पूर्व-प्राथमिक विद्यालय मूलत: एक खेल और गतिविधिआधारित कार्यक्रम है जिसके लिए भीतर और बाहर उपलब्ध स्थान सहित पर्याप्त आधारभूत संरचना की पूर्वापेक्षा होती है। पर्याप्त आधारभूत संरचना का अर्थ आसानी से आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान का होना मात्र नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सफ़ाई, प्रकाश, वायु संचार तथा परिवहन के संदर्भो में भी उपयुक्त होनी चाहिए। एक गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक कार्यक्रम चलाने के लिए अनिवार्य एवं वांछित भौतिक आधारभूत संरचना नीचे दी जा रही है स्थान अनिवार्य जिस भवन में पूर्व-प्राथमिक विद्यालय चल रहा हो, उसका स्थान ऐसा होना चाहिए वहाँ तक बच्चे आसानी से पहुँच सकें। वह भारी यातायात, तालाबों, खाइयों, नालों, कचरे के ढेरों, पशुओं के छतदार बाड़ों, कीचड़, पानी के गड्ढों और बिना ढकी नालियों से दर होना चाहिए। वह एक चारदीवारी या बाड़ से घिरा होना चाहिए और साथ ही एक द्वार होना चाहिए, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई हो। वांछनीय पूर्व-प्राथमिक विद्यालय भूतल पर स्थित होना चाहिए। वहाँ वाहनों के आसानी से पहँचने और सामान पहुँचाने का सीधा मार्ग होना चाहिए। जहाँ तक हो, पूर्व-प्राथमिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही स्थित होना चाहिए अथवा प्राथमिक विद्यालय के पास या बगल में होना चाहिए। पूर्व-प्राथमिक विद्यालय के आस-पास प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन होने चाहिए, जिनका उपयोग शैक्षिक सामग्री के रूप में किया जा सके। खेल और गतिविधि क्षेत्र (बाह्य औरआंतरिक क्षेत्र) बाह्य क्षेत्र अनिवार्य बाह्य खेल क्षेत्र काफी बड़ा होना चाहिए अर्थात कम से कम 300/450 (15x20/30) वर्ग मीटर प्रति 25 बच्चे, जहाँ बच्चे सुरक्षित रूप से खेल सकें और चारोंओर दौड़ सकें। विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए खेल का मैदान और सामग्री उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। वांछनीय एक रेत से खेलने का क्षेत्र किसी छायादार और बाड़े से घिरे स्थान जैसे पेड़ के नीचे बनाया जा सकता है। पानी से खेलने का क्षेत्र बनाया जा सकता है या एक पानी का टब भीतर या बाहर दोनों क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है। आंतरिक क्षेत्र अधिकतम 25 बच्चों को जगह देने के लिए एक पूर्व-प्राथमिक विद्यालय कक्षा-कक्ष का मानक फर्श क्षेत्र कम से कम 35 (5x7) वर्ग मीटर होना चाहिए। यह स्थान भली-भाँति वायु संचारित और प्रकाशित होना चाहिए। इसमें उचित छत, खिड़कियाँ, दरवाजे और फर्श होने चाहिए तथा जहाँ आवश्यकता हो, चटाइयों का प्रावधान होना चाहिए। कुर्सियों और मेज़ों का आकार बच्चों के अनुरूप होनाचाहिए। लचीली कक्षा-कक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक के ऊपर एक रखा जा सकने वाला बाल अनुरूप फर्नीचर होना चाहिए जिसे खेल गतिविधियों केअनुसार आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सके। बच्चों की ऊँचाई के अनुरूप एक ब्लैकबोर्ड का प्रावधान होना चाहिए। घेरा समय/बड़े समूह की गतिविधियों के लिए एक दरी/गद्दा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। खेलने और सीखने की सामग्री रखने के लिए कम ऊँचाई के खुले शेल्फया खुली बड़ी टोकरियाँ उपलब्ध करायी जानी चाहिए। इन पर चित्र और मुद्रित लेबल लगे हों, जिससे छोटे बच्चों में मुद्रित सामग्री को पढ़ने की जिज्ञासा पैदा हो। रोशनी, पंखों, और बिजली के अन्य उपकरणों के लिए बिजली उपलब्ध होनी चाहिए। मोम के रंग (क्रेयॉन), विविध प्रकार के कागज़, स्केच पेन, रंगीन चॉक आदि जैसी सामग्री का नियमित प्रावधान और आपूर्ति होनी चाहिए। कक्षा-कक्ष में गतिविधि क्षेत्र बनाए जाने चाहिए। यदि जगह की कमी है तो विषयवस्तु और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुसार बदल-बदल कर/अस्थायी रूप से गतिविधि क्षेत्र बनाए जा सकते हैं। गतिविधि क्षेत्रों को बनाते समय ध्यान रखना चाहिए कि वे कमरे के हर भाग से दिखाई दें। इससे शिक्षक सभी बच्चों पर नज़र रख सकेगा। नीचे कुछ प्रस्तावित गतिविधि क्षेत्र दिए गए हैं, जिन्हें बच्चों के लिए पर्याप्त सामग्री के साथ सुसज्जित किया जाना चाहिए। पुस्तक क्षेत्र इस क्षेत्र में बच्चों की आयु के अनुरूप विविध प्रकार की पत्रिकाएँ, जानकारी देने वाली पुस्तकें, चित्र पुस्तकें, कहानियों की पुस्तकें, बड़ी पुस्तकें, स्थानीय लोककथाएँ, विषय-आधारित पुस्तकें, कॉमिक्स, स्लेटें, पेंसिलें, चॉक आदि होनी चाहिए। गुड़िया क्षेत्र/नाटकीय प्रस्तुति क्षेत्र इस क्षेत्र की सामग्री में विभिन्न प्रकार की गुड़िया, गुड़िया के आकार का फर्नीचर और कपड़े, गुड़िया के आकार के खाना बनाने के बर्तन (बर्तन, प्लेटें, चम्मच, आदि), नकली भोजन पदार्थ (मिट्टी की बनी सब्जियाँ या फल), पहनने के कपड़े (स्कार्फ, टोपी, दुपट्टा, जैकेट, छोटी साड़ी, कपड़े के लंबे टुकड़े, आदि), कंघी, दर्पण, चलने की छड़ी, पुराने चश्मे, खिलौने, टेलीफ़ोन या कैमरे, एक बक्सा और एक खाने का डिब्बा शामिल किए जा सकते हैं। खोजबीन क्षेत्र इसमें आवर्धक लेंस, शंख, पौधे, बीज, चुंबक, लोहे की वस्तुएँ, तराजू, बाट, नापने के टेप या कोई अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री रखी जा सकती है। ब्लॉक निर्माण क्षेत्र इस क्षेत्र में विभिन्न रंगों, आकृतियोंऔर आकारों के विविध ब्लॉक (गुटके) जैसे खोखले ब्लॉक, आपस में जुड़ जाने वाले ब्लॉक, फ़ोम के ब्लॉक, लकड़ी के ब्लॉक, आदि रखे जा सकते हैं। हस्तकौशल युक्त क्षेत्र इस क्षेत्र में हस्तकौशल युक्त सामग्री होनी चाहिए, जैसे पहेलियाँ, मिलान कार्ड, लेस कार्ड, बीज, क्रमबद्ध आकृतियाँ, इनसेट बोर्ड, शंख, छाँटने के लिए सामग्री, धागे और मनके, छोटे खिलौने (कार, ट्रक, जंतु), खिलौना आकृति, टुकड़ों में बँटने वाले खिलौने, नंबर छड़ी, एबेकस और पर्यावरण से अन्य वस्तुएँ जैसे पत्तियाँ, पत्थर, कंकड़, तिनके, फूल, आदि। कला क्षेत्र इस क्षेत्र में शामिल सामग्री होनी चाहिए विभिन्न प्रकार के कागज़ (लाइनों वाले, बिना लाइनों वाले), क्रेयॉन, पेंसिलें, मिटाए जा सकने वाले मार्कर, स्लेटें, रंगीन चॉक, कपड़ों के टुकड़े, पेंट, ब्रश, टेप, खेलने के लिए गूंधा हुआ आटा/मिट्टी, रोलिंग पिन, बोर्ड, स्टेंसिल,पुराने अखबार, पत्रिकाएँ, आइसक्रीम स्टिक्स और अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री। संगीत और गति क्षेत्र संगीत क्षेत्र में ढपली, घंटियाँ, प्याले, बाँसुरियाँ, वाद्ययंत्र, झनझने, विभिन्न प्रकार के धातुओं के बर्तन, स्थानीय वाद्ययंत्र, संगीत उपकरण और गानों, कविताओं तथा शिशु गीतों की विविध डी.वी.डी. होनी चाहिए। इस क्षेत्र में रिबन या स्कार्फ जैसी वस्तुएँ हो सकती हैं जिसे बच्चे रचनात्मक गति/ लय को दर्शाने के लिए मंच सामग्री के रूप में उपयोग में ले सकते हैं।उपयुक्त संसाधन सामग्री और श्रव्य-दृश्य सहायक सामग्री होनी चाहिए। वांछनीय • प्रत्येक पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों और बच्चों के लिए एक पुस्तकालय होना चाहिए जिसमें नोट- आंतरिक और बाह्य क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी के लिए अध्याय 6 देखें सूचना और संचार प्रौद्योगिकी आई.सी.टी. के लिए सुविधाएँ वांछनीय टेलीविज़न/संगीत उपकरण, पर्दे सहित एल.सी.डी प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड/इंटरएक्टिव व्हाइट बोर्ड, डिजिटिल कैमरा, डी.वी.डी/सी.डी. आदि का उपयोग पूर्व-प्राथमिक कार्यक्रम में किया जा सकता है। आई.सी.टी. का उपयोग पूर्व-प्राथमिक और प्रारंभिक प्राथमिक कक्षा के बच्चों को संयुक्त रूप से अनुभव कराने के लिए किया जा सकता है, जैसे कहानी, संगीत और नृत्य अनुभव आदि को पर्दे पर दिखाना। शिक्षक उपलब्ध ई-संसाधनों जैसे इंटरएक्टिव वेबसाइट्स, शैक्षिक ऐप्स, शैक्षिक वीडियो साइट्स, डिजिटल कहानी सुनाना और ई-पुस्तकों का उपयोग कर सकते हैं। शिक्षक ऑनलाइन संगठनों से भी जुड़ सकते हैं, जहाँ वे अपने कंप्यूटर डेस्कटॉप और मोबाइल फ़ोन पर पूर्व-प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए बहुत अधिक काम में आने वाली वेबसाइटों को इकट्ठा और व्यवस्थित कर सकते हैं। स्टाफ के लिए सुविधाएँ पूर्व-प्राथमिक विद्यालय स्टाफ के लिए अपनी व्यक्तिगत चीजें (शिक्षक डायरी, बच्चों के वर्णनात्मक रिकॉर्ड, आदि) रखने के लिए, गतिविधियों की योजना बनाने और उन पर चर्चा करने, प्रशासनिक कार्य करने और अभिभावकों के साथ बैठकें करने के लिए एक अलग स्थान या कमरा होना चाहिए। कमरे में मेज़, कुर्सियाँ, बेंच और छोटी अलमारियाँ उपलब्ध होनी चाहिए। स्टाफ के लिए एक अलग शौचालय होना चाहिए। पीने के पानी और हाथ धोने के लिए सुविधाएँ स्वच्छ पीने का पानी और हाथ धोने की सुविधाएँ उपलब्ध करायी जानी चाहिए। यदि पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में जल शुद्धिकरण केउपकरण उपयोग में लाये जा रहे हैं, तो इनकी नियमित सफ़ाई और रख-रखाव होना चाहिए। उपयोग के बाद गिलासों/कपों को धोने का प्रावधान होना चाहिए। शौचालय सुविधा बच्चों के अनुकूल शौचालय होने चाहिए। लड़कों,लड़कियों तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों केलिए अलग शौचालय हों। शौचालय सुरक्षित होने चाहिए। उनका रख-रखाव और जल आपूर्ति नियमित होनी चाहिए। हाथ धोने के लिए साबुन और एक साफ़ तौलिया होनाचाहिए। शौचालय में लगी वस्तुएँ और सिंक बच्चों की पहुँच केअनुसार होनी चाहिए। शौचालयों की नियमित सफ़ाई की व्यवस्था होनीचाहिए। सोने/विश्राम की सुविधाएँ यदि पूर्व-प्राथमिक विद्यालय की समयावधि प्राथमिक विद्यालय के अनुरूप चार घंटे से अधिक है, तो सभी बच्चों के लिए एक झपकी या विश्राम की व्यवस्था की जानी चाहिए। साफ़ गद्दों और चादरों की व्यवस्था की जानी चाहिए। परिवहन सुविधाएँ राज्य/संघ राज्य क्षेत्र बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार स्वयं की दिशानिर्देश पुस्तिका विकसित करें। भंडारण स्थान अनिवार्य कागज़/क्रेयॉन/स्केच पेन, चार्ट, शिक्षण सहायक सामग्री, फोल्डर और पोर्टफोलियो आदि जैसी वस्तुओं को रखने के लिए स्थान (शिक्षक और बच्चों, दोनों के लिए) उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वांछनीय प्रत्येक बच्चे को उसके व्यक्तिगत उपयोग के लिए कम ऊँचा शेल्फ/लॉकर उपलब्ध कराना चाहिए। ये बच्चे की ऊँचाई पर उसकी सहज पहुँच में होने चाहिए। बाधारहित परिवेश विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को शामिल करने के लिए निम्नलिखित को सुनिश्चित करना चाहिए कक्षा-कक्ष की व्यवस्था ऐसी हो कि कक्षा में सभीबच्चों का आवागमन सहज हो। हत्थों वाले रैंप। सभी गतिविधि क्षेत्रों में खेल उपकरण और सामग्री, फर्नीचर तथा अन्य सुविधाएँ। _ संशोधित उपकरणयुक्त शौचालय