इस अवार्ड के लिए कौन आवेदन कर सकता है? अनुसूचित जातियों, विमुक्त, घुमन्तू और अर्ध-घुमन्तू जनजातियों, भूमिहीन कृषि श्रमिकों और परम्परागत शिल्पकारों से संबंधित विद्यार्थी जिनकी आयु इस योजना का विज्ञापन जारी होने के माह के पहले दिन 35 वर्ष से कम है, आवेदन कर सकते हैं। नियोजित उम्मीदवार या उसके माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से कुल पारिवारिक आय 6.00 लाख रुपए (6.00 लाख रुपए वार्षिक), उन भत्तों को छोड़कर, जिन्हें आय के उद्देश्य से कुल आय के एक भाग के रूप में नहीं माना जाता है, से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना में अनुसूचित विश्वविद्यालयों/संस्थाओं में विदेश में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और पीएच.डी. करने के लिए अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों के लिए अध्ययन के निम्नलिखित विशिष्ट क्षेत्रों में वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था है :- इंजीनियरिंग तथा प्रबंधन; विशुद्ध विज्ञान तथा अनुप्रयुक्त विज्ञान; कृषि विज्ञान और चिकित्सा; अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य, लेखा तथा वित्त; मानविकी, समाज विज्ञान तथा ललित कला। पात्रता के लिए अन्य शर्तें :- न्यूनतम अर्हता पीएच.डी. के लिए – संगत स्नातकोत्तर डिग्री में 55% अंक अथवा समतुल्य ग्रेड। अनुभवी उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी जो विशेष रूप से अपने वर्तमान पद और नियोक्ता के साथ ग्रहणाधिकार रखते हों। स्नातकोत्तर डिग्री के लिए - संगत स्नातक डिग्री में 55% अंक अथवा समतुल्य ग्रेड। अनुभवी उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी जो विशेष रूप से अपने वर्तमान पद और नियोक्ता के साथ ग्रहणाधिकार रखते हों। 2. किसी परिवार में छात्रवृत्ति हेतु अधिकतम बच्चों की संख्या एक ही माता-पिता/संरक्षक के दो से अधिक बच्चे इसके लिए पात्र नहीं होंगे और इस प्रयोजनार्थ उम्मीदवार से स्वयं द्वारा सत्यापित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। किसी भी लाभार्थी के मामले में दूसरे अथवा उत्तरवर्ती अवसर पर छात्रवृत्ति हेतु विचार नहीं किया जा सकता चूंकि यह अवार्ड एक व्यक्ति को एक बार ही दिया जा सकता है। यह एक ही माता-पिता/संरक्षक के दूसरे बच्चे पर सिर्फ तभी विचार किया जाएगा जब उस वर्ष के लिए स्लॉट फिर भी उपलब्ध हो। कितने अवार्ड दिए जाते हैं? मौजूदा योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 100 अवार्ड दिए जाते हैं जिनका वितरण निम्नलिखित अनुसार किया जाता है :- अनुसूचित जाति – 90 विमुक्त, घुमन्तू और अर्ध-घुमन्तू जनजातियां – 06 भूमिहीन कृषि श्रमिक और परम्परागत शिल्पकार – 04 कुल 100 कब और कहां आवेदन किया जा सकता है? इच्छुक उम्मीदवार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी किए गए विस्तृत विज्ञापन के उत्तर में मंत्रालय को आवेदन भेज सकते हैं। इस विज्ञापन को हिन्दी/अंग्रेजी तथा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के सभी प्रमुख समाचार-पत्रों में और रोजगार समाचार में आमतौर पर प्रकाशित किया जाता है। विज्ञापन को मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाता है। आवेदन किस तरह किया जाता है? इस योजना के अंतर्गत अवार्ड के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के संबंध में विज्ञापन जारी होने के बाद, उम्मीदवार इस मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित आवेदन प्रपत्र में आवेदन करेंगे। उम्मीदवार द्वारा भरा गया आवेदन प्रपत्र हर दृष्टि से पूर्ण होना चाहिए और उसके साथ जाति/श्रेणी, आय, आयु, प्राप्त शैक्षणिक अर्हताओं, प्राप्त किए हुए अनुभव, प्राप्त किए गए/आवेदन किए गए प्रवेश आदि का प्रमाण भी संलग्न किया जाए। कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की जाति है? मौजूदा वित्तीय सहायता :- भरण-पोषण भत्ते का परिमाण इस योजना के अंतर्गत शामिल सभी स्तरों के पाठ्यक्रमों के लिए 15,400/- अमरीकी डॉलर का वार्षिक भरण-पोषण भत्ता निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत शामिल सभी स्तरों के लिए 9,900/- ग्रेट ब्रिटेन पॉउंड का वार्षिक भरण-पोषण भत्ता यूनाइटेड किंगडम में उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किया गया है। अनुसंधान/अध्यापन सहायता से उपार्जन छात्रवृत्ति प्राप्तकर्त्ताओं को अनुसंधान/अध्यापन सहायता का कार्य करके अपने निर्धारित भत्तों को अनुपूरित करने की अनुमति है। आकस्मिक भत्ता पुस्तकों/आवश्यक उपकरणों/अध्ययन दौरों/शोध प्रबंधों आदि की टाइपिंग एवं बाइंडिंग के लिए आकस्मिक भत्ता 1500/- अमरीकी डॉलर प्रति वर्ष और यूनाइटेड किंगडम में उम्मीदवारों के लिए 1100 पॉउंड स्ट्रलिंग प्रति वर्ष होगा। व्यक्ति-कर वास्तविक राशि का भुगतान किया जाएगा, जहां भी लागू होगा। वीजा फीस वास्तविक वीजा फीस का भुगतान भारतीय रुपए में किया जाएगा। उपस्कर भत्ता और अनुषंगी यात्रा भत्ता निर्धारित अनुषंगी यात्रा भत्ता 20(बीस) अमरीकी डॉलर या भारतीय रुपए में इसके समतुल्य तथा निर्धारित उपस्कर भत्ता 20(बीस) अमरीकी डॉलर है। फीस एवं चिकित्सा बीमा प्रीमियम प्रभारित वास्तविक राशि। हवाई यात्रा भारत से शैक्षणिक स्थान के सबसे नजदीक के स्थान तक तथा भारत वापसी के लिए हवाई यात्रा, किफायती श्रेणी से तथा सबसे कम दूरी के मार्ग से राष्ट्रीय कैरियर के सहयोग से प्रदान की जाएगी। स्थानीय यात्रा उतरने के पत्न से अद्ययन के स्थान तक तथा वापसी का द्वितीय अथवा कोच श्रेणी का रेल किराया। दूर स्थित स्थानों के मामलों में, जो रेल से जुड़े न हों, बस किराया/किराए आवास के स्थान से सबसे नजदीक के रेलवे स्टेशन तक, नाव द्वारा पार करने का वास्तविक व्यय, रेल तथा हवाई स्टेशन तक सबसे नजदीक का किराया तथा/या जहाज से उतने के पत्न तक तथा वापसी का सबसे कम रास्ते का द्वितीय श्रेणी का रेल किराया देय होगा। उपरोक्त सूचीबद्ध वित्तीय सहायता के वितरण संबंधी तरीके पर भारत सरकार तथा विदेश स्थित भारतीय मिशनों द्वारा निर्णय लिया जाएगा। वित्तीय सहायता सहित छात्रवृत्ति की अवधि निर्धारित वित्तीय सहायता पाठ्यक्रम/अनुसंधान के पूरा होने तक अथवा निम्नलिखित अवधि तक के लिए, इनमें से जो भी पहले हो, प्रदान की जाति है : पीएच.डी. – 4 वर्ष (चार वर्ष) स्नातकोत्तर डिग्री – 3 वर्ष (तीन वर्ष) उपर्युक्त पाठ्यक्रमों के स्तरों हेतु निर्धारित अवधि के बाद विदेश में रहने की अवधि में वृद्धि किए जाने पर किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता के बिना विचार किया जा सकता है, सिवाय भारत वापसी के लिए विमान यात्रा के, यदि शैक्षणिक संस्था/विश्वविद्यालय में सक्षम प्राधिकारी के साथ-साथ विदेश में स्थित भारतीय मिशन से यह सिफारिश प्राप्त होती है जिसमें यह अधि-प्रमाणित किया जाता है कि विनिर्दिष्ट अवधि के लिए विदेश में रहना उम्मीदवार के लिए पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए नितांत ही आवश्यक है। तथापि, इस संबंध में अंतिम निर्णय केवल भारत सरकार द्वारा ही लिया जाएगा। यह सहायता कौन प्रदान करता है? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत में किए गए ग्राह्य व्यय के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है और अवार्ड प्राप्तकर्त्ताओं पर विदेश में किए गए व्यय वहन संबंधित भारतीय मिशनों द्वारा किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत उम्मीदवार का अवार्ड के लिए अंतिम रूप से चयन होने के परिणामस्वरूप, इस मंत्रालय द्वारा उम्मीदवार को एक अनन्तिम अवार्ड पत्र जारी किया जाता है जिसमें एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है जो इस योजना के अंतर्गत वित्तीय पात्रता संबंध ब्यौरों को दर्शाता है। कोई उम्मीदवार कितनी अवधि के भीतर इस अवार्ड को प्राप्त कर सकता है? चयनित उम्मीदवार के लिए इस मंत्रालय से अवार्ड/आश्वासन के लिए चयन के बारे में सूचना प्राप्त होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर अवार्ड प्राप्त करना आवश्यक है। इस विनिर्दिष्ट अवधि के समाप्त होने के बाद अवार्ड स्वत: ही रद्द हो जाता है। विदेश में प्रवेश किस तरह प्राप्त किया जा सकता है? चयनित उम्मीदवारों के लिए विदेश में प्रमाणिक शैक्षणिक संस्थाओं/विश्वविद्यालयों में अपने प्रवेश के लिए स्वयं ही व्यवस्था करनी होती है। तथापि, इस संबंध में भारत में स्थित विदेशी दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों, मिशनों से व्यौरा प्राप्त किया जा सकता है। प्रवेश प्राप्त करने के बाद क्या किया जाना आवश्यक है? किसी अभ्यर्थी को किसी विदेशी शैक्षिक संस्थान में पुष्टियुक्त प्रवेश मिलने के उपरांत, उस अभ्यर्थी से यह अपेक्षित है कि वह इसकी सूचना मंत्रालय को दे, जो इसका सत्यापन विदेश स्थित भारतीय मिशन से कराएगा। प्रवेश की पुष्टि की प्राप्ति के बाद, मंत्रालय संबंधित अभ्यर्थी को 'पुष्टियुक्त निर्णय पत्र' जारी करेगा, जिसमें पाठ्यक्रम, शैक्षिक संस्थान आदि के ब्यौरों का भी उल्लेख किया जाएगा। वीसा कैसे प्राप्त करें? विदेश स्थित शैक्षिक संस्थान में किसी विशिष्ट पाठ्यक्रम हेतु किसी अभ्यर्थी के पुष्टियुक्त प्रवेश के परिणामत:, संबंधित अभ्यर्थी विदेश स्थित भारतीय राजदूतावास, कांसुलेट, मिशन से संपर्क स्थापित कर सकता है। तथापि, अभ्यर्थी को उसी प्रकार के वीसा के लिए आवेदन करना चाहिए जो उसके द्वारा विदेश में पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद भारत वापस आने के लिए अपेक्षित है। भारत सरकार वीसा प्राप्त करने में अभ्यर्थी की कोई सहायता नहीं करती है। विदेश में अध्ययन करने हेतु प्रस्थान करने से पूर्व कौन-सी औपचारिकताएं पूरी की जानी होती हैं? चुने गए अभ्यर्थियों से यह अपेक्षित होता है कि वे विदेश जाने से पहले सभी ऐसे विधिक दस्तावेज और अन्य करार प्रस्तुत करें, जैसाकि सरकार द्वारा समय-समय पर तय किया जाए। अभ्यर्थियों से विदेश पहुंचने पर यह अपेक्षा भी की जाति है कि वे वहां स्थित भारतीय मिशन से तत्काल संपर्क स्थापित करें और मिशन द्वारा यथा निर्णीत आवश्यक विधिक एवं अन्य करारों का निष्पादन करें। यदि अभ्यर्थी रोजगारशुदा हैं तो उनसे यह अपेक्षा की जाति है कि वे ऐसे बंध-पत्र, करार आदि निष्पादित करें जैसा कि नियोक्ता चाहता है। अतिरिक्त स्पष्टीकरणों के लिए किससे संपर्क करें? इस बारे में संबंधित अभ्यर्थी भारत में रहते हुए अवर सचिव (एससीडी-I), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, शास्त्री भवन, नई दिल्ली (भारत) से संपर्क कर सकता है। इस योजना के अंतर्गत जो अभ्यर्थी पहले ही विदेश पहुंच चुके हों, वे इस संबंध में संबंधित भारतीय मिशन से संपर्क कर सकते हैं। स्त्रोत: सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय