बढ़ती उम्र एवं संतुलित आहार की आवश्यकता बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर में बहुत सारे बदलाव आते हैं। शरीर में कई हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, मेटाबोलिज्म की क्रिया धीमी हो जाती है। मांस पेशियों में शिथिलता आ जाती है, भीतरी अंगों पर भी समय का असर होना शुरू हो जाता है और हमारे शरीर की भोजन से सम्बंधित जरूरतें भी बदल जाती हैं। किसी भी वयस्क के मुकाबले में आवश्यक पोषक तत्वों की शारीरिक ज़रुरताें में बदलाव होना बहुत प्राकृतिक रूप से आवश्यक है। एक अच्छी तरह से संतुलित आहार का सेवन हमारी उम्र के अनुसार स्वस्थ रहने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बहुत ज़रूरी है की हम अपने भोजन के बारे में किसी विशेषज्ञ से राय लेंते रहें। क्या न खायें क्या खाएं इन सब चीज़ों को ध्यान में रखते हुए यहाँ शुरू किया जा रहा एक नयी वीडियो श्रृंखला "क्या न खायें क्या खाएं". कार्बोहाइड्रेट्स इस श्रृंखला का पहला वीडियो कार्बोहाइड्रेट्स पर है। कार्बोहाइड्रेट्स हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इनको सिमित मात्रा से अधिक मात्रा में लेने से यह शुगर में परिवर्तित हो जाते हैं और कई बीमारियों को जन्म देते हैं। सामान्यतया ऐसा देखा गया है किभारतीय लाेगाें के आहार में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा काफी ज़्यादा होती है। इस वीडियो में समझाया गया है कि हमें किस प्रकार के कार्बोहाइड्रेट्स कितनी मात्रा में खाने चाहिएं और किस प्रकार के कार्बोहाइड्रेट्स से परहेज करना चाहिए। इस वीडियो को अंत तक देखें स्त्राेत : सीनेजर क्लब ।