सीएससी 2.0 डिजिटल भारत कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को विभिन्न ई-सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में सामान्य सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरुप तैयार की गई है। इस योजना के तहत सभी सीएससी क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुरुप स्टेट सीएससी लोगो को उपयोग में लाते हुए एवं सीएससी केंद्र के नाम से पूरे भारत भर में एक समान दिखाई देंगे। सीएससी के सामान्य ब्रांडिंग के लिए दिशा-निर्देश इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) की सीएससी 2.0 योजना के तहत सभी सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के लिए नये ब्रांडिंग दिशानिर्देश जारी किए गये हैं। 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए डीईआईटीवाई के निर्देशों के अनुसार क्षेत्रीय भाषाओं में बैनर विकसित किया गये है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार: देश भर के सभी सीएससी केंद्रों पर सामने वाला बोर्ड कम से कम 6x3 फुट की(चौड़ाईxऊँचाई)साइज का प्रदर्शित किया जाएगा। डिजाइन में शीर्ष पर राज्य सीएससी लोगो और सीएससी केन्द्र के नाम के साथ सीएससी आईडी या ओएमटी आईडी को शामिल किया जाएगा। बोर्ड के नीचे, सीएससी का पूरा पता, ग्राम पंचायत/जिला के साथ राज्य के नाम का उल्लेख किया जाना है। ब्रांडेड सीएससी की एक तस्वीर प्रस्तुत करने पर(नीचे के रूप में दिखाया गया है) सीएससी राज्य समन्वयक को नाम, ओएमटी आईडी, संपर्क नंबर और पूरा पता जैसे अन्य विवरण उपलब्ध कराने पर ब्रांडिंग खर्च के लिए 3500 प्रति सीएससी रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी । नए कॉमन ब्रांडिंग और कलाकृति की फ़ाइल खोलने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही सीएससी वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे। वीएलई अपने संबंधित राज्य या संघ राज्य क्षेत्र की ओपन फाइल डाउनलोड कर सकते हैं और अपने राज्य सीएससी लोगो/नाम को राज्य के सीएससी केन्द्र में पते सहित शामिल कर सकते हैं। कॉमन ब्रांडिंग के साथ-साथ सभी सीएससी को अपनी विभिन्न सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क को भी इससे आगे लिख कर प्रदर्शित करना है। सीएससी की कॉमन ब्रांडिंग के उदाहरण बिहार/केरल/पश्चिम बंगाल/ गुजरात में कॉमन ब्रांडिंग के कुछ उदाहरण संदर्भ के लिए नीचे दिये गये हैं: बिहार केरल पश्चिम बंगाल गुजरात स्त्रोत : सीएससी इंडिया।