परिचय गैर-अल्कोहॉलिक वसायुक्त यकृत रोग (एनएएफएलडी) वैश्विक स्तर पर क्रॉनिक लीवर डिजीज (दीर्घकालिक यकृत रोग) का एक प्रमुख कारण है। एनएएफएलडी एक चिकित्सीय स्थिति है जिसमें यकृत में अतिरिक्त वसा जमा (इकट्ठा) हो जाती है। वसा का यह जमाव अत्यधिक अल्कोहल उपभोग के कारण नहीं होता है। एनएएफएलडी अफ्रीका में 13.5% से लेकर मध्य पूर्व में 31.8% तक वैश्विक वयस्क आबादी के लगभग 25% को प्रभावित करता है। भारत में एनएएफएलडी की व्यापकता लगभग 9% से 32% है। एनएएफएलडी को दो उप-श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: गैर-अल्कोहॉलिक वसायुक्त यकृत या सरल वसायुक्त यकृत (एएएफएल) और गैर-मादक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच)। सरल वसायुक्त यकृत इस स्थिति में वसा बिना किसी सूजन और यकृत की क्षति के यकृत में जमा हो जाती है तथा जटिलताओं का कारण नहीं बनती है। गैर-मादक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) इस स्थिति में वसा जमने के अलावा यकृत कोशिकाओं में सूजन हो जाती है जिसके कारण यकृत में फाइब्रोसिस (लीवर का सिकुड़ना) या यकृत के निशान (लीवर की क्षति) हो जाता है तथा जो कि सिरोसिस या यकृत कैंसर का कारण बनता है। एनएएफएलडी बच्चों सहित किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। एनएएफएलडी के विकास में कई कारक जैसे कि एनएएफएलडी का पारिवारिक इतिहास या मेटाबॉलिक सिंड्रोम और पर्यावरण बदलाव जैसे कि आहार, जीवन शैली, मोटापे की उपस्थिति, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया योगदान करते हैं। लक्षण गैर-अल्कोहॉलिक वसायुक्त यकृत रोग (एनएएफएलडी) और गैर-मादक स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) मूक रोग हैं। आमतौर पर कुछ या कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लक्षण पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में थकान और पीड़ा के रूप में हो सकते हैं। कारण एनएएफएलडी उन लोगों में बेहद सामान्य है, जो कि निम्नलिखित स्थितियों से पीड़ित हैं: अत्यधिक वज़न या मोटापा इंसुलिन प्रतिरोध लिपिड प्रोफाइल का असामान्य स्तर ट्राइग्लिसराइड का उच्च स्तर कोलेस्ट्रॉल का असामान्य स्तर उच्च कुल कोलेस्ट्रॉल उच्च एलडीएल कोलेस्ट्रॉल न्यून एचडीएल कोलेस्ट्रॉल मेटाबोलिक सिंड्रोम कमर के आकार में वृद्धि ट्राइग्लिसराइड का उच्च स्तर न्यून एचडीएल कोलेस्ट्रॉल उच्च रक्तचाप सामान्य रक्त शर्करा से अधिक रक्त शर्करा मधुमेह टाइप 2 हाइपोथायरायडिज्म एनएएफएलडी के लिए कुछ जीन उत्तरदायी हो सकते हैं कम सामान्य कारण इस प्रकार से है: तेजी से वजन घटाना हेपेटाइटिस सी जैसे संक्रमण कुछ दवाएं जैसे कि एमिओडैरोन, डिल्टियाज़ेम, ग्लुकोकोर्टिकोइड्स, मिथोट्रेक्सेट, सिंथेटिक एस्ट्रोजन, टैमोक्सीफेन, वैल्प्रोइक एसिड निदान एनएएफएलडी का प्रारंभिक निदान ‘संभावित मूक प्रगतिशील वसा यकृत रोग’ (फैटी लीवर डिसीज़) से पीड़ित लोगों की पहचान करने के लिए उपयोगी है। एनएएफएलडी के लिए नैदानिक अभ्यास में चिकित्सा इतिहास, नैदानिक, जैव रासायनिक और रेडियोग्राफिक परीक्षण शामिल हैं। चिकित्सा इतिहास के लिए अधिक वजन या मोटापा लिपिड प्रोफाइल का असामान्य स्तर मेटाबॉलिक सिंड्रोम मधुमेह टाइप 2 जीवनशैली कारकों के बारे में जानकारी जैसे कि शारीरिक गतिविधि, आहार- शर्करा और स्टार्च से भरपूर आहार सेवन और अल्कोहल उपभोग शारीरिक परीक्षण शारीरिक परीक्षण के दौरान बॉडी मास इंडेक्स की गणना के लिए वज़न और ऊंचाई की जांच की जाती है और चिकित्सा देखभाल प्रदाता एनएएफएलडी के अन्य लक्षणों जैसे कि बढ़ते हुए यकृत, पीलिया आदि का भी पता लगाएगा रक्त परीक्षण यकृत प्रक्रिया परीक्षण (लीवर फंक्शन टेस्ट) और लिपिड प्रोफाइल, लेकिन नियमित लीवर टेस्ट से एनएएफएलडी का पता नही चलता हैं। • गैर-आक्रामक या न्यूनतम इनवेसिव बायोमार्कर जैसे फाइब्रोसिस-4 इंडेक्स (एफआईबी-4) और एनएएफएलडी फाइब्रोसिस स्कोर (एनएफएस)। इमेजिंग टेस्ट (छवि परीक्षण) अल्ट्रासाउंड कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन चुम्बकीय अनुनाद प्रतिबिम्बन लीवर बायोप्सी हालांकि लीवर बायोप्सी एनएएफएलडी निदान के लिए एक पुष्ट परीक्षण है, लेकिन एनएएफएलडी से सब पीड़ितों के लिए इसकी अनुशंसा नहीं की जाती है, क्योंकि यह आक्रामक (उपचार पद्धति जिसमें शरीर में चीरा लगाया जाता है) और महंगा है। le="text-align: justify;"> प्रबंधन एनएएफएलडी के प्रबंधन में जीवनशैली हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वजन घटाने के साथ कैलोरी प्रतिबंध (कैलोरी में कटौती) और शारीरिक गतिविधि जीवनशैली हस्तक्षेप में महत्वपूर्ण उपाय हैं। वजन प्रबंधन के लिए साधारण शर्करा, औद्योगिक फलशर्करा (फ्रुक्टोज) और संतृप्त वसा उपभोग में कटौती सहित एरोबिक और प्रतिरोध व्यायाम दोनों आवश्यक हैं। नए अध्ययनों से पता चलता है, कि मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे कि मेवा, बादाम, काजू, अंडे, न्यून वसायुक्त आहार की तुलना में अधिक लाभदायक हैं। वजन घटाने की सलाह के माध्यम से लीवर में होने वाली वसा, सूजन और फाइब्रोसिस (लीवर का सिकुड़ना) को कम किया जा सकता है। एनएएफएलडी के उपचार के लिए कोई दवा स्वीकृत नहीं की गयी है, लेकिन विभिन्न दवाएं इस स्थिति से जुड़ी समस्याओं के प्रबंधन में उपयोगी हो सकती हैं। एनएएफएलडी से पीड़ित लोगों को, जो कि अल्कोहल उपभोग करते है, उन्हें अल्कोहल उपभोग के लिए अनुशंसित सीमा के भीतर रहने के महत्व के बारे में जानकारी होनी चाहिए। बैरिएट्रिक सर्जरी जीवनशैली में बदलाव और फार्माकोथेरेपी की असफलता वाले रोगियों में ‘बेरिएट्रिक सर्जरी’ वज़न और मेटाबॉलिक संबंधी जटिलताओं को कम करने का एक विकल्प है। जटिलताएं साधारण फैटी लीवर एनएएफएलडी का अधिक सामान्य रूप है तथा यह जटिलताओं को विकसित नहीं करता है। हालांकि एनएएफएलडी से सिरोसिस और लीवर कैंसर हो सकता है। एनएएफएलडी से पीड़ित लोगों में हृदय रोग विकसित होने की संभावना अधिक होती है। रोकथाम स्वस्थ जीवन शैली एनएएफएलडी की रोकथाम और प्रबंधन की आधारशिला है। स्वस्थ आहार चयन स्वस्थ आहार चुनें, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा भरपूर मात्रा में शामिल हों तथा स्वस्थ आहार में इनका हिस्सा संतुलित हों। अपने आहार में संतृप्त वसा और ट्रांस वसा के बजाए मोनोअनसैचुरेटेड वसा और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, विशेषकर ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करें। (संतृप्त वसा- मांस, पोल्ट्री स्किन (मुर्गी की त्वचा), मक्खन, शूकर की चरबी, चरबीदार (शार्टनिंग) तथा दुग्ध और दुग्ध उत्पादों में पाई जाती है) ट्रांस वसा हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल है, जिनका उपयोग व्यावसायिक रूप से पके हुए खाद्य पदार्थों जैसे कि कुकीज़ और केक तथा तले हुए खाद्य पदार्थ जैसे डोनट्स और फ्रेंच फ्राइज़ में किया जाता है। मोनोअनसैचुरेटेड वसा जैतून, मूंगफली और कैनोला तेलों में पाई जाती हैं। पॉलीअनसेचुरेटेड वसा मकई, सोयाबीन और कुसुम के तेल और कई प्रकार के मेवा में पायी जाती हैं) लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स जैसे कि फल, सब्जियां और साबुत अनाज से युक्त खाद्य पदार्थ भरपूर मात्रा में खाएं। जबकि सफेद ब्रेड, सफेद चावल और आलू अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ हैं। (ग्लाइसेमिक सूचकांक वह पैमाना है, जो बतलाता है कि कोई खास खाद्य पदार्थ कितनी तेजी से और कितनी धीमी गति से शरीर में शुगर (रक्त शर्करा स्तर) को बढ़ाता है) ऐसे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से बचें, जिनमें साधारण शर्करा अधिक मात्रा में होती है। अत्यधिक अल्कोहल उपभोग से बचें। स्वस्थ वजन को बनाए रखना यदि आप अधिक वजन या मोटापे से पीड़ित हैं, तो आप प्रतिदिन खाएं जाने वाली कैलोरी की मात्रा को कम करके तथा अधिक व्यायाम करके अपने वजन को कम और नियंत्रित रख सकते है। यदि आपका स्वस्थ वजन है, तो स्वस्थ आहार चुनकर और व्यायाम करके इसे बनाए रखने के लिए कार्यरत रहें। व्यायाम यदि आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं कर रहे हैं, तो पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें और सप्ताह के अधिकांश दिनों के लिए अपनी व्यायाम योजना बनाए। एनएएफएलडी के बारे में अधिक जानकारी जानें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी एनपीसीडीसीएस के साथ नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लीवर डिसीज़ (एनएएफएलडी) के एकीकरण को लेकर परिचालन दिशा-निर्देशों के बारे में जानने के लिए क्लिक करें। स्त्राेत : नेशनल हेल्थ पाेर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार।