<h3 style="text-align: justify;">डाटा संग्रह, मिलान और विश्लेषण</h3> <p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र के पूणे शहर में स्थित पिंपरी चिंचवाड़ में कोविड-19 की स्थिति पर नजर रखने और निगरानी के लिए पीसीएमसी में एक कोविड-19 वार रूम की स्थापना हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत आने वाले इस शहर में बने इस वार रूम में डाटा संग्रह, मिलान और विश्लेषण के लिए तकनीक समाधानों का उपयोग किया गया है, जिससे कदम उठाना आसान होगा और तुरंत फैसले लिए जा सकेंगे। वार रूम में इन डैशबोर्ड परिचालन में और इनसे प्रशासना को काफी सहायता मिल रही है।</p> <h3 style="text-align: justify;">स्वास्थ्य देखभाल और मरीज निगरानी डैशबोर्ड</h3> <p style="text-align: justify;">पीसीएमसी ने एक डैशबोर्ड विकसित किया गया है, जो कोविड संबंधी मामलों, परीक्षण और स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्थाओं पर रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराता है। ऑनलाइन माध्यम से सभी अस्पतालों को डैशबोर्ड तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है, जहां हर अस्पताल द्वारा जानकारियां भरी जाती हैं और आईसीसीसी स्थित डैशबोर्ड रियल टाइम आधार पर अपडेट होता है। यह डैशबोर्ड कोविड उपचार उपलब्ध कराने वाले 10 अस्पतालों से मिले डाटा पर नजर रखता है, जिसमें बिस्तर क्षमता, नमूना जांच, पॉजिटिव और क्वारंटाइन मामले शामिल हैं।</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://static.vikaspedia.in/mediastorage/image/image0012CMU.jpg" width="170" height="149" /></p> <h3 style="text-align: justify;">कोविड-19 जीआईएस डैशबोर्ड</h3> <p style="text-align: justify;">लोकेशन आधारित सूचना प्रणाली को घरों में क्वारंटाइन लोगों (नक्शे पर बैंगनी रंग से चिह्नित हैं), कोविड-19 पॉजिटिव लोगों (लाल रंग से चिह्नित) की पिछली लोकेशन, क्षेत्र की घेराबंदी (काली रेखाएं), गली बंद आदि की जिओ टैगिंग की जाती है। एक बार मरीज कोविड-19 पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी पिछली लोकेशन को डैशबोर्ड पर चिह्नित कर दिया जाता है। इसी प्रकार घरों में क्वारंटाइन सभी लोगों को नक्शे पर चिह्नित किया जाता है। इस जानकारी को एक हीट मैप तैयार करने में उपयोग किया जाता है, जिससे कम जोखिम से ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों के वर्गीकरण में सहायता मिलती है। इस डैशबोर्ड को कोविड-19 के इपिसेंटर चिह्नित करने में उपयोग किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य विभाग को कीटाणुनाशकों छिड़काव के लिए स्थानों की पहचान में सहायता मिलती है। चिकित्सा विभाग कार्यबल भेजकर घर-घर अभियान चलाने और अतिरिक्त मामलों की पहचान करने के लिए इसी जानकारी का उपयोग करता है। इस भौगोलिक जानकारी से क्षेत्रों की पहचान में सहायता और आगे प्रसार रोकने में सहायता मिलती है। जीआईएस डैशबोर्ड और सिटी सर्विलांस डैशबोर्ड की पहुंच पूरे शहर में है।</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://static.vikaspedia.in/mediastorage/image/image002N70U.jpg" width="175" height="153" /></p> <h3 style="text-align: justify;">सिटी सर्विलांस डैशबोर्ड</h3> <p style="text-align: justify;">गतिविधियों की निगरानी के लिए पीसीएमसी के क्षेत्र में आने वाले 85 स्थानों पर कुल 298 ‘प्वाइंट-टिल्ट-जूम’ सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। इस सर्विलांस प्रणाली को आईसीसीसी में स्थापित किया गया है और पीसीएमसी तथा पिंपरी छिंछवाड पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से इसकी निगरानी की जा रही है। पीसीएमसी वीडियो एनालिटिक्स भी कर रहा है, जिससे सर्विलांस कैमरों से किसी भी स्थान पर 3 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने के मामले की जानकारी मिलने पर अलर्ट जारी किए जाएंगे। ऐसे ही अन्य कदमों को और क्रमबद्ध तरीके से उन्हें लागू करने की योजना है।</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://static.vikaspedia.in/mediastorage/image/image003LF2Y.jpg" width="181" height="158" /></p> <h3 style="text-align: justify;">सारथी हैल्पलाइन डैशबोर्ड</h3> <p style="text-align: justify;">पीसीएमसी में सारथी (हैल्पलाइन जानकारी के माध्यम से नागरिकों और पर्यटकों की सहायता की प्रणाली) नाम से एक समर्पित हैल्पलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां नागरिक सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए अनुरोध कर सकते हैं। हैल्पलाइन के माध्यम से मिलने वाली सभी कॉल ऑडियो फाइल के रूप में सुरक्षित हो जाती है और तारीख, अनुरोध की प्रकृति, जिम्मेदार विभाग तथा क्षेत्र, अनुरोध को बंद करने की स्थिति के आधार पर दस्तावेज भी तैयार किए जाते हैं। आईसीसीसी में बना सारथी का डैशबोर्ड मुख्य अनुरोध/ नागरिकों की शिकायतों, अनुरोध/ शिकायत समाधान की स्थिति, क्षेत्रवार अनुरोध/ शिकायतकर्ताओं आदि पर विश्लेषण उपलब्ध कराता है। सिर्फ 2 सप्ताह में पीसीएमसी स्मार्ट सारथी ऐप के अभी तक 30,000 डाउनलोड हो चुके हैं; ट्विटर फॉलोवर तीन गुने और फेसबुक फॉलोवर लगभग दोगुने हैं। वार रूम से कोविड-19 के मरीजों और क्वारंटाइन किए गए लोगों की निगरानी हो रही है।</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://static.vikaspedia.in/mediastorage/image/image0040NLG.jpg" width="222" height="196" /></p> <p style="text-align: justify;">स्त्रोत: पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार।</p>