इसका जीव जिवसृष्टि पर क्या परिणाम होता है ? जलवायु परिवर्तन दुनिया के मानव जीवन और समस्त प्राणी जीवन के लिये एक खरता बन चुका है। लगातार जलवायु में बदलाव के कारण पृथ्वी की जीवसृष्टि को तनाव झेलना पड रहा है, और उनमें कुछ बदलाव भी हो रहे है। जलवायु परिवर्तन क्या है? किसी एक भौगोलिक क्षेत्र का लम्बे समय के लिए जो हवामान होता है उसे जलवायु कहते है। लम्बा समय यानी की कुछ दशक या फिर कई सदियाँ। जलवायु परिवर्तन को पूरे विश्व में भी देखा जा सकता है। हाल ही में पूरे विश्व का तापमान बढ़ रहा है तो इसका असर पूरे विश्व में दिखाई दे रहा है। या फिर, जलवायु एक लंबे समय में या कुछ दशकों में किसी भौगोलिक स्थान का औसत मौसम है और जलवायु परिवर्तन उन्हीं औसत परिस्थितियों में बदलाव है। और इसी बदलाव के कारण उस क्षेत्र के सजीव सृष्टि को ख़तरा पैदा हो जाता है। जलवायु के बदलाव के क्या कारण है? मानव अपनी प्रगति और उन्नत जिवशैली बनाने के लिए प्राकृतिक साधन सम्पत्तियों का इस्तेमाल करता है। इसमे कोयला एक मुख्य साधनसम्पत्ति है। कोयले का इस्तेमाल मानव सदियों से अपने ऊर्जा की ज़रूरत को पूरा करने के लिए करते आ रहा है। 35 % से लेकर 40 % तक ऊर्जा की ज़रूरत मानव कोयले से करता है। कोयले को जलाने से उसमें से कार्बन मुक्त होता है यह कार्बन पृथ्वी का तापमान बड़ने का मुख्य कारण है। पृथ्वी को जो सुरज से जो ऊर्जा मिलती है उसमें से कुछ ऊर्जा पृथ्वी वापस सौर मंडल में भेजती है कार्बन और अन्य कुछ गैस मिलकर उस ऊष्णता को पृथ्वी से बाहर जाने नहीं देते। इस वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के मुख्य कारण: