पृष्ठभूमि ब्राडॅबैंड सूचना और ज्ञान के लिए सस्ती और साम्यिक पहुंच प्रदान कर लोगों के जीवन में सुधार लाने का एक उपकरण है। ब्रॉडबैंड दिन—प्रतिदिन सभी व्यक्तियों के लिए उनकी जीवन शैली पर सीधा प्रभाव डालने वाला बन गया है। यह व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में भी योगदान कर सकता है। ई-कॉमर्स, ई-बैंकिंग, ई-प्रशासन, ई-शिक्षा और टेली-चिकित्सा के रूप में सूचना और संचार प्रोद्योगिकी (आईसीटी) के अनुप्रयोगों में उच्च गति के इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है। यह सुविधा एनओएफएन प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने 25 अक्टूबर 2011 को देश के 2,50,000 ग्राम पंचायतों में बैंडविड्थ के साथ ब्राडॅबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चत करने के लिए राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) (जिसे अब भारतनेट कहा जाता है) की स्थापना को मंजूरी दी है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतनेट, दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण दूरसंचार परियोजनाओं में से एक है, जो सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच प्रदान करने के लिए देश में सभी ग्राम पंचायतों (लगभग 2.5 लाख) में चरणबद्ध तरीके से लागू की गई है। इसका उद्देश्य मोबाइल ऑपरेटरों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी), केबल टीवी ऑपरेटरों, सामग्री प्रदाताओं जैसे एक्सेस प्रदाताओं को ग्रामीण और दूरस्थ भारत में ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा और ई-गवर्नेंस जैसी विभिन्न सेवाओं को लॉन्च करने में सक्षम बनाना है। लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों के लिए 100 एमबीपीएस ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना। गैर भेदभावपूर्ण तरीके से बी-टू-बी की सेवाएं प्रदान करना। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवाओं की जी2सी, बी2सी और पी2पी सुविधाएं देना। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की पैठ बढ़ाने से यह सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक उत्प्रेरक की तरह बनना। भारतनेट भारतनेट ब्लॉक से ग्राम पंचायत(जीपी) तक एक मध्य मील नेटवर्क है जो सेवा प्रदाताओं जैसे टीसीएसपी, आईएसपी, एमएसओ, एलसीओ एवं सरकारी एजेंसियों को अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए कनेक्टिविटी प्रदान करता है | बैंडविड्थ: यह ब्लॉक से ग्राम पंचायत तक जीपोन तकनीक का उपयोग करके पॉइंट टू पॉइंट एवं पॉइंट टू मल्टीपोइंट(पी 2 एमपी ) बेंड्विड्थ को इंगित करता है | डार्क फाइबर: इंक्रेमेंटल केबल पर: यह फाइबर पॉइंट ऑफ इंटेर्कोनेक्ट (एफ़पीओआई) एवं ग्राम पंचायत के बीच बीबीएनएल द्वारा डाली गयी इंक्रेमेंटल केबल पर डार्क फाइबर प्रदान करता है | इस परियोजना को एक विशेष उद्देश्य वाहन (एसपीवी) अर्थात् भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) द्वारा निष्पादित किया जा रहा है, जिसे 25.02.2012 को भारतीय कंपनी अधिनियम 1956 के तहत शामिल किया गया है। 30.04.2016 को दूरसंचार आयोग ने परियोजना को लागू करने के लिए मंजूरी दे दी। तीन चरण। यह भारत सरकार के डिजिटल भारत पहल का हिस्सा है। भारतनेट जो एक गैर भेदभावपूर्ण दूरसंचार आधारभूत ढांचे के रूप में परिकल्पित किया गया है, ग्रामीण अभिगमन के अंतर को पाटने का काम करेगा।एन.ओ.एफ.एन जो सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यू.एस.ओ.एफ), संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है, ग्रामीण भारतमें गैर भेदभावपूर्ण अभिगमन द्वारा डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए परिकल्पित की गई है। भारतनेट मॉडल का उपयोग बेंड्विड्थ उपयोग : कोई भी सेवा प्रदाता/सरकारी एजेंसी जो ग्राम पंचायत स्तर पर अपनी सेवाएँ उपलब्ध करना चाहती हैं, वह ब्लॉक ओएलटी लोकेशन जहां से उसका ट्रेफिक भारतनेट पर ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाया जा रहा है, पर भारतनेट से संपर्क कर सकता है| ग्राम पंचायत स्तर पर, सेवा प्रदाता द्वारा अपनी सेवाएँ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए अपनी स्वएं की ‘अंतिम स्थल कनेक्टिविटी’ का प्रयोग करना होगा| इस इको सिस्टम को शुरू करने के लिए और भारतनेट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इस बेंड्विड्थ की पेशकश, बहुत आकर्षक एवं किफ़ाईती दाम पर की जा रही है | डार्क फाइबर उपयोग : सेवा प्रदाता, बीबीएनएल द्वारा बिछाई गई नई केबल, जो कि ब्लॉक और ग्राम पंचायत के बीच में डाली गई है जिसे इंक्रीमेंटल केबल भी कहा जाता है, पर डार्क फाइबर का उपयोग ग्राम पंचायत तक अपनी सेवा का विस्तार करने के लिए कर सकते है |डार्क फाइबर अभी फाइबर पॉइंट इंटरकोनेक्ट (विद्यमान फाइबर के साथ ) से ग्राम पंचायतों तक उपलब्ध है| फिर भी , ऐसी लगभग 15000 ग्राम पंचायते मौजूद हैं जहां बीबीएनएल फाइबर, ब्लॉक से लेकर सीधे ग्राम पंचायतों तक उपलब्ध है |(इन स्थानों की सूची प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें )| डार्क फाइबर की पेशकश, अति किफ़ायती और आकर्षक मूल्य जो कि ₹2,250/- प्रति फाइबर प्रति किलोमीटर प्रति वर्ष है, पर की जा रही है और यह दर बाज़ार मूल्य की तुलना में बहुत कम है | अब तक (27.05.2024 तक) भारतनेट परियोजना से 2,12,778 ग्राम पंचायतें जुड़ी हैं और 6,86,963 किलोमीटर ओएफसी बिछाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, 10,22,018 फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) कनेक्शन शुरू किए गए हैं और अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 104,574 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं। भारतनेट उपलब्ध कराने का प्रयोजन भारतनेट परिवहन नेटवर्क के रूप में है जो पंचायतों में निम्नलिखित उपयोगिताओं के वितरण के माध्यम से, डिजिटल भारत को लागू करना है -पंचायत प्रबंधन ग्राम सभा बैठकें, गांव के रिकॉर्ड, नागरिकों के आंकड़े को सामयिक बनाना, पंचायतों के प्रभावी प्रदर्शन की निगरानी। सामुदायिक भागीदारी प्रथाओं एवं संचार संसाधनों का प्रखंड और जिला के साथ अंतर—ग्रामीण, अंतर-जिला स्तरीय बंटवारा। ज्ञान प्रसार कृषि के तरीकों, उत्पादकता तकनीकों, लघु उद्यमों, व्यावसायिक शिक्षा की साझेदारी। नागरिक सेवाओं का वितरण स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त आदि नागरिक सेवाओं का वितरण करना है। केन्द्र प्रायोजित / केन्द्रीय क्षेत्र / राज्य प्रायोजित योजनाओं और शिकायत निवारण के लिए सरकार और नागरिक के मध्य संवाद के लिए एक सूत्री सुविधा ।विकासात्मक योजना सड़क, परिवहन और बिजली का संयोजन, अच्छी शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के रूप में ज्ञान का संयोजन। पीने के पानी और मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन का प्रावधान । किसानों को उनकी उपज के लिए सबसे अच्छा मूल्य मिलें इसके लिए उन्हें बाजार से जोड़कर सक्षम बनाना । भारतनेट सुविधा भारतनेट 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक जी.पी. के लिए न्यूनतम 100 एम बी पी एस का एक बैंडविड्थ प्रदान करेगा जिससे ग्रामीण भारत में ई-प्रशासन, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, ई-बैंकिंग, सार्वजनिक इंटरनेट अभिगमन, जी 2 सी, बी 2 बी, पी 2 पी, बी 2 सी आदि, मौसम, कृषि और अन्य सेवाओं की डिलीवरी की सुविधा संभव होगी। प्रचालन और रखरखाव की गतिविधियों, बीपीओ सेवाओं, ग्रामीण उद्यमिता आदि के माध्यम से यह परियोजना एक भारी रोजगार सृजन का अवसर भी हासिल करना चाहती है। स्रोत: भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल)