डिजिटल भुगतान और कैशलेस इकॉनोमी प्रोत्साहन कार्यक्रम झारखण्ड राज्य के ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा डिजिटल भुगतान को पंचायत स्तर तक पहुँचाना है जिससे आम जनता हस्तांतरण कार्ड (डेबिट/क्रेडिट), मोबाइल वॉलेट, मोबाइल एप्प्स, नेट बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ईसीएस), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी), तत्काल भुगतान सेवा(आईएमपीएस), आदि साधनों का आसानी से प्रयोग कर सके। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं की समझ बढ़ाने के उद्देश्य से उनको विषय विशेषज्ञों के माद्यम से पॉवर-पॉइंट, वीडियो, व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण दी जा रही है, डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेस कार्ड्स, यूएसएसडी, एईपीएस, यूपीआइ, वॉलेट के साथ भीम एप्प की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य ग्रामीण विकास संस्थान(सर्ड), हेहल, रांची द्वारा प्रखंडों में प्रशिक्षण के नियमित रूप से दिया गया जिसका विषय झारखण्ड राज्य में कैशलेस इकॉनोमी रहा । सभी प्रशिक्षणों में प्रतिभागी पंचायत समिति के सदस्य, पंचायत प्रमुख, उप प्रमुख और पंचायत के मुखियागण थे। कार्यक्रमों का प्रखंड स्तरीय आयोजन इस प्रकार रहा – क्रम. स. प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक प्रखंड प्रतिभागी प्रतिभागी संख्या 1 झारखण्ड राज्य में कैशलेस इकॉनोमी प्रशिक्षण कार्यक्रम 5-7 दिसम्बर 2016 ओरमांझी प्रखंड 73 पंचायत समिति के सदस्य, पंचायत प्रमुख, उप प्रमुख और पंचायत के मुखियागण 2 झारखण्ड राज्य में कैशलेस इकॉनोमी प्रशिक्षण कार्यक्रम 8-10 दिसम्बर 2016 नगड़ी प्रखंड 63 पंचायत समिति के सदस्य, पंचायत प्रमुख, उप प्रमुख और पंचायत के मुखियागण 3 डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन कार्यक्रम (टी ओ टी) 7 जनवरी 2016 रातू प्रखंड 29 प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण 4 डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन कार्यक्रम(टी ओ टी) 7 जनवरी 2016 रातू प्रखंड 74 प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम की सत्र निदेशक श्रीमती मिनी रानी शर्मा, सहायक प्राध्यापक सह सहायक निदेशक, सर्ड के द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजित किया गया जिन्होनें सिक्योर्ड कैशलेस लेन देन की विभिन्न तरीको की जानकारी दी I कार्यक्रमों में प्रतिभागियों ने नवीनतम व तकनीकी विषयों की ओर अपनी रूचि दिखलाई I नगड़ी प्रखंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 27.12.16 से नगरी ब्लाक में “झारखण्ड राज्य में कैशलेस इकॉनोमी” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया I इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संपत मीणा जी, आई.जी.; श्री पी.के. झा, निदेशक, दूरदर्शन, रांची थे I ब्रिगेडियर भी एम सैनी, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, आई आई एम् राँची एवं श्री अमित कुमार सिन्हा, एजीएम, आरबीआई, राँची कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे I श्रीमती मिनी रानी शर्मा ने सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों को स्वागत करते हुए बताया की ऑनलाइन अथवा कैशलेस लेन देन करने से देश में पारदर्शिता आई है एवं इस से प्रत्येक नागरिक देश के निर्माण में अपना सहभागिता सुनिश्चित कर पाएँगे और हमारा राष्ट्र आगे की अग्रसर होगा I आने वाले दिनों में भारत शिखर पर होगा एवं हमारे युवाओ का भाविष्य उज्जवल होगा I इसके साथ ही उन्होंनें कैशलेस भुगतान की विधियों की जानकारी दी I श्री पी .के झा, निदेशक, दूरदर्शन, रांची ने कैशलेस इकॉनमी को सरकार की बहुत ही अच्छी पहल बताई ,उन्होंनें कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर नकेल कसेगी एवं पारदर्शिता आएगी I इसके साथ यह भी जानकारी दी गयी कि दूरदर्शन रांची नियमित रूप से कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए है I ब्रिगेडियर भी एम सैनी, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, आई आई एम राँची ने बताया के संस्थान भी इस क्षेत्र में नियमित रूप से कार्यरत है साथ ही उन्होंने सभी को कैशलेस इकॉनोमी की उपयोगीता बताई I श्री अमित कुमार सिन्हा, एजीएम, आरबीआई, राँची ने आरबीआई के विभिन्न दिशानिर्देशों से अवगत कराया साथ ही छोटी छोटी सावधानियों की ओर सभी प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया I प्रखंड विकास पदाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया I सर्ड(स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट) झारखण्ड सर्ड (राज्य ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान) हेहल, राँची झारखण्ड की स्थापना वर्ष 1954 में खाद्य, कृषि, सामुदायिक विकास और सहकारिता मंत्रालय (सामुदायिक विकास विभाग) भारत सरकार द्वारा "विकास अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान" के रूप में किया गया था जब देश में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थीI यह प्रशिक्षण संस्थान सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। इस संस्थान की स्थापना ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को सामुदायिक विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किया गया था, झारखंड सरकार ने वर्ष 2002 में इस संस्थान का नाम बदल कर स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट(सर्ड) रखा। वर्तमान में इस संस्थान की क्षमता एक समय में 100 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने की है। यह संस्थान झारखंड राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के तहत कार्यरत है। राज्य सरकार के अलावा, एनआईआरडी(नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ रुरल डेवेलपमेंट), हैदराबाद इस संस्थान के प्रशिक्षण कौशल विकसित करने में संस्थान का सहयोग करता है। इस संस्थान का मुख्य कार्य ग्राम पंचायत पर्यवेक्षक, पंचायत सेवक, दलपति आदि को प्रशिक्षण प्रदान करना है I संस्थान के कार्यक्रमों को विस्तार से जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट(सर्ड), झारखण्ड आभार व आलेख योगदानकर्ता श्रीमती मिनी रानी शर्मा, सहायक प्राध्यापक सह सहायक निदेशक, सर्ड, हेहल, राँची, झारखण्ड