कल्पना कीजिए कि हमें बैंक में खाता खोलने के लिए या पैन कार्ड पाने के लिए न पेन की आवश्यकता हो और न ही आवेदन प्रपत्रों को भरने की। इन प्रपत्रों पर आवेदक के हस्ताक्षर की आवश्यकता के कारण इसे ऑनलाइन करने में एक बड़ी बाधा थी। लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के द्वारा हस्तलिखित हस्ताक्षर की आवश्यकता बदलना संभव है। यह नए हस्ताक्षर इलेक्ट्रॉनिक रूप में दस्तावेजों में संलग्न किए जा सकते हैं। सी-डैक की ई-हस्ताक्षर नामक सेवा, इन प्रयासों को और सरल बनाएगी क्योंकि अब नागरिकों को स्वयं हस्ताक्षर करने की आवश्यकता नहीं होगी और वह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संभव हो सकेगी। डिजिटल हस्ताक्षर क्या है? डिजिटल हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर योजना किसी डिजिटल संदेश या दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को निरूपित करने के लिए एक गणितीय योजना है। एक मान्य डिजिटल हस्ताक्षर, प्राप्तकर्ता को यह विश्वास दिलाता है कि संदेश किसी ज्ञात प्रेषक द्वारा तैयार किया गया था और उसे पारगमन में बदला नहीं गया था। डिजिटल हस्ताक्षर सामान्यतः सॉफ्टवेयर वितरण, वित्तीय लेन-देन और ऐसे अन्य मामलों में प्रयुक्त होते हैं, जहां जालसाजी और छेड़-छाड़ का पता लगाना अधिक महत्वपूर्ण है। डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल अक्सर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर कार्यान्वित करने के लिए होता है, जो कि एक ऐसा व्यापक शब्द है जिसका संदर्भ ऐसे किसी इलेक्ट्रॉनिक डाटा से है, जो हस्ताक्षर के उद्देश्य को साथ लिए होता है, लेकिन सभी इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षरों में डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग नहीं किया जाता.[1][2][3] संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कुछ देशों और यूरोपीय संघ में, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों का क़ानूनी महत्व है। तथापि, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर से संबंधित कानून हमेशा यह स्पष्ट नहीं करते कि क़ानूनी परिभाषा को परे रखते हुए, क्या वे डिजिटल बीज-लेखन हस्ताक्षर के अर्थ में यहां प्रयुक्त हैं और इसलिए उनका महत्व, कुछ हद तक भ्रामक है। ई-हस्ताक्षर सेवा- उद्देश्य एवं चुनौतियां ऑनलाइन प्रामाणिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की उपयोगकर्ता द्वारा माँग पर उनके लिए उपलब्ध की जा रही विविध आईसीटी सेवाओं के साथ युग्मित आईसीटी उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग। डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र और ई-हस्ताक्षर दस्तावेज प्राप्त करने की वर्तमान विधियाँ बोझिल हैं। भारत सरकार अपने द्वारा जारी गजट अधिसूचना में एक ऐसी विधि की घोषणा की है जिसमें प्रमाणन प्राधिकारी को आधार आईडी रखने वाले नागरिकों के लिए ई-हस्ताक्षर सेवा मुहैया कराने की सुविधा है।ई-हस्ताक्षर सेवा का उद्देश्य कानूनी रूप से मान्य और नागरिकों को सुरक्षित रूप से अपने दस्तावेजों पर तत्काल हस्ताक्षर करने के लिए ऑन-लाइन मंच प्रदान करना है। इसमें शामिल दो प्रमुख चुनौतियाँ हैं- क) उपयोगकर्ता का प्रमाणीकरण तथा ख) हस्ताक्षर करने व जाँचने का विश्वसनीय तरीका। पहली चुनौती से पार पाने के लिए ‘आधार कार्ड’ आधारित ऑनलाइन आथेन्टिकेशन प्रणाली को अपनाया गया है तथा उपयोगकर्ता दस्तावेज पर सुरक्षित रूप से हस्ताक्षर के लिए तथा विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) का उपयोग किया गया है।सुविधाआधार आईडी रखने वाले नागरिक अपने दस्तावेजों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित करने के लिए ई-हस्ताक्षर सेवा में अपने दस्तावेजों को अपलोड करने में सक्षम होंगे। दस्तावेज को अपलोड करने के बाद इसमें आधार सेवा के उपयोग से उपयोगकर्ता का सत्यापन किया जाएगा और उपयोगकर्ता तथा दस्तावेज पर हस्ताक्षर के लिए एक जोड़ी की (पब्लिक की और एक निजी की) जनरेट की जाएगी। तत्पश्चात उपयोगकर्ता को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज और डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।सी-डैक अपने ई-हस्ताक्षर पहल के माध्यम से वैध आधार आईडी तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर रखने वाले नागरिकों को ऑनलाइन अपने दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर करने में सक्षम बनाता है। सी-डैक की ऑन-लाइन डिजिटल हस्ताक्षर सेवा समय और लागत प्रभावी सुरक्षित ऑनलाइन सेवा कानूनी रूप से वैध हस्ताक्षर की सुविधा प्रदान करता है कहीं भी, कभी भी डिजिटल हस्ताक्षर करने का आसान और सुरक्षित तरीका लचीला और कार्यान्वयन में आसान आधार आधारित प्रमाणीकरण ओपन एपीआई का उपयोग करने से अनुप्रयोगों को डिजिटल हस्ताक्षर सेवा का लाभ उठाने में सुविधा होती है सी-डैक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सीसीए और आधार के दिशानिर्देशों का पालन करता है भारतीय आईटी अधिनियम 2000 के अनुसार कानूनी रूप से वैध हस्ताक्षर प्रदान करता है आधार ई-केवाईसी एक्सएमएल पर आधारित ऑफलाइन ई-केवाईसी मोड के लिए दो कारक प्रमाणीकरण (पिन के साथ ओटीपी) सी-डैक एक सूचीबद्ध ई-साइन सेवा प्रदाता (ईएसपी) और प्रमाणन प्राधिकरण (सीए) है। संपूर्ण दस्तावेज़ के बजाय हस्ताक्षर के लिए केवल दस्तावेज़ के अंगूठे के निशान (हैश) की आवश्यकता के द्वारा उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता सुनिश्चित करता है ई-हस्ताक्षर सेवा के लाभ १.सुरक्षित ऑनलाइन सेवाई-हस्ताक्षर सेवा आईटी अधिनियम के अनुसार प्रमाणन प्राधिकारी नियंत्रक (CCA) द्वारा लाइसेंसी सर्टिफाइंग एथोरिटी (CA) द्वारा दी जाती है। सी-डैक इस प्रकार से सीए की भूमिका निभाता है तथा संपूर्ण हस्ताक्षर प्रक्रिया की सुरक्षा को सुनिश्चित कराता है।२.भौतिक सत्यापन की आवश्यकता नहींपारंपरिक सीए के लिए प्रत्यक्ष सत्यापन की आवश्यकता होती है और इसमें लोगों को असुविधा होती है। इसके विपरीत ई-हस्ताक्षर ‘आधार कार्ड’ की ई-आथेंटिकेशन प्रणाली के माध्यम से एक ऑनलाइन एवं आसान सेवा मुहैया करता है।३.हार्डवेयर टोकन की आवश्यकता नहींई-हस्ताक्षर एक ऑनलाइन सेवा है और इसके लिए अब किसी पारंपरिक हार्डवेयर टोकन की कोई आवश्यकता नहीं है।४.प्रमाणित करने के लिए एक से अधिक तरीकेई-हस्ताक्षर सेवा वन-टाइम-पासवर्ड (ओटीपी जो आधार डेटाबेस में पंजीकृत मोबाइल पर भेजा जाता है) या बॉयोमैट्रिक (फिंगरप्रिंट या आँख की पुतली का स्कैन) जैसे उपयुक्त तरीकों के आधार पर सत्यापन करती है। वर्तमान में ओटीपी आधारित सत्यापन के लिए ई-हस्ताक्षर सेवा उपलब्ध है।६.गोपनीयताई-हस्ताक्षर सेवा पूरे दस्तावेज के बजाय दस्तावेज के केवल सार (hash) को इस्तेमाल करती है जिससे कि दस्तावेजों की गोपनीयता सुनिश्चित होती है। कैसे करें ई- साइन? डिजिटल इंडिया के इस भाग में जानें देखिए इस विडियो में स्त्रोत: https://esign.cdac.in/