कार्यक्रम का उद्देश्य इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों से सम्बद्ध गरीब और मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों की शिक्षा जारी रख सकें। कार्यक्रम का कार्यक्षेत्र ये छात्रवृत्तियां केवल भारत में ही अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं और इन्हें राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र/प्रशासन अथवा इस उद्देश्य के लिए पदनामित की गई किसी एजेंसी के माध्यम से प्रदान की जाएंगी। छात्रवृत्ति की संख्या 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान, अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को नवीकरणों के अलावा प्रत्येक वित्त वर्ष में इन समुदायों की राज्य/संघ राज्य क्षेत्र आबादी के आधार पर देश भर के राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को 60,000 नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी। 2001 की जनगणना के आधार पर नई छात्रवृत्तियों का वितरण निम्नानुसार है। अल्पसंख्यक समुदायों से सम्बद्ध छात्रों में छात्रवृत्तियों का राज्यवार वितरण छात्रवृत्तियों की संख्या क्रम स. राज्य मुस्लिमों के लिए ईसाईयों के लिए सिक्खों के लिए बौद्धों के लिए पारसियों के लिए सभी अल्पसंखयक समुदायों के लिए 1 आंध्रप्रदेश 2211 372 9 9 0 2601 2 अरुणाचल प्रदेश 6 63 0 45 0 114 3 असम 2610 312 6 15 0 2943 4 बिहार 4344 18 6 6 0 4374 5 छत्तीसगढ़ 129 126 21 21 0 297 6 गोवा 30 114 0 0 3 147 7 गुजरात 1455 90 15 6 3 1569 8 हरियाणा 387 9 372 3 0 771 9 हिमाचल प्रदेश 39 3 24 24 0 90 10 जम्मू कश्मीर 2151 6 66 36 0 2259 11 झारखंड 1182 345 27 3 0 1557 12 कर्नाटक 2046 318 6 126 0 2496 13 केरल 2490 1917 0 0 0 4407 14 मध्य प्रदेश 1218 54 48 66 0 1386 15 महाराष्ट्र 3252 336 69 1851 12 5520 16 मणिपुर 60 234 0 0 0 294 17 मेघालय 30 516 0 0 0 546 18 मिजोरम 3 246 0 24 0 273 19 नागालैंड 12 567 0 0 0 579 20 उड़ीसा 243 285 6 3 0 537 21 पंजाब 120 93 4620 12 0 4845 22 राजस्थान 1515 24 261 3 0 1803 23 सिक्किम 3 12 0 48 0 63 24 तमिलनाडु 1098 1197 3 3 0 2301 25 त्रिपुरा 81 33 0 30 0 144 26 उत्तर प्रदेच्च 9735 66 216 96 0 10113 27 उत्तराखंड़ 321 9 66 3 0 399 28 पश्चिम बंगाल 6408 162 21 78 0 6669 संघ राज्य क्षेत्र 29 अंडमान निकोबार 9 24 0 0 0 33 30 चंडीगढ़ 12 3 45 0 0 60 31 दादर और नागर हवेली 3 3 0 0 0 6 32 दमन और द्वीप 3 0 0 0 3 6 33 दिल्ली 513 42 177 9 0 741 34 लक्षद्वीप 18 0 0 0 0 18 35 पुदुचेरी 18 21 0 0 0 39 कुल 43755 7620 6084 2520 21 60000 छात्रवृत्ति के लिए शर्तें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम जारी रखने के लिए स्नातक स्तर अथवा स्नातकोत्तर स्तर पर तकनीकी एवं पाठ्यक्रम जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पाठ्यक्रम एवं भरण-पोषण भत्ता चुने गए छात्रों के बैंक खाते में सीधे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से जमा/हस्तांतरित किया जाएगा। वे छात्र, जो प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर किसी कालेज में तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला प्राप्त करते है, वे इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे। वे छात्र, जो किसी प्रतियोगी परीक्षा के बिना तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला प्राप्त करते है, वे भी छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे। तथापि, ऐसे छात्रों के उच्चतर माध्यमिक/स्नात्तक स्तर पर 50 प्रतिशत से कम अंक नहीं होने चाहिए। ऐसे छात्रों का चयन पूर्णतया मैरिट आधार पर किया जाएगा। आगामी बर्षों में छात्रवृत्ति को जारी रखना, पिछलें वर्ष के दौरान पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक पूरा होने पर निर्भर करेगा। इस योजना के अंतर्गत कोई छात्रवृत्ति धारक, पाठ्यक्रम को जारी रखने के लिए कोई अन्य छात्रवृत्ति/वज़ीफा प्राप्त नहीं करेगा। लाभार्थी/लाभार्थी के माता-पिता अथवा अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रू0 से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य विभाग प्रत्येक वर्ष इस योजना का विज्ञापन देगा तथा समय-सीमा के अनुसार संबंधित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करेगा। छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए आधार नं0 की भी आवश्यकता है। यह योजना ऑनलाइन छात्रवृत्ति प्रबंध प्रणाली (ओएसएमएस) के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है। सभी विद्यार्थियों के लिए इस मंत्रालय की वेबसाइट अर्थात् भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदनों (चुने गए वर्कफ़्लों के अनुसार) की सॉफ्ट तथा हार्ड प्रतियों को संसाधित करने एवं उनकी जांच करने के लिए जिम्मेदार होगा तथा समय-सीमा के अनुसार छात्रवृत्तियों की मंजूरी के लिए पात्र छात्रों के प्रस्ताव इस मंत्रालय को ऑनलाइन भेजेगा। राज्य विभाग की ओर से निधि की निर्मुक्ति हेतु ऑनलाइन प्रस्ताव मंत्रालय को अग्रसारित किए जाने चाहिए तथा प्रत्येक वर्ष मंत्रालय द्वारा निश्चित समय-सीमा के अनुसार मंत्रालय में प्राप्त होने चाहिए। आगामी वर्ष में प्रशासनिक खर्चों के लिए निधि विगत वर्ष में निर्मुक्त निधि के उपयोग । प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के उपरांत जारी की जाएगी। किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में प्रत्येक अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत छात्रवृत्तियां निर्धारित हैं, जो संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के उस समुदाय की महिला छात्राओं के उपलब्ध न होने पर उसी समुदाय के छात्रों को अंतरित की जा सकती हैं। पात्र छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत न्यूनतम सीमा है न कि अधिकतम। यदि किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में किसी विशेष अल्पसंख्यक समुदाय को छात्रवृत्ति के वितरण का वास्तविक लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो इसे राष्ट्रीय अनुपात से छेड़छाड़ किए बिना मेरिट के आधार पर कड़ाई पूर्वक अन्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में उसी अल्पसंख्यक समुदाय में वितरित किया जाएगा। किसी विशेष राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में रह रहा छात्र, उसके अध्ययन के स्थान का लिहाज किए बिना केवल उसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के कोटे के अंतर्गत छात्रवृत्ति का पात्र होगा। छात्रवृत्ति की संख्या को, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की अल्पसंख्यक आबादी के आधार पर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार निर्धारित किया गया है। राज्यवार आबंटनों में से सूचीबद्ध संस्थानों के आवेदनों पर पहले विचार किया जाएगा। ऐसे संस्थानों की सूची अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की वेबसाइट अर्थात् www.minorityaffairs.gov.in पर उपलब्ध है। इस योजना का नियमित अंतरालों पर मूल्यांकन किया जाएगा और इस मूल्यांकन की लागत, इस योजना के प्रावधान के अंतर्गत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वहन की जाएगी। प्रशासनिक तथा सम्बद्ध लागत, अर्थात् योजना की निगरानी पर व्यय, प्रभाव अध्ययन, मूल्यांकन अध्ययन, कार्यालय उपकरणों की खरीद, अनुबंध आधार पर कर्मचारियों को नियोजित करने, यदि आवश्यक हो और इस प्रकोष्ठ को चलाने के लिए अन्य खर्चों आदि को पूरा करने के लिए कुल बजट के 2 प्रतिशत का प्रावधान किया जाएगा। यह अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच समान रूप से वहन किया जाएगा। योजना में मामूली संशोधन बिना किसी वित्तीय विवक्षा के मंत्रालय के सक्षम अधिकारी द्वारा एसएफसी/ईएफसी/मंत्रिमंडल से वसूली अधिकार की मांग किए बिना किया जा सकता है।तथापि, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग से सलाह-मशविरा किया जाएगा। आय प्रमाण-पत्र एक वर्ष के लिए वैध रहेगा। छात्रवृत्ति की दर छात्रवृत्ति की दर निम्नानुसार होगी : क्र. सं. वित्तीय सहायता का प्रकार हास्टल में रहने वालों के लिए दर दिवा स्कालरों के लिए दर 1. भरण-पोषण भत्ता (केवल 10 माह के लिए) 10,000/-रू0 प्रतिवर्ष (1000 रू0 प्रति माह) 5,000/- रू0 प्रतिवर्ष (500 रू0 प्रति माह) 2. पाठ्यक्रम * 20,000/- रू0 प्रति वर्ष या वास्तविक जो भी कम हो 20,000/- रू0 प्रति वर्ष या वास्तविक जो भी कम हो कुल 30,000/- रू0 25,000/- रू0 सूचीबद्ध संस्थानों के लिए पूरे पाठ्यक्रम की प्रतिपूर्ति की जाएगी। छात्रवृत्ति का भुगतान भरण-पोषण भत्ता, पहली अप्रैल या दाखिले के माह से, जो भी बाद में होगा, से परीक्षा पूरी होने के माह तक देय होगा (अवकाश के दौरान भरण-पोषण भत्ते सहित), जो अधिकतम वर्ष में दो बार होगा, बशर्ते यदि वह छात्र किसी माह की 20 तारीख के बाद दाखिला प्राप्त करता है, तो यह राशि दाखिले के माह के अगले माह से दी जाएगी। छात्रवृत्तियों के नवीकरण के मामले में इस भरण-पोषण भत्ते का भुगतान, पिछले वर्ष में जिस माह तक छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया था, उससे अगले माह से किया जाएगा, यदि अध्ययन का पाठ्यक्रम निरंतर चल रहा है। छात्रवृत्ति की राशि यथा पाठ्यक्रम एवं भरण-पोषण भत्ता चुने गए छात्रों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे जमा/हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस छात्रवृत्ति का भुगतान एमबीबीएस में इंटर्नशिप/हाउसमैनशिप की अवधि के दौरान या किसी अन्य पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान नहीं किया जाएगा, यदि वह छात्र इस इंटर्नशिप अवधि के दौरान कुछ परिश्रामिक अथवा अन्य पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान कुछ भत्ता/वज़ीफा प्राप्त कर रहा है। छात्रवृत्ति के लिए अन्य शर्ते यह छात्रवृत्ति, छात्र की संतोषजनक प्रगति और आचरण पर निर्भर है। यदि किसी समय संस्थान के प्रमुख द्वारा यह रिपोर्ट दी जाती है कि छात्र के अपने दोष के कारण वह संतोषजनक प्रगति करने में असफल हुआ है अथवा दुराचरण का दोषी रहा है जैसे कि हड़तालों में भाग लेना, संबंधित प्राधिकारियों की अनुमति के बिना उपस्थिति में अनियमितता आदि, तो छात्रवृत्ति मंजूर करने वाले प्राधिकारी इस छात्रवृत्ति को या तो रदद् कर सकते है अथवा बंद, अथवा ऐसी अवधि के लिए आगामी भुगतान को रोक सकते है, जैसा वे उचित समझते हो यदि यह पाया जाता है कि किसी छात्र ने झूठा विवरण देकर छात्रवृत्ति प्राप्त की है, तो उसकी छात्रवृत्ति तुरंत रद्द कर दी जाएगी और भुगतान की गई राशि को संबंधित राज्य सरकार के विवेकानुसार वसूल किया जाएगा। संबंधित छात्र को काली सूची में डाला जाएगा और सदा के लिए किसी भी योजना में छात्रवृत्ति के लिए अयोग्य कर दिया जाएगा। यदि कोई छात्र अध्ययन के पाठ्यक्रम के विद्यालय को बदलता है जिसके लिए मूल रूप से छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी अथवा राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बिना अध्ययन संस्थान को बदल लेता है, तो छात्रवृत्ति को रद्द किया जा सकता है। संस्थान प्रमुख ऐसे मामलों की सूचना इस मंत्रालय को देगा। यदि वर्ष के दौरान, उन अध्ययनों, जिनके लिए छात्रवृत्ति दी गई है, छात्र द्वारा बंद कर दिये जाते हैं, अथवा अध्ययन के विद्यालय बदल दिए जाते हैं, तो छात्र को छात्रवृत्ति की राशि वापस करनी होगी। योजना के अंतर्गत, ये विनियम भारत सरकार के विवेकाधिकार पर, किसी भी समय बदले जा सकते हैं। आवेदन के लिए प्रक्रिया छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र के साथ ये होने चाहिए- निर्धारित फार्म में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की एक प्रतिलिपि (संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा नये मामलों तथा छात्रवृत्ति के नवीकरण के लिए अलग-अलग आवेदन फार्म निर्धारित किए गए है) पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ की एक प्रति जिसपर छात्र के हस्ताक्षर हों (नई छात्रवृत्ति के लिए) पास की गई सभी परीक्षाओं के संबंध में प्रमाण पत्रों, डिप्लोमा, डिग्री आदि की एक-एक प्रमाणित प्रतिलिपि स्वः रोजगार में लगे माता-पिता/अभिभावकों द्वारा आय का एक घोषणा पत्र, जिसमें गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एक शपथ पत्र के द्वारा सभी स्रोतों से प्राप्त कुल आय का विवरण हो। रोजगार में लगे माता-पिता/अभिभावकों को आय का यह प्रमाणपत्र अपने नियोक्ता से प्राप्त करना है और अन्य स्रोतों से किसी अतिरिक्त आय के लिए वे इसे गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र के द्वारा घोषित करेंगे। स्थायी निवास का प्रमाण पत्र यदि आवेदक इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष में छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहा था तो आवेदन पत्र के साथ संलग्न फार्म में पिछले वर्ष में प्राप्त की गई छात्रवृत्ति की पावती पर एक रसीद, जो संबंधित संस्थान के प्रमुख द्वारा प्रति-हस्ताक्षरित की गई हो। राज्य विभाग को स्वंय को संतुष्ट करना चाहिए कि छात्र एक विशेष अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखता है। सभी प्रकार से पूर्ण आवेदन पत्र को उस संस्थान प्रमुख को प्रस्तुत किया जाएगा जहाँ छात्र अध्ययन कर रहा है अथवा पिछली बार अध्ययन किया था और ये आवेदन राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकार, जहाँ से वह छात्र संबंधित है, द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, इस प्रयोजन के लिए निर्दिष्ट किए गए अधिकारी को संबोधित होगा। योजना की निधिकरण पद्धति ये योजना राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा कार्यान्वित की जाएगी, जो इस योजना के अंतर्गत कुल खर्च के लिए भारत सरकार से 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता प्राप्त करते हैं। अल्पसंख्यक समुदायों से सम्बद्ध छात्रों के लिए मैरिट-एवं-साधन आधारित छात्रवृत्ति के लिए आवेदन-पत्र का विभाग में देना होगा। आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज हस्ताक्षर सहित पासपोर्ट आकार की फोटो की एक प्रति। शैक्षिक योग्यता के प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतिया, जैसाकि पैरा 11 में भरा गया है। गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर आय का घोषणा पत्र और नियोक्ता से आय का प्रमाण पत्र। स्थाई निवास का प्रमाण। पिछले वर्ष में प्राप्त छात्रवृत्ति की रसीद, जो संस्थान प्रमुख द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित की गई हो। छात्रवृत्ति के नवीकरण के लिए यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त छात्र/छात्रा ने वर्ष ...............................के लिए............................... परीक्षा पास की है और .............% अंक प्राप्त किए है। यह भी प्रमाणित किया जाता है कि छात्र/छात्रा ने अध्ययन के पाठ्यक्रम/या अध्ययन के संस्थान को नहीं बदला है जिसके लिए वास्तव में छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी/राज्य सरकार की पूवानुमति से अध्ययन के पाठ्यक्रम और/या संस्थान को बदल लिया है (जो लागू न हो उसे काट दें) संस्थान/कालेज के बैंक खाते का ब्यौरा (पाठ्यक्रम फीस जमा कराने के लिए): बैंक का नाम और पता : बैंक कोड सं. : संस्थान/कालेज का बैंक खाता सं. : संस्थान/कालेज प्रमुख के हस्ताक्षर दिनांक : स्थान : अनुबंध छात्र के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय का घोषणा पत्र (गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, जो छात्र के माता-पिता/अभिभावक द्वारा हस्ताक्षर किया जाना है) मै............................................................................जो....................................................(छात्र का नाम) का (पिता/माता/अभिभावक) हूँ, और जो..........................................................................................में पढ़ रहा है, एतद् द्वारा घोषणा करता हूँ कि मेरी सभी स्रोतों से वार्षिक आय ............................रूपये (शब्दों में) ...............................................................है। मैं वचन देता हूँ कि यदि किसी चरण पर यह पाया गया कि मेरे द्वारा दी गई सूचना झूठी/असत्य है, तो अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित छात्रों के लिए मैरिट-एवं-छात्रवृत्ति की योजना के अंतर्गत छात्र को दिए गए सभी लाभ वापस लिए जा सकते है और मेरे या मेरे बच्चे के विरूद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। हस्ताक्षर दिनांक : स्थान : पात्रता मानदंड वे छात्र, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर तकनीकी/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने के लिए किसी मान्यता प्राप्त कालेज में दाखिला प्राप्त किया है। वे छात्र, जिन्होंने किसी प्रतियोगी परीक्षा के बिना तकनीकी/व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने के लिए किसी मान्यता प्राप्त कालेज में दाखिला प्राप्त किया है, वे भी छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे। तथापि ऐसे छात्र को उच्चतर माध्यमिक/स्नात्तक स्तर पर 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त नहीं किए होने चाहिए। ऐसे छात्रों का चयन पूर्णतयाः मैरिट आधार पर किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति धारक, ऐसे पाठ्यक्रम चलाने के लिए कोई अन्य छात्रवृत्ति/वृत्तिका प्राप्त नहीं करेगा। लाभग्राही/लाभग्राही के माता-पिता या अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रू0 से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र विशेष में रह रहा छात्र, उसका अध्ययन का स्थान कोई भी होते हुए, उसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के कोटे के अंतर्गत छात्रवृत्ति का पात्र होगा। आवेदन कैसे करें निर्धारित फार्म में आवेदनों को संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव को उन संस्थानों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए, जहां छात्र तकनीकी/व्यवसायिक पाठ्यक्रम चला रहे है। छात्र को अपने आवेदन उस राज्य में प्रस्तुत करने होंगे जिससे वह संबंधित है, न कि उस राज्य को जिसमें वह संस्थान स्थित है, जहां वह पढ़ रहा है। स्रोत: भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय