ओडिशा में ई-शासन पहल भूलेख (ओडिशा का भूमि-रिकॉर्ड का वेब-पोर्टल) भूलेख एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो भूमि दस्तावेज (रिकॉर्ड) की ऑनलाइन जानकारी देता है। यह शुरुआत ओडिशा सरकार के भूमि अभिलेख व निरीक्षण विभाग के निदेशक ने की है। यह सॉफ्टवेयर अभिलेखों के अधिकतम रख-रखाव को निश्चित करता है तथा अधिकार के अभिलेख की समुचित प्रति जमीन के मालिकों को राज्यवार स्तर पर मुहैया कराता है। मौजूद सेवाएं- ओडिशा की 171 तहसीलों में भूमि अधिकार अभिलेख इंटरनेट पर मौजूद ओडिशा के लोग इंटरनेट पर भूमि अधिकार अभिलेख की विस्तृत जानकारी भूमि पास बुक आवेदन प्रपत्र नक्शे भूमि के पास बुक का आवेदन पत्र अलग प्रमाणत्रों के लिए आवेदन-पत्र भूमि अभिलेख में परिवर्तन के लिए आवेदन-पत्र भूमि विवाद के निबटारे के लिए आवेदन-पत्र ओडिशा सरकार का भूमि निबटारा कानून रैयत के लिए कृषि योग्य भूमि में बदलाव का आवेदन-पत्र देखें भूलेख के बारे में ज्यादा जानने के लिए। वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करना ओडिशा के लोगों के लिए अब जनोपयोगी फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध हैं जो ओडिशा सरकार के प्रयास से शुरु हुए वेबसाइट पर मौजूद हैं। नागरिक पीडीएफ प्रारूप में 166 अलग तरह के फॉर्म यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। पोर्टल में इन विभागों से संबंधित फॉर्म उपलब्ध हैं- वाणिज्य व परिवहन, खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता मामले, सामान्य प्रशासन, गृह, उद्योग, विधि, जन शिकायत व पेंशन प्रशासन, राजस्व व आपदा प्रबंधन, उत्पाद, ग्रामीण विकास, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, अनुसूचित जाति व जनजाति विकास, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, पर्यटन व संस्कृति औऱ महिला एवं बाल विकास विभाग। देखें फॉर्म डाउनलोड करने के बारे में ज्यादा जानने के लिए। ई-शिशु ई-शिशु ओडिशा में प्राथमिक शिक्षा योजना द्वारा लागू की गई परियोजना है। यह पूरे देश में अपनी तरह का अकेला कार्यक्रम है। परियोजना के दो हिस्से हैं- चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (सीटीएस) और इंटरवेशन मॉनिटरिंग एंड इंफार्मेशन सिस्टम (आईएमआईएस) सीटीएस 14 साल से कम उम्र के सभी बच्चों का समन्वित डाटाबेस है। इसमें उनकी सामाजिक-आर्थिक सूचना के साथ ही जनसांख्यिकीय विवरण भी उपलब्ध होता है।आईएमआईएस, सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी 14 अंतर्वेशन का ऑनलाइन निरीक्षण करता है। मुख्य तत्व- नामांकित, कभी नहीं नामांकित और बीच में पढ़ाई छोड़वाले बच्चों (6 से 14 साल के) के हालात का पता लगाता है सरकार, अभिभावक और आम जनता को स्कूल में अपने बच्चों के बारे में जानकारी पाने लायक बनाता है जिलेवार सकूलों का आँकड़ा देता है देखें ई-शिशु के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए। आईटीआईएमएस एकीकृत परिवहन सूचना प्रबंधन व्यवस्था वाणिज्य और परिवहन विभाग ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम इस नाम का एक सॉफ्टवेयर विकसित किया है ताकि विभाग की प्रक्रिया स्व-चालित बनाई जा सके। यह परियोजना अधिकांश सड़क परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के कार्यालयों और जाँच द्वारों में लागू कर दी गई है और दूसरे कार्यालयों में भी इसे दोहराया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर से ये प्रक्रियाएँ कंप्यूटरीकृत हो गई हैं- सारथी के जरिये ड्राइविंग लाइसेंस मोटरगाड़ियों के पंजीकरण औऱ अनुमति पत्र वाहन के जरिए चेक गेट के कंप्यूटरीकरण के जरिए मोटर गाड़ी के कर की वसूली विभाग द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रपत्र उपलब्ध कराने के लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई है। देखें आईटीआईएमएस के बारे में अधिक जानकारी के लिए। ओआरआईएस (ओडिशा रजिस्ट्रेशन इंफार्मेशन सिस्टम) ओआरआईएस –ओडिशा सरकार के राजस्व विभाग द्वारा शुरू की गई एक कंप्यूटरीकृत व्यवस्था है। इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कागजातों के अनुमोदन (एनडोर्समेंट), इनकम्बरेंस और डीड के कंप्यूटरीकृत पंजीकरण में किया जाता है। राजस्व विभाग का पंजीकरण विभाग इसी सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जी2सी और जी2जी सेवाएँ भी ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। निम्नांकित जी2सी सेवाएँ इस वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है- सभी तरह की जमीन के मूल्य-निर्धारण की रिपोर्ट जमीनों का बेंचमार्क कीमत-निर्धारण स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण शुल्क इनकम्बरेंस सर्टिफिकेट (ईसी) मेरे कागजात देखें ओआरआईएस के बारे में ज्यादा जानने के लिए। ई-ग्राम ई-ग्राम, गाँवों के बारे में सूचना पाने का जरिया है जिसकी शुरुआत जिलाधीश और डीआरडीए (गंजम्, ओडिशा) के सक्रिय सहयोग से हुई है। इसके माध्यम से 22 प्रखंडों के बारे में सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध कराई है। यह राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के निकनेट, बेहरामपुर और डीआरडीए के सहयोग से उपलब्ध कराई गई है। यह प्रवेशद्वार विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और इसी तरह के अन्य उपायों पर सूचनाएँ मुहैया कराता है। यह सूचना राज्य मुख्यालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों के अलावा आम जनता तक भी उपलब्ध है। मुख्य बातें- इससे प्रखंड, तहसील और जिले में हो रहे विकास की जानकारी और समीक्षा की जा सकती है कृषि और संबंधित उत्पादों के मौजूदा सरकारी दाम और बाजार मूल्य के बारे में सूचना कई नई ग्रामीण तकनीकों के बारे में सूचना ई-साक्षरता ई-साक्षरता, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का एक पहल है। इससे सचिवालय में अति उन्नत प्रशिक्षण सुविधा हासिल हुई है ताकि कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में मूलभूत जानकारी दी जा सके। इसके माध्यम से सभी सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण हरेक स्तर पर दिया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सालों भर पूर्व नियोजित कार्यक्रम के मुताबिक चलता रहता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ हैं- प्रत्येक सरकारी कर्मचारी द्वारा कंप्यूटर का इस्तेमाल और उसकी विभिन्न विशेषताओं के बारे में प्रशिक्षण इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की मौजूदा क्षमताओं में इजाफा कंप्यूटर का साधारण ज्ञान आवश्यक। कंप्यूटर ज्ञान के आधार पर ही सरकार में भविष्य की नियुक्तियां होंगी। नियुक्ति कानून उस हिसाब से बदले जाएंगे सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डिप्लोमा और डिग्री लेने के लिए अनुमति दी जाएगी गाँव स्तर पर भी कंप्यूटर केन्द्र और कियोस्क खोले जाएंगे और कंप्यूटर के इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ग्राम पंचायत के कार्यालयों को जरूरत के मुताबिक कंप्यूटर और इंटरनेट से जोड़ा जाएगा स्थानीय भाषा में राज्य सरकार के वेबसाइट उपलब्ध होंगे ताकि इस्तेमाल करनेवाले लोगों को सुविधा हो सरकार नागरिकों को कंप्यूटर सेवा का प्रशिक्षण देने के लिए चुनिंदा केंद्रों की स्थापना करेगी ओडिशा में प्रदान की जा रही अन्य ई-शासन सेवाओं का जानने के लिए देखें- http://negp.gov.in/service/finalservices.php?st=-2:19&cat=-2:1 स्त्रोत: राष्ट्रीय ई-शासन योजना इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भारत का राष्ट्रीय पोर्टल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र संबंधित संसाधन इंफॉर्मेटिक्स पत्रिका-राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र