उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व जागरूकता के माध्यम से साफ सफाई और खुले में शौच जाने की प्रथा को समाप्त करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगो के सामान्य जीवन स्तर में सुधार लाना है एवं वर्ष 2019 तक सम्पूर्ण भारत को पूरी तरह से स्वच्छ बनाना है। मुख्य प्रावधान इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए 12,000 रू. की आर्थिक मदद भी प्रदान की जा रही है। इस राशि का उपयोग ग्रामीणों को व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण, हाथ धोने के लिये वाश बेसिन तथा शौचालय की सफाई के लिए जल भंडारण की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिये किया जायेगा। शौचालय बनाते समय निम्न बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए - शौचालय का निर्माण एक बार में ही पूरा करायें, जिसमें डबल पिट शौचालय, पानी की टंकी एवं हाथ धोने के लिए एक वाश बेशिन अवश्य हो। पिट यानि गड्ढ़े में ईटों से चिनाई या सीमेंट का खंडा डला होना चाहिये। डबल पिट के शौचालय में प्रत्येक गड्ढ़े का साइज 4 फुट गहरा, 4 फुट लम्बा तथा 4 फुट चौड़ा होना चाहिये तथा एक गड्ढ़े से दूसरे गड्ढ़े की दूरी कम से कम 3 फीट होनी चाहिये। ये दोनों पिट शौचालय के नजदीक होते है जो कि एक सेंक्शन बॉक्स से जुड़े होते है जिनकी आपस में दूरी कम से कम एक मीटर होनी चाहिए तथा ये पिट किसी नल या पानी के स्त्रोत से कम से कम 15 मीटर यानि 40-45 फीट की दूरी पर हो। लाभार्थी का बैंक में खाता अवश्य खुला होना चाहिये ताकि यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जा सके एवं एक राशन कार्ड पर केवल एक ही शौचालय का निर्माण होगा। शौचालय निर्माण में आर्थिक सहायता प्राप्त करने की प्रकिया आवेदक को शौचालय बनवाने से पहले गांव के सरपंच या ग्राम सचिव को जानकारी देना अनिवार्य हैं। शौचालय निर्माण के उपरान्त आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम गाँव के सरपंच या अतिरिक्त उपायुक्त (ए.डी.सी.) कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करे। इसके बाद फॉर्म को भर के, सरपंच से प्रमाणित करवा के या तो सरपंच के पास या सीधे अतिरिक्त उपायुक्त (ए.डी.सी.) कार्यालय में जमा किया जा सकता है। आवेदक को फॉर्म के साथ शौचालय के साथ अपनी एक रंगीन फोटो भी लगानी पड़ती है। फॉर्म जमा करने के बाद शौचालय का सर्वेक्षण होता है तथा देखा जाता है कि शौचालय ठीक से बना है या नहीं। इसें साथ ही इस बात की भी जांच की जाती है कि शौचालय का प्रयोग किया जा रहा है या नहीं। सब कुछ ठीक होने पर जांच के बाद आर्थिक सहायता की राशि को व्यक्ति के बैंक खाते में जमा करा दिया जाता है। अधिक जानकारी के सम्पर्क करें जिला स्तर जिला विकास व पंचायत अधिकारी (डी.डी.पी.ओ.) कार्यालय अतिरिक्त उपायुक्त (ए.डी.सी.) कार्यालय, उपायुक्त (डी.सी.) कार्यालय। राज्य स्तर डायरेक्टर (पंचायत विभाग) हरियाणा, पंचायत भवन, प्लाट नंबर-3, सेक्टर 28-सी, चंडीगढ़-160028. फोन नंबर 0172-२६५४७२५ स्रोत: एस. एम. सहगल फाउंडेशन।