उपयोगकर्ताओं के कर्तव्य कुंजी-युग्म का उत्पादित किया जाना जहां कोई अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र, जिसकी लोक कुंजी उस उपयोगकर्ता की प्राइवेट कुंजी के अनुरूप है जो अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध की जानी है, उपयोगकर्ता द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। वहां ऐसा उपयोगकर्ता सुरक्षा प्रक्रिया अपनाकर उस कुंजी-युग्म को तैयार करेगा । अंकीय इलैक्ट्रानिक चिन्हक प्रमाण पत्र के उपयोगकर्ता का कर्तव्य- इलैक्ट्रानिक चिन्हक प्रमाण पत्र के संबंध उपयोगकर्ता ऐसे का कर्तव्यों का पालन करेगा जो विहित किए जाएं । अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र की स्वीकृति किसी उपयोगकर्ता के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र स्वीकार कर लिया है यदि वह अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र - एक या अधिक व्यक्तियों को; किसी निधान में, प्रकाशित करता है या उसका प्रकाशन प्राधिकृत करता है, या अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र के लिए अपना अनुमोदन किसी रीति में अन्यथा प्रदर्शित करता है। अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र को स्वीकार करके उपयोगकर्ता उन सभी को, जो अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में अंतर्विष्ट सूचना पर युक्तियुक्त रूप से विश्वास करते है, प्रमाणित करता है। उपयोगकर्ता के पास अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध लोक कुंजी के अनुरूप प्राइवेट कुंजी है और वह उसे रखने का हकदार है; प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को उपयोगकर्ता द्वारा किए गए सभी व्यपदेशन और अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में अंतर्विष्ट सूचना से सुसंगत सभी तात्विक तथ्य सही हैं; अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में की ऐसी सभी सूचनाएं, जो उपयोगकर्ता की जानकारी में हैं, सही हैं । प्राइवेट कुंजी का नियंत्रण प्रत्येक उपयोगकर्ता, अपने अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध लोक कुंजी के अनुरूप प्राइवेट कुंजी का नियंत्रण रखने में युक्तियुक्त सावधानी बरतेगा और उसे प्रकट न होने देने के लिए सभी उपाय करेगा । यदि अंकीय चिन्हक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध लोक कुंजी के अनुरूप प्राइवेट कुंजी गोपनीय नहीं रह गई है, तो उपयोगकर्ता इसकी संसूचना प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को ऐसी रीति में अविलम्ब देगा, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए । स्पष्टीकरण शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि उपयोगकर्ता तब तक दायी होगा जब तक कि उसने प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को सूचित न कर दिया हो कि प्राइवेट कुंजी गोपनीय नहीं रह गई है । शास्तियां, प्रतिकार और अधिनिर्णय कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली आदि को नुकसान के लिए शास्ति और प्रतिकार यदि कोई व्यक्ति, ऐसे स्वामी या किसी अन्य व्यक्ति की, जो किसी कंप्यूटर, कप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क प्रणाली का भारसाधक है, अनुज्ञा के बिना, ऐसे कंप्यूटर, कंप्यूटर नेटवर्क या कम्प्यूटर संसाधन प्रणाली में पहुंचता है या पहुंच प्राप्त करता है; ऐसे कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क से कोई डाटा, कंप्यूटर डाटा-संचय या सूचना, जिसके अंतर्गत स्थानांतरनीय माध्यम में धृत या संचित कोई सूचना या डाटा भी है डाउनलोड करता है, प्रतिलिपि करता है, या उसका उद्धरण लेता है; किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में किसी कंप्यूटर संदूषक या कंप्यूटर वाइरस का प्रवेश करता है, या प्रवेश करवाता है; ऐसे कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में के किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क डाटा, कंप्यूटर डाटा संचय या किसी अन्य कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाता है या पहुंचवाता है; किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क को विच्छिन्न करता है या करवाता है; किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में पहुंच के लिए प्राधिकृत किसी व्यक्ति की किसी भी साधन से पहुंच से इंकार करता है या करवाता है; इस अधिनियम, इसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के उल्लंघन में, किसी कंप्यूटर कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में किसी व्यक्ति की पहुंच को सुकर बनाने के लिए कोई सहायता प्रदान करता है; किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली, या कंप्यूटर नेटवर्क में छेड़छाड़ या छल साधन करके, किसी व्यक्ति द्वारा उपभोग की गई सेवाओं के प्रभारों को किसी अन्य व्यक्ति के लेखे में डालता है; किसी कंप्यूटर संसाधन में विद्यमान किसी सूचना को नष्ट करता है, हटाता है या उसमें परिवर्तन करता है या उसके महत्व या उपयोगिता को कम करता है या उसे किन्हीं साधनों द्वारा हानिकर रूप से प्रभावित करता है; किसी कंप्यूटर संसाधन के लिए प्रयुक्त किसी कंप्यूटर स्रोत कोड को नुकसान पहुंचाने के आशय से चुराता है, छिपाता है, नष्ट या परिवर्तित करता है या किसी व्यक्ति से उसकी चोरी कराता है या उसे छिपवाता, नष्ट या परिवर्तित कराता है । वह इस प्रकार प्रभावित व्यक्ति को प्रतिकर के रूम में नुकसानियों का संदाय करने का दायी होगा । स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिए, कंप्यूटर संदूषक से कंप्यूटर अनुदेशों का कोई ऐसा सेट अभिप्रेत है, जो निम्नलिखित के लिए अभिकल्पित किया गया हो - किसी कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में के डाटा या कार्यक्रम को उपांतरित, नष्ट, अभिलिखित या पारेषित करने; या कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क के सामान्य प्रवर्तन का किसी भी साधन से अनधिकार ग्रहण करने, कंप्यूटर डाटा संचय से पाठ, प्रतिबिंब, श्रव्य, दृश्य में सूचना, जानकारी, तथ्य, संकल्पना और अनुदेशों का व्यपदेशन अभिप्रेत है, जो प्रारूपित रीति में तैयार किया जा रहा है या तैयार किया गया है अथवा कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क द्वारा उत्पादित किया गया है और जो कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में उपयोग के लिए आशयित है; कंप्यूटर वाइरस' से ऐसा कोई कंप्यूटर, अनुदेश, सूचना, डाटा या कार्यक्रम अभिप्रेत है जो किसी कंप्यूटर साधन के निष्पादन को नष्ट करता है, नुकसान पहुंचाता है, ह्रास करता है या प्रतिकूल प्रभाव डालता है अथवा स्वयं को किसी अन्य कंम्यूटर साधन से संलग्न कर लेता है और वह तब प्रवर्तित होता है जब कोई कार्यक्रम, डाटा या अनुदेश निष्पादित किया जाता है या कंप्यूटर साधन में कोई अन्य घटना घटती है नुकसान से किसी माध्यम द्वारा किसी कंप्यूटर साधन को नष्ट करना, परिवर्तित करना, हटाना, जोडना, उपान्तरित करना या पुन; व्यवस्थित करना अभिप्रेत है । कम्प्यूटर स्त्रोत कोड से कंप्यूटर संसाधन के कार्यक्रमों, कम्प्यूटर समादेशों, डिजाइन और रेखांक और कार्यक्रम विश्लेषण को किसी रूप में सूचीबद्ध करना अभिप्रेत हैI डाटा को संरक्षित रखने में असफलता के लिए प्रतिकार जहां कोई निगमित निकाय ऐसे किसी कंप्यूटर संसाधन में किसी संवेदनशील व्यक्तिगत डाटा या सूचना को रखता है उसका संव्यवहार करता है या उसको सभालता है जो उसके स्वामित्व में नियत्रण में है या जिसका वह प्रचालन करता है, युक्तियुक्त सुरक्षा पद्धतियों और प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन और अनुरक्षण में उपेक्षा करता है और उसके द्वारा किसी व्यक्ति को सदोष हानि या सदोष लाभ पहुंचाता है वहा ऐसा निगमित निकाय इस प्रकार प्रभावित व्यक्ति को प्रतिकर के रूप में नुकसानी का संदाय करने के लिए दायी होगा । स्पष्टीकरण;- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, - निगमित निकाय से कोई कंपनी अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत वाणिज्यिक या वृत्तिक क्रियाकलापों में लगी हुई फर्म एकल स्वामित्व या व्यष्टियों का कोई अन संगम भी है; युक्तियुक्त सुरक्षा पद्धतियों और प्रक्रियाओं से ऐसी अप्राधिकृत पहुच नुकसानी, उपयोग, उपातरण प्रकटन या हास जो यथास्थिति पक्षकारों के बीच किसी करार में विनिर्दिष्ट किया जाए या जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में विनिर्दिष्ट किया जाए ऐसी सूचना को सरक्षित करने के लिए अभिकल्पित सुरक्षा पद्धतियां और प्रक्रियाए और ऐसे करार या किसी विधि के अभाव में ऐसी युक्तियुक्त सुरक्षा पद्धतियां और प्रक्रियाएं, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसे वृत्तिक निकायो या संगमो के परामर्श से जिन्हें वह उपयुक्त समझे विहित की जाए, अभिप्रेत हैं; संवेदनशील व्यक्तिगत डाटा या सूचना से ऐसी व्यक्तिगत सूचना अभिप्रेत ट्टै जो केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसे वृतिक निकायों या संगमो के परामर्श से, जिन्हें वह उचित समझे विहित की जाए । जानकारी विवरणी आदि देने में असफल रहने के लिए शास्ति यदि कोई ऐसा व्यक्ति, जिससे इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों या विनियमों के अधीन, - नियंत्रक अथवा प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को कोई दस्तावेज, विवरणी या रिपोर्ट देना अपेक्षित है, उसे देने में असफल रहेगा, तो वह, ऐसी प्रत्येक असफलता के लिए एक लाख पचास हजार रुपए से अनधिक की शास्ति का दायी होगा; विनियमों में उनके देने के लिए विनिर्दिष्ट समय के भीतर कोई विवरणी-फाइल करने या कोई जानकारी, पुस्तक या अन्य दस्तावेज देना अपेक्षित है, विनियमों में उनके देने के लिए विनिर्दिष्ट समय के भीतर विवरणी फाइल करने या उसे देने में असफल रहेगा, तो वह ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान-ऐसी असफलता बनी रहती है, पांच हजार रूपए से अनधिक की शास्ति का दायीं होगा; लेखा बहियाँ या अभिलेख बनाए रखना अपेक्षित है उन्हें बनाए रखने में असफल रहता है तो वह ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके दौरान ऐसी असफलता बनी रहती है। दस हजार रुपए से अनधिक की शास्ति का दायी होगा । अवशिष्ट शास्ति जो कोई इस अधिनियम के अधीन बनाए गए किन्ही नियमों या विनयमों का उल्लंघन करेगा तो वह ऐसे उल्लंघन के लिए जिसके लिए अलग से किसी शास्ति का उपबंध नहीं किया गया है ऐसे उल्लघन से प्रभावित व्यक्ति को पच्चीस हजार रुपए से अनधिक के प्रतिकर का संदाय या पच्चीस हजार रुपए से अनधिक की शास्ति का दायी होगा । न्यायनिर्णयन करने की शक्ति इस अध्याय के अधीन न्यायनिर्णयन करने के प्रयोजन के लिए,जहां किसी व्यक्ति ने इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम, विनियम, 'दिए गए निदेश या किए गए आदेश के उपबंधों में से किसी का उल्लंघन किया है जो उसे शास्ति या प्रतिकर का संदाय करने का दायी बनाता है; वहा केन्द्रीय सरकार, उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, भारत सरकार के निदेशक की पंक्ति से अनिम्न किसी अधिकारी या राज्य सरकार के किसी समतुल्य अधिकारी को, केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित रीति में जांच करने के लिए न्यायनिर्णायक अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकेगी । (1क) उपधारा (1) के अधीन नियुक्त न्यायनिर्णायक अधिकारी उन मामलो का न्यायनिर्णयन करने की अधिकारिता का प्रयोग करेगा, जिसमें क्षति या नुकसानी के लिए दावा पांच करोड़ रुपए से अधिक का नहीं है; परन्तु पांच करोड़ रुपए से अधिक की क्षति या नुकसानी के लिए दावे की बाबत अधिकारिता सक्षम न्यायालय में निहित होगी । न्यायनिर्णायक अधिकारी, उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति को उस मामले में अभ्यावेदन करने के लिए युक्तियुक्त अवसर देगा और यदि ऐसी जाच के पश्चात्, उसका यह समाधान हो जाता है कि उस व्यक्ति ने उल्लघन किया है, तो वह, उस धारा के उपबंधो के अनुसार ऐसी शास्ति अधिरोपित कर सकेगा या ऐसा प्रतिकर अधिनिर्णीत कर सकेगा, जिसे वह ठीक समझे । कोई व्यक्ति, न्यायनिर्णायक अधिकारी के रूप में तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा जब तक कि उसके पास सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऐसा अनुभव और ऐसा विधिक या न्यायिक अनुभव न हो जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए । जहां एक से अधिक न्यायनिर्णायक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, वहा केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा उन विषयों और स्थानों को विनिर्दिष्ट करेगी जिनकी बाबत ऐसे अधिकारी अपनी अधिकारिता का प्रयोग करेंगें । प्रत्येक न्यायनिर्णायक अधिकारी को सिविल न्यायालय की वे शक्तिया होंगी, जो धारा 58 की उपधारा (2) के अधीन साइबर अपील अधिकरण को प्रदान की गई हैं और – उसके समक्ष की सभी कार्यवाहिया भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और धारा 228 के अर्थान्तर्गत न्यायिक कार्यवाहिया समझी जाएंगी; उसे दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973(1974 का 2) की धारा 345 और धारा 346 वे प्रयोजनार्थ सिविल न्यायालय समझा जाएगा। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 21 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय समझा जाएगा। न्यायनिर्णायक अधिकरी द्वारा विचार की जाने वाली बातें इस अध्याय के अधीन प्रतिकर की मात्रा का न्यायनिर्णयन करते समय, न्यायनिर्णायक अधिकारी, निम्नलिखित बातों पर सब; ध्यान देगा अर्थात् - व्यतिक्रम के परिणामस्वरूप हुए अभिलाभ या अनुचित फायदे की रकम जहां वह परिमाण निर्धारण योग्य हो; व्यतिक्रम के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति को हुई हानि की रकम; व्यतिक्रम की आवृत्तीय प्रकृति । स्रोत: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार