आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं (trauma, गंभीर रोग, प्रसव आदि) के लिए भारत में 108/102 जैसे टोल-फ्री नंबर सीमांचल और ग्रामीण इलाकों में जीवनरक्षक साबित हुए हैं। ये सेवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कई राज्यों में संचालित है और मरीजों को त्वरित एम्बुलेंस-सुविधा उपलब्ध कराती है। सेवाओं का स्वरूप: 108 आपातकालीन संपर्क के तौर पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराता है—Basic/Advanced Life Support उपलब्धता राज्यों में परिवर्तित हो सकती है। 102 सामान्यत: गर्भवती/मेडिकली ट्रांसपोर्ट के लिए प्रयुक्त होती है। कई जिलों में स्थानीय Arogya Kavach या राज्य-ब्रैंडेड आपात नेटवर्क भी सक्रिय हैं। ग्रामीण उपयोग के टिप्स: आपातकाल में निकटतम व्यक्ति 108 पर कॉल कर स्थिति बताये; लोकेशन व फोन नंबर स्पष्ट रखें। प्रसव सम्बंधी इमरजेंसी में 102/108 का शीघ्र उपयोग करें—यह कई बार जीवन बचाता है। आपातकाल की तैयारियां: परिवार की आपातकालीन सूची (जरूरी नंबर, निकटतम अस्पताल) घर पर रखें। Source: NHM — Patient Transport Service (Dial 108/102).https://share.google/VXDHyhmg274jKDtww