सुरक्षित इलेक्ट्रानिक अभिलेख जहां किसी इलेक्ट्रानिक अभिलेख को, समय के किसी विनिर्दिष्ट क्षण पर सुरक्षा प्रक्रिया लागू की गई है वहां ऐसा अभिलेख, समय के ऐसे क्षण से सत्यापन के समय तक सुरक्षित इलेक्ट्रानिक अभिलेख समझा जाएगा । सुरक्षित इलेक्ट्रोनिक चिन्हक कोई इलेक्ट्रानिक चिन्हक एक सुरक्षित इलेक्ट्रानिक चिन्हक समझा जाएगा, यदि- चिन्हक सृजन डाटा, चिहक लगाने के समय, हस्ताक्षरकर्ता के अनन्य नियंत्रणाधीन था और न कि किसी अन्य व्यक्ति के; और चिन्हक सृजन डाटा ऐसी अनन्य रीति में भंडारित किया गया और लगाया गया था, जो विहित की जाए। स्पष्टीकरण अंकीय चिन्हक की दशा में चिहक सृजन डाटा से उपयोगकर्ता की प्राइवेट कुंजी अभिप्रेत है । सुरक्षा प्रक्रियाएं और पद्धतियां केन्द्रीय सरकार, धारा 14 और 15 के प्रयोजनों के लिये सुरक्षा प्रक्रियाएं और पद्धतियां विहित कर सकेगी; परन्तु ऐसी सुरक्षा प्रक्रियाओं और पद्धतियों को विहित करते समय, केन्द्रीय सरकार, वाणिज्यिक परिस्थितियो, संव्यवहारी की प्रकृति और ऐसी अन्य संबंधित बातो का ध्यान रखेगी जो वह समुचित समझे । प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों का विनियमन नियंत्रक और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति (1) केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों का एक नियंत्रक नियुक्त कर सकेगी और उसी या पश्चात्वर्ती अधिसूचना द्वारा उपनियंत्रक, सहायक नियंत्रक, अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उतनी संख्या में नियुक्त कर सकेगी जितनी वह ठीक समझे । (2) नियंत्रक, इस अधिनियम के अधीन अपने कृत्यों का केन्द्रीय सरकार के साधारण नियंत्रण और निदेशों के अधीन रहते हुए निर्वहन करेगा । (3) उप नियंत्रक और सहायक नियंत्रक, नियंत्रक द्वारा उन्हे समनुदेशित कृत्यों का निर्वहन, नियंत्रक के साधारण अधीक्षण और नियंत्रक के अधीन करेंगे । (4) नियंत्रक, उपनियंत्रकों, सहायक नियंत्रकों, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की अर्हताएं, अनुभव और सेवा के निबंधन तथा शर्ते वे होगी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाएं । (5) नियंत्रक कार्यालय का प्रधान कार्यालय और शाखा कार्यालय ऐसे स्थानों पर होंगे, जो केन्द्रीय सरकार विनिर्दिष्ट करे और इनकी स्थापना ऐसे स्थानों पर हो सकेगी, जो केन्द्रीय सरकार ठीक समझे । (6) नियंत्रक कार्यालय की एक मोहर होगी । नियंत्रक के कृत्य नियंत्रक, निम्नलिखित सभी या किन्हीं कृत्यों का निष्पादन कर सकेगा, अर्थात्; - (क) प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों के क्रियाकलापों का पर्यवेक्षण करना; (ख) प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों की लोक कुंजियों को प्रमाणित करना; (ग) प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों द्वारा बनाए रखे जाने वाले मानक अधिकथित करना; (घ) ऐसी अर्हताएं और अनुभव विनिर्दिष्ट करना जो प्रमाणकर्ता प्राधिकारी के कर्मचारियों के पास होनी चाहिए; (ङ) ऐसी शर्ते विनिर्दिष्ट करना जिनके अधीन प्रमाणकर्ता प्राधिकारी अपना कार्य करेगा; (च) लिखित, मुद्रित या दृश्य सामग्री और विज्ञापनों को अन्तर्वस्तु करना, जिसके इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र और लोक कुंजी की बाबत वितरण या उपयोग किया जा सके; (छ) किसी इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र और कुंजी का रूप और अन्तर्वस्तु विनिर्दिष्ट करना; (ज) वह प्ररूप और रीति विनिर्दिष्ट करना, जिसमें प्रमाणकर्ता प्राधिकरियों द्वारा लेखे रखे जाएगे; (झ) उन निबंधनों और शर्तों को विनिर्दिष्ट करना, जिनके अधीन लेखा परीक्षकों की नियुक्ति की जा सकेंगी और उनको पारिश्रमिक संदत किया जा सकेगा; (ञ) प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा, अकेले या अन्य प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से किसी इलेक्ट्रानिक प्रणाली के स्थापन और ऐसी प्रणाली के विनियमन को सुकर बनाना; (ट) वह रीति विनिर्दिष्ट करना, जिसमें प्रमाणकर्ता प्राधिकारी उपयोगकर्ताओं के साथ व्यवहार करेंगे; (ठ) प्रमाणकर्ता प्राधिकारी और उनके उपयोगकर्ताओं के बीच हितों के किसी टकराव का समाधान करना; (ड) प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों के कर्तव्यों को अधिकथित करना; (ढ) ऐसा डाटा संचय रखना, जिसमें प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी का प्रकटन अभिलेख हो जिसमें ऐसी विशिष्टियां अंतर्विष्ट हों, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं और जो जनता की पहुँच में हों विदेशी प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों की मान्यता (1) नियंत्रण, ऐसी शर्तों और निबंधनों के अधीन रहते हुए, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं, केन्द्रीय सरकार के पूर्वानुमोदन इए और राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी विदेशी प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए प्रमाणकर्ता प्राधिकारी के रूप में मान्यता दे सकेगा । (2) जहां, किसी प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को उपधारा (1) के अधीन मान्यता दी जाती है, वहा है। प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया इलेक्ट्रोनिक चिहक प्रमाणपत्र इस अधिनियम के प्रयोग के लिए विधिमान्य होगा । (3) यदि नियंत्रक का यह समाधान हो जाता है कि किसी प्रमाणकर्ता प्राधिकारी ने ऐसी शर्तो आर निर्बन्धनों में से किसी का, जिनके अध्यधीन उसे उपधारा (1) के अधीन मान्यता प्रदान की गई थी, उल्लघंन किया है तो वह उन कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएंगे, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा ऐसी मान्यता को प्रतिसंहत कर सकेगा । इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अनुज्ञप्ति (1) उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, कोई व्यक्ति, इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र जारी करने की अनुज्ञाप्ति के लिए नियंत्रक को आवेदन कर सकेगा । (2) उपधारा (1) के अधीन कोई अनुज्ञप्ति तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक कि आवेदक, अर्हता, विशेषज्ञता, जनशक्ति, वित्तीय ससाधन और अन्य अवसंरचनात्मक सुविधाओं की बाबत ऐसी अपेक्षाएं पूरी न करता हो, जो ऐसे इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए आवश्यक हो, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाएं । (3) इस धारा के अधीन अनुदत्त कोई अनुज्ञप्ति, ऐसी अवधि के लिए विधिमान्य होगी, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए; अन्तरणीय या वंशागत नहीं होगी; ऐसे निबधनों और शर्तों के अधीन होगी, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं । अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन (1) अनुज्ञप्ति जारी करने के लिए प्रत्येक आवेदन ऐसे होगा जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए । (2) अनुज्ञप्ति जारी करने के लिए प्रत्येक आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होंगे - प्रमाणन पद्धति विवरण; आवेदक की पहचान करने की बाबत विवरण, जिसमें प्रक्रियाएं भी सम्मिलित हैं; पच्चीस हजार रुपए से अनधिक की ऐसी फीस का संदाय, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए; ऐसे अन्य दस्तावेज, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किए जाएं । अनुज्ञप्ति का नवीकरण किसी अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए कोई आवेदन - ऐसे प्रारूप में; ऐसी फीस सहित होगा, जो पांच हजार रुपये से अधिक नहीं होगी, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए और अनुज्ञप्ति की विधिमान्यता की अवधि के अवसान से पैंतालीस दिन से अन्यून अवधि से पूर्व किया जाएगा । अनुज्ञप्ति प्रदान करने या उसे नामंजूर करने के लिए प्रक्रिया नियंत्रक, धारा 21 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन की प्राप्ति पर आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों और ऐसी अन्य बातों पर, जिन्हें वह ठीक समझे विचार करने के पश्चात्, अनुज्ञप्ति अनुदत्त कर सकेगा या आवेदन को नामजूर कर सकेगा; परंतु इस धारा के अधीन कोई आवेदन तब तक नांमजूर नहीं किया जाएगा जब तक कि आवेदक को अपना पक्ष कथन प्रस्तुत करने का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया गया हो । अनुज्ञप्ति का निलंबन (1) नियंत्रक, यदि उसका ऐसी जांच करने के पश्चात्, जिसे वह ठीक समझे, यह समाधान हो जाता है कि प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, ने अनुज्ञप्ति जारी करने या उसके नवीकरण के लिए आवेदन में या उसके सबंध में ऐसा कोई कथन किया है जो तात्विक विशिष्टियों के बारे में गलत हैं या मिथ्या हैं; उन निबधनों और शर्तो का, जिनके अध्यधीन अनुज्ञप्ति की गई थी, पालन करने में असफल रहा है; (ग)धारा 30 में विनिर्दिष्ट प्रक्रियाओं और मानकों को बनाए रखने में असफल रहा है; ने इस अधिनियम, उसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों या किए गए आदेश के किन्हीं उपबंधों का उल्लघन किया है, तो अनुज्ञप्ति को प्रतिसंहत कर सकेगा; परंतु कोई भी अनुशप्ति तब तक प्रतिसंहत नहीं की जाएगी जब तक कि प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को प्रस्तावित प्रतिसहंरण के विरुद्ध कारण दर्शित करने का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया गया हो । (2) नियंत्रक, यदि उसके पास यह विश्वास करने का युक्तियुक्त हेतुक है कि उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञप्ति को प्रतिसहत करने के लिए कोई आधार है आदेश द्वारा, उसके द्वारा आदेशित किसी जांच के पूरा होने तक ऐसी अनुज्ञप्ति को निलंबित कर सकेगा;परंतु कोई भी अनुज्ञप्ति दस दिन से अनधिक की अवधि के लिए तब तक निलंबित नहीं की जाएगी जब तक कि प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को, प्रस्तावित निलम्बन के विरुद्ध कारण बताने का उचित अवसर न दे दिया गया हो । (3) ऐसा कोई प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, जिसकी अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई है, ऐसे निलंबन के दौरान कोई इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र जारी नहीं करेगा । अनुज्ञप्ति के निलंबन या प्रतिसंहरण की सूचना (1) जहा किसी प्रमाणकर्ता प्राधिकारी की कोई अनुज्ञप्ति निलबित या प्रतिसंहत कर दी गई है वहां नियंत्रक, यथस्थिति, ऐसे निलंबन या प्रतिसंहरण की एक सूचना उसके द्वारा रखे जाने वाले डाटा-संचय में प्रकाशित करेगा । (2) जहां एक या अधिक विधान विनिर्दिष्ट किए गए हैं वहा नियंत्रक, यथास्थिति, ऐसे निलबंन या प्रतिसंहरण की सूचना ऐसे सभी निधानों में प्रकाशित करेगा; पंरतु, यथास्थिति, ऐसे निलंबन या प्रतिसंहरण की सूचना से युक्त डाटा-संचय ऐसी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा जो दिन-रात पहुंच में होगी; पंरतु यह और कि यदि नियंत्रक, आवश्यक समझे तो वह, ऐसे इलेक्ट्रानिक या अन्य मीडिया मे, जिसे व्रह उपयुक्त समझे डाटा-संचय की अन्तर्वस्तु को प्रचारित कर सकेगा । प्रत्यायोजन की शक्ति नियंत्रक इस अध्याय के अधीन नियंत्रक की किन्हीं शक्तियों का प्रयोग करने के लिए उप नियंत्रक, सहायक नियंत्रक या किसी अधिकारी को लिखित रूप में प्राधिकृत कर सकेगा । उल्लंघनों का अन्वेषण करने की शक्ति (1) नियंत्रक या उसके द्वारा इस निमित प्राधिकृत कोई अधिकारी, इस अधिनियम, तदधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के उपबंधों के किसी भी उल्लंघन का अन्वेषण करेगा । (2) नियंत्रक या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत, कोई अधिकारी, वैसी ही शक्तियों का करेगा जो आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अध्याय 13 के अधीन आय-कर प्राधिकार को प्रदत्त हैं और ऐसी शक्तियों का प्रयोग उस अधिनियम के अधीन अधिकथित सीमाओं के अधीन हुए करेगा । कंप्यूटरों और डाटा तक पहुंच (1) धारा 69 की उपधारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, नियंत्रक या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति के पास, यदि यह संदेह करने का उचित कारण है कि इस अध्याय के उपबंधों का उल्लंघन किया गया है, तो उसे किसी कम्प्यूटर प्रणाली, किसी साधित्र, डाटा या ऐसी प्रणाली से संबंधित किसी अन्य सामग्री तक, ऐसी कम्प्यूटर प्रणाली में उपलब अन्तर्विष्ट कोई सूचना या डाटा अभिप्राप्त करने के लिए, उसमें तलाशी करने या करवाने के प्रयोजन के लिए पहुंच होगी । (2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए नियंत्रक या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई व्यक्ति ऐसे व्यक्ति को, जिसके भारसाधन में कम्प्यूटर प्रणाली, डाटा साधित्र या सामग्री है या वह उसके प्रचालन से अन्यथा संबधित है, ऐसो युक्तियुक्त तकनीकी और अन्य सहायता जिसे वह आवश्यक समझे, प्रदान करने के लिए, आदेश द्वारा निदेश दे सकेगा । प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा कतिपय प्रक्रियाओं का अनुसरण किया जाना प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, (क) हार्डवेयर, साफ्टवेयर और ऐसी प्रक्रियाओं का उपयोग करेगा जो अतिक्रमण और दुरुपयोग से सुरक्षित है; (ख) अपनी सेवाओं में विश्वसनीयता का युक्तियुक्त स्तर उपलब्ध कराएगा, जो आशयित कृत्यों के निर्वहन के लिए युक्तियुक्त रूप से उपयुक्त हैं; (ग) यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करेगा जिससे कि इलेक्ट्रोनिक चिन्हकों की गोपनीयता और एकांतता सुनिश्चित हो सके; विलोपित इस अधिनियम के अधीन जारी किए गए सभी इलेक्ट्रानिक चिन्हक प्रमाणपत्रों का संग्रह होगा; अपनी पद्धतियों, इलेक्ट्रानिक चिन्हक प्रमाणपत्रों और ऐसे प्रमाणपत्रों की वर्तमान परिस्थिति की बाबत सूचना का प्रकाशन करेगा; और (घ) ऐसे अन्य मानकों का पालन करेगा जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं । प्रमाणकर्ता प्राधिकारी अधिनियम आदि के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, यह सुनिश्चित करेगा कि उसके द्वारा नियोजित या अन्यथा नियुक्त प्रत्येक व्यक्ति अपने नियोजन या नियुक्ति के दौरान इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों, विनियमों और किए गए आदेशों के उपबंधों का पालन करता है । अनुज्ञप्ति का संप्रदर्शन प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी अपनी अनुज्ञप्ति को उस परिसर के उस सहजदृश्य स्थान पर, जिसमें बह अपना कारबार करता है, संप्रदर्शित करेगा । अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण (1) ऐसा प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, जिसकी अनुज्ञप्ति निलबित या प्रतिसंहत कर दी गई है, ऐसे निलंबन या प्रतिसंहरण के ठीक पश्चात् नियंत्रक को अनुज्ञप्ति अध्यर्पित करेगा। (2) जहां कोई प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, उपधारा (1) के अधीन किसी अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण करने में असफल रहेगा वहां वह व्यक्ति, जिसके पक्ष में अनुज्ञप्ति जारी की गई है, अपराध का दोषी होगा और कारावास से जो छह मास तक का हो सकेगा या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा या दोनों से दंडित किया जाएगा । प्रकटीकरण (1) प्रत्येक प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट रीति से - (क) अपने इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र को प्रकट करेगा; (ख) उससे सुसंगत कोई प्रमाणन पद्धति विवरण प्रकट करेगा; (ग) उसके प्रमाणकर्ता प्राधिकारी प्रमाणपत्र, यदि कोई हो, के प्रतिसंहरण या निलंबन की सूचना प्रकट करेगा; और (घ) ऐसा कोई अन्य प्रकट करेगा, जो किसी इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र की, जिसे उस प्राधिकारी ने जारी किया है, विश्वसनीयता को या उस प्राधिकारी की अपनी सेवाओं को निष्पादित करने की योग्यता को तात्विक और प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है । (2) जहां प्रमाणकर्ता प्राधिकारी की राय में कोई घटना घटित हुई है या ऐसी कोई परिस्थिति उत्पन्न हुई है जिससे उसकी कंप्यूटर प्रणाली की अखंडता या ऐसी शर्तों पर, जिनके अध्यधीन उसका इलेक्ट्रोनिक चिन्हक प्रमाणपत्र अनुदत्त किया गया था, प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तब प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, - (क) ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को, जिसके उससे प्रभावित होने की संभावना है, अधिसूचित करने के लिए युक्तियुक्त प्रयास करेगा; या (ख) ऐसी घटना या अवस्थिति से निपटने के लिए प्रमाणन पद्धति विवरण में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार कार्य करेगा । स्रोत: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार