भूमिका बिहार के कई गांवों में अभी लोगों को शुद्ध पानी नहीं है। जिसकी वजह से आये दिन लोग गंभीर बीमारियों के शिकार होते हैं। सरकार ने फिर गांव के लोगों को शुद्ध पानी पहुंचाने कार्य शुरू करने के प्रयास किये हैं।घरों में पेयजलापूर्ति के लिए पाइप बिछाने का काम होगा। पाइप बिछाने के लिए टेंडर निकाल कर चयनित कांट्रैक्टर का माध्यम अपनाया गया है। फ्लोराइड प्रभावित टोले में घरों में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट के साथ पाइप बिछाने की याेजना है।। वित्तीय औपचारिकताओं को पूरा किया जाना फ्लोराइड प्रभावित 500 टोले में पाइप से पानी पहुंचाने पर 214 करोड़ तीन लाख 50 हजार खर्च होंने की संभावना है। फ्लोराइड ग्रस्त 500 टोले में पाइप से जलापूर्ति के लिए निकाले गये टेंडर में पांच कंपनियां हैं- मैकमिलन इंडिया, आइएलएबीएन, ऐवियन इंटरसेल, हाइटेक स्वीट टॉवर व विमल कंस्ट्रक्क्शन हैं। सभी कंपनियों के कागजात की जांच हो रही है। टेक्निकल बीड में सफल कंपनियां फिनांशियल बीड में शामिल की जाती है। फिनांशियल बीड में सफल कांट्रैक्टर को एक साल में पाइप बिछाकर घर-घर जलापूर्ति काम पूरा करना हाेता है। कंपनी को डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति व चालू करने के साथ पांच साल तक रखरखाव करना हाेता है। वो जिले जो हैं फ्लोराइड प्रभावित पहले फेज में 500 टोले चिह्नित : पीएचइडी विभाग पहले फेज में पांच ग्रुप में 500 टोलों को चिह्नित किया है। फ्लोराइड प्रभावित 11 जिले में सर्वे कर 500 टोलों में लघु जलापूर्ति योजना के तहत काम होना है। फ्लोराइड प्रभावित नालंदा में 25, गया में 25, औरंगाबाद में पांच, रोहतास में 10, कैमूर में 15, नवादा में 20, भागलपुर में 50, बांका में 200, मुंगेर में 25, शेखपुरा में 25 व जमुई में 100 टोले में पाइप के द्वारा घरों में पानी पहुंचेगा। घरों में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए सौर ऊर्जा चालित बोरिंग के साथ ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की याेजना है। आवश्यक तत्व एवं बीमारी फ्लोराइड : दांत खराब होना सोडियम क्लोराइड : उच्च रक्तचाप आयरन : बच्चों के शारीरिक व मानिसक विकास में बाधा, व्यस्क में गुर्दे का रोग, गैस्ट्रिक नाइट्रेट : नवजात शिशु में ब्लू बेबी बीमारी, मैथमोग्लोबिनियमिया कैल्शियम : जोड़ों में तकलीफ, अकड़न और हिड्डयों में मुड़ाव आर्सेनिक : त्वचा रोग, कैंसर सल्फर : पेट की बीमारियां सोडियम : हृदय, गुर्दा व रक्त चाप बोरोन : स्नायु तंत्न में परेशानी लेखन : संदीप कुमार, स्वतंत्र पत्रकार