हमारा जीवन हमारे विचारों का दर्पण है। लाइफ इस मैनिफ़ेस्ट स्टेशन ऑफ आवर थॉट्स। यह सच है हम जैसा सोचते हैं वैसा ही बनते हैं। रोज़ हमारे मन में 60 से 70 हज़ार थॉट्स आते हैं और इनमें ज़्यादातर नकारात्मक विचार नेगेटिव थॉट्स ही होते हैं। हमारी सोच का हमारे शरीर के हर एक भाग पर, हर एक सेल पर बहुत गहरा असर पड़ता है। पाजिटिव एफॉर्मेशंस ऐसे खुद को कहे जाने वाले शक्तिशाली मंत्र है जो हमारे सबकॉन्शस माइंड, हमारे अवचेतन मन को पूरी तरह से बदलने की ताकत रखते हैं। स्रोत: सीनेजर्स क्लब