परिचय मेनिनजाइटिस मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु को ढंकने वाली सुरक्षा झिल्ली (मस्तिष्कावरण) में होने वाली सूजन के कारण होता है। मस्तिष्क और मेरुरज्जु के आसपास तरल पदार्थ का संक्रमण मेनिन्जेस में सूजन उत्पन्न करता है। मेनिनजाइटिस की गंभीरता और उपचार उसके अलग-अलग कारणों पर निर्भर करता हैं। इसलिए, मेनिनजाइटिस के विशिष्ट कारणों को जानना महत्वपूर्ण है। लक्षण मेनिन्जाइटिस का सबसे सामान्य लक्षण गंभीर सिरदर्द है, जिसके बाद गर्दन में जकड़न (गर्दन की मांसपेशियों में तनाव (टोन) के बढ़ने तथा उसमें होने वाली अकड़न के कारण गर्दन को आगे झुकाने में कठिनाई होती है) हो जाती है। शुरुआती लक्षण: बुख़ार। गंभीर सिरदर्द। मतली और उल्टी। मांसपेशियों, जोड़ों और अंगों जैसे कि पैरों या हाथों में दर्द। हाथों एवं पैरों में असामान्य ठंड या कंपकंपी लगना। पीला या धब्बेदार त्वचा और नीले होंठ। बाद के लक्षण: उनींदापन। भ्रम। दौरा या जकड़न। तीव्र प्रकाश को सहन करने में असमर्थता (फोटोफ़ोबिया)- यह छोटे बच्चों में बेहद कम होता है। गर्दन की जकड़न- जो कि छोटे बच्चों में बेहद कम होती है। उच्च श्वसन दर। कारण आमतौर पर मेनिनजाइटिस सूक्ष्मजीवों के संक्रमण के कारण होता है। अधिकतर संक्रमण वायरस के कारण होता हैं तथा बैक्टीरिया, फंगी और प्रोटोज़ोआ अन्य बेहद सामान्य कारण हैं। मोटेतौर पर मेनिनजाइटिस पांच प्रकार के होते हैं: बैक्टीरिया जनित मेनिनजाइटिस- बैक्टीरिया जनित मेनिनजाइटिस, जो कि निएसेरिया मेनिन्जाइटिडिस (मेनिन्जोकॉकस) या स्ट्रेप्टोकॉकस निमोनिया के कारण होता है तथा निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है। यह जीवन के लिए प्राणघातक हो सकता है, इसलिए तुरंत चिकित्सा देखभाल की सिफ़ारिश की जाती है। वायरल मेनिनजाइटिस- वायरल मेनिनजाइटिस, जो कि वायरस के कारण होता है तथा यह खांसने, छींकने और खराब स्वच्छता के माध्यम से फैलता है। परजीवी मेनिनजाइटिस- परजीवी मेनिनजाइटिस, प्राथमिक अमीओबिक मेनिनगोइनसीफैलिटिस (पीएएम), परजीवी मेनिनजाइटिस का एक दुर्लभ प्रकार है, जो कि घातक मस्तिष्क संक्रमण का कारण है। फफूंद मेनिनजाइटिस- फफूंद मेनिनजाइटिस, फफूंद मेनिनजाइटिस बेहद दुर्लभ है तथा यह सामान्यत: रक्त से मेनिन्जेस में पहुंचता है। यद्यपि कोई भी व्यक्ति फफूंद मेनिनजाइटिस से पीड़ित हो सकता है लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग, जैसे कि एड्स, मधुमेह या कैंसर से पीड़ित लोगों को पीड़ित होने का ज़ोखिम अधिक होता है। गैर संक्रामक मेनिनजाइटिस- गैर संक्रामक मेनिनजाइटिस व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन निम्नलिखित के कारण हो सकता है: कैंसर सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमैटोसस (ल्यूपस)। कुछ दवाएं। सिर की चोट। मस्तिष्क सर्जरी निदान मेनिनजाइटिस के नैदानिक परीक्षण में निम्नलिखित शामिल हैं: रक्त परीक्षण बैक्टीरिया या वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण किया जाता है, जिसके कारण मेनिनजाइटिस होता है। लम्बर पेंचर बैक्टीरिया या वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए रीढ़ की हड्डी के स्तंभ से सेरेब्रोस्पाइनल (सीएसएफ) द्रव का नमूना लिया जाता है तथा उसकी जांच की जाती है। कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन यदि कोई अन्य संदिग्ध समस्याएं जैसे कि मस्तिष्क की क्षति हैं, तो उसके लिए कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन किया जाता है। छाती का एक्सरे संक्रमण के संकेतों को देखने के लिए छाती का एक्स-रे किया जाता है। एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए सांकेतिक जानकारी प्रदान करता है। किसी भी प्रकार के निदान और उपचार के लिए आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। प्रबंधन मेनिनजाइटिस प्राणघातक रोग है तथा उपचार न होने पर मृत्यु दर ज़्यादा है। बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस सेफलोस्पोरिन जैसे एंटीबायोटिक्स अच्छे परिणाम देते हैं। क्लोरम्फेनिकोल, अकेले या एम्पीसिलीन संयोजन के साथ उपयोग किया जा सकता है और अच्छा परिणाम देता है। वायरल मेनिनजाइटिस वायरल मेनिनजाइटिस, बैक्टीरिया मेनिनजाइटिस की तुलना में अधिक हल्का/सामान्य है। इसमें केवल सहायक थेरेपी की आवश्यकता होती है, क्योंकि अधिकांश वायरस, जो कि मेनिनजाइटिस के लिए उतरदायी है, उनके लिए विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं हैं। फफूंद मेनिनजाइटिस क्रिप्टोकोकल मेनिनजाइटिस या कॉक्सिडाइआइड मेनिनजाइटिस जैसे फफूंद मेनिनजाइटिस को एम्फोटेरिसिन बी और फ्लिसीटोसाइन जैसी उच्च ख़ुराक एंटीफंगल की लंबी अवधि से उपचारित किया जाता है। गैर संक्रामक मेनिनजाइटिस गैर संक्रामक मेनिनजाइटिस का उपचार कॉर्टिज़ोन दवाओं से किया जा सकता है। कुछ मामलों में उपचार की आवश्यकता नहीं होती है और स्थिति अपने आप ठीक हो जाती है। एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए सांकेतिक जानकारी प्रदान करता है। किसी भी प्रकार के निदान और उपचार के लिए आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। जटिलताएं संभावित जटिलताओं में निम्नलिखित शामिल हैं: सुनने की क्षति, जो कि आंशिक या बिलकुल समाप्त हो सकती है। याददाश्त और एकाग्रता में समस्याएं। समन्वय और संतुलन में समस्याएं। सीखने की कठिनाई, जो कि अस्थायी या स्थायी हो सकती है। मिर्गी/जकड़न। सेरेब्रल पाल्सी- यह स्थितियों के समूह के लिए सामान्य शब्द है, जो कि समन्वय और गतिविधियों को प्रभावित करता है। बोलने में समस्या। दृष्टि हानि, जो कि आंशिक या बिलकुल समाप्त हो सकती है। नेशलन हेल्थ पाेर्टल एवं विकासपीडिया द्वारा स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए केवल सांकेतिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है। किसी भी निदान/उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्त्राेत : नेशलन हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , भारत सरकार।