<p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्‍यम से प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना की अगली किस्‍त जारी की गई है। नौ करोड़ पचास लाख लाभार्थी किसान परिवारों को 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खाते में डाली गई। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश कुछ ही दिनों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने जा रहा है और यह लोगों के लिए यह तय करने का अवसर है कि वे 25 वर्षों में देश को कहां देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में आजादी के सौ वर्ष पूरा होने तक भारत की स्थिति तय करने में किसानों की बड़ी भूमिका है। यह भारत की कृषि को एक दिशा देने का समय है, जो नई चुनौतियों का सामना कर सकता है और नए अवसरों का लाभ उठा सकता है।</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर किसानों से अब तक की सबसे बड़ी खरीद की है, चाहे वह खरीफ हो या रबी मौसम। इससे करीब एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये धान के लिए और करीब 85 हजार करोड़ रुपये गेहूं की फसल के लिए सीधे किसानों के खाते में पहुंच गए हैं। पिछले छह वर्षों में देश में दालों के उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने देश के किसानों से कुछ साल पहले दालों की कमी होने पर दालों का उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया था।</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने बताया कि खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय मिशन- ऑयल पाम यानी एन एम ई ओ-ओपी NMEO-OP शुरू किया गया है। मिशन के माध्यम से कुकिंग ऑयल इकोसिस्टम में 11 हजार करोड़ से अधिक का निवेश किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज से लेकर नवीनतम तकनीक तक सभी सुविधाएं मिलें। श्री मोदी ने कहा कि भारत पहली बार कृषि निर्यात के मामले में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में पहुंचा है। देश ने कोविड महामारी के दौरान कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं।</p> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश की कृषि नीतियों में छोटे किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले वर्षों में छोटे किसानों को सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने के लिए गंभीर प्रयास किए गए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक किसानों को एक लाख 60 हजार करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने पीएम किसान के लाभार्थियों से भी बातचीत की।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : समाचार सेवा प्रभाग, आकाशवाणी।</p>