केंद्रीय बजट 2021-22 ने डिजिटल फर्स्ट माइंडसेट के दायरे में रहते हुए राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक ढांचे (एनडीईएआर) की स्थापना की घोषणा करके शिक्षा के लिए देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर बड़ा ज़ोर दिया है, यह डिजिटल ढांचा जहां न केवल शिक्षण और सीखने की गतिविधियों का सहारा बनेगा बल्कि केंद्र और राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों की शैक्षिक योजना के निर्माण का और शासन प्रशासनिक संबंधी गतिविधियों का सहारा भी बनेगा। राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा ढांचे (एनडीईएआर) (NDEAR) की आवश्यकता क्यों पड़ी? भारत में शिक्षा से जुड़े कई डिजिटल प्लेटफॉर्म मौजूद हैं—जैसे DIKSHA, UDISE+, ABC, NSP, SWAYAM आदि। लेकिन ये प्लेटफॉर्म अलग-अलग काम करते हैं और आपस में पूरी तरह जुड़े नहीं होते। NDEAR इन सभी प्रणालियों को जोड़ने का आधार प्रदान करता है, जिससे छात्र, शिक्षक और अभिभावक को बेहतर और सहज सेवाएँ मिल सकें। NDEAR क्या करता है? NDEAR स्वयं कोई ऐप या वेबसाइट नहीं है, बल्कि यह एक डिजिटल आर्किटेक्चर है, जिसके माध्यम से: छात्रों की डिजिटल पहचान बनाई जाती है शैक्षणिक रिकॉर्ड (क्रेडिट, प्रमाणपत्र, अंक) सुरक्षित रहते हैं विभिन्न प्लेटफॉर्म के बीच डेटा सुरक्षित तरीके से साझा किया जा सकता है नागरिकों को क्या लाभ होगा? छात्रों के लिए: एक ही डिजिटल प्रोफ़ाइल में पूरी शैक्षणिक जानकारी संस्थान बदलने पर भी रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल प्रमाणपत्रों की आसान उपलब्धता अभिभावकों के लिए: बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जानकारी तक पारदर्शी पहुँच स्कूल/कॉलेज स्तर पर डेटा-आधारित जानकारी शिक्षकों और प्रशासन के लिए: बेहतर योजना और निर्णय डुप्लीकेट डेटा एंट्री में कमी डेटा गोपनीयता और सुरक्षा: NDEAR में डेटा सुरक्षा को अत्यंत प्राथमिकता दी गई है। किसी भी उपयोगकर्ता का डेटा उसकी सहमति के बिना साझा नहीं किया जाता। यह ढांचा भारत के डेटा संरक्षण नियमों के अनुरूप कार्य करता है। निष्कर्ष: NDEAR भविष्य की शिक्षा व्यवस्था की डिजिटल रीढ़ है, जो नागरिकों को अधिक पारदर्शी, लचीली और सुरक्षित शिक्षा सेवाएँ प्रदान करेगी। राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा ढांचे (एनडीईएआर)