुक ऑफ़ फिशरीज स्टेटिस्टिक, 2003 </p> <p style="text-align: justify;"><strong>मिश्रित मत्स्य पालन</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>अनुसंशित प्रयोग -</strong> 5000 किलो प्रति हेक्टेयर /वर्ष </p> <p style="text-align: justify;"><strong>औसत उत्पादन</strong> - 3000 किलो प्रति हेक्टेयर | वर्ष</p> <p style="text-align: justify;">(कृषि मंत्रालय /डी.ए. एच. डी. एवं एफ हैंडबुक ऑफ़ फिशरीज स्टेटिस्टिक, 2003 ) </p> <p style="text-align: justify;"> अन्तर (gap) 2000 कि./हे./वर्ष</p> <p style="text-align: justify;"> वैज्ञानिक पद्धति से यदि तालाब में रासायनिक खाद, जैविकखाद, अच्छे मत्स्य बीज का संचयन और पर्याप्त परक आहार का प्रयोग किया जाये तो इस अन्तर (gap) को प्राप्त किया जा सकता है।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट मत्स्य निदेशालय, पटना, बिहार</p> <p style="text-align: justify;"> </p>