परिचय आहार की मानव जाति का आधार स्तंभ है मानव जो आहार करता है वह पचकर शरीर ये स्पूर्ति पैदा करता हैं जिन तत्वों से शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी पूर्ण होकर शरीर की बढ़कर होती है। ऐसे खाद्य पदार्थों को भावेन था आहार कहते हैं अहार के आवश्यक अंग प्रोटीन, वसा, शर्करीय पदार्थ खनिज लवण विटामिन और जल होते हैं आहार तीन तरीकों से शरीर को पोषित करता है और इन्हीं कार्यों के आधार पर आहार को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है। शक्तिवर्धक आहार आहार जिनमें वसा या चिकनाई वाले तथा शर्करीय पदार्थों की अधिकता होती है, शरीर को ईंधन देने के काम आता है यानि शरीर में में रस होकर बहुत से कार्यों के लिए शक्ति प्रदान करता है, अन्न, कंदमूल, सूखे डये फल भी इसके अंतर्गत आते हैं अन्न में प्रोटीन खनिज लवण और कुछ विटामिन भी पाए जाते हैं। शरीर को बचाने वाले आहार-आहार - जिनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है जैसे दूध, मांस, मछली, अंडे, दालें, तिलहन और गरी वाले पदार्थ थे आहार शरीर की मांस पेशियों को बनाने और उनके रखरखाव और मरम्मत के लिए प्रोटीन प्रदान करते हैं। शरीर की रक्षा करने वाले आहार आहार जिनमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज लवण की अधिकता होती है इसको दो भागों में बांटा जा सकता है। पहला आहार जिसने विटामिन, खनिज लवण और उच्च जीवनीय मूल्य को प्रोटीन की अधिकता होती है जैसे दूध, अंडे, मांस, मछली और जिगर और दूसरा आहार में जिसमें कुछ विटामिन और खनिज लवण की अधिकता होती है जैसे सब्जियां और फल यह आहार शरीर में जीवन-प्रक्रिया के सुचारू रूप से चलाएं के लिए विटामिन और खनिज लवण प्रदान करता है उपरोक्त वर्णन से स्पष्ट है कि ताजे, साग, कंदमूल और फल मेवें आदि शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और ऊर्जा देने वाले आहार के प्रमुख अंग है। हरी पत्ती वाली सब्जियां हरी पत्ती वाली सब्जियां में विटामिन “ए” को पैदा करने वाला कैरोटिन बहुतायत से पाया जाता है जो कि हामरी आँखों को स्वस्थ रखता है इसके साथ-साथ इनमें कैल्शियम, रिबेफ्लेविन, फौलिक अम्ल और विटामिन ‘सी’ भी पाए जाते हैं। प्रतिदिन की खुराक में 50 से 100 ग्राम तक उम्र के अनुसार इसका सेवन करना जरुरी है। रक्षण वर्ग के आहार में थे सस्ते पदार्थ है। कंदमूल इस वर्ग के महत्वपूर्ण खाद्य आलू, शकरकंद, गाजर, जमी कंदओं अरबी है इसमें शर्कर, बहुतायत से पाई जाती है कुछ सब्जियों में विटामिन ‘सी’ भी पाया जाता है। गाजर और पीले शकरकंद में न ’कैरोसीन” बहुतायत में पाया जाता है आलू में कुछ प्रोटीन होता है परन्तु शकरकंद में प्रोटीन बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है इसके बावजूद उपरोक्त तीनों खाद्य, मावेन में अनाज के बदले उपयोग में लाये जाते हैं। इनकी अत्यधिक पैदावार से सस्ते दामों में शक्ति वर्द्धक आहार की प्राप्ति की जा सकती है भावेन के कंदमूल की मात्रा कम से कम 100 ग्राम प्रतिदिन तो होनी चाहिए। अन्य सब्जियां इस वर्ग में हरे साग और कंदमूल के अलावा अन्य सब्जियां आती हैं वैसे करेला, लोको, भिन्डी इत्यादि इनमें कुछ मात्रा 59 ग्राम प्रतिदिन भोजन में होनी चाहिए। फल - साधारनतया फलों में विटामिन काफी मात्रा में पाया जाता है। आम और पपीते में “कैरोटिन” प्रचुर मात्रा में होता है। आंवला और अमरुद विटामिन’ सी’ के प्रमुख स्रोत है। इसके अलावा विटामिन ‘सी’ बेर, नीबूं व वर्गीय फल, टमाटर, पपीता और अन्नास में भी पाया जाता है। विटामिन “ए’ एवं विटामिन ‘सी’ क्रमशः आँखों एवं मसूड़ों को स्वस्थ्य रखते हैं। ताता फलों में प्रोटीन और वासा नाम मात्र होते हिं परन्तु खनिज और लवण के ये प्रमुख स्रोत है। संतुलित आहार को लिए भोजन में प्रतिदिन इनका 90 ग्राम होना जरुरी है। लेखन : प्रबिन्द्र शर्मा स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार