प्रमुख घोषणाएं महत्वपूर्ण कोल कनेक्टिविटी लाइनों पर तेजी से कार्य करने से रेलवे को लगभग 100 एमटी का अधिक यातायात प्राप्त होगा और पावर हाऊसों के लिए कोयले का शीघ्र परिवहन सुगम होगा । सभी स्टेशनों पर पीपीपी के जरिये फूटओवर ब्रिज बनाये जाएंगे । इस बार दो प्रतिशत यात्री भार बढ़ने की उम्मीद । सभी बड़े स्टेशनों पर वरिष्ठ नागरिकों को लिए बैटरी से चलने वाली गाड़ियाँ, एस्केलेटर सहित कई सुविधाएँ मुहैया करवायी जाएंगी, ट्रेनों में ब्रांडेड खाना दिया जायेगा । वहीं, ट्रेनों में आरओ का पानी मिलेगा । बड़े स्टेशनों पर ब्रांडेड फ़ूड कोर्ट का प्रावधान किया जायेगा । 50 बड़े स्टेशनों पर सफाई की व्यवस्था निजी हाथों में दी जाएगी । सफाई के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जायेगा । साथ ही सफाई पर सीसीटीवी कैमरों सर नजर रखी जाएगी । देश के 11,563 मानवरहित रेलवे क्रासिंग को समाप्त किया जायेगा । बड़े स्टेशन पीपीपी मोड़ में एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे । भारतीय रेल की भूमि परिसम्पतियों के बेहतर प्रबंधन और इस्तेमाल के लिए इसका डिजीटाइजेशन और उसकी जिआइएस मैंपिंग की जाएगी । इससे रेलवे को भूमि की सुरक्षा और संसाधनों में वृद्धि के लिए इसका उपयोग करने में सहायता मिलेगी । भूमि पर रेलवे से संबंधित कारोबार शुरू करने, वाणिज्यिक विकास के लिए निजी भागीदारी से भूमि – संपदा का इस्तेमाल करके संसाधन जुटाने की संभवना का पता लगाया जायेगा । इन्टरनेट पर एक मिनट में 7200 टिकट बनाये जाने के उपाय किये जायेंगे । अभी एक मिनट में 2000 टिकट बनते हैं । आधुनिकृत लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन के लिए लॉजिस्टिक्स पार्कों की स्थापना, लदान और उतराई के लिए यांत्रिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता । निजी पार्टियों द्वारा पार्सल वैनों अथवा पार्सल रकों की खरीद को सरल बनाने की लिए योजना शुरू करना । माल यातायात टर्मिनलों के नेटवर्क को विकसित करने के लिए पीपीपी माडल पर निजी माल यातायात टर्मिनल की स्थापना । हरित पहलकदमियां स्टेशनों, रेलवे इमारतों की छतों और भूमि का उपयोग करते हुए पीपीपी माध्यम से सौर ऊर्जा इ व्यवस्था की जाएगी । पटरियों और प्लेटफार्मों पर मल – मूत्र की समस्या को समाप्त करने के लिए गाड़ियों में पर्याप्त संख्या में जैविक शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी । बनेगा रेलवे विश्वविद्यालय रेलमंत्री ने तकनीकी और गैर तकनीकी दोनों विषयों के लिए रेलवे विश्वविद्यालय की स्थापना करने का प्रस्ताव किया । स्नातक स्तर पर रेलवे सा संबंधित विषयों को चालू करने और कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों के साथ समझौता किया जाएगा । फ़िलहाल ग्राउंड लेवल के कर्मचारियों को स्थानीय तकनीकी संस्थानों के इस्तेमाल करके तकनीकी और गैर तकनीकी किस्म के अल्प अवधि के पाठ्यक्रम के लिए भेजा जायेगा । उच्च रफ्तार, भारी कर्षण, परिचालन आदि जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त करने के लिए सभी स्तर के कर्मचारियों और अधिकारीयों को भारत तथा विदेशी में उपयुर्क्त संस्थानों में भेजा जायेगा। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के अंडरग्रेजुएट के लिए इंटर्नशिप के व्यवस्था की जाएगी। स्त्रोत: इंटरनेट, दैनिक समाचारपत्र