डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम के रूप में भारतीय गुणवत्ता परिषद ( क्यूसीआई ) और ओपेन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स ( ओएनडीसी ) ने डिजीरेडी पोर्टल लांच किया। इसका उद्देश्य संस्थाओं को यह मूल्यांकन करने में मदद करना है कि वे कितनी आसानी से ओएनडीसी नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। प्रमुख विशेषताऐं स्व-मूल्यांकन उपकरण: डिजिरेडी पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध एक व्यापक स्व-मूल्यांकन उपकरण प्रदान करता है, जिसे वेब और मोबाइल एप्लिकेशन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। यह उपकरण विक्रेताओं और एमएसएमई का मूल्यांकन सात मॉड्यूल में करता है, जिसमें दस्तावेज़ीकरण पूर्व-आवश्यकताएँ, डिजिटल अवसंरचना, उत्पाद सूची, सूची प्रबंधन, पैकेजिंग, भुगतान और शिकायत निवारण शामिल हैं। एपीआई एकीकरण: पोर्टल जीएसटी और उद्यम सत्यापन के लिए एपीआई के साथ एकीकृत है, जिससे विक्रेताओं के लिए सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है। जल्द ही, इसमें पैन और एफएसएसएआई एपीआई सत्यापन भी शामिल हो जाएगा, जिससे भौतिक दस्तावेज़ संग्रह और सत्यापन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। मूल्य प्रस्ताव: मान्यता की मुहर: प्रमाणन के बाद, विक्रेताओं और एमएसएमई को क्यूसीआई से डिजिटल रेडीनेस सर्टिफिकेट की मुहर मिलती है, जिससे ग्राहकों और नेटवर्क प्रतिभागियों के बीच उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता बढ़ती है। यह विश्वसनीयता व्यापार के अवसरों में वृद्धि और बेहतर बाजार पहुंच को बढ़ावा देगी। बढ़ी हुई पहुंच: प्रमाणित विक्रेता और एमएसएमई ओएनडीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंच प्राप्त करते हैं, जिससे ई-कॉमर्स और डिजिटल कॉमर्स चैनलों की पूरी क्षमता का लाभ मिलता है। लीड लिस्ट जनरेशन: एमएसएमई और विक्रेता संभावित विक्रेताओं की लीड लिस्ट से लाभ उठा सकते हैं, जिससे ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण में लगने वाला समय कम हो जाता है। यह सुविधा दक्षता को बढ़ाती है और एमएसएमई के डिजिटल मार्केटप्लेस में एकीकरण को गति देती है। कैसे पहुंचें डिजिरेडी पोर्टल तक पहुंचें मोबाइल ऐप डाउनलोड करें Android उपयोगकर्ताओं के लिए - प्ले स्टोर iOS उपयोगकर्ताओं के लिए - ऐप स्टोर स्रोत : डिजिरेडी पोर्टल