ABC खाता क्यों ज़रूरी है? ABC छात्रों को बहु-प्रवेश और बहु-निकास (Multiple Entry–Exit) की सुविधा देता है। यदि कोई छात्र किसी कारणवश पढ़ाई बीच में रोक देता है, तो उसके अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं और वह भविष्य में इन्हें उपयोग कर सकता है। ABC खाता कैसे बनाएं: APAAR/ABC ID प्राप्त करें: छात्र को अपने संस्थान या संबंधित पोर्टल के माध्यम से APAAR/ABC ID बनानी होती है। डिजिटल लॉग-इन: पहचान विवरण (आधार/अन्य वैध ID) के माध्यम से लॉग-इन किया जाता है। क्रेडिट लिंकिंग: विश्वविद्यालय/कॉलेज द्वारा अर्जित क्रेडिट्स स्वतः ABC खाते में जोड़े जाते हैं। क्रेडिट लिंकिंग: विश्वविद्यालय/कॉलेज द्वारा अर्जित क्रेडिट्स स्वतः ABC खाते में जोड़े जाते हैं। छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु: केवल UGC/AICTE/सरकारी मान्यता-प्राप्त संस्थानों के क्रेडिट ही मान्य होते हैं। क्रेडिट की वैधता और न्यूनतम आवश्यकता संस्थान-विशिष्ट हो सकती है। छात्र को अपने ABC खाते की नियमित जाँच करनी चाहिए। लाभ: पढ़ाई में लचीलापन ड्रॉप-आउट दर में कमी आजीवन सीखने की सुविधा इन्फोग्राफिक सुझाव: “क्रेडिट अर्जन → ABC खाते में जमा → ट्रांसफर → डिग्री” फ्लोचार्ट