<p style="text-align: justify;">इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और आवास तथा शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के डिजिटल ज्ञान प्राप्ति के लिए विशेष अभियान के प्रमुख भाग का शुभारम्भ किया गया है। शुरू किया गया यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के दृष्टिकोण के अनुरूप है।</p> <p style="text-align: justify;">इस विशेष अभियान का उद्देश्य यूपीआई क्यूआर कोड पर रेहड़ी-पटरी वालों की डिजिटल ज्ञान प्राप्ति में तेजी लाना और उन्हें डिजिटल भुगतान के माध्यम से लेनदेन स्वीकार करने का काम शुरू करना है। पेटीएम, फोन पे, भारत पे, एमस्वाइप और एसवेयर सहित पांच प्रमुख एग्रीगेटर्स ने रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को डिजिटल रूप से भीम-यूपीआई क्यूआर कोड के साथ जोड़ने के लिए 45 दिनों के विशेष अभियान में भाग लेने के लिए सहमति व्यक्त की है।</p> <p style="text-align: justify;">यह अभियान देश भर के 223 शहरों को शामिल करेगा, जिसमें लगभग 8,68,184 रेहड़ी-पटरी वाले विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के तहत शामिल होंगे। डिजिटल पेमेंट एग्रीगेटर रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल भुगतान के लाभों जैसे कि सुविधा, बढ़ी हुई परिचालन क्षमता, धन का निर्बाध हस्तांतरण, लागत बचत, पारदर्शिता और सुरक्षा के बारे में शिक्षित करेगा। वे पेनी ड्रॉप ट्रांजेक्शन और डिजिटल रूप से भुगतान करने और भुगतान स्वीकार के लिए आवश्यक कोई भी अन्य सहायता प्रदान करके रेहड़ी-पटरी वालों की मदद करेंगे।</p> <p style="text-align: justify;">योजना के तहत डिजिटल भुगतान लेनदेन और ऋण चुकाने के डेटा सहित डिजिटल फुटप्रिंट से रेहड़ी-पटरी वालों की क्रेडिट प्रोफाइलिंग में मदद मिलेगी। इससे रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक ऋण व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा और असंगठित क्षेत्र के वित्तीय समावेशन में मदद मिलेगी। इससे स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक क्रेडिट इकोसिस्टम में शामिल किया जा सकेगा और असंगठित क्षेत्र के वित्तीय समावेशन में मदद मिलेगी।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार।</p>