<p style="text-align: justify;">केन्द्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के बुनियादी ढांचे के लिए संशोधित व्यापक दिशा निर्देश और मापदंड जारी कर दिए हैं। इन दिशा निर्देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यक्तिगत स्वामियों और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p> <p style="text-align: justify;">इलेक्ट्रिक वाहनों के स्वामी अपने वाहन चार्ज करने के लिए अपने घरों और कार्यालयों में मौजूदा बिजली कनेक्शनों का प्रयोग कर सकते हैं। दिशा निर्देशों के अनुसार कोई व्यक्ति या कोई संस्थान सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकता है। इसके लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे चार्जिंग स्टेशनों में बिजली मंत्रालय, ऊर्जा कुशलता ब्यूरो औऱ केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के तकनीकी, सुरक्षा और प्रदर्शन के मापदंड और तरीकों का पालन करना होगा।</p> <p style="text-align: justify;">सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी व्यापक प्रावधान किए गए हैं। इनमें न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों को शामिल किया गया है बल्कि नए भारतीय मानक भी जोड़े गए हैं। चार्जिंग स्टेशनों को वित्तीय रूप से अनुकूल बनाने के लिए भूमि के इस्तेमाल के आधार पर दर तय की गई है।</p> <p style="text-align: justify;">बिजली मंत्रालय ने बताया है कि इन दिशा निर्देशों को भारत में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए जारी किया गया है। इससे देश में सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती और सबकी पहुंच में आने वाला चार्जिंग बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा। </p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : समाचार सेवा प्रभाग, आकाशवाणी।</p> <p style="text-align: justify;"> <br /> <br /> </p>