अधिसूचना विभिन्न स्रोतों के साथ-साथ, औद्योगिक कार्यकलापों, निर्माण कार्यकलापों, जनरेटर सेटों, लाउड स्पीकर, सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों, म्यूजिक सिस्टम, वाहनों के हॉर्न और अन्य यांत्रिक उपकरणों के कारण सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते हुए परिवेशी शोर से मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ लोगों की मनोवैज्ञानिक तंदुरुस्ती पर भी हानिकारक प्रभाव होते हैं; अत: यह जरूरी समझा गया है कि शोर पैदा करने वाले स्रोतों को विनियमित एवं नियंत्रित किया जाए ताकि शोर से संबंधित परिवेशी वायु गुणवत्ता के मानक बनाए रखे जा सकें; मसौदा प्रदूषण (नियंत्रण और विनियमन) नियमावली, 1999, भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय में संख्या का.आ. 528 (ङ), दिनांक 28 जून, 1999 के तहत प्रकाशित किया गया था जिस पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए थे; और उक्त राजपत्र की प्रतियां जनता को 1 जुलाई, 1999 को उपलब्ध करा दी गई थीं; उक्त मसौदा नियमों के संबंध में जनता से प्राप्त की गई आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा उचित प्रकार से विचार किया गया अत:, पर्यावरण (संरक्षण) नियमावली, 1986 के नियम 5 के साथ पठित, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का 29) की धारा 3 की उपधारा (2) के खंड (ii), धारा 6 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (ख) तथा धारा 25 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार शोर उत्पन्न करने वाले स्रोतों के विनियमन एवं नियंत्रण हेतु एतद्द्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, नामत:- ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियमावली, 2000 संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ इन नियमों को 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियमावली, 2000' कहा जाए। ये सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रभावी हो जाएंगे। परिभाषाएं इन नियमों में, जब तक संदर्भ के अनुसार अन्यथा अपेक्षित न हो- "अधिनियम" का अर्थ है पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का 29); "क्षेत्र/ अंचल" का अर्थ है ऐसे सभी क्षेत्र जो इस नियमावली के साथ अनुबंधित अनुसूची में दी गई चार श्रेणियों में से किसी में भी आते हों; "प्राधिकरण" का अर्थ है और इसमें शामिल हैं केंद्र सरकार, अथवा जैसा मामला हो, राज्य सरकार द्वारा लागू कानूनों के अनुसार द्वारा प्राधिकृत किए गए सभी प्राधिकारी अथवा अधिकारी और इसमें जिलाधीश, पुलिस आयुक्त, अथवा ऐसे सभी अधिकारी शामिल हैं जो पुलिस उप-अधीक्षक से नीचे के रैंक के न हों जिन्हें उस समय लागू किसी कानून के संबंध में परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों के रखरखाव के निए नामोद्दिष्ट किया गया हो; "न्यायालय" का अर्थ है एक या अधिक न्यायाधीशों से बना निकाय जो विवादों पर निर्णय सुनाने और न्याय प्रदान करने के लिए बैठते हैं और इसमें सभी ऐसे न्यायालय शामिल हैं जिनकी अध्यक्षता कोई न्यायाधीश, एक से अधिक न्यायाधीश अथवा मजिस्ट्रेट करे और जो दीवानी, काराधान और फौजदारी मामलों में एक न्यायाधिकरण के तौर पर कार्य कर रहा हो; "शैक्षिक संस्था" का अर्थ है कोई विद्यालय, पाठशाला, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पेशेवर अकादमी, प्रशिक्षण संस्थान या अन्य शैक्षिक प्रतिष्ठान, जो जरूरी नहीं चार्टर्ड संस्थान हो और इसमें न केवल भवन शामिल हैं, बल्कि मानसिक, नैतिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी चीजों सहित वे सभी अहाते भी शामिल हैं जो शैक्षिक अनुदेश की पूरी गुंजाइश हासिल करने के लिए जरूरी हों; "अस्पताल" का अर्थ है बीमार, घायल, अशक्त अथवा वृद्ध व्यक्तियों को लेने और उनकी देखभाल करने वाली कोई संस्था, और इसमें सरकारी या निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक शामिल हैं; "व्यक्ति" के अंतर्गत कोई भी कंपनी या संघ या व्यक्तियों का निकाय शामिल होगा, चाहे वह निगमित हो या नहीं; संघ शासित क्षेत्र के संबंध में "राज्य सरकार" का अर्थ है, संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत नियुक्त किया गया वहां का प्रशासक। विभिन्न क्षेत्रों/अंचलों के लिए शोर की दृष्टि से परिवेशी वायु गुणवत्ता के मानक विभिन्न क्षेत्रों/अंचलों के लिए शोर की दृष्टि से परिवेशी वायु गुणवत्ता के मानक उस प्रकार होंगे जैसे कि इस नियमावली के साथ अनुबंधित अनुसूची में विनिर्दिष्ट किए गए हैं। राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लिए शोर मानकों के कार्यान्वयन के उद्देश्य से, क्षेत्रों को औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय अथवा शांति वाले क्षेत्रों/अंचलों में वर्गीकृत करेगी। राज्य सरकार वाहनों की आवाजाही से निकलने वाले शोर सहित, शोर को कम करने के उपाय करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि मौजूदा शोर का स्तर इन नियमों के तहत विनिर्दिष्ट किए गए परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों से अधिक न हो। सभी विकास प्राधिकरण, स्थानीय निकाय और अन्य संबंधित प्राधिकरण विकास कार्यकलापों की योजना बनाते समय अथवा भूमि उपयोग की योजना से संबंधित कार्यों को करते समय, जीवन की गुणवत्ता के मानक के तौर पर ध्वनि प्रदूषण के सभी पहलुओं को ध्यान में रखेंगे ताकि शोर के कष्ट से बचा जा सके और शोर के संबंध में परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने का उद्देश्य प्राप्त किया जा सके। इन नियमों के प्रयोजन के लिए अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं और अदालतों के आसपास का का क्षेत्र जो 100 मीटर से कम न हो, शांति वाला क्षेत्र/अंचल घोषित किया जाए। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने की जिम्मेदारी किसी भी क्षेत्र/अंचल में शोर के स्तर, परिवेशी वायु गुणवत्ता के लिए शोर के मानकों से अधिक नहीं होंगे जो अनुसूची में विनिर्दिष्ट किए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के उपायों तथा शोर के संबंध में परिवेश वायु गुणवत्ता मानकों का अनुपालन लागू करने के लिए प्राधिकरण जिम्मेदार होगा। लाउड स्पीकरों/सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के प्रयोग पर सीमाएं लाउड स्पीकर अथवा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली का प्रयोग नहीं किया जाएगा, सिवाय उस स्थिति के जब प्राधिकरण से लिखित अनुमति पहले ले ली गई हो। बंद परिसरों में संप्रेषण के प्रयोजन, जैसे कि ऑडिटोरियमों, सम्मेलन कक्षों, सामुदायिक हॉलों और बैंकेट हॉलों को छोड़कर, रात के समय (10:00 बजे रात से लेकर 6:00 बजे सुबह के बीच) लाउड स्पीकर अथवा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली का प्रयोग नहीं किया जाएगा। उप-नियम (2) में दी गई किसी भी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार सीमित अवधि के किसी भी सांस्कृतिक अथवा धार्मिक त्योहार के अवसर पर जिसकी अवधि कुल मिलाकर एक कैलेंडर वर्ष में पंद्रह दिन से अधिक नहीं होगी, ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए जरूरी निबंधन और शर्तों के अध्याधीन, रात के समय (10.00 बजे रात्रि से लेकर 12.00 मध्यरात्रि के बीच) लाउड स्पीकर अथवा सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के उपयोग की अनुमति प्रदान कर सकती है। शांत वाले अंचल/क्षेत्र में किसी भी उल्लंघन के परिणाम जो कोई, शांति वाले अंचल/क्षेत्र के अंतर्गत शामिल किसी भी स्थान पर निम्नलिखित में से कोई भी अपराध करेगा, वह अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंड का भागी होगा- जो भी, कोई संगीत चलाएगा या किसी भी ध्वनि प्रवर्धक का प्रयोग करेगा, जो कोई, ड्रम या ढोलक या हार्न बजाएगा चाहे वह म्यूजिकल हो या प्रेशर हार्न हो, या तुरही बजाएगा या किसी उपकरण का वादन करेगा या उससे आवाज करेगा, अथवा जो कोई, भीड़ को आकर्षित करने के लिए किसी प्रकार की नकल, संगीत या अन्य प्रदर्शन करेगा। प्राधिकरण को की जाने वाली शिकायतें यदि शोर का स्तर परिवेशी शोर मानक से 10 dB (A) अधिक या और अधिक हो जो किसी क्षेत्र/अंचल के संगत कॉलम में दिया गया है, तो कोई व्यक्ति प्राधिकरण को शिकायत कर सकता है। प्राधिकरण शिकायत पर कार्रवाई करेगा और इन नियमों तथा सभी अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अनुसार उल्लंघनकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करेगा। संगीत ध्वनि या शोर को जारी रखने से निषिद्ध करने की शक्ति यदि प्राधिकरण किसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की रिपोर्ट से या प्राप्त हुई अन्य सूचना से संतुष्ट हो कि जनता को अथवा आसपास किसी संपत्ति में रह रहे या कब्जा लिए हुए किसी व्यक्ति को कष्ट, अशांति, तकलीफ या चोट को रोकने अथवा कष्ट, अशांति, तकलीफ या चोट का जोखिम रोकने के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो वह निम्नलिखित को रोकने, निषिद्ध करने, नियंत्रित करने अथवा विनयमित करने के लिए किसी भी व्यक्ति को एक लिखित आदेश के द्वारा ऐसे निर्देश जारी कर सकता है जिन्हें वह आवश्यक समझता हो - किसी भी परिसर में या उसके निकट निम्नलिखित घटना होना या उसका जारी रहना कोई भी स्वर संगीत या वाद्य संगीत, लाउडस्पीकरों, सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों, उपकरणों या तंत्रों या युक्तियों सहित, जो ध्वनि उत्पादन या पुन: उत्पादन करने में सक्षम हों, किसी भी उपकरण को चलाने, बजाने, थपकी देकर बजाने या किसी भी तरह से प्रयोग करने के कारण उत्पन्न होने वाली ध्वनियां, अथवा किसी भी परिसर में या उसके निकट, कोई भी ऐसा व्यापार, उद्यम या परिचालन कार्य अथवा प्रक्रिया संचालित करना जिसके कारण शोर पैदा हो या जिसमें शोर शामिल हो। उप-नियम (1) के अधीन शक्तिप्राप्त प्राधिकरण अपनी पहल पर, अथवा उप-नियम (1) के तहत दिए गए किसी आदेश से पीड़ित किसी व्यक्ति के आवेदन पर, किसी भी ऐसे आदेश को रद्द कर सकता है, संशोधित या बदल सकता है; बशर्ते, ऐसे किसी भी आवेदन का निपटान करने से पहले, उक्त प्राधिकरण आवेदक को व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधित्व करने वाले किसी व्यक्ति के माध्यम से अपने समक्ष पेश होने तथा आदेश के विरुद्ध कारण साबित करने का अवसर प्रदान करेगा, और यदि प्राधिकरण ऐसे किसी भी आवेदन को पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से अस्वीकृत करता है, तो इस प्रकार अस्वीकार करने के कारण दर्ज करेगा। स्रोत: केन्द्री य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार