डिजी धन मेला भारत सरकार डिजिटल भुगतान के तरीके को तेजी से बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं और व्यापारियों को प्रोत्साहित करनाचाहती है और भुगतान के तरीके को परिवर्तन करना चाहती है। वर्तमान दो योजनाओं, अर्थात् उपभोक्ताओं के लिए लक्की ग्राहक योजना और व्यापारियों के लिए डिजी-धन व्यापार योजना के माध्यम से लोगों के बीच डिजिटल लेनदेन का अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहन की पेशकश द्वारा बढ़ाना चाहती हैं। लक्की ग्राहक योजना के तहत पुरस्कार दैनिक और साप्ताहिक आधार और डिजी-धन व्यापार योजना के तहत साप्ताहिक आधार पर दिया जाएगा। विस्तृत दिशा-निर्देश इस लिंक पर आप देख सकते हैं योजना भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा लागू किया जाएगा। झारखंड में डिजी धन मेला मोराबादी मैदान रांची में 1 जनवरी 2017 को आयोजित किया गया। डिजिटल जागृति परियोजना परियोजना (डिजिटल जागृति) शीर्षक "ग्रामीण भारत के लिए डिजिटल वित्त के तहत भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मुख्य लक्ष्य सीएससी के माध्यम से जागरूकता और पहुँच बनाने के साथ साथ सीएससी को डिजिटल वित्तीय हब बनने के लिए सक्षम बनाना है। ग्रामीण जनता के बीच सरकार की नीतियों और उपलब्ध डिजिटल वित्त विकल्प पर जागरूकता सत्र का आयोजन करना है । साथ ही, डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विभिन्न तंत्र जैसे एइपीएस, यूएसएसडी, आईएमपीएस, यूपीआई, बैंक पीओएस मशीन/ कार्ड आदि के प्रयोग के लिए सक्षम बनाना है । झारखण्ड राज्य में डिजिटल जागृति अभियान भारत सरकार का डिजी धन अभियान के तहत सीएससी ऑपरेटरों (वीएलई) को यह जिम्मेवारी दी गयी कि वो अपने पंचायतों में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता शिविर लगाकर 40 लोगों को कैशलेस लेनदेन पर जानकारी दें और भी कैशलेस लेनदेन के विभिन्न प्रौद्योगिकियों पर 10 व्यापारियों को प्रशिक्षित करें I इस परियोजना झारखंड राज्य के 24 जिलों में 5 दिसंबर 2016 को शुरू किया था। लगभग 3500 वीएलई ने इस परियोजना में भाग लिया। वीएलई इस लक्ष्य को प्राप्त करने व आम नागरिकों और व्यापारियों के बीच जागरूकता लाने व उन्हें शिक्षित करने के लिए कई अभिनव तरीकों को अपनाया; जैसे कैशलेस रथ, प्रभात फेरी, बिग एफएम, रेडियो, टीवी, प्रेस मीडिया, स्कूलों और कॉलेजों में शिविरों का आयोजन, किसानों, व्यापारियों, छात्रों के लिए शिविरों का आयोजन इत्यादि I अभियान के दौरान सभी 24 जिलों में, नौ वीएलई प्रशिक्षण कार्यशालाओं, चौबीस जिला स्तरीय कार्यशालाओं और 250 ब्लॉक स्तर कार्यशालाओं में का आयोजन सीएससी एसपीवी के अधिकारियों और सीएससी प्रबंधकों द्वारा की गई। पूरे अभियान के दौरान झारखंड के नौ पंचायतों को कैशलेस घोषित किया गया। झारखंड 1.76 लाख लाभार्थियों और 44,230 व्यापारियों को शिक्षित करने के अपने लक्ष्य को पार कर गया है। वर्तमान में, 31 दिसम्बर 2016 तक, सीएससी के द्वारा लगभग 1500 प्रतिशत लाभार्थियों और 60 प्रतिशत लक्षित व्यापारियों को शिक्षित किया है। वर्तमान में, अपने लाभार्थियों को कवर प्रतिशत के मामले में झारखंड अव्वल नंबर पर है और व्यापारियों को कवर करने की दिशा में झारखंड राज्य 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मध्य तीन नंबर पर है। डिजिटल जागृति परियोजना की स्थिति (राज्यानुसार - लाभार्थी) क्रम.स राज्य जिला पंचायत लक्ष्य लाभार्थी संख्या प्रतिशत 1 झारखंड 24 4423 176920 2647892 1496.66 2 छत्तीसगढ़ 27 9734 389360 1605790 412.42 3 जम्मू और कश्मीर 22 4128 165120 589484 357.00 4 कर्नाटक 33 6128 245120 785144 320.31 5 मध्य प्रदेश 51 24012 960480 2683316 279.37 6 उत्तराखंड 13 7555 302200 581255 192.34 7 ओडिशा 31 6234 249360 453736 181.96 8 गुजरात 33 13735 549400 959061 174.57 9 मणिपुर 9 165 6600 11317 171.47 10 पश्चिम बंगाल 20 3351 134040 228406 170.40 11 असम 28 2196 87840 147863 168.33 12 बिहार 38 8892 355680 543249 152.74 13 आंध्र प्रदेश 13 12833 513320 739025 143.97 14 केरल 14 979 39160 53139 135.70 15 राजस्थान 33 10946 437840 573961 131.09 16 महाराष्ट्र 38 28920 1156800 1481274 128.05 17 तमिलनाडु 33 13118 524720 627358 119.56 18 हरियाणा 23 6155 246200 291329 118.33 19 हिमाचल प्रदेश 12 3243 129720 143635 110.73 20 गोवा 2 189 7560 7940 105.03 21 तेलंगाना 10 8787 351480 305753 86.99 22 सिक्किम 5 165 6600 4558 69.06 23 पंजाब 23 12800 512000 285028 55.67 24 उत्तर प्रदेश 76 54914 2196560 838764 38.19 25 त्रिपुरा 9 1038 41520 9881 23.80 26 मेघालय 11 1463 58520 7465 12.76 27 नागालैंड 11 1123 44920 5427 12.08 28 मिजोरम 8 776 31040 2474 7.97 29 अरुणाचल प्रदेश 20 1779 71160 5176 7.27 कुल 670 249781 9991240 16618700 166.33 डिजिटल जागृति परियोजना की स्थिति (राज्यानुसार – व्यापारी) क्रम स राज्य जिला पंचायत लक्ष्य व्यापारी संख्या प्राप्त प्रतिशत 1 छत्तीसगढ़ 27 9734 97340 139844 143.67 2 ओडिशा 31 6234 62340 53491 85.81 3 झारखंड 24 4423 44230 26276 59.41 4 केरल 14 979 9790 5194 53.05 5 जम्मू-कश्मीर 22 4128 41280 18543 44.92 6 हरियाणा 23 6155 61550 22287 36.21 7 पश्चिम बंगाल 20 3351 33510 11022 32.89 8 हिमाचल प्रदेश 12 3243 32430 10111 31.18 9 असम 28 2196 21960 5449 24.81 10 बिहार 38 8892 88920 20550 23.11 11 कर्नाटक 33 6128 61280 9650 15.75 12 तेलंगाना 10 8787 87870 13419 15.27 13 मणिपुर 9 165 1650 221 13.39 14 उत्तराखंड 13 7555 75550 9854 13.04 15 उत्तर प्रदेश 76 54914 549140 70113 12.77 16 त्रिपुरा 9 1038 10380 1264 12.18 17 मध्य प्रदेश 51 24012 240120 28564 11.90 18 राजस्थान 33 10946 109460 11482 10.49 19 गुजरात 33 13735 137350 13129 9.56 20 महाराष्ट्र 38 28920 289200 21582 7.46 21 आंध्र प्रदेश 13 12833 128330 6304 4.91 22 पंजाब 23 12800 128000 5478 4.28 23 तमिलनाडु 33 13118 131180 5596 4.27 24 सिक्किम 5 165 1650 45 2.73 25 गोवा 2 189 1890 43 2.28 26 नागालैंड 11 1123 11230 145 1.29 27 मेघालय 11 1463 14630 171 1.17 28 मिजोरम 8 776 7760 51 0.66 29 अरुणाचल प्रदेश 20 1779 17790 59 0.33 कुल 670 249781 2497810 509937 20.42 डिजिटल जागृति परियोजना की स्थिति (जिलानुसार – झारखण्ड राज्य) क्रम जिला कुल पंचायत लक्षित लाभार्थी रजिस्ट्रेशन लक्षित व्यापारी रजिस्ट्रेशन कुल वास्तविक रजिस्ट्रेशन प्राप्त प्रतिशत (ग्रा.प.संख्या *40) (ग्रा.प.संख्या *10) लाभार्थी व्यापारी लाभार्थी व्यापारी 1 बोकारो 251 10040 2510 184612 560 1838.76 22.31 2 चतरा 154 6160 1540 17428 195 282.92 12.66 3 देवघर 194 7760 1940 66009 1498 850.63 77.22 4 धनबाद 256 10240 2560 227446 470 2221.15 18.36 5 दुमका 202 8080 2020 49070 127 607.30 6.29 6 पूर्व सिंहभूम 230 9200 2300 309730 3693 3366.63 160.57 7 गढ़वा 196 7840 1960 53407 139 681.21 7.09 8 गिरिडीह 358 14320 3580 177796 700 1241.59 19.55 9 गोड्डा 200 8000 2000 6206 228 77.58 11.40 10 गुमला 159 6360 1590 67043 118 1054.14 7.42 11 हजारीबाग 256 10240 2560 127470 766 1244.82 29.92 12 जामताड़ा 118 4720 1180 138458 189 2933.43 16.02 13 खूंटी 87 3480 870 111183 869 3194.91 99.89 14 कोडरमा 119 4760 1190 36596 533 768.82 44.79 15 लातेहार 115 4600 1150 194620 199 4230.87 17.30 16 लोहरदगा 66 2640 660 6806 285 257.80 43.18 17 पाकुर 126 5040 1260 18161 188 360.34 14.92 18 पलामू 278 11120 2780 267293 527 2403.71 18.96 19 रामगढ़ 143 5720 1430 14567 113 254.67 7.90 20 रांची 303 12120 3030 350625 9548 2892.95 315.12 21 साहेबगंज 165 6600 1650 143034 3438 2167.18 208.36 22 सरायकेला खरसावां 136 5440 1360 22203 1717 408.14 126.25 23 सिमडेगा 94 3760 940 25290 97 672.61 10.32 24 पश्चिमी सिंहभूम 217 8680 2170 34817 76 401.12 3.50 कुल 4423 176920 44230 2649870 26273 1497.78 59.40 झारखण्ड राज्य में जिला और प्रखंड स्तरीय समापन स्थिति झारखंड में सीएससी के द्वारा नौ स्थानों में 5 दिसम्बर 2016 से 8 दिसम्बर 2016 तक नौ मास्टर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जिसमें 2200 वीएलई को प्रशिक्षित किया गया है। उसके बाद, वीएलई के द्वारा नागरिकों और व्यापारियों के लिए कैशलेस लेनदेन शिविरों का आयोजन शुरू कर दिया और सीएससी एसपीवी के अधिकारियों और सीएससी जिला प्रबंधकों के द्वारा सरकारी अधिकारियों, व्यापारियों, शिक्षकों, किसानों, छात्रों, आदि के लिए 24 जिला स्तरीय कार्यशालाओं और 250 ब्लॉक स्तर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। परिणामतः, नागरिकों के बीच बिना नकद लेनदेन के बारे में जागरूकता हुई और वे विभिन्न बिना नकद लेनदेन, यानि यूपीआई, यूएसएसडी, एइ पीएस, ई-वॉलेट आदि तकनीकों को अपनाना आरम्भ किया। झारखंड सरकार ने 24 जिलों के 29 ब्लॉकों का चयन कैशलेस बनने के लिए किया है और यह मिशन अपनी पूरी गति में है। क्रम जिला कुल प्रखंड जिला स्तरीय कार्यशाला पूर्ण प्रखंड स्तरीय कार्यशाला पूर्ण 1 बोकारो 9 2 9 2 चतरा 12 1 12 3 देवघर 11 2 11 4 धनबाद 9 2 9 5 दुमका 10 1 10 6 पूर्व सिंहभूम 13 2 10 7 गढ़वा 19 1 17 8 गिरिडीह 13 2 10 9 गोड्डा 9 1 6 10 गुमला 12 1 12 11 हजारीबाग 16 2 14 12 जामताड़ा 7 1 7 13 खूंटी 6 1 6 14 कोडरमा 7 1 7 15 लातेहार 9 1 9 16 लोहरदगा 7 1 7 17 पाकुर 6 1 6 18 पलामू 20 2 20 19 रामगढ़ 6 1 6 20 रांची 18 2 18 21 साहेबगंज 9 2 9 22 सरायकेला खरसावां 9 1 9 23 सिमडेगा 10 1 8 24 पश्चिमी सिंहभूम 18 1 18 Total 265 33 250 अभार व आलेख योगदानकर्ता: श्री शंभू कुमार, झारखंड राज्य एंकर (वरिष्ठ प्रबंधक), सीएससी ई-गवर्नेन्स सर्विसेज इंडिया लिमिटेड, प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा, रांची - 834004 झारखण्ड राज्य