कौशल 1. गर्भधारण करने का समय जानने का तरीका महिलाओं को प्रायः अपनी जनन क्षमता का एहसास हो जाता है| अगर उन्हें समझाया जाए तो वह उसे अच्छी तरह व्यक्त कर सकती हैं| ग्रामीण स्वास्थ्यकर्मी को चाहिए कि वह महिलाओं की समझाएँ कि वह अपने मासिक धर्म को उसके विभिन्न चरणों में ध्यान से देखें| योनि स्राव और शलेष्मा (कफ के समान चिपचिपा पदार्थ) को वह ऊँगली और अंगूठे के बीच लेकर उसकी जाँच कर सकती हैं| महिला स्वास्थ्यकर्मी को चाहिए कि वह उन्हें निम्नलिखित सुझाव देकर योनि स्राव की जाँच करना सिखाएँ| योनि को थोड़ा अन्दर तक अंगूठे और ऊँगली से छुएँ और वहाँ मौजूद स्राव से थोड़ा स्राव ले लें| अंगूठे और ऊँगली को तनिक मलें और धीरे-धीरे दोनों को अलग करें| अगर अंगूठे और ऊँगली को मलते हुए उन्हें सूखे पन का एहसास होता है तो ऊँगली पर कोई स्राव नहीं आया है| इसका मतलब है कि स्राव है ही नहीं है| अगर अंगूठे और ऊँगली को अलग करने से स्राव का तार टूट जाता है तो यह गर्भधारण का समय नहीं है| अगर स्राव थोड़ा सा खींचता है और बीच में ही तार टूट जाता है तो यह शायद गर्भधारण करने के समय की शुरुआत है| अगर ऊँगली पर गीलेपन का एहसास है, स्राव में लस है और वह ऊँगली और अंगूठे के बीच खींचता है तो यह महिला के डिम्ब उत्सर्ग का समय है| इस समय गर्भित होने की पूरी संभावना है| कौशल २. घर पर माहवारी के लिए गद्दियाँ (पैड) कैसे बनाएँ महिलाओं को माहवारी का रक्तस्राव सोखने के लिए कपड़े या रुई की आवश्यकता होती है| इनकी गद्दियाँ घर पर बनाई जा सकती हैं| इनको इस्तेमाल करने से कपड़े ख़राब नहीं होते| उनको घर से बाहर निकलने में कोई परेशानी नहीं होतो| गद्दी इस्तेमाल करने से योनि तथा त्वचा के रोगों से भी बचाव होता है| घर पर गद्दी तैयार करने के लिए रुई और साफ सूती कपड़े की जरूरत होती है| घर पर गद्दी या पैड बनाते समय महिला को चाहिए कि वह धुला और धुप में सुखाया हुआ कपड़ा इस्तेमाल करें| धुप में सुखाने से अधिकतर कीटाणु मर जाते हैं| कपड़ा ऐसा ले जिसका रंग न निकले और जो मुलायम व नमी सोखने वाला हो| जिन कपड़ों का रंग निकलता है वह गीला होने पर महिला के कपड़ों पर दाग डाल देंगें| योनि की त्वचा में उनके रंग से जलन या खुजली भी हो सकती है| महिला इतना कपड़ा ले हो रुई को पूरी तरह ढक दे| एक दिन में 3 से 5 गद्दियों की जरुरत पड़ सकती है| महिला को अपनी जरुरत के अनुसार गद्दियाँ तैयार रखनी चाहिए| हर गद्दी के लिए रुई और कपड़ा पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए| उसे चाहिए कि दोनों को अच्छी तरह लपेट ले ताकि मासिक का स्राव बाहर न निकले| गद्दी को बदलने के बाद रुई को कागज में मोड़ कर कूड़ेदान में फ़ेंक दे और कपड़े को अच्छी तरह धो कर धुप में सुखाकर दुबारा इस्तेमाल के लिए तैयार करे| स्रोत:- जननी/ जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची|