शुरुआती प्रक्रिया मरीज से दर्द या खून गिरने की जानकारी लें ट्रस्टमिसो की दो गोली खाने के लिए दें या इसे मार्ग में भी रखा सकता है है? उसे कुछ देर तक क्लिनिक पर ही बिस्तर पर लेटने कहें दवा देने के बाद महिला एवं उसके पति से निम्म बातों पर चर्चा अवश्य करें दवा के दुष्प्रभाव एवं प्रकिया के दौरान होने वाली जटिलता, सफलता एवं असफलता की संभावना, गर्भपात के दौरान या बाद गर्भनिरोधक का इस्तेमाल उल्टी होना तेज बुखार दस्त होना थकावटपेट दर्द एवं चक्कर दवा के दुष्प्रभाव प्रश्न- दूसरी दवा लेने के कितने दिन बाद गर्भपात हो जायेंगा? जबाव-- 75% में दवा के चार से छः घंटे बाद गर्भपात की प्रकिया शुरू हो जाती है| यह गर्भपात 1 से 5 दिनों में इनमें पूर्ण हो जाता है| मगर 25% महिलाओं में खून गिरने की प्रक्रिया करीब 15 दिनों तक होती है और इस दौरान उनका पूर्ण गर्भपात होता है| कभी कभी गर्भपात अपूर्ण भी रह जाता है| प्रश्न – किसी महिला को यह कैसे पता चलेगा कि गर्भपात अधुरा ही रह गया है? इसके लक्षण हैं? जबाव – यूँ तो अधूरे गर्भपात की जानकारी चिकित्सा ही क्र सकते हैं पर कुछ लक्षण इस प्रकार है:- मीसो की गोली खाने के 24 घटें के अन्दर कम खून गिरना या खून का बिलकुल न गिरना क्योंकि पूर्ण गर्भपात में तीव्र दर्द के साथ थक्कों भरा खून दो चार घंटे मन आता है| सवाल- दवा द्वारा गर्भपात की मुख्य जटिलता क्या है? जबाव- अत्यधिक रक्तस्राव अधुरा गर्भपात गर्भधारण का चलता रहना दवा के बाद तेज बुखार आना दवा के 24 घंटें तक तनिक भी खून न गिरना| उपुर्युक्त सभी स्थितियों में शल्य चिकित्सा द्वारा गर्भपात को पूर्ण करवा लेना चाहिए| डॉक्टर के सलाह द्वारा तुरंत ही इलाज पूरा करवा लें| अन्यथा यह परेशानी का कारण बन सकता है| सवाल- असफलता की संभावना कितनी है? जबाब – 2 से 5% तक असफलता की संभावना है| सवाल- अत्यधिक रक्तस्राव किसे कहते है? जबाव – यदि किसी महिला को दो घंटे में 4 या अधिक गद्दी खून से गीले हो जाये तो या अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति है| निर्देशों जो मरीज को घर भेजने से पहले देखना है घर भेजने से पहले एक बार मरीज के योनि की जाँच कर लें| यदि उल्टी बुखार हो तो उसकी दवा दे दें| पतला दस्त, चक्कर और थकावट जैसा महसूस हो सकता है| इसलिए सुथरे बाजार के सैनिटरी पैड इस्तेमाल करे| यदि 24 घंटें तक तनिक भी खून न गिरे तो तुरंत आकर चिकित्सा से सलाह लें जब तक बिलकुल ही खून का गिरना न रुके| पति के साथ सम्बन्ध न बनायें| 15वें दिन क्लिनिक अवश्य आएं| स्रोत:- जननी/ जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची|