<div id="MiddleColumn_internal"> <h3><span>भूमिका</span></h3> <p style="text-align: justify; "> </p> <p style="text-align: justify; ">सीता एक बच्चा है| उसकी उम्र एक साल की है| सीता अब भी अपने बच्चे को अपना दूध पिलाती है| बच्चे के जन्म के 6 माह बाद सीता की माहवारी पहले जैसी शुरू हुई| अब उसे हर माह समय से माहवारी होने लगी|</p> <p style="text-align: justify; ">एक साल तक सब कुछ ठीक था| के माह सीता देवी की माहवारी नहीं हुई| उसने या बात अपने पति अर्जुन को बताई| दोनों बहुत चिंतित हुए| उन्हें लगा कि सीता फिर से गर्भवती हो गई है| उनके चिंता की वजह भी थी| इस दौरान दोनों ने ही किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल नही किया था|</p> <p style="text-align: justify; ">अर्जुन और सीता ने आपस में विचार कर या तय किया था कि दूसरा बच्चा दो साल के बाद करेंगे| वे अभी बच्चा नही चाहते थे| परन्तु सीता अब गर्भवती हो गई है| यही अनचाहा गर्भ है|</p> <h3 style="text-align: justify; "><span style="text-align: justify; ">अनचाहा गर्भ की स्थिति</span></h3> <p style="text-align: justify; ">यदि गर्भ ठहर गया हो और पति-पत्नी गर्भ की अवस्था को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं तो या एक अनचाहा गर्भ की स्थिति है|</p> <p style="text-align: justify; ">हमने पूर्व में सावित्री और प्रीति की कहानी देखी उर पढ़ी है| दोनों हो अपनी गर्भवस्था को आगे नहीं बढ़ाना चाहती है| ऐसे हो बहुत से दम्पति होते है, जो गर्भावस्था को आगे नहीं बढ़ाना चाहते है|</p> <p style="text-align: justify; ">स्रोत:- जननी/ जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची| <strong> </strong></p> </div>