<h3 style="text-align: justify;">परिचय</h3> <p style="text-align: justify;">खुजली को अक्सर एटोपिक त्वचाशोथ के नाम से जाना जाता है। खुजली शब्द का उपयोग बड़े पैमाने पर त्वचा की समस्याओं के लिए किया जाता है। इसके लक्षणों में त्वचा का सूखापन एवं त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। इन्हें नीचे दिए गए लक्षणों से पहचाना जाता हैं:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>खरोंच</li> <li>लालिमा</li> <li>पपड़ीदार त्वचा। </li> </ul> <p style="text-align: justify;">जब शिशुओं में एटोपिक त्वचाशोथ होता है, तब इसे शिशु एक्जिमा के नाम से जाना जाता है। इन्फैंटाइल एक्जिमा बचपन और किशोरावस्था में होता है। इसमें प्राय: खोपड़ी और चेहरे पर क्रस्टिंग एवं रिसने वाले दाने हो जाते है। हालांकि यह शरीर पर कहीं भी हो सकता है। उपस्थित दानों में बदलाव की प्रवृत्ति होती है, जैसे कि बचपन में सूखे दाने एवं किशोरावस्था में पपड़ीदार या मौटे दाने। जबकि उनमें लगातार खुजली होती है। </p> <h3 style="text-align: justify;">लक्षण </h3> <p style="text-align: justify;">एटोपिक त्वचाशोथ से पीड़ित रोगी उत्तेजक पदार्थ, आहार एवं पर्यावरण से होने वाली एलर्जी के प्रति आसानी से प्रतिक्रिया करता है तथा उसे बहुत खुजली होती है। जैसे कि:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>लालिमा।</li> <li>त्वचा की सूजन (सूजन)।</li> <li>खुजली एवं सूखापन।</li> <li>त्वचा पर पपड़ी या त्वचा का चटखना/टूटना।</li> <li>पपड़ी।</li> <li>फुन्सी।</li> <li>दानों से स्राव या रक्त बहना।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">इसे कभी-कभी "खुजली वाले दाने" भी कहा जाता है, क्योंकि दाने होने से पहले खरोंच या खुजली वाली त्वचा को खरोंचने से घाव हो सकते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;">कारण</h3> <p style="text-align: justify;">एक्जिमा का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन यह विभिन्न कारकों के कारण होता है, जैसे कि:<br /> <br /><strong>आनुवंशिक</strong></p> <p style="text-align: justify;">यह प्रमाण से स्पष्ट हो गया है, कि एटोपिक त्वचाशोथ आनुवंशिक तत्त्वों की दृष्टि से विरासत में मिलता है। सभी जातियों के लोगों को एक्जिमा हो सकता है।<br /><strong> </strong><br /><strong>हिस्टामिन इंटोलरेंस</strong></p> <p style="text-align: justify;">एटोपिक त्वचाशोथ से पीड़ित लोगों के उपवर्ग हिस्टामिन के बाहरी स्रोतों से प्रभावित होते हैं, जो कि शरीर से बाहर के स्रोत है। यह खुजली और परेशानी पैदा करते है। टमाटर, पालक और बैंगन जैसी कुछ सब्जियां में स्वाभाविक हिस्टामाइन होते है।<br /> <br /><strong>उत्तेजक कारक</strong></p> <p style="text-align: justify;">निम्नलिखित कारक एटोपिक त्वचाशोथ के लक्षणों को पैदा करते हैं:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>पराग, फफूंदी, धूल के कण या जानवरों से एलर्जी।</li> <li>सर्दी में ठंडी एवं शुष्क हवा। </li> <li>सर्दी या फ्लू।</li> <li>उत्तेजक पदार्थों एवं रसायनों से संपर्क। </li> <li>ऊन जैसी मोटी सामग्रियों से संपर्क।</li> <li>रूखी त्वचा।</li> <li>भावनात्मक तनाव।</li> <li>लोशन या साबुन में सुगंध या कृत्रिम रंग मिलना।</li> <li>पराबैंगनी प्रकाश विकिरण।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">निदान</h3> <p style="text-align: justify;">एक्जिमा का निदान मुख्यत: निम्नलिखित के आधार पर किया जाता है।</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>इतिहास।</li> <li>लक्षण।</li> <li>शारीरिक परीक्षण। </li> </ul> <p style="text-align: justify;">*एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल संकेतक जानकारी प्रदान करता है। रोग का विकास हर व्यक्ति में अलग-अलग तरह से होता है, इसलिए वास्तविक निदान और उपचार के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।</p> <h3 style="text-align: justify;">प्रबंधन</h3> <p style="text-align: justify;">यद्यपि एटोपिक खुजली के लिए कोई उपचार उपलब्ध नहीं है, लेकिन दवाओं के माध्यम से लक्षणों को कम किया जा सकता है। एटोपिक खुजली के उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं में निम्नलिखित शामिल हैं:<br /> <br /><strong>इमोलि्यन्ट/चमड़ी को मुलायम करने वाली दवा</strong></p> <p style="text-align: justify;">इसका उपयोग हर समय रूखी त्वचा के लिए किया जाता है।<br /> <br />टॉपिकल कॉर्टिकोस्टेरॉइड</p> <p style="text-align: justify;">इसका उपयोग भड़कन के दौरान लालिमा एवं सूजन कम करने के लिए किया जाता है। <br /><br />*एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल संकेतक जानकारी प्रदान करता है। रोग का विकास हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है, इसलिए वास्तविक निदान और उपचार के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।</p> <h3 style="text-align: justify;">रोकथाम </h3> <p style="text-align: justify;">एक्जिमा से पीड़ित रोगियों को चेचक का टीकाकरण नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह उनमें एक्जिमा वैक्सीनेटम विकसित होने के ज़ोखिम का कारण हो सकता है। इससे उनमें गंभीरता एवं कभी-कभी घातक जटिलता पैदा हो सकती है।</p> <p style="text-align: justify;">नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार। </p>