नामांकन प्रक्रिया आधार नामांकन निशुल्क है। आप अपनी पहचान और पते के प्रमाण के साथ भारत में किसी भी प्राधिकृत नामांकन केंद्र पर जा सकते हैं। यू.आई.डी.ए.आई. पहचान प्रमाण के 18 और पते के 33 दस्तावेजों को प्रमाण के रुप में स्वीकार करता है। कृपया,राष्ट्रीय स्तर पर मान्य दस्तावेजों की सूची हेतु यहां क्लिक करें इलेक्शन फोटो आई.डी. कार्ड/राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस पहचान और पते के कॉमन प्रमाण हैं। पेन कार्ड और सरकारी पहचान पत्र जैसे प्रमाण-पत्र, पहचान के प्रमाण स्वीकार्य हैं जिन पर फोटो लगा हो। पते के प्रमाण के रूप में पानी-बिजली का बिल/टेलीफोन बिल जैसे दस्तावेज़ स्वीकार्य हैं बशर्ते बिल तीन महीने से पुराना न हो। यदि आपके पास उपर्युक्त कॉमन प्रमाण न हो तो राजपत्रित अधिकारी/तहसीलदार द्वारा लैटर-हैड पर जारी प्रमाण-पत्र, पहचान का प्रमाण माना जा सकता है बशर्तें उस पर व्यक्ति का फोटो भी लगा हो। पते के प्रमाण के तौर पर एम.पी./एम.एल.ए./राजपत्रित अधिकारी/तहसीलदार द्वारा लैटर-हैड पर या ग्राम पंचायत मुखिया या उसके समकक्ष प्राधिकारी द्वारा (ग्रामीण क्षेत्र के मामले में) जारी प्रमाण पत्र, को पते का प्रमाण माना जा सकता है बशर्ते उस पर व्यक्ति का फोटो भी लगा हुआ हो। यदि, परिवार में किसी सदस्य के पास अपना खुद का कोई मान्य दस्तावेज नहीं है तो वह भी आधार नामांकन करवा सकता है, यदि उसका नाम परिवार के अन्य सदस्य के दस्तावेज़ में दर्ज है। ऐसे मामले में, परिवार के मुखिया का नामांकन सबसे पहले होना चाहिए जिसके पास अपनी पहचान और पते के प्रमाण के दस्तावेज होने चाहिए। उसके बाद परिवार का मुखिया अपने परिवार के सदस्यों के लिए परिचयदाता बन सकता है जिसके आधार पर उसके परिवार के सदस्यों का नामांकन हो सकता है। यू.आई.डी.ए.आई, मुखिया के साथ संबंध के रूप में 8 दस्तावेजों को मान्यता देता है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त दस्तावेजों के लिए कृपया यहां क्लिक करें। जहां कहीं निवासी के पास दस्ताावेज न हों तो वह नामांकन केंद्र पर उपलब्ध परिचयदाता की मदद ले सकता है। परिचयदाताओं को रजिस्ट्रार विर्निदिष्टक करता है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित रजिस्ट्रार के कार्यालय से संपर्क करें। नामांकन केंद्र पर कृपया फार्म में अपना विवरण भरें। नामांकन के दौरान आपका फोटो, फिंगर-प्रिंट और आंखों की पुतलियों के निशान भी लिए जाएंगे। नामांकन के दौरान आप अपना विवरण, कम्यूटर स्क्रीन पर देख सकते हैं। यदि आवश्यक हो तो उसमें सुधार भी करवा सकते हैं। आपको एक पावती भी दी जाएगी जिस पर अस्थायी नामांकन नम्बर व अन्य विवरण दिया हुआ होता है। आप केवल एक बार ही नामांकन करवा सकते हैं। दुबारा नामांकन करवाने का मतलब है अपना समय बर्बाद करना। आपको आधार नंबर एक बार ही मिलेगा। आप द्वारा दी गई सूचना के आधार पर आपके विवरण की केंद्रीय स्तर पर जांच की जाएगी। यदि आपका आवेदन सफल हो जाता है तो आधार नंबर तैयार किया जाएगा और उसे डाक द्वारा आपके पते पर भेज दिया जाएगा। सी.आई.डी.आर. में निवासी का डॉटा पैकेट प्राप्त होने के बाद 60-90 दिन के अंदर आधार पत्र बन जाता है। यदि नामांकन एन.पी.आर. के तहत करवाया गया है तो कुछ अधिक समय भी लग सकता है। नामांकन के करने के बाद नामांकन के बाद, नामांकन केंद्र सुपरवाईजर द्वारा क्वालिटी चैक किया जाता है। उसके बाद सुधार प्रक्रिया की जाती है (जहां कहीं जरूरत होती है) तथा डॉटा पैकेट को समेकित किया जाता है। तदपश्चात नामांकन एजेंसी द्वारा डॉटा सेंटर को भेज दिया जाता है। सी.आई.डी.आर. में डाटा की स्क्रीनिंग और वेलीडेशन की जाती है। इस प्रक्रिया से डॉटा का प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाता है। इससे यह भी पता चल जाता है कि कोई नामांकन डुप्लीकेट तो नहीं है। नागरिक से एकत्र किए गए डेमोग्राफिक और बॉयोमैट्रिक डॉटा की क्वालिटी चैक की जाती है। इसके अतिरिक्त, ऑपरेटर/सुपरवाईजर/परिचयदाता/नामांकन एजेंसी और रजिस्ट्रार द्वारा प्रत्येक पैकेट की सूचना को वेलिडेट किया जाता है। क्वाालिटी चैक और अन्य वेलिडेशन के पास होने पर पैकेट्टस को डी-डुप्लीकेशन हेतु भेजा जाता है और आधार तैयार हो जाता है। यदि कोई त्रुटि होती है तो पैकेट को रोक लिया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि निवासी का नामांकन करने वाले ऑपरेटर का विवरण डॉटाबेस के अनुसार न हो या फोटो और आयु/जेण्डकर में मिसमैच हो (उदाहरण के तौर पर 50 वर्ष की आयु के निवासी की फोटो के स्थान एक बच्चे का फोटो छपा हो) तो ऐसे मामले में आगे की जांच-पड़ताल हेतु पैकेट को रोक लिया जाता है। जहां कहीं संभव होता है सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है अन्यथा निवासी को पत्र द्वारा सूचित किया जाता है कि उसका नामांकन रद़्द हो गया है और निवासी को सलाह दी जाती है कि वह पुर्न-नामांन करवाए। भारतीय डाक को आधार पत्र की प्रिंटिंग और डिलीवरी की जिम्मेतदारी सौंपी गई है। बैकलॉग पर निर्भर करते हुए और डिलीवरी की लोकेशन को देखते हुए, भारतीय डाक, सामान्यतया आधार पत्र को प्रिंट करने और डिलीवर करने हेतु 3-5 सप्ताह का समय लेता है। यदि आधार नामांकन एन.पी.आर. के माध्यम से हुआ है तो वेरिफिकेशन आर.जी.आई. द्वारा अनुमोदित एल.आर.यू.आर. (लोकल रजिस्ट्रार ऑफ यूजल रेजिडेंट्स) प्रक्रिया के तहत होगा। आधार नम्बर, एल.आर.यू.आर. प्रक्रिया के पूरा होने के पश्चात ही जारी किया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ अधिक समय लगता है। नामांकन के वक्त निवासी को नामांकन केंद्र पर एक पावती दी जाती है। इस पावती से निवासी को रजिस्ट्रार की जानकारी मिल सकती है। यदि नामांकन आर.जी.आई. द्वारा किया गया है तो आर.जी.आई. ऑफिस से ब्यौरा प्राप्त किया जा सकता है। कहाँ नामांकन करें आधार नामांकन केंद्र जहाँ आप नामांकन कर सकते हैं। नामांकन के लिए अपना स्थान सुरक्षित करें। निम्नः राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के निवासी कृपया नोट कर लें कि इन राज्यों में नामांकन कार्य रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के कार्यालय द्वारा संपन्न किया जा रहा है जो कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रर (एन.पी.आर.) तैयार कर रहा है। अतः इन राज्यों के निवासियों को अलग से आधार हेतु नामांकन करवाने की जरूरत नहीं है। राज्य : अरूणाचल प्रदेश/असम/जम्मू्-कश्मीर/मेघालय/मिजोरम/उडीसा/तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल। केंद्र शासित प्रदेश : अण्डमान-निकोबार द्वीप समूह/दादर व नागर हवेली तथा लक्षद्वीप कर्नाटक के जिले : उडिपी/गडाग/उत्त–कन्नड़/हवेरी/दावागेरे/बंगलौर ग्रामीण चिकबालापुर और कोडागु अन्यों राज्य (केंद्र शासित प्रदेश/जिले) के निवासी, कृपया नोट करें कि उन्हें यू.आई.डी.ए.आई. के अंतर्गत नामांकन करवाने की जरूरत नहीं है। यदि उन्होंने एन.पी.आर. के तहत अपना नामांकन पहले ही करवा लिया है। स्त्रोत : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण,भारत सरकार