होम आइसोलेशन या गृह पृथकवास किसे कहते हैं? व्यक्ति जो कोरोना संक्रमित हो उसे घर में अन्य लोगों से अलग रखा जाता है, इसको होम आइसोलेशन कहते हैं। होम आइसोलेशन में वही रह सकते हैं जिनको डॉक्टर ने सलाह दी हो। ऐसे रोगी को घर में एक अलग कमरा या अलग जगह में रखा जाना चाहिए जहाँ हवा के आने जाने की व्यवस्था हो। होम आइसोलेशन में 10 दिनों तक लगातार रहने और लगातार तीन दिनों तक बुखार न आने की अवस्था में रोगी होम आइसोलशन से बाहर आ सकता है। यहां ध्यान रखने की बात ये है कि भले ही आप संक्रमण से बाहर आ गए हैं परंतु घर पर ही रहें। कम से कम दस दिनों तक किसी से भी मिले जुलें नहीं। संक्रमित लोगों में से कुछ को ही अस्पताल जाने की जरूरत होती है। अधिकतर लोग होम आइसोलेशन में डॉक्टरी सलाह के मुताबिक दवा लेकर और कुछ निर्धारित नियमों का पालन कर संक्रमण मुक्त हो सकते हैं। डॉक्टर ने जिनको होम आइसोलेशन की सलाह दी है उनकी देखभाल के लिए एक व्यक्ति जो परिवार का सदस्य या कोई बाहरी व्यक्ति का होना जरूरी है ताकि वो रोगी की देखभाल के साथ डॉक्टर से भी सलाह मशविरा कर सके। गांव में होम आइसोलेशन या पृथकवास की व्यवस्था कैसे करें? अधिकतर गांवों मे लोगों के पास छोटे एक या दो कमरे वाले या मिटटी के घर होते हैं। ऐसे में अलग रहना संभव नहीं है। इसके लिए मुखिया या ग्राम प्रधान सरकारी अधिकारियों से बात कर गांव के सामुदायिक भवन या कम्युनिटी सेंटर और विद्यालय भवन को पृथकवास केंद्र बना सकते हैं। यहां लगे बिस्तरों मे 5 से 6 फीट की दूरी होनी चाहिए। कमरा हवादार हो, खिडकियां खुली रहनी चाहिए। पृथकवास सेंटर के जो भी व्यस्थापक हों वो ये सुनिश्चित करेगें कि वहां कोई भी बाहरी व्यक्ति ना आए। चाहे कोई रोगी के घर का ही सदस्य क्यों ना हो। वहां हर व्यक्ति मास्क पहने रहे इसको भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर को इसकी सूचना दें। यहां रहनेवाले संक्रमितों की देखभाल के लिए व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। ग्राम प्रधान या मुखिया को रोगियों के लिए खाने पीने की व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए। पृथकवास या अलग रहने की जरूरत किसको होती है ? संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क मे आए हर व्यक्ति को। संक्रमित व्यक्ति कौन होता है? जिस वातावरण में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति है वहां आसपास रहना जैसे कि ऑफिस, क्लासरूम और कोई समारोह या घर। किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के साथ यात्रा करना एक मीटर की दूरी में चाहे वह किसी प्रकार का वाहन हो। किसी ऐसे प्रदेश से गांव वापस आना जहां कोरोना संक्रमण की उच्चतर दर हो। अलग रहने या पृथकवास की अवधि कितनी होती है? जो व्यक्ति किसी संक्रमित या संभावित कोरोना रोगी के संपर्क में आ चुके हों अगर उस संपर्क का टेस्ट पॉजिटीव आता है तो उसके संपर्क में आए हर व्यक्ति को घर में 14 दिनों तक अलग या पृथकवास में रहना होगा जब तक उसका टेस्ट रिर्पोट निगेटिव नहीं आ जाता। स्त्राेत : स्वास्थ्य और संचार पेशेवरों की टीम द्वारा विकसित, समन्वयक-डॉ प्रदीप कुमार , डॉ एस के चौधरी, डॉ स्वर्ण सुमन, रेणुका तिवारी एवं उपेंद्र मिश्रा।