भूमिका भारत सरकार ने भारत में मान्यता प्राप्त संस्थाओं से तकनीकी और व्यावसायिक ब्रांचों में किसी भी अनुमोदित अध्ययन पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने के लिए भारतीय बैंक संघ की शिक्षा ऋण योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंध रखने वाले छात्रों द्वारा अनुसूचित बैंकों से लिए गए शिक्षा ऋण पर ऋण स्थगन अवधि अर्थात पाठ्यक्रम अवधि जमा एक वर्ष या रोजगार मिलने के पश्चात 6 महीने, जो भी पहले हो, की अवधि के दौरान पूर्ण छूट प्रदान करने की योजना शुरू की है। भारत के सभी सार्वजनिक तथा निज़ी क्षेत्र के बैंकों ने ज़रूरतमंद छात्रों को शिक्षा ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने की पहल की है, ताकि वे तकनीकी तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पूरा कर सकें। शिक्षा ऋण को बिना किसी परेशानी तथा देरी से उपलब्ध करायेजाने के लिए सभी भारतीय बैंकों ने अपनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया है तथा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन देने के लिए ‘ऑनलाइन’आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत की है। हालांकि उन बैंकों में जिन्होंने शिक्षा ऋण के आवेदन के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू नहीं की है, वैसी स्थिति में छात्र उस बैंक में आवेदन पत्र भरकर जमा कर सकते हैं। उच्च शिक्षा ऋण विद्यार्थी पात्रता विद्यार्थी भारतीय नागरिक हो। अनिवासी - विद्यार्थी के पास भारतीय पारपत्र हो। (ऐसे सभी प्रस्तावों के लिए भारत में उचित प्रवर्तनीय संपार्श्विक प्रतिभूति दी जानी चाहिए।) एचएससी (बारहवीं या समतुल्य) उच्चतर अर्हता प्राप्त करने के बाद प्रवेश परीक्षा/ मैरिट आधारित चयन प्रक्रिया द्वारा भारत या विदेश में मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो।आम प्रवेश परीक्षा द्वारा प्रवेश न होने और अर्हक परीक्षा में प्राप्त अंक ही एक मात्र मानक होने के मामले में, अर्हक शैक्षणिक परीक्षा में न्यूनतम कट-ऑफ अंक 65% होंगे। प्रवेश परीक्षा में अर्हता प्राप्त करने पर भी निकटता, पाठ्यक्रम विषय विशेष का चयन या अपने शैक्षणिक / कैरीर से संबंधित अन्य कारणों से प्रबंधन कोटा का विकल्प लेने वाले मैरिट विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण प्रदान किए जाते हैं। संस्था की पात्रता ऋण की पात्रता पाठ्यक्रम की नियोजकता और संबंधित संस्था की प्रतिष्ठा पर निर्धारित की जाती है। मान्यता प्राप्त संस्थाओं की सूची इस पोर्टल में रखी गई है। ऐसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ही शैक्षिक ऋण दिए जाएं योग्य पाठ्यक्रम भारत में शिक्षा: (संकेतात्मक सूची) मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम जिनसे यूजीसी/सरकार/एआईसीटीई / एआईबीएमएस/ आईसीएमआर आदि द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज / विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित स्नातक/ स्नातकोत्तर डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त होंगे। आईसीडब्ल्यूए, सीए, सीएफए आदि जैसे पाठ्यक्रम। आईआईएम, आईआईटी, आईआईएससी, एक्सएलआरआई, एनआईएफटी, एनआईडी आदि द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम। नियमित डिग्री/ डिप्लोमा पाठ्यक्रम यथा एरोनॉटिकल, पाइलट प्रशिक्षण, पत्तन आदि जो महानिदेशक, नागरिक उड्डयन/ पत्तन द्वारा अनुमोदित हैं, यदि पाठ्यक्रम भारत में हो। ऋण के संबंध में विचार करने हेतु, एयर-क्राफ्ट अनुरक्षण इंजीनियरी, समुद्र पूर्व प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, सक्षम विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री पाठ्यक्रम या संबंधित राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम हों। प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में उपलब्ध मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम। मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा दिए जा रहे नर्सिंग पाठ्यक्रम और अन्य पैरा-मेडिकल पाठ्यक्रम प्रबंधन कोटा सहित। वित्त हेतु गणना में लिया गया शुल्क राज्य सरकार या विनियामक निकाय द्वारा अनुमोदित शुल्क संरचना के अनुसार ही होगा। प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा दिए गए कोई अन्य पाठ्यक्रम, जिनमें विद्यार्थियों की नियोजन संभाव्यता आश्वस्त हैं और राज्य /केंद्र सरकार द्वारा विधिवत् गठित भारत सरकार/ राज्य सरकार/ शैक्षणिक निकाय द्वारा उचित मान्यता प्राप्त ऐसी संस्थाओं द्वारा डिग्री/ डिप्लोमा/ प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं। वेबसाइट www.ugc.ac.in, www.education.nic.in, www.aicte.org.in में उपलब्ध पाठ्यक्रमों की सूची को पात्र पाठ्यक्रम माना जाए। ऑफ कैंपस पाठ्यक्रम और ऑन साईट/ साझेदारी कार्यक्रम शैक्षिक ऋण हेतु पात्र नहीं हैं। उचित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ अनुसंधान संस्थाओं में अनुसंधान छात्र के रूप में प्रवेश प्राप्त स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त विद्यार्थियों के अनुसंधान कार्य के लिए शिक्षा ऋण। गृह अध्ययन या संपर्क कक्षाएं या कोचिंग कक्षाओं के साथ पत्राचार पाठ्यक्रम हेतु शिक्षा त्रण पर विचार नहीं किया जाएगा। विदेश में शिक्षा स्नातक: प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा दिए गए नियोजन उन्मुख व्यावसायिक / तकनीकी पाठ्यक्रम हेतु । स्नातकोत्तर : एमसीए, एमबीए, एमएस आदि सीआईएमए- लंदन, यूएसए में सीपीए आदि द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम। एरोनॉटिकल, पाइलट प्रशिक्षण, पत्तन आदि जैसे डिग्री/ डिप्लोमा पाठ्यक्रम बशर्ते कि इन्हें भारत/ विदेश में नियोजन के प्रयोजन हेतु भारत / विदेश में सक्षम विनियामक निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हो। भारत में स्नातक पूरा करने के बाद विदेश में नियोजन उन्मुख डिप्लोमा और प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम का अध्ययन कर सकते हैं। वित्तपोषण हेतु अनुमोदित अन्य पाठ्यक्रमों का संदर्भ www.webometrics.info में सूचित अनुसार है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों को इस योजना हेतु पात्र पाठ्यक्रमों के रूप में शामिल नहीं किया गया है। स्नातकोत्त्र शिक्षा, जिससे प्रतिष्ठित संस्थाओं / विश्वविद्यालयों द्वारा दी गई स्नातकोत्तर डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त हो, योजना द्वारा कवर होंगे। ऋण हेतु गणना में लिए गए व्यय कॉलेज/ स्कूल /हॉस्टल को देय शुल्क परीक्षा/ पुस्तकालय/ प्रयोगशाला शुल्क विदेश में शिक्षा हेतु यात्रा व्यय/ पारगमन राशि विद्यार्थी उधारकर्ता हेतु बीमा प्रीमियम, यदि लागू हो प्रतिभूति जमा, निर्माण निधि / धनवापसी योग्य जमा, जो संस्था के बिल/ रसीदों द्वारा समर्थित हो पुस्तक / उपकरण / औज़ार / वर्दी की खरीद उचित लागत पर कंप्यूटर की खरीद, यदि पाठ्यक्रम पूरा करने हेतु आवश्यक हो पाठ्यक्रम पूरा करने हेतु आवश्यक कोई अन्य व्यय - यथा अध्ययन दौरे, परियोजना कार्य, शोध कार्य आदि डिग्री स्तर पर गैर-तकनीकी और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संबंध में, पूरे पाठ्यक्रम हेतु वित्त के लिए गणना में लिए सभी व्यय का कुल रु.1 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। टिप्पणी : आवास और खान-पान व्यय के वित्त हेतु एक वर्ष में रु. 50,000/- से अनधिक राशि पर विचार किया जाएगा, यदि विद्यार्थी बाहरी आवास का विकल्प देता है/ देने की आवश्यकता है। इन व्यय को गणना में लिया जाएगा, बशर्ते कि पूरे पाठ्यक्रम हेतु कुल अध्यापन शुल्क के 10% से अधिक न हो। यह संभव है कि उपर्युक्त मद सं. च, छ और ज के अंतर्गत व्यय कॉलेज प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित शुल्क और प्रभार की सूची उपलब्ध न हो। अत: इन शीर्षों के अंतर्गत आवश्यकता का युक्तिसंगत मूल्यांकन किया जाए। तथापि इनकी सीमा पाठ्यक्रम पूरा करने हेतु देय कुल अध्यापन शुल्क की 20% होगी। वित्त की मात्रा उपर्युक्त के अनुसार व्यय की पूर्ति हेतु आवश्यकता आधारित वित्त का आकलन करने के लिए खाते के मार्जिन को भी गणना में लिया जाएगा। कोई विशिष्ट ऊपरी सीमा सुझाई नहीं गई है। विदेश में शिक्षा के मामले में, विद्यार्थी के अनुरोध के अनुसार शिक्षा के आंशिक व्यय हेतु वित्त के लिए पाठ्यक्रम लागत की आंशिक निधि हेतु संस्था द्वारा अनुमत इनटर्नशिप को विधिवत् गणना में लिया जाएगा। मार्जिन Rs. 4,00,000/- तक कुछ नहीं Rs. 4,00,000/- से अधिक भारत में अध्ययन 5%विदेश में अध्ययन 15% मार्जिन में छात्रवृत्ति और शिक्षुता भी शाल होंगी। मार्जिन वर्षानुवर्ष आधार पर, संवितरण के समय, आनुपातिक आधार पर लाए जा सकते हैं प्रतिभूति रु.4 लाख तक माता-पिता संयुक्त उधारकर्ता हों। कोई प्रतिभूति नहीं। रु.4 लाख की संपार्श्विक रहित सीमा प्रत्येक विद्यार्थी हेतु निर्दिष्ट है, प्रत्येक परिवार हेतु नहीं। एक बच्चे को संपार्श्विक रहित ऋण प्राप्त होने पर भी उसी परिवार के अन्य भाई-बहनों के लिए एकाधिक ऋण पर विचार किया जा सकता है। रु. 4 लाख से अधिक लेकिन रु.7.5 लाख से कम संयुक्त उधारकर्ताओं द्वारा माता-पिता द्वारा प्रलेखों के निष्पादन के अलावा, उचित तृतीय पक्ष गारंटी के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति ली जाएगी। रु. 7.5 लाख से अधिक माता-पिता संयुक्त उधारकर्ता होंगे। बैंक के लिए स्वीकार्य उपयुक्त मूल्य की मूर्त संपर्श्विक प्रतिभूति और किस्तों के भुगतान के लिए विद्यार्थी की भविष्य आय का समानुदेशन। नोट विद्यार्थी और संयुक्त उधारकर्ता के रूप में माता/पिता/अभिभावक दोनों द्वारा ऋण प्रलेख निष्पादित किया जाए। विद्यार्थी /माता/पिता/ अभिभावक / अन्य तृतीय पक्ष के नाम पर भूमि/ भवन/ सरकारी प्रतिभूति/ सार्वजनिक क्षेत्र बांड/ यूटीआई के यूनिट, एनएससी, केवीपी, जीवन बीमा, सोना, शेयर/म्यूचुअल फंड यूनिट/ डिबेंचर या बैंक को स्वीकार्य कोई अन्य मूर्त प्रतिभूति, उचित मार्जिन के साथ। जहाँ-कहीं भूमि/ भवन पहले से ही बंधक रखे गए हों, भार-रहित भाग को द्वितीय भार पर प्रतिभूति के रूप में लिया जा सकता है बशर्ते कि यह ऋण राशि कवर करने हेतु पर्याप्त हो। ब्याज दर बैंक द्वारा समय समय पर आधार दर से संबद्ध निर्धारित दरों पर ब्याज प्रभारित किया जाए । अध्ययन अवधि के दौरान और चुकौती आरंभ होने तक साधारण ब्याज प्रभारित किया जाए। छात्राओं के लिए कीमत-लागत अंतर में 0.50% रियायत। अध्ययन अवधि और चुकौती आरंभ करने तक ऋण अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज का भुगतान करने के लिए छात्रों को विकल्प है। चुकौती प्रारम्भ करते समय संचित ब्याज को चक्रवद्धित किया जाएगा तथा तदानुसार ईएमआई निर्धारित की जाएगी। शिक्षा ऋणों पर ब्याज दर:- 4 लाख रु तक - आधार दर + 2.75 % 4 लाख रु से अधिक से 7.50 लाख रु - आधार दर + 2.75 % 7.50 लाख रु से अधिक - आधार दर + 1.50 % ब्याज दरों में रियायत व्यवसायिक /स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों के लिए ऋणों के मामले में दसवीं या 10+2 की योगयता स्तर पर 90% या उससे अधिक कुल/ समरूपी ग्रेड प्राप्त करने वाले छात्रों को शिक्षा ऋणों में ( भारत/ विदेश/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए) गुणवान छात्रों के लिए ब्याज में 50 बेसीस पोयटों की रियायत। पी.जी पाठ्यक्रमों के लिए ऋणों के मामले में, योगयता स्तरीय डीग्री/स्नातक परीक्षा में 80% या उससे अधिक कुल/समरूपी ग्रेड प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए ब्याज में 50 बेसीस पोयंटों की रियायत प्रारम्भ की गई है। राज्य स्तरीय सर्वोच्च 50 रैंक धारकों और राष्ट्रीय स्तरीय 100 सर्वोच्च रैंक धारकों को सामान्य ब्याज दर से 100 बेसीस पोयंट कम पर शिक्षा ऋण दिया जाएगा बशर्ते आधर दर से कम न हो। प्रमुख शैक्षिक संस्थाएँ क्र.सं. अनुमोदित प्रमुख संस्था का नाम रियायत की प्रकृति टिप्पणी 1 इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) अधिकतम ऋण सीमा : रु.20 लाख मार्जिन: 10 प्रतिशत ब्याज दर : आ.द.+ 1.25 छात्रों के लिए आ.द.+ 0.75 छात्राओं के लिए संपार्श्विक जमानत कवरेज : मंजूर सीमा के 50 % से कम न हो सहबाध्यता : धनार्जन करने वाले माता-पिता/ पति-पत्नी की सहबाध्यता 2 बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स) 3 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आई आई एम ) 4 जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट (एक्स एल आर आई) 5 मैनेजमेंट डेवलॉपमेंट इंस्टीट्यूट (एम डी आई), गुडगॉंव 6 एस पी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (एसपीजेजेएमआर), मुम्बई 7 इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी(आईएमटी) गजि़याबाद अधिकतम ऋण सीमा : रु.20 लाख मार्जिन: 10 प्रतिशत ब्याज दर : आ.द.+ 1.25 छात्रों के लिए आ.द.+ 0.75 छात्राओं के लिए संपार्श्विक जमानत कवरेज : मंजूर सीमा के 50 % से कम न हो सहबाध्यता : धनार्जन करने वाले माता-पिता/ पति-पत्नी की सहबाध्यता 8 जमनालाल बजाज इंस्टी. ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (जेबीआईएमएस) – मुम्बई 9 सोमय्या इंस्टी. ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च , मुम्बई 10 नेताजी सुभाष इंस्टी. ऑफ टेक्नोलॉजी (पूर्व के दिल्ली यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी) एनएसआईटी, नई दिल्ली अधिकतम ऋण सीमा : रु.3.8 लाख मार्जिन: शून्य ब्याज दर : आ.द.+ 1.25 छात्रों के लिए आ.द.+ 0.75 छात्राओं के लिए सहबाध्यता : धनार्जन करने वाले माता-पिता/ पति-पत्नी की सहबाध्यता 11 इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इर्न्फोमेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी), हैदराबाद अधिकतम ऋण सीमा : रु.5.70 लाख मार्जिन:4लाख रु की सीमा तक शून्य > 4लाख रु की सीमा – 10 % ब्याज दर:आ.द.+ 1.25 छात्रों के लिए आ.द.+0.75 छात्राओं के लिए सहबाध्यता : धनार्जन करने वाले माता-पिता/ पति-पत्नी की सहबाध्यता 12 इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस(आईएसबी) हैदराबाद और मोहाली अधिकतम ऋण सीमा : रु.23 लाख मार्जिन : 10 प्रतिशत ब्याज दर : आ.द.+ 1.25 छात्रों के लिए आ.द.+ 0.75 छात्राओं के लिए संपार्श्विक जमानत कवरेज: अनिवार्य नहीं सहबाध्यता : धनार्जन करने वाले माता-पिता/ पति-पत्नी की सहबाध्यता ऋणों की मंजूरी केवल हाई टेक सिटी, हैदराबाद/ मोहाली शाखा में की जाती हैं। मूल्यांकन / मंजूरी / संवितरण आवेदन सीधे बैंक की शाखाओं में या ऑन-लाइन प्राप्त किए जाएंगे। समर्थक प्रलेखों के साथ विधिवत पूरा किए गए आवेदन की प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर मंजूरी / अस्वीकृति की सूचना दी जाएगी। सामान्यत:, ऋण का मूल्यांकन करते समय, पाठ्यक्रम से भविष्य में विद्यार्थी की धनार्जन संभाव्यता और चुकौती हेतु उपलब्ध आय के प्रतिशत पर ही ध्यान दिया जाएगा। ऋण आवेदन की अस्वीकृति, यदि हो तो, संबंधित शाखा के नियंत्रक प्राधिकारी की सहमति से की जाएगी और अस्वीकृति के कारण बताते हुए विद्यार्थी को सूचित की जाएगी। पात्र छात्रों से शिक्षा ऋण आवेदन माता/पिता के निवास स्थान या शैक्षिक संस्था के पास की बैंक शाखा स्वीकारे जा सकते हैं। शिक्षा ऋण मंजूर करते समय सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण नहीं अपनाया जाता है। चुकौती चुकौती अवकाश / ऋण आस्थगन: पाठ्यक्रम अवधि + 1 वर्ष या नौकरी मिलने के बाद 6 महीने, जो भी पहले हो। यदि छात्र पाठ्यक्रम पूरा करते ही उच्चतर शिक्षा आरंभ करते हैं तो रोजगार प्राप्ति से 6 माह या द्वितीय पाठ्यक्रम के पूरे होने के बाद एक वर्ष, जो भी पहले हो, से चुकौती का आरंभ होगा। यह इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि छात्र ने उच्चतर शिक्षा हेतु नया/ अतिरिक्त ऋण लिया है कि नहीं। ऋण के पूर्व-भुगतान हेतु कोई पूर्व-भुगतान दंड नहीं लगाया जाएगा। बीमा बैंक, विद्यार्थी की सहमति से, शैक्षिक ऋण लेने वाले विद्यार्थियों के लिए जीवन बीमा/ देयता बीमा की व्यवस्था कर सकता है। संसाधन प्रभार भारत में शिक्षा हेतु योजना के अंतर्गत मंजूर ऋण हेतु कोई संसाधन/ प्रारंभिक शुल्क न लिया जाए। विदेश में शिक्षा हेतु, आरंभ में मंजूरी के समय ही यथा लागू संसाधन शुल्क वसूले जाए और विद्यार्थी द्वारा पाठ्यक्रम आरंभ करने और ऋण लेने के समय इन्हें वापस किया जाए। न्यूनतम आयु शिक्षा ऋण हेतु पात्रता के लिए छात्र की आयु के सम्बन्ध में कोई निर्दिष्ट सीमा नहीं है । ब्याज सब्सिडी प्रदान करने हेतु केंद्रीय योजना ब्याज सब्सिडी प्रदान करने हेतु केंद्रीय योजना (सीएसआईएस) समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों की सहायता करने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत अनुसूचित बैंकों से अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों द्वारा लिए गए ऋणों पर अधिस्थगन अवधि के दौरान अर्थात् पाठ्यक्रम अवधि और एक वर्ष या नौकरी पाने के छह महीने तक, जो भी पहले हो, संपूर्ण ब्याज सब्सिडी प्रदान करने हेतु 'ब्याज सब्सिडी प्रदान करने हेतु केंद्रीय योजना (सीएसआईएस)' के नाम से एक योजना प्रारंभ की है। यह ब्याज सब्सिडी योजना उन छात्रों के लिए लागू होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं तथा जिनके माता-पिता/परिवार का वार्षिक सकल वेतन की अधिकतम सीमा रु 4.50 लाख (सभी स्रोतों से) प्रति वर्ष है। इस योजना के लिए आय स्थिति के प्रमाणन के लिए राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत और आय प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सक्षम सार्वजनिक प्राधिकारियों से आय-सबूत आवश्यक होगा। इस योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी पात्र छात्रों को भारत में प्रथम पूर्वस्नातक डिग्री पाठ्यक्रम या स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा के लिए केवल एक बार प्राप्त होगा। तथापि एकीकृत पाठ्यक्रम (स्नातक + स्नातकोत्तर) के लिए ब्याज सब्सिडी अनुमेय होगा। इस योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी उन छात्रों को उपलब्ध नहीं होगा जो पाठ्यक्रम को बीच में छोड देते हैं या अनुशासनिक या शैक्षिक कारणों से संस्थाओं से निष्कासित किए जाते हैं। भारत सरकार, एचआरडी मंत्रालय के निर्णयानुसार ब्याज सब्सिडी वार्षिक आधार पर होगा। आय कर : आई टी नियमों के अनुसार शिक्षा ऋण खाते को प्रभारित और प्रदत्त ब्याज को छात्र के माता पिता के कर से छूट प्राप्त है। वोकेशनल पाठ्यक्रमों हेतु शिक्षा ऋणों पर आदर्श योजना। डॉ.पट्टाभि विद्याज्योति की उसी योजना के अंतर्गत वोकेशनल पाठ्यक्रमों पर शिक्षा ऋण भी सम्मिलित हैं। योजना निम्न अनुसार है: छात्र पात्रता छात्र भारतीय राष्ट्रीयता का होना चाहिए। छात्र को राष्ट्रीय कौशल विकास कार्पोरेशन द्वारा समर्थित किसी कंपनी/साझेदारी/संगठन अथवा सरकार के किसी संगठन/मंत्रालय/विभाग द्वारा चलाए जा रहे अथवा समर्थित किसी पाठृयक्रम में दाखिला प्राप्त हुआ हो अथवा स्टेट कौशल मिशन/ स्टोट कौशल कार्पोरेशन के सरकारी संगठन अथवा मान्यता प्राप्त संगठन / सरकार द्वारा प्राधिकृत संगठन द्वारा जारी प्रमाण-पत्र/ डिप्लोमा/ डिग्री आदि। पात्र पात्रता दो माह से तीन वर्ष की अवधि के वोकेशनल तथा कौशल विकास पाठ्यक्रम जिनका प्रमाण-पत्र / डिप्लोमा मान्यता-प्राप्त राज्य / केंद्रीय सरकार संस्था अथवा सरकार के सांविधिक/ तकनीकी विभाग द्वारा दिया जाता हो। न्यूनतम आयु शिक्षा ऋण हेतु पात्रता के िलए छात्र की आयु के संबंध में कोई विशिष्ट सीमा नहीं है। ऋण हेतु विचार-योग्य व्यय: सरकार/ सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकारी द्वारा निर्धारित ट्यूशन/ पाठ्यक्रम। परीक्षा/पुस्तकालय/ प्रयोगशाला शुल्क सावधानी- जमापुस्तकों/ उपकरणों/ इंस्ट्रयूमेंटों की खरीद कोई अन्य व्यय जो पाठ्यक्रम पूराकरने हेतु अपेक्षित हो। निजी संस्थाओं के पाठ्यक्रम-शुल्क के संबंध में व्यय सरकार द्वारा ऐसे ही पाठ्यक्रमों हेतु निर्धारित शुल्क के 125% तक सीमित होगा, यदि ऐसा शुल्क सरकार/ सरकार द्वारा नियुक्त प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित न हो। वित्त की प्रमात्रा उक्त अनुसार व्यय की पूर्ति हेतु आवश्यकता- आधारित वित्त प्रदान करने पर विचार किया जाएगा, इस पर निम्न सीमा होगी। उधारकर्ता से कोई मार्जिन नहीं लिया जाएगा:- 3 माह तक की अवधि के पाठ्यक्रम हेतु - रु.20,000/- 3 से 6 माह तक की अवधि के पाठ्यक्रम हेतु - रु.50,000/- 6 माह से 1 वर्ष तक की अवधि के पाठ्यक्रम हेतु - रु.75,000/- 1 वर्ष से अधिक अवधि के पाठ्यक्रम हेतु - रु.1,50,000/- प्रख्यात संस्थाओं द्वारा चलाए गए पाठ्यक्रमों के संबंध में, ऐसे पाठ्यक्रमों की प्रकृति तथा रोज़गार संभावना तथा नौकरी से आय द्वारा चुकौती की सक्षमता के बारे में, एक वर्ष से अधिक अवधि वाले पाठ्यक्रमों हेतु सीमा बढाकर 2 लाख रु. की गई है। चुकौती अवधि रु. 50,000/- तक के ऋण हेतु- चुकौती अवधि 2 वर्ष तक रु. 50,000/- से रु.1.00 लाख तक के ऋण हेतु - 2 से 5 वर्ष रु.1,00,000/- रु. से अधिक के ऋण हेतु - 3 से 7 वर्ष अन्य नियम एवं शर्तें भारत तथा विदेश में उच्च शिक्षा हेतु आदर्श शिक्षा ऋण योजना पर लागू अन्य नियम एवं शर्तें इस योजना पर भी लागू हैं। बैंक ऑफ़ इंडिया प्रदत्त ऋण स्टार शिक्षा ऋण योजना लक्ष्य एवं उद्देश्य स्टार शिक्षा ऋण योजना का उद्देश्य है भारत तथा विदेश में उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए योग्य/मेधावी छात्रों को बैंक से वित्तीय सहायता मुहैया करवाना। मुख्य ज़ोर इस बात पर है कि प्रत्येक मेधावी छात्र को शिक्षा पूरी करने हेतु किफायती शर्तों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवायी जाए। पात्रता मानदण्ड : छात्र की पात्रता भारतीय नागरिक होना चाहिए। प्रवेश परीक्षा/मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया के जरिए भारत अथवा विदेश में पेशेवर/तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो। अच्छा अकादमिक कैरियर छात्र का किसी अन्य संस्थान से बकाया शिक्षा ऋण नहीं रहना चाहिए। माता/पिता सह-उधारकर्ता होंगे। छात्र के स्थायी निवास के निकटतम शाखा द्वारा ऋण पर विचार किया जाएगा। पात्र पाठ्यक्रम भारत में पढ़ाई (संकेतात्मक सूची) : स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम व्यवसायिक पाठ्यक्रम: इंजीनियरिंग, मेडिकल, कृषि, वेटेनरी, विधि, दंत-चिकित्सा, प्रबंधन कम्प्यूटर इत्यादि| आईआईएम, आईआईटी, आईआईएससी, एक्सएलआरआई, एनआईएफटी, एनआईडी तथा केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा स्थापित अन्य संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे पाठ्यक्रम। डिप्लोमा/डिग्री इत्यादि देने वाले अन्य पाठ्यक्रम जो यूजीसी/सरकार/एआईसीटीई/एआईबीएमएस/आईसीएमआर आदि द्वारा अनुमोदित कॉलेज/विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जाते हैं। नोट: व्यावसायिक पाठ्यक्रम जो एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित नहीं है और ऐसे संस्थान द्वारा चलाए जाते हैं जो राज्य विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त नहीं है इस योजना के तहत पात्रता की सीमा के बाहर है। विदेशों में पढ़ाई : स्नातक : प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा दिए जा रहे नौकरी उन्मुख व्यावसायिक/तकनीकी पाठ्यक्रम के लिए। स्नातकोत्तर : एमसीए, एमबीए, एमएस इत्यादि सीआईएमए द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम – लंदन, यूएसए में सीपीए आदि। (वेबसाइट : www.Webomatics.com के अनुसार 3000 तक वर्ल्ड रेंकिंग के राज्य निधिक संस्थान/विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम कवर किए जाते हैं।) ऋण के लिए विचारार्थ व्यय : कॉलेज/स्कूल/छात्रावास को देय शुल्क* परीक्षा/पुस्तकालय/प्रयोगशाला शुल्क। किताबें/उपस्कर/उपकरण्/यूनिफार्म की खरीद। संस्थान के बिल/रसीद के साथ कॉशन जमाराशि/बिल्डिंग फंड/वापसी योग्य जमाराशि विदेशों में पढ़ाई के लिए यात्रा व्यय/पैसेज मनी पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए कम्प्यूटर – अत्यावश्यक वस्तुओं की खरीद । छात्र के लिए बीमा कवर। पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक अन्य कोई व्यय- जैसे स्टडी टूर, प्रोजेक्ट वर्क, थीसिस इत्यादि। * संस्थान के ब्रोशर/डिमांड पत्र के अनुसार। वित्त की प्रमात्रा : मार्जिन तथा निम्नलिखित सीमा के साथ आवश्यकता आधारित वित्त जो माता-पिता/छात्र के चुकौती क्षमता के अधीन है। : भारत में पढ़ाई – अधिकतम रु.10.00 लाख विदेशों में पढ़ाई – अधिकतम रु.20.00 लाख मार्जिन रु.4 लाख तक : शून्य रु.4 लाख से अधिक – भारत में पढ़ाई -5% विदेश में पढ़ाई : 15% - छात्रवृत्ति को मार्जिन में शामिल किया जा सकता है। जब संवितरण किया जाता है वर्ष दर वर्ष आधार पर मार्जिन ली जानी चाहिए। प्रतिभूति : रु.4 लाख तक :कोई प्रतिभूति नहीं रु.4 लाख से अधिक और रु.7.5 लाख तक :उचित तृतीय पक्ष गारंटी के रुप में संपार्श्विक प्रतिभूति रु.7.5 लाख से अधिक : माता-पिता के सह दायित्व सहित उपयुक्त मूल्य का मूर्त संपार्श्विक प्रतिभूति जिसमें किस्तों के भुगतान के लिए छात्र के भविष्य आय का समुदेशन शामिल। नोट : उचित मार्जिन सहित छात्र/माता पिता/अभिभावक/गारंटर के नाम पर प्रतिभूति किसी भी प्रकार की हो सकती है जमीन/भवन/सरकारी प्रतिभूति/पब्लिक सेक्टर बाण्ड/एनएससी/केवीपी/एलआईपी/बैंक सावधि जमा आदि। ब्याज दर * : (फ्लोटिंग मासिक अंतराल पर प्र.व) रु.7.50 लाख तक - बेस रेट से 3% अधिक (वर्तमान में 13.25%) रु.7.50 लाख से अधिक – बेस रेट से 2.50% अधिक (वर्तमान में 12.75%) महिला लाभार्थियों को रु.50,000/- तक की सीमा के लिए 0.50% प्र.व. तथा रु.50,000/- से अधिक सीमा के लिए 1% ब्याज में रियायत। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए (जैसे इंजीनियरिंग/मेडिकल/प्रबंधन आदि) ब्याज में रियायत : 0.50% (उपर्युक्त क) तथा ख) में अधिकतम 1%) जहां योजना के तहत ब्याज/चुकौती के लिए चुकौती अवकाश निर्दिष्ट है वहां यदि अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज सर्विस की जाती है तो 1% ब्याज में रियायत। (रियायत केवल अधिस्थगन अवधि के लिए उपलब्ध है) चुकौती अवकाश/अधिनस्थगन अवधि के दौरान साधारण ब्याज। (रु.4 लाख से अधिक ऋण के लिए अतिदेय रकम और अतिदेय अवधि हेतु 2% दर से दांडिक ब्याज। बीमा : सभी छात्र उधारकर्ता को विशेष रुप से तैयार वैकल्पिक मियादी बीमा कवर दिया जाता है और प्रीमियम को वित्त की शर्त के रुप में शामिल किया जा सकता है। चुकौती : चुकौती हॉलिडे/अधिस्थगन : पाठ्यक्रम अवधि+1वर्ष अथवा नौकरी मिलने के पश्चात 6 महीने, जो भी पहले हो। चुकौती आरंभ होने के बाद: रु.7.50 तक की ऋण के लिए : 10 वर्ष रु.7.50 लाख से अधिक ऋण के लिए : 15 वर्ष बैंक प्रभार : प्रसंस्करण/अपफ्रान्ट प्रभार कोई प्रसंस्करण प्रभार नहीं। विदेशों में पढ़ाई हेतु ऋण के संदर्भ में वीज़ा प्राप्त करने के लिए रु.1000/- के प्रसंस्करण प्रभार के वसूली के पश्चात मंजूरी पत्र जारी किया जा सकता है। तथापि वास्तविक ऋण लेने पर इसे वापस किया जा सकता है। योजना की शर्तों से किसी विचलन के लिए एक बारगी प्रभार जिसमें योजना के बाहर के पाठ्यक्रम का अनुमोदन भी शामिल है : रु.4 लाख तक रु.500/- रु.4 लाख से अधिक रु.7.50 लाख तक रु.1,500/- रु.7.50 लाख से अधिक रु.20.00 लाख तक रु.3,000/- प्रसंस्करण/अपफ्रान्ट प्रभार दस्तावेज/स्टैम्प चार्ज संस्थान में परिवर्तन भारत में पढ़ाई – रु.250/- विदेश में पढ़ाई – रु.500/- ग्रामीण क्षेत्रों के उधारकर्ता द्वारा ग्रामीण शाखाओं से लिए गए ऋण के संबंध में – शून्य प्रभार। अन्य शर्ते : जहां तक संभव है आवश्यकता/मांग पर सीधे संस्थान को/किताब/उपस्कर/उपकरण के वेन्डर को ऋण का संवितरण चरणों में किया जाएगा; अगली किस्त लेने के पहले छात्र को पहले टर्म/सिमेस्टर की अंक सूची देनी होगी; कोई भी परिवर्तन होने पर छात्र/माता पिता को नवीनतम मेलिंग पता मुहैया करवाना होगा। छात्र/माता-पिता को पाठ्यक्रम में परिवर्तन/पढ़ाई पूरी करना/पढ़ाई समाप्त करना/कॉलेज/संस्थान द्वारा फीस का कोई रीफंड/सफलतापूर्वक तैनाती/नौकरी प्राप्त करना/नौकरी में परिवर्तन आदि के संबंध में शाखा को तत्काल सूचित करना चाहिए। आवेदन प्रस्तुत करने, आवेदन स्टेटस ट्रेक करने तथा अपूर्ण आवेदन को पुन: भरने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के लिए विशेष शिक्षा ऋण योजना पात्रता छात्र भारतीय मूल का होना चाहिए । भारत के प्रीमियर शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश परीक्षा / चयन प्रक्रिया द्वारा प्रवेश पाया हो। पाठयक्रम में शामिल नियमित पूर्णकालिक डिग्री / डिप्लोमा पाठ्यक्रम (प्रमाण पत्र / अंशकालिक पाठ्यक्रम को छोड़ कर) अब पूर्णकालिक कार्यकारी प्रबंधन पाठ्यक्रम जैसे पीजीपीएक्स (आईआईएम के लिए) भी शामिल ऋण की प्रमात्रा सूची “ए” के अंतर्गत संस्थान रु.20.00 लाखसूची “बी” के अंतर्गत संस्थान रु.10.00 लाख सूची “सी” के अंतर्गत संस्थान रु. 7.50 लाख(कृपया नीचे संलग्न सूची का संदर्भ लें) ब्याज की दर बेस रेट से 0.50% अधिक(फ्लोटिंग) प्रतिवर्ष, मासिक अंतराल पर (वर्तमान में 10.75%) अतिरिक्त रियायत: छात्राओं के लिए 0.50% ब्याज रियायत, बैंक की न्यूनतम बेस रेट के अधीन (वर्तमान में 10.25%) मार्जिन शून्य प्रतिभूति कोई संपार्श्विक प्रतिभूति नहीं माता-पिता/संरक्षक को सह-उधारकर्ता के रूप में शामिल भविष्य की आय पर समनुदेशन चुकौती अवधि पाठ्यक्रम की अवधि + छः महीने तक का ऋणस्थगन अधिकतम चुकौती अवधि : रु.7.50 लाख तक ऋण के लिए : 10 वर्ष रु.7.50 लाख से अधिक ऋण के लिए : 15 वर्ष खर्च में शामिल कॉलेज/स्कूल/छात्रावास/परीक्षा/पुस्तकालय को देय शुल्क। किताबें/उपस्कर/यंत्र की खरीद; कंप्यूटर/लैपटॉप की खरीद। शिक्षा से संबंधित कोई अन्य खर्च केनरा बैंक प्रदत्त शैक्षिक ऋण योजना विद्यार्थियों के लिए ऋण योजना उद्देश्य पाठ्यक्रम शुल्क का भुगतान। किताबें, उपस्कर, उपकरण, यूनिफार्म आदि खरीदना, होस्टल शुल्क, परीक्षा शुल्क, शैक्षिक यात्राएं, यात्रा खर्चा (विदेश में अध्ययन हेतु) आदि के भुगतान के लिए। पात्र पाठ्यक्रम : भारत में अध्ययन : स्नातक, स्नातकोत्तर सहित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/सरकार/ए आई सी टी ई/ इलेक्ट्रॉनिक विभाग/आई एम सी, आई आई टी, आई आई एम जैसे स्वायत्त संस्थाओं द्वारा अनुमोदित तकनीकी / व्यावसायिक पाठ्यक्रम विदेश में अध्ययन: व्यवसायोन्मुख, तकनीकी / व्यावसायिक पाठ्यक्रम - (स्नातक / स्नातकोत्तर) वित्तीयन की प्रमात्रा: ज़रूरत के आधार पर वित्तीयन भारत में अध्ययन के लिए: अधिकतम .10.00 लाख विदेश में अध्ययन के लिए: अधिकतम .20.00 लाख मार्जिन .4.00लाख तक - शून्य .4.00 लाख से ऊपर - भारत में अध्ययन के लिए - 5% विदेश में अध्ययन : 15% प्रतिभूति: छात्र और माता-पिता/अभिभावक को संयुक्त रूप से ऋण दिया जाता है। विद्यार्थी की भावी आय का समानुदेशन। .4.00 लाख तक-कोई प्रतिभूति नहीं .4.00 लाख तक और .7.50 लाख तक - तीसरी पार्टी द्वारा संतोषजनक गारंटी (नोट : यदि प्रस्तावित उधारकर्ता तृतीय पार्टी गारंटी के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूतियाँ लाने के बजाय मूर्त आस्तियों ( चल या अचल ) की संपार्श्विक प्रतिभूति देना चाहता है तो उनके अनुरोध पर उसे स्वीकार किया जा सकता है बशर्ते कि निर्धारित मार्जिन सहित प्रतिभूतियाँ ऋण राशि का 100 % प्रावरित करती हैं ) .7.50 लाख के ऊपर: संपूर्ण ऋण राशि का समतुल्य संपार्श्विक प्रतिभूति। चुकौती पाठ्यक्रम की पूर्ति के एक साल बाद या नौकरी मिलने के 6 महीने के बाद, जो भी पहले हो, शुरू होती है। ऋण को ब्याज के साथ 5 से 7 साल की अवधि के भीतर चुकाया जा सकता है। क्रेडिट डेलिवरी माता-पिता/अभिभावक के स्थिर आवास स्थान के नज़दीकी शाखा से ऋण प्राप्त किया जा सकता है । सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया प्रदत्त शिक्षा ऋण सेन्ट विद्यार्थी योजना ऋण का उद्देश्य भारत एवं विदेशों में, उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पात्रता विद्यार्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए| एचएससी(10 प्लस 2 अथवा समकक्ष) उत्तीर्ण करने के बाद प्रवेश परीक्षा/वरीयता आधारित पर चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से भारत अथवा विदेशों के मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में दाखिला प्राप्त विद्यार्थी| यदि कोई प्रवेश परीक्षा/वरीयता आधारित चुनाव प्रक्रिया न हो और दाखिला पूर्णत: अर्हता परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर होता हो, उन मामलों में विद्यार्थी द्वारा अर्हता परीक्षा में न्यूनतम 50% अंक प्राप्त किए हों| (अजा/अजजा श्रेणी के लिए 10% की छूट)| तथापि, कुछ स्नाकोत्तर पाठ्यक्रमों अथवा अनुसंधान दाखिले अथवा चयन के लिए सिर्फ अर्हता परीक्षा कार्यक्रमों में प्राप्त अंकों को ही एक मात्र मानदंड नहीं माना जाता होगा. ऐसे मामलों में शाखाएं संबंधित संस्थान की नियोजनीयता एवं प्रतिष्ठा के अनुसार विचार करें| नोट : कोई मेरिट प्राप्त विद्यार्थी भी (जिसने मेरिट कोटे में सीट प्राप्त की हो) इस योजना के अंतर्गत ऋण का पात्र है चाहे उसने प्रबंधन कोटा के अंतर्गत पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने का विकल्प चुना हो| ऋण की प्रकृति सावधि ऋण ऋण के लिए विचार योग्य खर्चे कॉलेज++/ स्कूल/ होस्टल को देय फीस * परीक्षा/ पुस्तकालय/ प्रयोगशाला फीस विदेश में अध्ययन के लिए यात्रा खर्चे / मार्ग व्यय ऋणी विद्यार्थी का बीमा प्रीमियम, यदि लागू हो तो| संस्था के बिलों/ रसीदों से समर्थित जमानती राशि, भवन निधि/वापसी योग्य जमा,. ** पुस्तकों/ उपकरणों/ यंत्रों/ यूनीफार्म की खरीद *** उचित मूल्य पर कंप्यूटर की खरीद, यदि पाठ्यक्रम में यह आवश्यक है तो *** पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक अन्य कोई भी खर्च - जैसे कि अध्ययन यात्रा, प्रोजेक्ट वर्क, शोध इत्यादि| *** आवश्यक ऋण की गणना के दौरान ऋणी विद्यार्थी को उपलब्ध कंप्यूटर ऋण, छात्रवृत्ति, फीस माफ आदि का ध्यान रखा जाए| नोट: ++ योजना के अंतर्गत विचार किए गए प्रबंधन कोटा के अंतर्गत पाठ्यक्रमों में भुगतान सीटों के लिए राज्य सरकार/सरकार अनुमोदित विनियमन निकाय द्वारा अनुमोदित शुल्क पुनर्भुगतान समर्थता के अधीन लिया जाए| उचित लॉजिंग एवं बोर्डिंग खर्चों पर विचार किया जा सकता है यदि विद्यार्थी बाहरी निवास का चयन करता है या उसे करना ऐसा पड़ता है| इन व्ययों पर विचार किया जाए बशर्ते कि कुल राशि पूरे पाठ्यक्रम के लिए ट्यूशन फीस के 10% से अधिक न हो| हो सकता है कि उपर्युक्त मद संख्या vi, vii एवं viii के अंतर्गत होने वाले खर्चे कॉलेज प्राधिकारियों द्वारा तय की गई फीस एवं प्रभारों सूची में न इसलिए इन मदों के अंतर्गत होने वाले खर्चों का एक व्यवहारिक अनुमान लगाया जाए| तदापि vi, vii एवं viii के अंतर्गत शामिल व्ययों की अधिकतम सीमा पाठ्यक्रम पूरा करने में देय कुल ट्यूशन फीस के 20% से अधिक न हो| अधिकतम ऋण राशि भारत मे अध्ययन के लिए रु.10 लाख| विदेशों में अध्ययन के लिए रु.20 लाख| प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र अगिम के तहत निर्धारित सीमा के अनुसार भारत एवं विदेश में शिक्षा हेतु अधिकतम सीमा रखी गई है. तदापि क्षेत्रीय प्रबंधक गुण एवं पाठ्यक्रम दर पाठ्यक्रम के आधार पर उच्चतर ऋण की मात्रा पर विचार/स्वीकृत कर सकते हैं बशर्ते ऋण राशि तरल/संपार्श्विक प्रतिभूति से 100% रक्षित हो| यह भी ध्यान दिया जाए कि रु. 10 लाख तक के ऋणों के लिए केंद्रीय क्षेत्र ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान हेतु रु. 10 लाख से अधिक के ऋण भी पात्र हैं| मार्जिन रु.4 लाख तक : रु.4 लाख से अधिक:भारत में - 5% ,विदेशों में - 15% मार्जिन (छात्रवृत्ति को मार्जिन में शामिल किया जाय|) ब्याज दर ऋणी के प्रकार ब्याज दर पूरुष विद्यार्थी बेस रेट+2.00% महिला, अजा,अजजा एवं आईआईएम/आईआईटी विद्यार्थी बेस रेट +1.50% प्रोत्साहन पुनर्भुगतान की शुरुआत होने से पूर्व यदि शिक्षा अवधि एवं इसके पश्चात अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज जमा किया जाता है तो इस अवधि के लिए बैंक द्वारा ब्याज में 1% की छूट दी जाए| पुनर्भुगतान अवकाश काल/ आस्थगन अवधि में साधारण ब्याज देय होगा. प्रथम किस्त की नियत तिथि से मासिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज देय होगा| प्रोत्साहन पुनर्भुगतान की शुरुआत होने से पूर्व यदि शिक्षा अवधि एवं इसके पश्चात अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज जमा किया जाता है तो इस अवधि के लिए बैंक द्वारा ब्याज में 1% की छूट दी जाए| पुनर्भुगतान अवकाश काल/ आस्थगन अवधि में साधारण ब्याज देय होगा. प्रथम किस्त की नियत तिथि से मासिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज देय होगा| प्रोत्साहन पुनर्भुगतान की शुरुआत होने से पूर्व यदि शिक्षा अवधि एवं इसके पश्चात अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज जमा किया जाता है तो इस अवधि के लिए बैंक द्वारा ब्याज में 1% की छूट दी जाए| पुनर्भुगतान अवकाश काल/ आस्थगन अवधि में साधारण ब्याज देय होगा. प्रथम किस्त की नियत तिथि से मासिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज देय होगा| पुनर्भुगतान अध्ययन की समाप्ति के 12 महीने बाद अथवा नौकरी प्राप्त करने के 6 महीने बाद पुनर्भुगतान का प्रारम्भ, जो भी पहले हो| रु. 7.50 लाख तक के ऋण के लिए पुनर्भुगतान की अधिकतम अवधि 10 वर्ष तक होगी| रु. 7.50 लाख से अधिक के ऋण के लिए पुनर्भुगतान की अधिकतम अवधि 15 वर्ष तक होगी| पुनर्भुगतान ईएमआई आधार पर होगी| प्रतिभूति रु. 4 लाख तक माता-पिता/अभिभावक को संयुक्त ऋणी बनाया जाए| ऋण किश्तों के भुगतान के लिए विद्यार्थी के भावी आय का समानुदेशन| कोई प्रतिभूति नहीं| रु. 4 लाख से अधिक एवं रु. 7.5 लाख तक माता-पिता/अभिभावक द्वारा संयुक्त ऋणी के रूप में प्रलेखों का निष्पादन करेगें| किश्तों के भुगतान के लिए विद्यार्थी के भावी आय के समानुदेशन के साथ-साथ संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में उपयुक्त तृतीय पक्ष की गॉरंटी भी ली जाएगी| विशेष मामलों क्षेत्रीय प्रबंधक/ वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एवं उनसे ऊपर के अधिकारी अपने विवेकाधिकार से तृतीय पक्ष की गॉरंटी की छूट दे सकते हैं यदि वे माता-पिता, जो संयुक्त ऋणी के रूप में दस्तावेज निष्पादन करेगें, की निवल संपत्ति/आय के स्रोत से संतुष्ट हो| रु. 7.5 लाख से अधिक माता-पिता/अभिभावक को संयुक्त ऋणी बनाया जाए| किश्तों के भुगतान के लिए विद्यार्थी की भावी आय के समानुदेशन के साथ बैंक को स्वीकार्य ऋण राशि के बराबर मूल्य की मूर्त संपार्श्विक प्रतिभूति| बीमा शैक्षणिक ऋण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के जीवन पर कम से कम ऋण राशि के समान एवं ऋणावधि (पाठ्यक्रम अवधि+अधिस्थन अवधि+पुनर्भुगतान अवधि) के लिए बैंक के पक्ष में समनुदेशित व्यापक बीमा पॉलिसी ली जाय| क्षेत्रीय प्रबंधक को अधिकार है कि अति चयनात्मक आधार पर बीमा की शर्त को माफ कर सकते हैं किंतु शैक्षणिक ऋण राशि 100% तरल प्रतिभूति/संपार्श्विक प्रतिभूति से रक्षित होना चाहिए| केन्द्रीय क्षेत्र ब्याज अनुदान योजना यह ध्यान रखें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की केन्द्रीय क्षेत्र ब्याज अनुदान योजना 'आईबीए मॉडल शैक्षिक ऋण योजना' पर आधारित है, इसलिए यह अनुदान केवल भारत में व्यावसायिक एवं तकनीकि पाठ्यक्रम (12वीं कक्षा के बाद) हेतु दिए गए ऋणों पर ही लागू हैं| साथ ही इसका भी ध्यान रखा जाए कि रु. 10 लाख तक के ऋणों हेतु मानव संसाधन विकास मंत्रालय की केन्द्रीय क्षेत्र ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत रु. 10 लाख से अधिक के ऋण भी ब्याज अनुदान के पात्र है| प्रबंधन कोटा के अंतर्गत विद्यार्थियों को शैक्षिक ऋण प्रबंधन कोटा के अंतर्गत विद्यार्थियों को दिया गया शैक्षिक ऋण आईबीए मॉडल शैक्षणिक योजना के अंतर्गत कवर नहीं हैं| ये ऋण मानव संसाधन विकास मंत्रालय के केन्द्रीय क्षेत्र ब्याज अनुदान योजना के पात्र नहीं हैं| तदापि, शाखाएं प्रबंधन कोटा के तहत निम्नलिखित शर्तों के आधार पर शैक्षिक ऋण पर विचार कर सकती है, जहां रोजगार की संभावनाएं उपलब्ध हो : फीस संरचना फीस का भुगतान/प्रतिपूर्ति, राज्य सरकार/ भुगतान सीट के लिए सरकार अनुमोदित नियंत्रक निकाय द्वारा अनुमोदित फीस संरचना के अनुसार संरक्षित है. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निधीयन अंतर को पूरा करने के लिए विद्यार्थी के पास वित्तीय साधन होने चाहिए. प्रतिभूति माता-पिता/अभिभावक संयुक्त ऋणी बनाए जाएंगे. ऋण राशि से निरपेक्ष, किश्तों की पुनर्भुगतान हेतु विद्यार्थी को भविष्य में होने वाली आय के समानुदेशन के साथ-साथ बैंक को स्वीकार्य 100% मूर्त संपार्श्विक प्रतिभूति प्राप्त करनी चाहिए| अन्य सेन्ट विद्यार्थी योजना में लागू अन्य सभी नियम एवं शर्तें का इसमें पालन होगा| प्रक्रिया शुल्क भारत में अध्ययन हेतु इस योजना के अंतर्गत ऋण की स्वीकृत ऋण पर कोई प्रक्रिया/ पूर्ववर्ती शुल्क नहीं लिया जाएगा| विदेशों में अध्ययन हेतु ऋण आवेदन स्वीकार करते समय रु.10 लाख तक के लिए रु. 500/- एवं रु.10 लाख से अधिक के लिए रु. 1000/- आवेदन के आधार पर चार्ज किया जाएगा, किंतु विद्यार्थी द्वारा ऋण प्राप्त करते ही अर्थात स्वीकृति की तिथि से 6 माह के अंदर वापस कर दिया जाएगा| सेन्ट विद्यार्थी -व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण ऋण का उद्देश्य "सेन्ट विद्यार्थी- व्यावसायिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण की एक योजना है जो इस योजना के अंतर्गत पात्र पाठ्यक्रम चला रही संस्थाओं/ संगठनों द्वारा वांछित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता धारक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए उन्हें बैंकिंग प्रणाली से वित्तीय सहायता प्रदान करती है| पात्रता विद्यार्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए| ऐसे विद्यार्थी जिन्हें सरकारी मत्रांलय/विभाग/संगठन द्वारा चलाए जा रहे/ सहयोग प्राप्त पाठ्यक्रम अथवा राष्ट्रीय कौशल निर्माण निगम या राज्य कौशल मिशन/ राज्य कौशल निगम द्वारा सहयोग प्राप्त कम्पनी/ सोसायटी/ संगठन द्वारा संचालित अधिमानत: ऐसे पाठ्यक्रम जिनसे किसी सरकारी संगठन अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त/ प्रधिकृत संस्थान द्वारा सार्टिफिकेट/ डिप्लोमा/ डिग्री प्राप्त होती हो| न्यूनतम आयु ऋण की प्रात्रता के लिए विद्यार्थी की उम्र संबंधी कोई विशेष प्रतिबंध नहीं हैं| तथापि, यदि विद्यार्थी के अवयस्क रहते ऋण दस्तावेज उसके नैसर्गिक अभिभावकों द्वारा निष्पादित किए जाने के मामले में उसके वयस्क होने पर बैंक उससे संपुष्टि पत्र प्राप्त करेगा| वित्त की मात्रा 3 माह तक की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए: रु. 20,000/- 3 से 6 माह की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए: रु. 50,000/ 6 माह से 1 वर्ष की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए: रु.75,000/- 1 वर्ष से अधिक की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए: रु.1,50,000/- ऋण के लिए विचार योग्य खर्चे ट्यूशन / पाठ्यक्रम फीस| परीक्षा / पुस्तकालय / प्रयोगशाला फीस जमानती राशि पुस्तकों, उपकरणों एवं यंत्रों की खरीद पाठ्यक्रम की पूर्णता के लिए आवश्यक कोई अन्य व्यावहारिक खर्च. (हलांकि स्थानीय पाठ्यक्रमों के लिए आवास/ भोजन इत्यादि की पृथक व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होती फिर भी मामले में गुण दोष के आधार पर विचार किया जा सकता है) ब्याज दर ऋणी के प्रकार ब्याज दर पुरूष विद्यार्थी बेस रेट+2.00% महिला अजा,अजजा विद्यार्थी बेस रेट +1.50% प्रोत्साहन आस्थगन अवधि के दौरान बैंक द्वारा 1% ब्याज छूट प्रदान की जाएगी, यदि अध्ययन अवधि के दौरान एवं तत्पश्चात पुनर्भुगतान प्रारंभ होने से पूर्व की आस्थगन अवधि में ब्याज चुकाया जाय| पुनर्भुगतान अवकाश काल/ आस्थगन अवधि में साधारण ब्याज देय होगा| प्रथम किस्त की नियत तिथि से मासिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज देय होगा| आस्थगन अवधि पाठ्यक्रम की समाप्ति के पश्चात, निम्नानुसार आस्थगन अवधि पूर्ण होने पर पुनर्भुगतान प्रारंभ होगा : - 1 वर्ष तक की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम की समाप्ति से 6 माह| - 1 वर्ष से अधिक की अवधि के पाठ्यक्रम के लिए- पाठ्यक्रम की समाप्ति से 12 माह| पुनर्भुगतान आस्थगन अवधि के पश्चात निम्नानुसार एक समान मासिक किस्तों में ऋण का पुनर्भुगतान किया जाएगा : रु.50,000/- तक के ऋण - 2 वर्ष तक रु.50,000/- से रु.1 लाख तक के ऋण - 2 से 5 वर्ष रु. 1 लाख से अधिक के ऋण - 3 से 7 वर्ष आईआईएम के छात्रों को विशेष शिक्षा ऋण योजना मानदण्ड आईआईएम और चार प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थियों को छूट/ रियायत पात्रता सामान्य प्रवेश परीक्षा (कैट) के माध्यम से आईआईएम में प्रवेश प्राप्त दो वर्षीय पूर्ण कालिक प्रबंधन पाठ्यक्रम के विद्यार्थी| यह योजना चार प्रतिष्टित संस्थानों में पूर्ण कालिक नियमित प्रबन्धन पाठ्यक्रम (एक्सएटी/सीएटी के माध्यम से) करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी लागू है| यह योजना किसी भी पार्ट टाइम अथवा एक वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए नहीं है| उधारकर्ता प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तिगत नाम से ऋण स्वीकृत किए जाएंगे. अभिभावक / नैसर्गिक संरक्षक को संयुक्त उधारकर्ता के रूप में लिया जा सकता है| (वैकल्पिक) अधिकतम ऋण राशि रु.20.00 लाख प्रतिभूति कोई सम्पार्श्विक प्रतिभूति नहीं| कोई तृतीय पक्ष गारंटी नहीं| विद्यार्थी की भावी आय का समनुदेशन| शैक्षणिक ऋण लेने वाले विद्यार्थियों का न्यूनतम ऋण राशि एवं न्यूनतम ऋण अवधि के लिए (अर्थात, पाठ्यक्रम अवधि + आस्थगन अवधि +चुकौती अवधि) बैंक के पक्ष में समनुदेशित व्यापक बीमा होना चाहिए| बीमा प्रीमियम उधारकर्ता द्वारा नियमित रूप से भरा जाएगा| ब्याज दर संयुक्त उधारकर्ता के बिना पुरुष विद्यार्थी आधार दर + 0.50% संयुक्त उधारकर्ता के साथ पुरुष विद्यार्थी आधार दर महिला/अजा/अजजा/अल्पसं. वर्ग के विद्यार्थी| आधार दर अधिस्थगन अवधि के दौरान उधारकर्ता द्वारा ब्याज की चुकौती के लिए ब्याज दर में कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी| संशोधित ब्याज दरें केवल नए उधार खातों पर लागू होंगी| ऋण के लिए विचाराधीन व्यय कॉलेज/स्कूल/ छात्रावास को देय शुल्क यदि विद्यार्थी वाह्य आवासीय व्यवस्था का इच्छुक हो/ आवश्यक होने पर समुचित लॉजिंग और बोर्डिंग शुल्क पर विचार किया जा सकता है| परीक्षा/पुस्तकालय /प्रयोगशाला शुल्क यात्रा खर्चे विद्यार्थी उधारकर्ता के लिए जीवन बीमा प्रीमियम, यदि लागू हो| संस्थान के बिलों/रसीदों द्वारा समर्थित अवधान जमा, भवन निधि/वापसी निधि| पुस्तकों/उपकरणों/यंत्रों/यूनीफॉर्म की खरीद. पाठ्यक्रम की पूर्णता हेतु कम्प्यूटर की खरीद, यदि आवश्यक हो| पाठ्यक्रम की पूर्णता हेतु आवश्यक अन्य खर्चे - जैसे शैक्षणिक टूर, प्रोजेक्ट कार्य, शोध ग्रंथ आदि| विनिमय कार्यक्रम के तहत वेदेशी विश्वविद्यालय का भ्रमण स्वघोषणा के आधार पर निर्वाह खर्च रु. 120000/- प्रति वर्ष तक| अन्य छूटें विद्यार्थी के अनुरोध पर सामान्य शुल्क पर डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग सुविधा एवं कहीं भी बैंकिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी| अन्य सेंट विद्यार्थी योजना के अन्य सभी नियम एवं शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी| (4)वित्तपोषण कार्यकारी एमबीए के लिए योजनाएं पात्रता विद्यार्थी भारतीय नागरिक हो, तथा उसे सरकारी/ कॉर्पोरेट/ बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कम से कम 2 वर्ष का कार्य अनुभव हो| विद्यार्थी की आयु कम से कम 23 वर्ष हो| एमबीए करने एवं इस उद्देश्य हेतु बैंक से ऋण लेने के लिए नियोक्ता द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा| यदि सेवा से त्याग पत्र दिया गया है तो अनापत्ति प्रमाणपत्र आवश्यक नहीं| विद्यार्थी, आयकर पैन नम्बर का धारक हो एवं स्व प्रमाणित पैन कार्ड की प्रति बैंक में प्रस्तुत की जाए| भारत अथवा विदेश के किसी मान्यताप्राप्त संस्थान में एग्ज़क्यूटिव एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त हो अथवा अंतिम रूप से चयन होने की सूचना हो| रिटेल बैंकिंग विभाग, केन्द्रीय कार्यालय द्वारा अनुमोदित संस्थानों के विद्यार्थी ऋण के लिए पात्र होंगे| हमारे बैंक के स्टाफ जो संस्थान के चयन प्रक्रिया के मानदण्डों को पूरा करते है, बशर्तें मा.सं.वि, केन्द्रीय कार्यालय, द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया गया हो| सह - उधारकर्ता सह उधारकर्ता की शर्त अनिवार्य है| सह उधारकर्ता /संयुक्त उधारकर्ता सामान्यतः विद्यार्थी उधारकर्ता के माता-पिता/संरक्षक होने चाहिए| विवाहित व्यक्ति के मामले में संय़ुक्त उधारकर्ता पति-पत्नी अथवा माता-पिता/सास-श्वसुर हो सकते हैं| पात्र खर्चे संस्थान/छात्रावास को देय शुल्क| परीक्षा/पुस्तकालय /प्रयोगशाला शुल्क| पुस्तकों/उपकरणो/यंत्रों की खरीद| संस्थान बिलों/रसीदों द्वारा समर्थित सतर्कता शुल्क, भवन निधि/वापसी जमा की सहायता विदेश में अध्ययन हेतु यात्रा खर्च/ पारगमन राशि पाठ्यक्रम की पूर्णता हेतु आवश्यक- कम्प्यूटर की खरीद विद्यार्थी उधारकर्ताओं का जीवन बीमा प्रीमियम पाठ्यक्रम की पूर्णता हेतु आवश्यक अन्य खर्चे - जैसे स्टडी टूर, प्रोजेक्ट वर्क, शोध ग्रंथ आदि. तथापि रहने के खर्च, व्यक्तिगत/ पारिवारिक व्यवस्थापन खर्च आदि इस योजना में सम्मिलित नहीं किए जाएंगे| वितीय सहायता की प्रमात्रा अधिकतम रु. 20.00 लाख प्रतिभूति विद्यार्थी की वर्तमान एवं भावी आय के समनुदेशन के अलावा कोई अन्य सम्पार्श्विक प्रतिभूति नहीं| शैक्षिक ऋण लेने वाले विद्यार्थी के जीवन की बैंक के पक्ष में समनुदेशित न्यूनतम ऋण राशि के समान एवं ऋण चुकौती अवधि के लिए जीवन बीमा पॉलिसी (अर्थात पाठ्यक्रम अवधि+आस्थगन अवधि+भुगतान अवधि) प्रीमियम का नियमित भुगतान उधारकर्ता द्वारा किया जाएगा| ब्याज दर आईआईएम एवं 4 अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से एग्ज़क्यूटिव एमबीए कर रहे छात्रों के लिए : (सूची ए) पुरुष विद्यार्थी - आधार दर + 0.50%. महिला/अजा/अजजा/अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी - आधार दर.मासिक आधार पर चक्र वृद्धि ब्याज लगाया जाएगा|अध्ययन/अधिस्थगन अवधि के दौरान उधारकर्ता द्वारा ब्याज दर की चुकौती के लिए ब्याज में कोई अतिरिक्त छूट नहीं| अन्य संस्थानों से एमबीए कर रहे विद्यार्थियों के लिए (सूची बी): आधार दर + 1.25% महिला/अजा/अजजा/अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी- आधार दर + 1.25% (कोई छूट नहीं) मासिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाएगा. अध्ययन/अधिस्थगन अवधि के दौरान उधारकर्ता द्वारा ब्याज की चुकौती के लिए ब्याज दर में कोई अतिरिक्त छूट नहीं| संशोधित ब्याज दर केवल नए खातों पर लागू होगी| अदायगी पाठ्यक्रम की समाप्ति के 3 महीने पश्चात अदायगी की किश्तें प्रारम्भ होंगी| रु. 7.50 लाख तक की ऋण राशि के मामले में ऋण 8 वर्ष तक की अवधि में एवं रु. 7.50 लाख से अधिक की राशि 12 वर्ष की अवधि में किश्तवार ऋण अदायगी देय होगी| मूल्यांकन/ स्वीकृति/ संवितरण शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार ऋण स्वीकृत किया जाएगा एवं विद्यार्थी के आवास/ नियुक्ति स्थान के नजदीकी शाखा द्वारा संवितरित होगा| ऋण का संवितरण मांग/आवश्यकतानुसार विभिन्न चरणों में तथा उपकरण/यंत्रों/पुस्तकों के वेंडरों/संस्थानों को सीधे किया जाएगा| (5) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से सम्बन्धित छात्रों के लिये शिक्षा ऋण में ब्याज अनुदान की केन्द्रीय योजना शैक्षिक वर्ष 2009-10 से कुल रु. 4.50 लाख प्रतिवर्ष तक वार्षिक पैत्रिक/पारिवारिक आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से सम्बन्ध रखने वाले छात्रों को भारत में तकनीकि और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिये आईबीए मॉडल शैक्षिक ऋण योजना के अंतर्गत ऋण स्थगन के दौरान ऋण अनुदान की केन्द्रीय योजना की घोषणा मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा की गयी है| 1. योजना की व्यावहारिकता यह योजना केवल भारत में मान्यता प्राप्त तकनीकि/व्यावसायिक पाठ्यक्रम की शिक्षा के लिये लागू है| ब्याज अनुदान आईबीए की वर्तमान शिक्षा ऋण योजना के साथ सम्बद्ध होगी और संसद के अधिनियम द्वारा भारत में संस्थापित शैक्षिक संस्थाओं के मान्यता प्राप्त तकनीकि/व्यावसायिक पाठ्यक्रम (कक्षा XII के बाद) में, सम्बन्धित वैधानिक निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य संस्थाओं, भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) और केन्द्र/राज्य सरकारों द्वारा स्थापित अन्य संस्थाओं के छात्रों तक सीमित होगी. आईबीए मॉडल के शिक्षा ऋण योजना अंतर्गत भारत में शिक्षा हेतु अधिकतम पात्र ऋण सीमा रु. 10 लाख है| 2. अधिस्थगन अवधि ब्याज अनुदान अधिस्थगन अवधि के लिये दिया जाता है अर्थात पाठ्यक्रम की समाप्ति के 12 महीने पश्चात अथवा नौकरी मिलने के 6 महीने पश्चात तक, इनमें से जो भी पहले हो, जैसा कि आईबीए मॉडल शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत निर्धारित है. अधिस्थगन अवधि की समाप्ति के पश्चात बकाया ऋण राशि पर ब्याज शिक्षा योजना के प्रावधानों के अनुसार छात्र द्वारा देय होगा| 3. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग/सीमित आय के लिए मानदण्ड योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन छात्रों पर लागू होगा जिनकी कुल वार्षिक पैतृक/पारिवारिक आय अधिकतम आय रु.4-5 लाख प्रतिवर्ष (सभी स्रोतों से) है| 4. सक्षम प्राधिकारी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को सूचना जारी कर उनसे अनुरोध किया है कि उपयुक्त प्राधिकारी अथवा प्राधिकारियों को नामित करे जो आय प्रमाण पत्र जारी करने में सक्षम हों| . 5. ब्याज अनुदान की पात्रता योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान भारत में केवल पात्र विद्यार्थियों को एक बार स्नातक की डिग्री के लिये अथवा स्नात्कोत्तर डिग्री/डिप्लोमा के लिये उपलब्ध होगी| तथापि, ब्याज अनुदान संयुक्त पाठ्यक्रमों में (स्नातक एवं स्नात्कोत्तर) के लिए भी लागू होगी| ब्याज अनुदान उन विद्यार्थियों के लिये उपलब्ध नहीं होगी जो पाठ्यक्रम को बीच में ही छोड़ देते है अथवा जिन्हें संस्था से अनुशासनात्मक अथवा शैक्षणिक आधार पर बाहर निकाल दिया गया हो| तथापि, ब्याज अनुदान तब भी उपलब्ध होगा जबकि समापन केवल मेडिकल आधार पर हुआ हो, जिसके लिये शैक्षिक संस्थान के प्रमुख को उनके संतोष के स्तर तक आवश्यक दस्तावेज देने होंगे| 6. नोडल बैंक यह योजना केनरा बैंक द्वारा कार्यांवित की जाएगी, जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के लिए नोडल बैंक है| 7. प्रयोज्य शैक्षणिक वर्ष योजना 1 अप्रैल 2009 से प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक वर्ष 2009-10 से लागू होगी| योजना केवल शैक्षणिक सत्र वर्ष 2009-10 के लिये 1 अप्रैल 2009 को अथवा बाद में स्वीकृति तिथि पर ध्यान दिये बिना बैंक द्वारा संवितरण पर लागू होगा| 1.04.2009 से पूर्व्स शैक्षणिक सत्र 2009-10 के पूर्व प्रारंभ होने वाले पाठ्यक्रम के लिए स्वीकृत ऋण के मामलों में, ब्याज अनुदान दिनांक 1.4.2009 के पश्चात संवितरण पर लागू होगी| 8. ब्याज अनुदान दावे का संवितरण बैंक से ब्याज अनुदान के दावे का संवितरण वार्षिक अथवा अर्ध-वार्षिक आधार पर होगा जो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाह के अनुसार होगा| 9. पात्र विद्यार्थियों को सीबीआई की शाखा से सत्यापन प्राधिकारी से आय प्रमाण पत्र सहित संबंधित विवरण के लिए सम्पर्क करना होगा| कोरपोरेशन बैंक प्रदत्त शिक्षा ऋण कार्प विद्या ऋण पात्रता छात्र भारतीय नागरिक होना चाहिए। पिछली पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। पिछली पात्रता परीक्षा में कम से कम 60% अंक [अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित छात्र के लिए 55%] प्राप्त करना चाहिए। एचएससी [10 +2 या समकक्ष] के पूरा होने के बाद प्रवेश परीक्षा / योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया / प्रबंधन कोटे के माध्यम से भारत में या विदेश में मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा कोर्स में प्रवेश प्राप्त किया हुआ होना चाहिए। उद्देश्य भारत और विदेश में पढ़ाई से संबंधित खर्चों को पूरा करने के लिए। ऋण राशि भारत में अध्ययन - रु.10 लाख तक, विदेश में अध्ययन: रु.20 लाख तक। मार्जिन रु.4 लाख तक : शून्य, रु.4 लाख से अधिक : भारत में अध्ययन 5%, विदेश में अध्ययन 15% छात्रवृत्ति / असिस्टेंटशिप को मार्जिन में शामिल में किया जाना है। प्रतिभूति रु.4.00 लाख तक : माता/पिता का सह दायित्व, कोई अन्य प्रतिभूति नहीं। रु.4.00 लाख और उससे अधिक रु. 7.50 लाख तक : माता और /पिता का सह दायित्व साथ ही कम-से-कम ऋण राशि के बराबर मालियत रखनेवाले उपयुक्त अन्य पक्ष की गारंटी के रूप में जमानत। रु.7.50 लाख से अधिक: माता और पिता का सह दायित्व साथ ही मूर्त संपार्श्विक जमानत साथ ही किश्तों के भुगतान के लिए छात्र के भविष्य की आय का समनुदेशन। प्रस्तुत संबद्ध प्रतिभूति पर विनिर्दिष्ट मार्जिन रखने के बाद कर्ज को पूरी तरह से प्रतिभूत किया जाएगा। विवाहित व्यक्ति के मामले में सह दायित्वकर्ता या तो पति/पत्नी हो सकते हैं, या माता/पिता या सास/ससुर हो सकते हैं। ब्याज दर फ्लोटिंग ब्याज दर समय-समय पर संशोधन के अधीन आधार दर से जुड़ा हुआ है । चुकौती छुट्टी की अवधि के दौरान सामान्य ब्याज प्रभारित किया जाएगा। लागू ब्याज दर में रियायत देते हुये 15.08.2008 को या उसके बाद मंजूर/संवितरित नए ऋणों पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला हिताधिकारियों को लागू कार्ड दर से 25 बीपीएस कम ब्याज प्रभारित किया जाएगा। लागू ब्याज दर में रियायत देते हुये 04.03.2009 से प्रभावी करते हुए मंजूर/संवितरित नए ऋणों पर छात्राओं को लागू कार्ड दर से 50 बीपीएस कम ब्याज (एससी/एसटी/महिला को उपलब्ध 25 बीपीएस को शामिल करते हुए) प्रभारित किया जाएगा। 20.09.2010 को या उसके बाद शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों को पहली बार वितरित ऋण के लिए 0.50% का ब्याज रियायत दिया जाएगा। प्रसंस्करण शुल्क भारत में अध्ययन - शून्य, विदेश में अध्ययन के लिए: रु.2000 / - ऋण की प्राप्ति के बाद वापसी। पात्र पाठ्यक्रम भारत में अध्ययन के लिए यूजीसी/सरकार/एआईसीटीई/एआईबीएमएस/आईसीएमआर आदि द्वारा मान्यताप्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित ऐसे अनुमोदित मान्यताप्राप्त कोर्स जिनसे स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा मिलती है। आईसीडब्ल्यूए, सीए/एकीकृत सीए-आभासी / वीडियो मोड, सीएफए आदि जैसे कोर्स आईआईएम, आईआईटी, आईआईएससी, एक्सएलआरआई, एनआईएफटी, एनआईडी आदि द्वारा संचालित पाठ्यक्रम। महानिदेशक, नागरिक उड्डयन / नौवहन द्वारा अनुमोदित वैमानिकी, पायलट प्रशिक्षण, शिपिंग आदि जैसे नियमित डिग्री / डिप्लोमा पाठ्यक्रम बशर्ते कि ये पाठ्यक्रम भारत में चलाये जाते हैं। विमान रखरखाव इंजीनियरिंग/प्री-सी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के मामले में पाठ्यक्रम या तो सक्षम विश्वविद्यालय द्वारा मान्यताप्राप्त डिग्री होनी चाहिए या समुचित संघ निकाय द्वारा मान्यताप्राप्त डिप्लोमा होना चाहिए। शिक्षक प्रशिक्षण / नर्सिंग / बी.एड. पाठ्यक्रम बशर्ते कि प्रशिक्षण संस्थान केन्द्रीय सरकार द्वारा या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए और ऐसे कोर्स से डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त होना चाहिए और ये प्रमाणपत्र के पाठ्यक्रम नहीं होने चाहिए। प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में संचालित अनुमोदित पाठ्यक्रम। योजना के तहत अनुसंधान कोर्स / पीएचडी पाठ्यक्रम भारत में अध्ययन के लिए ऋण के लिए पात्र नहीं हैं। पत्राचार पाठ्यक्रम / अंशकालिक / प्रमाणपत्र / लघु अवधि पाठ्यक्रम / ऑफ-कैम्पस पाठ्यक्रम और ऑन-साइट/पार्टनरशिप कार्यक्रम योजना के तहत ऋण के लिए पात्र नहीं हैं। हालांकि, वोकेशनल /कौशल विकास पाठ्यक्रम सीबीडीवीसी योजना के तहत ऋण के लिए पात्र हैं। विदेश में अध्ययन के लिए : स्नातक स्तर की पढ़ाई: प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित नौकरी उन्मुख व्यावसायिक / तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए। स्नातकोत्तर:एमसीए, एमबीए, एमएस आदि। सीआईएमए-लंदन, अमेरिका में सीपीए आदि द्वारा संचालित कोर्स। भारत / विदेश में रोजगार के प्रयोजन के लिए वैमानिकी, पायलट प्रशिक्षण, शिपिंग आदि जैसे डिग्री / डिप्लोमा पाठ्यक्रम बशर्ते इन्हें भारत/विदेशों में सक्षम नियामक निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त है। विदेश में अध्ययन के लिए पीजी डिप्लोमा कोर्स की अनुमति है। विदेश में अध्ययन के लिए डिप्लोमा पाठ्यक्रम की अनुमति नहीं है। विदेश में अध्ययन के लिए अनुसंधान कोर्स / पीएचडी पाठ्यक्रम पात्र नहीं हैं। पात्र व्यय कॉलेज / स्कूल / हॉस्टल / परीक्षा / पुस्तकालय / प्रयोगशाला को देय शुल्क। विदेश में अध्ययन के लिए यात्रा व्यय / पासेज मनी। संस्था के बिल / रसीद द्वारा समर्थित होने के बावजूद सावधानी जमा, बिल्डिंग फंड / वापसीयोग्य जमा पात्र नहीं हैं। किताबें / उपकरण / उपकरणों / वर्दी की खरीद, पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक है तो उचित कीमत पर कंप्यूटर की खरीद, पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए कोई भी अन्य खर्च जैसे अध्ययन पर्यटन, परियोजना का काम, थीसिस आदि बशर्ते कि योजना के अनुसार अधिकतम स्वीकार्य सीमा के भीतर हो। अन्य शर्तें ऋण; अधिमानतः माता-पिता के अधिवास स्थान के पास स्थित बैंक / शाखा से लिया जाना चाहिए। योजना के तहत ऋण देने के लिए मॉडल शैक्षिक ऋण योजना में सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण निर्धारित नहीं किया गया है। अन्य बैंकों से ऋण के अधिग्रहण की सख्त मनाही है। स्रोत: यू.जी.सी.,बैंक सूचना समाचार, दैनिक समाचार।