भूमिका डिजिटल साधनों और कार्ड के जरिये भुगतान करने को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा महत्वपूर्ण कदमों की मंजूरी दी गई है। यह कदम नकद कारेाबार को कम करने के लिए उठाया गया है। कई अल्पकालीन (एक साल के भीतर क्रियान्वित होंगे।) और मध्यम अवधि (दो साल के भीतर क्रियान्वित होंगे।) के उपाय सरकार/मंत्रालयों/विभागों/संगठनों द्वारा किया जाएगा। कार्ड और डिजिटल साधनों के जरिये भुगतान को बढ़ावा, कर वंचना को रोकने, लोगों को कार्ड/ डिजिटल साधनों के जरिये वित्तीय सेवाओं में नकद कारोबार को कम करने और नकद प्रधानतावाले क्षेत्र को गैर नकदी या कम नकदी क्षेत्र में बदलने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। कार्ड और डिजिटल साधनों के जरिये भुगतान को बढ़ावा देने से आवश्यक लक्षणों में अधिभार/सेवा शुल्क /कार्ड पर सुविधा शुल्क/ वर्तमान में डिजिटल भुगतान सरकारी विभागों /संगठनों, कार्ड पर एमडीआर के लिए युक्तिसंगत बनाना और मुख्य कारेाबार के खंड में अलग एमडीआर फ्रेमवर्क कार्ड से एक तय राशि तक कारोबार कुछ कार्डों पर हितधारकों द्वारा संरचना का सूत्र निकालना, ऐसे भुगतानों के लिए संचार सेवाओं को युक्तिसंगत बनना, मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा देना, धोधाधड़ी के मामलों के जल्दी समाधान का आश्वासन और देश में भुगतान के माहौल की समीक्षा मुख्य होंगे। कार्ड्स क्या हैं? ये आमतौर पर बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं तथा इन्हें जारी करने, कार्डधारक द्वारा उपयोग व भुगतान के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। कार्ड तीन प्रकार के होते हैं- डेबिट कार्ड, क्रेडित कार्ड तथा प्रीपेड कार्ड। विभिन्न प्रकार के कार्ड्स क्या होते हैं? प्रीपेड कार्ड्स ये ग्राहक बैंक अकाउंट से प्री-लोडेड होते हैं और जो सीमित लेनदेन के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। इन्हें मोबाइल रीचार्ज की तरह रीचार्ज किया जा सकता है। उपयोग करने के लिए सुरक्षित। डेबिट कार्ड्स इसे खाताधारी बैंक द्वारा जारी किया जाता है जो बैंक अकाउंट से लिंक किया हुआ होता है। डेबिट कार्ड खाताधारकों (करंट/सेविंग/ओवरड्राफ्ट) को जारी किए जाते हैं तथा किये गये कोई भी खर्च उपयोगकर्ता के खाते से तुरंत काट लिये जाते हैं। उपयोगकर्ता इस कार्ड का उपयोग अपने बैंक अकाउंट में मौज़ूद सीमा तक नगद निकालने के लिए कर सकता है। इसका उपयोग एक व्यक्ति से दूसरे को घरेलू फंड ट्रांस्फर के लिए भी किया जा सकता है। क्रेडिट कार्ड्स इन्हें बैंक/रिजर्व बैंक अधिकृत अन्य कम्पनियों द्वारा जारी किया जाता है। इन्हें घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय (यदि अंतर्राष्ट्रीय उपयोग के लिए सक्षम बनाया गया हो) तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। डेबिट कार्ड से अलग, क्रेडिट कार्ड्स के मामले में कोई ग्राहक अपने बैंक खाते में मौज़ूद धनराशि की मात्रा से अधिक धन भी निकाल सकता है। लेकिन हर क्रेडिट कार्ड के लिए निर्धारित सीमा तक अतिरिक्त धन निकाला जा सकता है। साथ ही निकाले गए अतिरिक्त धन के पुनर्भुगतान को निर्धारित समय सीमा तक पूरा करना चाहिये जिसमें देरी होने पर, कार्डधारक को इस धनराशि का भुगतान निर्धारित ब्याज समेत करना पड़ता है। डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स का उपयोग कैसे करें? एटीएम से पैसा निकालने के लिए, उपयोगकर्ता को डेबिट/क्रेडिट कार्ड डालकर बैंक द्वारा दिया गया अपना विशिष्ट पिन नम्बर (4 अंक) देना पड़ता है। प्रतिदिन निकाली जाने वाली अधिकतम धनराशि बैंक द्वारा निर्धारित की जाती है। डेबिट कार्ड के साथ कार्डधारक एटीएम का उपयोग, बैंक शाखा जाए बिना, बैंक बैलेंस ज्ञात करने, चेक या धनराशि जमा करने, मिनी स्टेटमेन्ट प्राप्त करने आदि जैसे वित्तीय व गैर-वित्तीय लेनदेन की सेवाओं को प्राप्त करने में कर सकता है। मैं इन कार्ड्स का उपयोग क्यों करुं? अपने कार्ड का उपयोग कहीं भी खरीदारी के लिए। दुकानों, एटीएम(एटीएम), वॉलेट्स, माइक्रोएटीएम(एटीएम),ऑनलाइन खरीदारी करने में। डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड्स, दोनों का उपयोग एटीएम(एटीएम) से नगद निकालने, पॉइंट-ऑफ़-सेल(पीओएस) पर सामान व सेवाओं की खरीद तथा ऑनलाइन खरीद के लिए किया जा सकता है। सभी प्रकार के यूटिलिटी बिलों के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उपभोक्ता इनसे टिकट (एअरलाइन/रेलवे/बस) खरीद सकते हैं, होटल में बुकिंग कर सकते हैं और रेस्ट्राँ में भुगतान कर सकते हैं। उपयोगकर्ता ऐसे किसी भी स्थान पर किसी भी सेवा के भुगतान के लिए कार्ड का उपयोग कर सकते हैं जहां कार्ड रीडर/ पीओएस मशीन हो। कार्ड कैसे प्राप्त किया जा सकता है? उपभोक्ता डेबिट/रुपे/क्रेडिट कार्ड्स के लिए सभी सार्वजनिक व निजी बैंक्स में आवेदन दे सकते हैं। नागरिक अपनी बैंक शाखा में आवेदन देकर डेबिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। क्या नागरिक अपने डेबिट कार्ड्स रुपे कार्ड से बदल भी सकते हैं? नागरिक अपने डेबिट कार्ड्स रुपे कार्ड से बदल भी सकते हैं। सरकार के आदेश के अनुसार, सभी जन धन योजना खाता धारकों को रुपे कार्ड जारी किए जाएंगे। स्रोत: नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया(एनपीसीआई)