<p style="text-align: justify;">केंद्रीय शिक्षा मंत्री और जनजातीय कार्य मंत्री द्वारा संयुक्त रूप से 50,000 स्कूल शिक्षकों के लिए 'स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण कार्यक्रम' का शुभारंभ किया गया है। </p> <p style="text-align: justify;">स्कूली शिक्षकों के लिए यह अभिनव और अपनी तरह का अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य 50,000 स्कूल शिक्षकों को नवाचार, उद्यमिता, आईपीआर, डिजाइन थिंकिंग, उत्पाद विकास, विचार सृजन आदि के बारे में प्रशिक्षण देना है। कार्यक्रम को शिक्षा मंत्रालय के नवोन्मेष एकांश और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद-एआईसीटीई द्वारा स्कूली शिक्षकों के लिए "उच्च शैक्षिक संस्थान के संकाय सदस्यों के लिए नवाचार राजदूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" के आधार पर डिजाइन किया गया है। प्रशिक्षण केवल ऑनलाइन माध्यम से दिया जाएगा।</p> <p style="text-align: justify;">शिक्षा मंत्री श्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि शिक्षकों का हमारे जीवन में सबसे बड़ा प्रभाव है। हमारा लक्ष्य अपने छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए अपने शिक्षकों को परिवर्तन-एजेंट और नवाचार का दूत बनाना है। प्रौद्योगिकी दुनिया को नया आकार दे रही है और हमारे छात्रों में न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक चुनौतियों का भी समाधान करने की क्षमता है। शुरू किया गया कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के नवोन्मेष एकांश, जनजातीय कार्य मंत्रालय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-सीबीएसई और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद-एआईसीटीई द्वारा एक सहयोगात्मक प्रयास है, जो बदले में लाखों छात्रों को नवाचार क्षमताओं के साथ पोषित करेगा, नवाचार की संस्कृति विकसित करेगा तथा एक नए और जीवंत भारत की नींव रखेगा।</p> <p style="text-align: justify;">केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से नवाचार के क्षेत्र में अपनी नई पहल शुरू की है जिससे देश भर में बड़ी संख्या में आदिवासी बच्चों के लिए स्कूलों को लाभ होगा। जनजातीय कार्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के दूरगामी परिणाम होंगे जो नए भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने में मदद करेंगे। स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण कार्यक्रम-एसआईएटीपी बच्चों की रचनात्मकता को नई ऊंचाई देगा और एक मंच प्रदान करेगा ताकि वे अपने विचारों से दुनिया को कुछ नया दे सकें। आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) प्रधानमंत्री का एक और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है जिसके तहत अगले तीन वर्षों में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 740 ऐसे विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रों को स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण कार्यक्रम से बहुत लाभ होगा क्योंकि जनजातीय कार्य मंत्रालय का भी प्रयास है कि आदिवासी बच्चों को हरसंभव सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान की जाए। शिक्षकों के लिए इस अद्वितीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के बीच रचनात्मकता, सहयोग, महत्वपूर्ण सोच और संचार कौशल के विकास को प्रमुखता दी गई है और पूरे कार्यक्रम में एकलव्य स्कूलों का एकीकरण आदिवासी बच्चों का सार्थक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार। </p>