<h3 style="text-align: justify;">परिचय </h3> <p style="text-align: justify;">निमोनिया एक या दोनों फेफड़ों के ऊतक की (सूजन) सूजन है। यह वह स्थिति होती है, जो कि प्राथमिक रूप से अल्वियोली (कूपिका) बोले जाने वाले वायु कूपों को प्रभावित करती है। यह सामान्यत: वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है तथा बेहद कम अन्य सूक्ष्मजीवों एवं कुछ दवाओं से होता है। वर्ष 2010 में यूनिसेफ के अध्ययन के अनुसार भारत में 5 वर्ष से कम आयु वर्ग के 3.97 लाख बच्चों की मृत्यु निमोनिया से हुई थी।</p> <h3 style="text-align: justify;">लक्षण </h3> <p style="text-align: justify;">सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>सांस लेने में तकलीफ़ जिसमें साँस तेज़ चलना और साँस धीरे चलना हो सकता है। </li> <li>दिल की धड़कन तेज़ चलना।</li> <li>बुख़ार।</li> <li>पसीना और कंपकंपी।</li> <li>भूख में कमी। </li> <li>सीने में दर्द।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">निमोनिया के कम सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>खांसी के दौरान रक्त (हेमोटाईसिस)। </li> <li>सिरदर्द।</li> <li>थकान। </li> <li>मिचली।</li> <li>उल्टी।</li> <li>घरघराहट।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">कारण</h3> <p style="text-align: justify;">निमोनिया मुख्य रूप से बैक्टीरिया या वायरस द्वारा तथा बेहद कम फफूंद और परजीवियों द्वारा होता है।<br /> <br /><strong>बैक्टीरियल निमोनिया</strong><br /> <br />समुदाय उपार्जित निमोनिया (सीएपी) के मुख्य कारक बैक्टीरिया है, जिसमें से स्ट्रेप्टोकॉकस निमोनिया लगभग 50% मामलों से जुड़ा होता है। आमतौर पर अलग तरह के अन्य बैक्टीरिया में हीमोफीलस इन्फ्युएंज़ा, क्लैमाइडोफिला निमोनिया और माइकोप्लाज्मा निमोनिया शामिल है। <br /> <br /><strong>वायरल निमोनिया</strong><br /> <br />विभिन्न वायरस जैसे कि राइनोवायसिस, कोरोनावायरस, इन्फ्लूएंजा वायरस और पैराइन्फ्लूएंजा शामिल है।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फफूंद निमोनिया</strong></p> <p style="text-align: justify;">इसका सबसे सामान्य कारण हिस्टोप्लाज़्मा कैप्स्यूलेटम, ब्लास्टोमाइसेस, क्रिप्टोकॉकस नियोफॉर्मन्स, न्यूमोनाइटिस जिरोवेसि और कॉकिडायोइडेस इमिटिस है। </p> <h3 style="text-align: justify;">निदान </h3> <p style="text-align: justify;">इनवेसिव न्यूमोकोकल रोग के लिए शीघ्र निदान और उपचार अति महत्वपूर्ण है। <br /> <br />यदि रोग, मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) या ब्लडस्ट्रीम (रक्तप्रवाह) में संक्रमण का संदेह है, तो रक्त या मस्तिष्कमेरु द्रव के नमूनों को एकत्र किया जाता हैं तथा उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया जाता है। रोग के कारण और उसकी गंभीरता को जानना अति महत्वपूर्ण है, ताकि उपचार को कारण के आधार पर बदला जाए। न्यूमोकोकल रोग के मामले में एंटीबायोटिक दवाएं रोग की गंभीरता को रोकने में मदद कर सकती हैं।<br /> <br />यदि इनवेसिव रोग के साथ न्यूमोकोकस बैक्टीरिया उपस्थित हैं, तो वे वृद्धि (संवर्धित) कर सकते है।<br /> <br />शारीरिक परीक्षण कभी-कभी रक्तचाप में कमी, उच्च हृदय दर या कम ऑक्सीजन बता सकता हैं। श्वसन दर सामान्य से तेज़ हो सकती है। यह स्थिति अन्य संकेतों से एक या दो दिन पहले दिखाई दे सकती है।</p> <h3 style="text-align: justify;">प्रबंधन</h3> <p style="text-align: justify;">आराम, दर्द निवारक दवाओं (दर्दनाशक दवाओं) जैसे कि इबुप्रोफेन। <br /> <br />संपूर्ण प्रबंधन के लिए एंटीबायोटिक्स तरल पदार्थ पर्याप्त है। एंटीबायोटिक्स बैक्टीरियल निमोनिया से पीड़ित रोगियों के परिणामों में सुधार करता है।</p> <h3 style="text-align: justify;">जटिलताएं</h3> <p style="text-align: justify;">निमोनिया से जुड़ी जटिलताएं इस प्रकार है:<br /><strong> </strong><br /><strong>निमोनिया परिफुफ्फुसशोथ</strong></p> <p style="text-align: justify;">निमोनिया परिफुफ्फुसशोथ उत्पन्न कर सकता है, जो कि फुस्फुस की सूजन है, यह आपके फेफड़ों और आपकी रिब पिंजरे के बीच दो पतली लिनिंग (अस्तर) में होता है।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेप्टीसीमिया</strong></p> <p style="text-align: justify;">निमोनिया की एक अन्य गंभीर जटिलता रक्त विषाक्तता है, जिसे सेप्टीसीमिया के नाम से जाना जाता है।</p> <p style="text-align: justify;">नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार। </p>