<h3 style="text-align: justify;">जैव विविधता विरासत स्थल की अधिसूचना</h3> <p style="text-align: justify;">जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा-37 के अंतर्गत, स्थानीय समुदाय से परामर्श के उपरांत राज्य सरकार जैव विविधता के महत्व वाले क्षेत्रों को जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) के रूप में अधिसूचित कर सकती है।<br>जैव विविधता विरासत स्थल वे प्राकृतिक क्षेत्र हैं जो जैविक विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और जिनका संरक्षण हमारी प्राकृतिक विरासत के लिए आवश्यक है।</p> <h3 style="text-align: justify;"> जैव विविधता विरासत स्थलों का महत्व एवं उद्देश्य</h3> <p style="text-align: justify;">(i) परंपरागत रूप से प्रबंधित क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण को सुदृढ़ करना तथा गहन रूप से प्रबंधित क्षेत्रों में जैव विविधता के तीव्र क्षरण को रोकना।<br>(ii) किसी समुदाय या उसके आसपास BHS का होना उस समुदाय के लिए गर्व और सम्मान की बात है तथा यह आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।<br>(iii) समाज के सभी वर्गों में संरक्षण के नैतिक मूल्यों की शिक्षा और अनुपालन को बढ़ावा देना।<br>(iv) BHS का निर्माण स्थानीय समुदायों द्वारा स्वेच्छा से तय किए गए प्रतिबंधों के अतिरिक्त पारंपरिक प्रथाओं और उपयोगों पर कोई अतिरिक्त रोक नहीं लगाता। इसका उद्देश्य संरक्षण प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के जीवन-स्तर में सुधार करना है।</p> <h3 style="text-align: justify;"> जैव विविधता विरासत स्थल की अवधारणा</h3> <p style="text-align: justify;">जैव विविधता विरासत स्थल वे विशिष्ट क्षेत्र होते हैं जो पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पारितंत्र होते हैं — स्थलीय, तटीय, अंतर्देशीय जलीय एवं समुद्री जैव विविधता सहित — जिनमें निम्नलिखित में से एक या अधिक विशेषताएँ पाई जाती हैं:</p> <ol style="text-align: justify;"> <li>वन्य एवं पालतू प्रजातियों या अंतःप्रजातीय श्रेणियों की समृद्धि</li> <li>उच्च स्थानिकता (High Endemism)</li> <li>दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजातियों की उपस्थिति</li> <li>की-स्टोन प्रजातियाँ</li> <li>विकासवादी महत्व की प्रजातियाँ</li> <li>खेती की गई प्रजातियों या उनकी किस्मों के जंगली पूर्वज</li> </ol> <h3 style="text-align: justify;">जैव विविधता विरासत स्थल की विशेषताएँ</h3> <ol style="text-align: justify;"> <li>विशिष्ट एवं दुर्लभ जैव विविधता</li> <li>पारिस्थितिकीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका</li> <li>स्थानीय समुदायों की संस्कृति, परंपराओं एवं जीवन-शैली का संरक्षण</li> <li>प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र</li> </ol> <h3 style="text-align: justify;"> जैव विविधता विरासत स्थलों के लाभ</h3> <ol style="text-align: justify;"> <li>पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना</li> <li>जैव विविधता का संरक्षण</li> <li>जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायक</li> <li>स्थानीय समुदायों की संस्कृति एवं परंपराओं की सुरक्षा</li> <li>पर्यटन एवं स्थानीय उद्योगों के माध्यम से आर्थिक लाभ</li> <li>शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के अवसर</li> <li>सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण</li> <li>प्राकृतिक सौंदर्य के अनुभव का अवसर</li> <li>पारिस्थितिक सेवाएँ जैसे जल शुद्धिकरण, मृदा संरक्षण एवं वायु शुद्धिकरण</li> <li>राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व</li> </ol> <h3 style="text-align: justify;"> BHS घोषित किए जाने के मापदंड</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>अद्वितीय जैव विविधता</li> <li>पारिस्थितिक महत्व</li> <li>सांस्कृतिक महत्व</li> <li>संकटग्रस्त या विलुप्तप्राय प्रजातियाँ</li> <li>प्रतिनिधि पारितंत्र</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;"> पहचान हेतु मापदंड</h3> <ul style="text-align: justify;"> <li>प्राकृतिक, अर्ध-प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आवासों का मिश्रण</li> <li>महत्वपूर्ण वन्य जैव विविधता एवं पारंपरिक कृषि प्रणालियाँ</li> <li>जैव विविधता या संस्कृति की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र</li> <li>छोटे क्षेत्र भी यदि दुर्लभ एवं स्थानीय वन्यजीवों के लिए आश्रय प्रदान करते हों</li> <li>सरकारी, सामुदायिक या निजी भूमि</li> <li>वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत संरक्षित नेटवर्क से बाहर के क्षेत्र</li> <li>प्रवासी प्रजातियों के आवास, भोजन एवं प्रजनन क्षेत्र</li> <li>वन विभाग द्वारा संरक्षित अनुसंधान प्लॉट</li> <li>औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">BHS घोषित करने की प्रक्रिया</h3> <p style="text-align: justify;">प्रस्तावित स्थल को अधिनियम के अंतर्गत BHS घोषित करने हेतु संबंधित स्थानीय निकाय (पंचायत/नगर निकाय) द्वारा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके पश्चात परिषद द्वारा समीक्षा कर अधिसूचना की कार्यवाही की जाएगी।</p> <h3 style="text-align: justify;"> BHS हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले निकाय</h3> <ol style="text-align: justify;"> <li>जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ</li> <li>सामुदायिक संस्थाएँ (जैसे ग्राम सभा, पंचायत, नगर वार्ड, वन सुरक्षा समिति, आदिवासी परिषद आदि)</li> <li>पर्यावरण एवं विकास उद्देश्यों हेतु स्थापित संस्थान</li> <li>गैर-सरकारी संगठन</li> </ol> <h3 style="text-align: justify;">जैव विविधता विरासत स्थलों का प्रबंधन</h3> <p style="text-align: justify;">जैव विविधता प्रबंधन समिति (BMC) अथवा उसकी अनुपस्थिति में संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा निर्धारित अन्य उपयुक्त संस्था, प्रत्येक BHS के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाएगी।<br>जहाँ BHS एक से अधिक स्थानीय निकायों में फैला हो, वहाँ परिषद द्वारा अनुमोदित जैव विविधता विरासत स्थल प्रबंधन समिति गठित की जाएगी।</p> <p style="text-align: justify;"><a href="http://nbaindia.org/" target="_blank" rel="noopener">National Biodiversity Authority</a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="http://nbaindia.org/content/106/29/1/bhs.html" target="_blank" rel="noopener">Declared Biodiversity Heritage Sites</a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="http://nbaindia.org/uploaded/ut/Final%20BHS%20guidelines%20approved%20in%20the%2019th%20Authority.pdf" target="_blank" rel="noopener">Guidelines for selection and management of the Biodiversity Heritage Sites </a></p> <p style="text-align: justify;"> </p>