<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify; "><span>परिचय</span></h3> <p style="text-align: justify; ">स्वास्थ्य विज्ञान ने मानव की आयु काफी बढा दी है, इसमें टीकाकरण का बडा योगदान है। बडी माता जैसी रोगों का नि:पात हुआ है। पोलियो जैसे नुकसानदेह रोगों से भी टीकाकरण मौलिक संरक्षण देता है। टीकाकरण के लिये एक सुनिश्चित समय सारणी है, जिसकी जानकरी यहाँ दी गयी है ।</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>टीकाकरण की समय सारणी</span></h3> <p style="text-align: justify; ">भारत सरकार ने टीकाकरण के लिये एक समयसारणी जारी की है। इसमें तपेदिक यानि टी.बी,<img class="image-right" src="https://static.vikaspedia.in/media/images_hi/health/diseases/93094b91793593f91c94d91e93e928/copy24_of_.jpg" />पोलियो, गलघोंटू,काली खॉंसी, टिटॅनस, खसरा और जिगर शोथ बी, इन सात रोगों के टीके शामिल है। तथापि भारतीय बालरोग परिषद और भी कुछ टीके सूचित करती है। इसके आगे टीका, उसका महीना और डोज़ क्रमांक दिया है।</p> <ul style="text-align: justify; "> <li>जन्म के बाद बी.सी.जी और मुँह से पोलियो बुंद दिया जाता है। (बालरोग परिषद यकृत शोथ बी का प्रथम टीका भी देती है।)</li> <li>छ हफ्ते बाद ट्रिपल प्रथम डोज़, पोलियो बूंद १, यकृत शोथ बी-१ दी जाती है। (बालरोग परिषद इस समय यकृत शोथ २ और हिप १ का टीकाभी देती है)</li> <li>दस सप्ताह बाद ट्रिपल २ और पोलियो बूंद २ और यकृत शोथ बी -२ (बालरोग परिषद हिब २ भी देती है।)</li> <li>चौदह हफ्ते बाद ट्रिपल ३, पोलियो बूंद ३ और यकृत शोथ बी -३ (बालरोग परिषद यकृत शोथ बी -३ तथा हिब ३ भी देती है।)</li> <li>नौ महीने के समय खसरा एक डोज़</li> <li>१६-२४ महीने ट्रिपल बूस्टर १ और पोलियो बूस्टर १ (बालरोग परिषद हिब बूस्टर और एम.एम.आर. टीकादेती है) एम.एम. आर. में गालगुब्बी, खसरा और जर्मन गोवर के टीके जारी है।</li> <li>दो वर्ष के साथ बालरोग परिषद मोतीझरा यानि टायफॉईड टीका देती है। यह टीका हर तीन बरस के बाद लेना जरुरी है।</li> <li>पॉंच वर्ष के समय डबल बूस्टर २ दिया जाता है (बालरोग परिषद ट्रिपल बूस्टर २, पोलियो बूंद ५ और एम.एम.आर २ देती है।</li> <li>दस वर्ष के साथ टिटॅनस बूस्टर दिया जाता है।</li> <li>सोलह वर्ष के साथ और एक टिटॅनस बूस्टर दिया जाता है।</li> <li>गर्भवती माताओं के लिये टिटॅनस के २ डोज़ १ महीना अंतराल से।</li> <li>अगले प्रसूती के समय टिटॅनस का सिर्फ १ डोज़ दिया जाता है।</li> <li>भारतीय बालरोग परिषद पुरस्कृत टीकाकरणसे थोडा जादा खर्च लगता है। लेकिन इससे जादा सुरक्षा भी मिलती है। लेकिन अपने जेब के हिसाब से यह तय करे।</li> <li>भारतीय बालरोग परिषद पोलियो बूंद के साथ पोलियो टीके का इंजेक्शन भी जरुरी समझती है। इससे पोलियोसे सौ प्रतिशत छुटकारा मिलता है।</li> <li>वैसे भारत सरकार के टीकाकरण सालमें सिर्फ अतिरिक्त एम.एम.आर. टीका चढाना पर्याप्त समझते है। यकृत शोथ बी का टीका इतना जरुरी नहीं।</li> </ul> <p style="text-align: justify; ">किशोरावस्था के लिये कुछ टीके</p> <p style="text-align: justify; "><strong>कुछ नये टीके अब उपलब्ध है। संभव हो तो ये टीके लेना ठीक रहेगा।</strong></p> <ul style="text-align: justify; "> <li>पीसीबी ७ टीका छठे हफ्तेके बाद लेना चाहिये। इससे बच्चा न्युमोनिया, मेनिंजायटीस और कर्णपी से बचता है।</li> <li>छोटी माता का टीका १५वे महीने बाद लेना चाहिये। यकृत शोथ ए १८ महीनेके बाद लेना चाहिये।</li> <li>बाल अतिसार की रोकथाम हेतू रोटाव्हायरस टीका ६ हप्ते बाद लेना ठीक होगा।</li> <li>गर्भाशय ग्रीवाके कॅन्सरके रोकथाम के लिये १४-१८ वर्ष उम्र की लडकियोंको एच.पी.व्ही. टीका देना ठीक होगा।</li> </ul> <h3><span>विशेष सुझाव</span></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर सब जरुरी टीके उपलब्ध है।</li> <li>स्वास्थ्य केंद्र में इसकी सारणी प्राप्त कर सकते है।</li> <li>स्वास्थ्य कर्मचारी और डॉक्टर के अनुसार सलाह ठीक से समझे और व्यवहार करे।</li> <li>कुछ टीके सौम्य बुखार लाते है। इससे डरने की कोई बात नहीं। जरुरत हो तो स्वास्थ्य सेवक को पूछ ले।</li> <li>सब टीके शीत रखने जरुरी है, अन्यथा टिके खराब होते है। शीत शृंखला के बारेमें कोई आशंका हो तो स्वास्थ्य कर्मचारी या डॉक्टरसे सलाह ले।</li> <li>किसी टीके को लेने में देरी हो तो अब वह कब लेना चाहिये इसके बारेमें स्वास्थ्य कर्मचारी को पूँछना चाहिये।</li> <li>टीकाकरण के समय बच्चों को विटामिन ए का डोज़ दिया जाता है। यह मात्रा हर छ: महीने लेना ठीक है। लेकिन समय सारणी के कारण १८ महीने के बाद इसकी मात्रा दी नहीं जाती। विटामिन ए के कारण बच्चों के आँखे स्वस्थ रहती है और संक्रमण की रोकथाम भी होती है। अपने गॉंव में या वॉर्ड में सौ प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण होने के लिये प्रयास करे।</li> </ul> <p style="text-align: justify; "> </p> <p style="text-align: justify; "><strong> स्त्रोत: </strong><a class="ext-link-icon" href="http://www.bharatswasthya.net/" target="_blank" title="अधिक जानकारी के लिए "> भारत स्वास्थ्य</a></p> </div>