<h3 style="text-align: justify;">अल्पसंख्यक के कल्याणार्थ योजनाएँ/कार्यक्रम</h3> <h4>अल्पसंख्यक के लिए मैट्रिक- पूर्व छात्रवृत्ति योजना</h4> <p style="text-align: justify;">मैट्रिक –पूर्व छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक समुदाय के पहली से दसवीं कक्षा के छात्रों को प्रदान की जाती हैं :</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>छात्र को किसी समुचित प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान/निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों/संस्थानों में अध्यानरत होनी चाहिए|</li> <li>छात्र के माता - पिता /अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रू. से कम होनी चाहिए|</li> <li>छात्रवृति प्रदानगी जारी रखा जाना पिछली परीक्षा में 50% अंक अर्जित करने ही ही निर्भर है|</li> <li>इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे छात्रों को इसी आशय की किसी अन्य योजना तहत लाभ प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी|</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक के छात्रवास और गैर-छात्रावास छात्रों के लिए प्रति वर्ष 500 रू. दर से प्रवेश शुल्क|</li> <li>छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक आवासीय और गैर- आवासीय छात्रों को प्रतिवर्ष 500 रू.की दर से शिक्षण शुल्क जो वास्तविक स्तर से अधिक नहीं होगा|</li> <li>किसी शैक्षिक वर्ष में पहली कक्षा के गैर- आवासीय छात्रों को अधिकतम 10 माह तक की अवधि तक प्रतिमाह 600 रू. की दर से और गैर – छात्रावास छात्रों को प्रति माह 100 रू. कि दर से अनुरक्षण भत्ता|</li> <li>छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक आवासीय छात्रों को प्रतिमाह 600 रू. की दर से और गैर-आवासीय छात्रों को प्रति माह 100 रू. कि दर से अनुरक्षण भत्ता|</li> </ol> <ul style="text-align: justify;"> <li>प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्तियों में से 30% छात्रवृत्तियां छात्राओं के लिए निर्धारित होती हैं|</li> <li>जानकारी के लिए राज्य सरकार/ संघ शासित क्षेत्र प्रशासन द्वारा मार्च में जारी विज्ञापन को देखें|</li> </ul> <h4>मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना</h4> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्र को किसी समुचित प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों/निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों/संस्था में 11वीं और 12वीं कक्षाओं (जिसमें राष्ट्रिय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद से मान्यता प्राप्त 11वीं और 12वीं स्तरों के आद्यौगिक प्रशिक्षण केन्द्रों के व्यवसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल हैं| से लेकर एम्.फिल और पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत होना चाहिए|</li> <li>छात्र के माता पिता /अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रू. से कम होनी चाहिए|</li> <li>छात्रवृत्ति प्रदानगी जारी रखा जाना पिछली परीक्षा में 50% अंक अर्जित करने पर ही निर्भर है|</li> <li>इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रह छात्रों को इसी आशय की किसी अन्य योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी|</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>11वीं और 12 वीं कक्षाओं हेतु आवासीय एवं गैर-आवासीय छात्रों को अधिक्त 700 रू. प्रतिवर्ष की दर से प्रवेश एवं शिक्षण शुल्क जो वास्तविक स्तर से अधिक नहीं होगा|</li> <li>11वीं और 12वीं स्तर तक के तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए आवासीय एंव गैर – आवासीय छात्रों को अधिकतम 10,000 रू. वार्षिक की दर से प्रवेश एवं शिक्षण शुल्क है जो वास्तविक स्तर से अधिक नहीं होगा|</li> <li>11 वीं 12 वीं कक्षा तथा इस स्तर के तकनीकी और व्यावसायिक पाठयक्रम के लिए आवासीय छात्रों के लिए अनुरक्षण भत्ता 380 रू, प्रतिमाह और गैर-आवासीय छात्रों के लिए 230 रू. की दर से जो वास्तविक स्तर से अधिक नहीं होगा, मान्य होगा|</li> <li>स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के तकनीकी और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों के लिए गैर-आवासीय को 300 रू. की दर से और आवासीय छात्रों को 570 की दर से अनुरक्षण भत्ता देय होगा|</li> <li>एम. फिल और पी.एचडी पाठ्यक्रमों के आवासीय के आवासीय छात्रों को 1200 रू. प्रतिमाह तथा गैर-आवासीय छात्रों की 550 रू., प्रतिमाह की दर से (उन शोध छात्रों के लिए, जिन्हें विश्वविद्यालय अथवा किसी अन्य प्राधिकरण से कोई फेलोशिप न मिलती हो) फेलेशिप प्रदना करने का प्रदान करने का प्रावधान है|</li> </ol> <p style="text-align: justify;"> </p> <ul style="text-align: justify;"> <li>प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्तियों में से 30% छात्राओं के लिए निर्धारित हैं|</li> <li>जानकारी के लिए राज्य सरकार/ संघ शासित क्षेत्र प्रशासन द्वारा मार्च में जारी विज्ञापन को देखें|</li> </ul> <h4>व्यवसायिक मेरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति योजना</h4> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>समुचित प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक और स्नातकोतर स्तर के व्यवसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए अल्पसंख्यक समुदायक के छात्रों को छात्रवृति प्रदान की जाती है|</li> <li>छात्र के माता पिता/अभिभावकों की वर्षिक 2.50 लाख रू. से कम होनी चाहिए|</li> <li>छात्रों को पिछली अंतिम परीक्षा में कम से कम 50% अंक अर्जित किया होना चाहिए |</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>समूह ‘क’ सेवा के लिए कोंचिग शुल्क का निर्धारण संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा. जो अधिकतम 20,000 रू. होगा, शहर से बाहर के अभ्यार्थियों के लिए वृतिका दर 1500 रू. तथा स्थानीय अभ्यार्थियों के लिए 750 रू. होगी|</li> <li>समूह ‘ख’ सेवा के लिए कोचिंग शुल्क का निर्धारण संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा, जो अधिकतम 1500 रू. होगा, शहर से बाहर के अभ्यार्थियों के लिए वृत्तिका दर 1500 रू. और स्थानीय अभ्यार्थियों के लिए 750 रू. होगी|</li> <li>समूह ‘क’ सेवा के लिए कोचिंग शुल्क का निर्धारण संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा, जो अधिकतम 10,000 रू. होगा, शहर से बाहर अभ्यार्थियों के लिए वृत्तिका दर 1500रू. की दर से और स्थानीय अभ्यार्थियों को 750 रू. होगी|</li> <li>तकनीकी/व्यवसायिक पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा हेतु कोचिंग शुल्क का निर्धारण संस्थानों द्वारा ही किया जाएगा, जो अधिकतम 20,000 रू. होगा, शहर से बाहर के अभ्यार्थियों को 1500 रू. के लिए वृत्तिका दर और स्थानीय अभ्यार्थियों को 750 रू. होगी|</li> <li>अन्य रह की कोचिंग की जानकारी के लिए कृपया मंत्रालय की वेबासाइट पर योजना के ब्यौरा देखें|</li> <li>योजना के तहत लक्ष्य का 30% बालिकाओं के लिए निर्धारित करने का प्रावधान है|</li> </ol> <h4>अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रिय अध्यतावृत्ति योजना</h4> <p style="text-align: justify;">इस योजना के उद्देश्य एम.फिल और पीएच.डी. जैसी उच्चतर शिक्षा में अध्ययन के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को वित्तीय सहायता स्वरूप अध्येतावृत्ति प्रदान करना है|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विज्ञापन में अध्येतावृत्ति के प्रावधानों के अनुसार अभ्यर्थी को किसी विश्वविद्यालय/शैक्षिक संस्थान में पूर्ण कालिक एवं नियमित एम्.फिल/ पाठ्यक्रम/में प्रवेश लिया होना चाहिए और पंजीकृत होना चाहिए|</li> <li>अध्येतावृत्ति के इए एक बार पात्र मान लिए गए अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को अन्य स्रोत से लाभ प्राप्त करने का हक़ नहीं होगा, जैसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसे निकाय अथवा केंद्र अथवा राज्य सरकार के निकाय से इस पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा|</li> <li>एम.फिल/ पीएच.डी में अध्ययन के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति प्राप्त करने हेतु अल्पसंख्यक छात्रों के लिए एनईटी/एसएलईटी परीक्षा उत्तीर्ण होना अपेक्षित नहीं होगा|</li> <li>जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और सीनियर रिसर्च फेलोशिप (एसआरएफ) प्राप्त करने के लिए प्री-एम.फिल और प्री-चरण में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानदंड लागू होंगे तथा स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 50% का मानदंड लागू होगा|</li> <li>अध्येतावृत्ति प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय 2.5 लाख रू. अधिक नहीं होनी चाहिए|</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और सीनियर रिसर्च फेलोशिप (एसआरएफ) के लिए अध्येतावृत्ति की दर समय-समय पर यथा-संशोधित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अध्येतावृत्ति की दर के अनुसार होगी|</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>30% अध्येतावृत्तियां महिला शोध छात्रों के लिए निर्धारित हैं|</li> <li>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की विज्ञापन के लिए कृपया डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. यूजीसी. एसी इन नामक वेबासाइट पर लॉग ऑन करें|</li> </ul> <h4>अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व – क्षमता विकास की योजना</h4> <p style="text-align: justify;">अल्पसंख्यक महिलाओं में नेतृत्व क्षमता विकास की योजना का उद्देश्य सरकारी तंत्रों, बैंकों तथा सहायक संस्थानों के साथ सभी स्तर पर कार्य व्यवहार के लिए तकनीक, साधन और ज्ञान उपलब्ध कराते हुए महिलाओं में विश्वास पैदा करना और उन्हें सशक्त बनाना है| योजना का कार्यान्वयन गैर-सरकारी संगठनों/संस्थानों के माध्यम से किया जाना है, जिन्हें प्रशिक्षण के संचालन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी| मॉडयूल में संविधान और विभिन्न अधिनियमों के तहत महिलाओं से संबंधित मुददों और अधिकारों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं/कार्यक्रमों के तहत उपलब्ध अवसरों, सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी को शामिल किया जाएगा|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>यद्यपि कोई वर्षिक आय सीमा नहीं है, किन्तु उन महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने में वरीयता दी जाएगी, जिन महिलाओं को माता-पिता की समस्त स्रोतों से से वार्षिक आय 2.50 लाख रू. से अधिक न हो|</li> <li>अभ्यर्थी को 18-65 वर्स आयु वर्ग के मध्य होना चाहिए|</li> <li>प्रशिक्षण दो तरह के होंगे|</li> </ol> <p style="text-align: justify;">क. पहला- गांवों/सुदूर क्षेत्रों में</p> <p style="text-align: justify;">ख. दूसरा-आवासीय प्रशिक्षण संस्थानों में|</p> <p style="text-align: justify;">पहले तरह के प्रशिक्षण में भाग लेने की इच्छुक महिलाओं को कम से कम 10% महिलाओं को दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए (जिसमें पाँचवी कक्षा तक ढील दी जा सकती है) दुसरे तरह के प्रशिक्षण के लिए प्रार्थी के पास स्नातक की उपाधि होनी चाहिए (जिसमें दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होने की ढील दी जा सकती है)</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रशिक्षण अवधि के दौरान भत्ता/वृत्तिका-योजना के प्रावधानों के अनुसार होगा|</p> <p style="text-align: justify;">पाठ्यक्रम की अवधि 6 दिनों की होगी, जिसे 3 माह की अवधि के भीतर 2 या 3 बार में पूरा करना होगा|</p> <p style="text-align: justify;">इस योजना के अंतर्गत किसी परियोजना प्रस्ताव में अधिकतम 25% गैर –अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को भी शामिल करने की अनुमति होगी|</p> <h4>मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान</h4> <p style="text-align: justify;">मेधावी छात्राओं के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना</p> <p style="text-align: justify;">मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान की स्थापना वर्ष 1989 में हुई थी, इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है| प्रतिष्ठान दसवीं उत्तीर्ण मेधावी छात्राओं से सीधे आवेदन आमंत्रित करता है तथा 11वीं और 12वीं कक्षा में अधययन के लिए छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>दसवीं की परीक्षा में 55% अंक|</li> <li>परिवार की वार्षिक आय लाख रू. से कम होनी चाहिए|</li> </ol> <p style="text-align: justify;">हकदारी</p> <p style="text-align: justify;">1. 11 वीं और 12 वीं कक्षा में अध्ययन के लिए 6000 रू. वार्षिक की दर से अधिकतम 2 वर्ष के लिए 12,000 रू. की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है|</p> <p style="text-align: justify;">मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान के विज्ञापन के लिए कृपया डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. एमएईएफ.एनआईसी.इन नामक वेबासाइट पर लॉग ऑन करें|</p> <h3 style="text-align: justify;">राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम</h3> <p style="text-align: justify;">राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम अल्पसंख्यक – कार्य मंत्रालय के तत्वाधान में कार्यरत एक निगम है और यह अल्पसंख्यकों के पिछड़े तबकों में, अधिमानत: व्यवसायिक पेशेवर समूह एवं महिलाओं में, आर्थिक एवं विकास परक कार्यकलापों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है| इसकी दो मुख्य स्कीमें हैं:</p> <p style="text-align: justify;">(1) मियादी ऋण और (2) सूक्ष्म- ऋण स्कीम|</p> <h4>मियादी ऋण स्कीम</h4> <p style="text-align: justify;">इसके अंतर्गत निम्नलिखित सेक्टरों के लिए आमदनी का सृजन करने वाले ऐसे कार्यकलापों को शुरू करने उनमें प्रवर्धन करने के लिए राज्य चैनेलैजिंग एजेंसियों (एससीए) के माध्यम से ऋण प्रदान किया जाता है जो वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य एवं तकनीकी रूप से संभव हों:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>कृषि एवं संबंद्ध कार्य</li> <li>तकनीकी व्यवसाय</li> <li>छोटे व्यवसाय</li> <li>कारीगरी वं पारंपरिक पेशा</li> <li>परिवहन एवं सेवा क्षेत्र</li> </ul> <p style="text-align: justify;">पात्रता</p> <p style="text-align: justify;">1) अल्पसंख्यक समुदायों के ऐसे व्यक्तियों को ऋण प्रदान किये जाते हैं जो दोहरी गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं|</p> <p style="text-align: justify;">2) ऐसे परिवार को दोहरी गरीबी रेखा के तौर पर श्रेणीकृत किया जाता है जिसकी वार्षिक आमदनी ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में 40,000 रू. और शहरी क्षेत्रों के संदर्भ में 50,000 रू. से कम हो|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">1) 5 लाख रू. तक की लागत वाली परियोजना पर विचार किया जाता है|</p> <p style="text-align: justify;">2) निधियन के पैर्टन में परियोजना लागत के 85% को एनएमडीएफसी द्वारा दिया जाने और शेष 15%के एससीए और लाभार्थी द्वारा दिए जाने की परिकल्पना की गई है, इस 15% का अंशदान लाभार्थी का होना चाहिए|</p> <p style="text-align: justify;">3) एनएमडीएफसी एससीए को 3%की ब्याज दर पर ऋण देता है और इसके बाद एससीए लाभार्थी से 6%प्रति वर्ष का ब्याज प्रभारित करती है|</p> <h4>सूक्ष्म-वित्त स्कीम</h4> <p style="text-align: justify;">स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों के सूक्ष्म वित्त उपलब्ध कराया जाता है और इसे एससीए के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है| इसमें स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को अनौपचारिक तरीके से या तो सीधे या एनजीओ के माध्यम से समूहों को ऋण दिया जाता है|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पात्रता</strong></p> <p style="text-align: justify;">1) अल्पसंख्यक समुदायों के ऐसे व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जो दोहरी गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं|</p> <p style="text-align: justify;">2) ऐसे परिवार को दोहरी गरीबी र्केहा के तौर पर श्रेणीकृत किया जाता है जिसकी वार्षिक आमदनी ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में 50,000 रू. से कम हो|</p> <p style="text-align: justify;">3) ऐसे उधारकर्ता इस स्कीम के लिए पात्र नहीं है ओ केन्द्रीय या राज्य सरकार या वित्तीयन संस्थानों द्वारा प्रायोजित वित्त - पोषण की किसी अन्य स्कीम के अंतर्गत पहले से ही कवर किए गए हैं और जिनके विरूद्ध बकाया ऋण पड़े हुए हैं|</p> <p style="text-align: justify;">4) उधारकर्ता को अधिमानत: किसी बचत समूह का नियमित सदस्य होना चाहिए|</p> <p style="text-align: justify;">स्वंय सहायता समूह (एसएचजी) सूक्ष्म वित्तीयन स्कीम के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदायों के समूहों में ऐसे समूह शामिल होंगे जिनमें प्रमुखत: (75% और अधिक) सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय के हों| जिनमें 60% तक सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय के हों बशर्ते की अन्य सदस्य (यानी 40$%तक) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विकलांग सहित अपेक्षाकृत कमजोर तबके के हों|</p> <p style="text-align: justify;">5) अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय के महिला लाभार्थियों को तरजीह दी जाएगी|</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हकदारी</strong></p> <p style="text-align: justify;">1) प्रति लाभार्थी अधिकतम 25,000 रू. तक का ऋण दिया जाता है|</p> <p style="text-align: justify;">2) गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लिए 1%ब्याज प्रति वर्ष की दर पर निधियां उपलब्ध हैं जो एसएचजी को आगे 5% प्रति वर्ष की दर पर उधार देते हैं|</p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्रोत:</strong><a class="ext-link-icon" title="अधिक जानकारी के लिए" href="http://www.minorityaffairs.gov.in/" target="_blank" rel="noopener"> अल्पसंख्यक कार्यों का मंत्रालय, भारत सरकार</a></p>