मोबाइल फोन की सुरक्षा- एक परिचय मोबाइल फोन काफी लोकप्रिय हो रहे हैं और बहुत तेज़ी से गलत गतिविधियों के शिकार भी बन रहे हैं। मोबाइल फोन पारंपरिक डेस्कटॉप कम्प्यूटर जैसी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करते हैं। पर एक जगह स्थिर रहने वाले डेस्कटॉप कम्प्यूटर की तुलना और कहीं भी ले जाने की सरलता से मोबाईल की सुरक्षा चुनौतियां काफी अलग हैं। मोबाइल फोन वर्म्स, ट्रोजन हॉर्से या अन्य समान वायरस से प्रभावित हो सकते हैं बल्कि आपकी सुरक्षा और गोपनीयता की अवहेलना और यहां तक कि आपके डिवाइस पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। यह गाइड आपके मोबाइल फोन को सुरक्षित रखने के जरुरी कार्य,क्या करे, क्या न करें और अन्य सुझाव प्रस्तुत करती है। मोबाइल फोन के इस्तेमाल से पहले अनुपालन किए जाने योग्य चरण: चरण 1 : निर्माता के मैनुअल को सावधानीपूर्वक पढ़ें और अपने मोबाइल फोन को सेट अप करने के निदेशों का अनुपालन करें। चरण 2 : IMEI नम्बर रिकॉर्ड करें (इंटरनेशनल मोबाइल एक्विपमेंट आइडेंटिटी) ताकि आप इसे खोने की स्थिति में इसका पता लगा सकें। नोट: यह प्रायः फोन की बैटरी के नीचे लिखा होता है; या अधिकतर फोन पर इसे *#06# डायल कर प्राप्त किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया निर्माता का मैनुअल पढ़ें। मोबाइल फोन से जुड़े सुरक्षा खतरों के प्रकार १.मोबाइल डिवाइस तथा डेटा सुरक्षा का खतरा: आपके मोबाइल फोन का अनधिकृत या जानबूझ कर किया जाने वाला फीजिकल ऐक्सेस या आपके मोबाइल फोन के गुम होने या चोरी होने पर किया जाने वाला गलत उपयोग। २.मोबाइल कनेक्टिविटी के सुरक्षा खतरे ब्ल्यूटुथ, वाइफाइ, यूएसबी इत्यादि के जरिए अज्ञात सिस्टम, फोन, तथा नेटवर्क के साथ मोबाइल कनेक्टिविटी का खतरा। ३.मोबाइल ऐप्लिकेशन तथा ऑपरेटिंग सिस्टम के सुरक्षा खतरे मोबाइल ऐप्लिकेशन तथा ऑपरेटिंग सिस्टम में संवेदनशीलता से उपजे खतरे। मोबाइल फोन पर आम खतरों का प्रभाव मोबाइल फोन के जरिए यूजर की निजी सूचनाओं/डेटा की हानि या प्रकटीकरण। गलत सॉफ्टवेयर द्वारा अनजाने में प्रीमियम या कीमती एसएमएस तथा कॉल सेवाओं के इस्तेमाल से होने वाली आर्थिक हानि। निजता पर हमला, जिसमें शामिल है प्रयोक्ता को सूचित किए बिना एसएमएस तथा कॉल व मोबाइल फोन को ट्रैक करना। मोबाइल फोन पर नियंत्रण खो देना तथा अनजाने में टार्गेटेड हमले का शिकार हो जाना। मोबाइल डिवाइस तथा डेटा सुरक्षा पर हमलों से बचने के उपाय मोबाइल डिवाइस के लिए अपनाने और न करने योग्य बातें अपने IMEI नम्बर को दर्ज कर लें: 15 अंकों वाले IMEI नम्बर को दर्ज करें। मोबाइल फोन की चोरी/गुम होने की स्थिति में इस IMEI नम्बर की आवश्यकता पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में हो सकती है और सेवा प्रदाता के जरिए इससे आपके मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। डिवाइस लॉकिंग्स को चालू करें: अपने आप लॉक होने के लिए ऑटोलॉक का इस्तेमाल करें या पासकोड/सिक्योरिटी पैटर्न के जरिए कीपैड लॉक चालू कर सकते हैं; इससे आपके मोबाइल फोन के ऐक्सेस पर रोक लग जाएगी। सिम कार्ड को लॉक करने के लिए PIN का इस्तेमाल करें: सिम कार्ड के लिए एक पीआइएन का इस्तेमाल करें, ताकि डिवाइस चोरी होने पर लोग सिम का इस्तेमाल न कर सकें। सिम की सुरक्षा को चालू करने के बाद जब भी आपका फोन स्टार्ट होगा, यह सिम के पीआइएन के बारे में पूछेगा। मेमरी कार्ड की सूचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड का इस्तेमाल करें। खोए या चोरी गए डिवाइसों की सूचना दें अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन और संबंधित सेवा प्रदाता को मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की सूचना दें। मोबाइल ट्रैकिंग फीचर का इस्तेमाल करें। मोबाइल ट्रैकिंग के फीचर का इस्तेमाल करें, जिससे आपके मोबाइल की चोरी/खोने की स्थिति में ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। मोबाइल फोन में जितनी बार आप सिम कार्ड डालेंगे यह अपने आप आपके द्वारा पहले से चुने दो मोबाइल नम्बरों पर सूचना भेजेगा, जिससे आप अपने मोबाइल डिवाइस को ट्रैक कर सकते हैं। ऐसा न करें कभी अपने मोबाइल डिवाइस को यूं ही न छोड़ें। इस्तेमाल न होने की स्थिति में ऐप्लिकेशन [कैमरा, ऑडियो/वीडियो प्लेयर] और कनेक्शन [ब्लूटुथ, इंफ्रारेड, वाइ-फाइ] को बंद कर दें। कनेक्शन चालू रखने से सुरक्षा के खतरे पैदा हो सकते हैं और साथ ही इससे आपके मोबाइल की बैटरी भी जल्दी डाउन हो सकती है। डेटा की सुरक्षा के लिए अनुपालन करने और न करने योग्य बातें ऐसा करें डेटा का नियमित रूप से बैकअप लें: डेटा का नियमित रूप से बैक अप लें और अपने फोन को सेट अप करें ताकि आप जब इसे सिंक करें तो यह इसके डेटा का बैक अप ले सके। आप अलग मेमरी कार्ड पर भी इसका बैक अप ले सकते हैं। इसके लिए आप वेंडर के डॉक्युमेंट बैक अप का इस्तेमाल कर सकते हैं। फैक्टरी सेटिंग को रीसेट करें: इस बात का ध्यान दें कि जब आप अपने फोन को स्थायी रूप से किसी दूसरे व्यक्ति को दें तो फोन से अपनी निजी सूचना मिटा दें। मोबाइल कनेक्टिविटी की सुरक्षा पर हमलों से बचने के उपाय ब्लूटुथ: ब्लूटुथ एक वायरलेस तकनीकी है, जो विभिन्न डिवाइसों को एक दूसरे से कनेक्ट कर डेटा आदान-प्रदान करने की अनुमति देता है, जैसे कि आप इसके जरिए रिंग टोन या फोटो का आदान-प्रदान कर सकते हैं। ब्लूटुथ से ट्रांसमिट होने वाले वायरलेस सिग्नल कुछ दूरी (30 फीट या 10 मी.) ही कवर करते हैं। अनुपालन करने योग्य बातें: ब्लूटुथ का इस्तेमाल छुपे हुए मोड में करें ताकि डिवाइस द्वारा ब्लूटुथ का इस्तेमाल होने की स्थिति में भी दूसरे व्यक्तियों को यह न दिख सके। डिवाइस का नाम बदल दें ताकि आपके मोबाइल फोन मॉडल की पहचान न हो सके। नोट: ब्लूटुथ डिवाइस के लिए डिफॉल्ट नाम मोबाइल नम्बर होता है। अन्य डिवाइसों के साथ पेयरिंग करते समय एक पासवर्ड डालें। एक ही पासवर्ड के साथ डिवाइस आपके कम्प्यूटर से कनेक्ट नहीं हो सकता। जब ब्लूटुथ सक्रिय रूप से सूचना भेजता हो तो उसे डिसैबल कर दें। ब्लूटुथ का इस्तेमाल अस्थायी समय सीमा के साथ करें, ताकि उस समय के बाद यह अपने आप डिसेबल हो जाए और डिवाइस अन्य व्यक्तियों के ऐक्सेस में न आ सके। ऐसा न करें: कभी किसी अज्ञात डिवाइस को ब्लूटुथ से जुड़ने की अनुमति न दें। कभी ब्लूटुथ को लगातार रूप से स्विच ऑन न रखें। ब्लूटुथ को हमेशा प्राप्त किए जा सकने वाले मोड में न सकें। नोट: अपराधी इसके डिफॉल्ट ऑल्वेज ऑन, ऑल्वेज डिस्कवरेबल सेंटिंग का गलत फ़ायदा उठाकर आपके डिवाइस पर हमला कर सकता है। वाइ-फाइ: वाइ-फाइ “वायरलेस फिडेलिटी” का संक्षिप्त नाम है। इसका अर्थ होता है वायरलेस नेटवर्किंग तकनीकी, जो कम्प्यूटरों तथा अन्य डिवाइसों को एक वायरलेस सिग्नल के जरिए जुड़ने की अनुमति देती है। कई मोबाइल डिवाइसों, वीडियो गेम सिस्टम और अन्य स्टैंडअलोन डिवाइसों में में वाइ-फाइ क्षमता शामिल रहती है, जिससे वे वायरलेस नेटवर्क से कनेक्ट हो सकते हैं। ये डिवाइस वाइ-फाइ की सहायता से इंटरनेट से जुड़ सकते हैं अनुपालन की जाने योग्य बातें: केवल भरोसेमंद नेटवर्क से ही कनेक्ट करें। केवल आवश्यकता पड़ने पर ही वाइ-फाइ से कनेक्ट करें। इस्तेमाल न होने पर इसे ऑफ कर दें। किसी सार्वजनिक नेटवर्क में कनेक्ट होते समय सावधान रहें, क्योंकि यह असुरक्षित हो सकता है। ऐसा न करें किसी अज्ञात या गैर-भरोसेमंद नेटवर्क से कभी कनेक्ट न करें। यूएसबी के रूप में मोबाइल कम्प्यूटर से कनेक्ट होने की स्थिति में मोबाइल फोन का इस्तेमाल यूएसबी मेमरी डिवाइस के रूप में भी किया जा सकता है। मोबाइल फोन के साथ एक यूएसबी केबल प्रदान किया जाता है, जिससे आप मोबाइल को कम्प्यूटर से जोड़ सकते हैं। आपके मोबाइल फोन की मेमरी तथा मेमरी स्टिक को यूएसबी डिवाइस के रूप में ऐक्सेस किया जा सकता है। अनुपालन करने योग्य बातें: जब कोई मोबाइल फोन किसी पर्सनल कम्प्यूटर से कनेक्ट होता है, तो एक्सटर्नल फोन मेमरी तथा अपडेट एंटी वायरस का इस्तेमाल करने वाले मेमरी को स्कैन कर लें। अपने फोन तथा एक्सटर्नल मेमरी कार्ड का नियमित बैकअप रखें। क्योंकि यदि किसी स्थिति में सिस्टम क्रैश करता है या मालवेयर पेनीट्रेशन होता है तो उस स्थिति में डेटा सुरक्षित रहता है। मोबाइल से कम्प्यूटर में डेटा को ट्रांसफर करने से पहले डेटा को अद्यतन एंटीवायरस के साथ अपडेट करना चाहिए। ऐसा न करें यूजर नेम/पासवर्ड को मोबाइल फोन पर न रखें। वायरस प्रभावित डेटा को कभी अन्य मोबाइल पर स्थानांतरित न करें। हमले से बचने के उपाय ऐप्लिकेशन तथा मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम: मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट करें। अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करते रहें। सदैव भरोसेमंद स्रोतों से ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करें। सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को प्रतिष्ठित प्रदाता से ही इंस्टॉल करें और उसे नियमित रूप से अपडेट करें। किसी ऐप्लिकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसके फीचर की जांच करें। कुछ ऐप्लिकेशन आपके निजी डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप किसी ऐप्लिकेशन को तीसरे पक्ष से डाउनलोड करते हैं तो वह उपयुक्त है, यह सुनिश्चित करने के लिए खोजबीन कर लें। लोकेशन ट्रैक करने वाली सेवा रजिस्टर्ड सेल फोन के ठिकाने की जानकारी देती है और निगरानी करने में मदद करती है। जहां यह वैध उद्देश्यों के लिए खुले तौर पर किया जा सकता है, वहीं इसे गलत उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अपनी सभी फाइल्स तथा ऐप्लिकेशन्स के स्रोतों की जांच कर लें और डाउनलोड करने से पहले यह जान लें कि वे सुरक्षित हों। स्त्रोत : सूचना सुरक्षा जागरुकता,सीडैक,हैदराबाद