भूमिका भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था सीमित (इरेडा) एक मिनी रत्न (श्रेणी-I), भारत सरकार का प्रतिष्ठान जो नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कम्पनी है । इरेडा सार्वजनिक लिमिटेड सरकारी कम्पनी है जिसे वर्ष 1987 में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में “नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा दक्षता / संरक्षण से संबंधित परियोजनाओं (प्रोजेक्ट) को लगाने हेतु बढ़ावा देने, विकसित करने और वित्तीय सहायता देने के लिए स्थापित की गई जिसका उद्देश्य शाश्वत ऊर्जा” है । वित्तीय सहायता के दिशा-निर्देश इस प्रकार से हैं- सहायता के लिए पात्र सेक्टर लघु पनबिजली 25 मेगावाट से अधिक के माध्यम और वृहद पनबिजली परियोजनाएं पवन ऊर्जा जैव-ऊर्जा सौर ऊर्जा ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा संरक्षण बायोईंधन/वैकल्पिक ईंधन नवीन व उभरते प्रौद्योगिकियां विकासात्मक कार्य/नव पहल योजना के प्रकार परियोजना वित्तीय उपकरण वित्तीय विनिर्माण के लिए ऋण वित्तीय मध्यवर्ती कमिशन हो चुकी परियोजनाओं का वित्तीयन जिसमें अन्य बैंकों/वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण अधिग्रहण (टेक-ओवर) शामिल है एसडीएफ ऋण पर अतिरिक्त/तात्कालिक (ब्रिज) ऋण प्रतिभूतिकरण पर ऋण व्यवसाय विकास सहयोगी-गण पात्रता की सामान्य शर्तें सभी प्रकार के आवेदक, जिनके पास ऋण लेने की शक्तियां हैं और उनके पास उनके चार्टर के अनुसार अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं को चलाने की शक्तियां हैं, निम्नलिखित को छोड़कर, इरेडा से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं - - ट्रस्ट/सोसायटी द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के उपबंध के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से बैंक गारंटी देने/अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जारी एफडीआर रेहन रखने पर ही उन्हें वित्तीय करने पर विचार किया जाएगा। व्यक्ति, प्रोप्राइटरी कंसर्न और प्रोपाइटरी फर्म (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप-एलएलपी को छोड़कर) द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के उपबंध के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से बैंक गारंटी की प्रतिभूति देने/अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा जारी एफडीआर रेहन रखने पर ही वित्तीयन सहायता। पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के लेखा परीक्षित वार्षिक लेखों के अनुसार संचित घाटे वाले आवेदक (परिसम्पत्तियों, यदि कोई है, के पुन- मूल्यांकन के प्रभाव को ध्यान में रखते बिना) जब तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से बैंक गारंटी की प्रतिभूति/अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक द्वारा जारी एफडीआर की रेहन न दी गई हो। प्रचालन के पिछले वर्ष के लेखा परीक्षित वार्षिक लेख के अनुसार हानि उठाने वाले आवेदक जब तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से बैंक गारंटी की प्रतिभूति/अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक द्वारा जारी एफडीआर की रेहन न दी गई हो। उपर्युक्त (iii) और (iv) के अंतर्गत प्रावधान स्पेशल पर्पस वेहिकल (एसपीवी) द्वारा समर्थित परियोजनाओं के मामले में प्रारंभिक एवं प्रचालन पूर्व खर्चों से हुई हानि और ऋणों के अधिग्रहण के मामले में मूल्यह्रास से हुई हानि पर और निम्नलिखित के मामले में लागू नहीं होगे - - कंपनियां जिनको विलय समापन/विलयन/अधिग्रहण/एकीकरण के कारण हानि हुई है। एकबारीय व्यय की बुकिंग की वजह से हानि बशर्तें यदि ऐसा नहीं होता तो लाभ अर्जन करने वाली कंपनी होती। ऐसे आवेदक जिन्होंने वित्तीय संस्थानों, बैंकों, एनबीएफसी और/अथवा इरेडा के बकायों के भुगतान में चूक किया हो। आवेदक/ग्रुप कंपनियां और/अथवा आवेदक कंपनी के मुख्य प्रोमोटर आवेदन जमा करने के समय इरेडा के बकायों के भुगतान में चूक किया हो। आवेदक/ग्रुप कंपनियां और/अथवा आवेदक कंपनी के मुख्य प्रोमोटर को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा परिभाषित/अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा वर्गीकरण के अनुसार जानबूझकर चूक करने वाले के रूप में वर्गीकृत किया गया हो। पुराने उपकरण और मशीनरी को शामिल करने वाली परियोजनाएं। आवेदक/ग्रुप कंपनियां और/अथवा आवेदक कंपनी के मुख्य प्रोमोटर जिन्होंने इरेडा से एकबारीय भुगतान किया है। भारत के बाहर पंजीकृत आवेदक। आवेदक/ग्रुप कंपनियां और/अथवा आवेदक कंपनी के मुख्य प्रोमोटरों को क्रिमिनल/आर्थिक अपराध अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत न्यायालय द्वारा सिद्धदोषी ठहराया गया हो। न्यूनतम ऋण राशि जब तक किसी योजना/कार्यक्रम विशेष के अंतर्गत छूट न दी गई हो इरेडा से न्यूनतम ऋण राशि की पात्रता 50 लाख रुपए होगी। अधिकतम स्थगन अवधि, वापसी अदायगी अवधि तथा न्यूनतम प्रोमोटर अंशदान से संबंधित वित्तीय मानदंड पात्रता रखने वाली विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के विषय में अधिकतम स्थगन अवधि, वापसी अदायगी अवधि और न्यूनतम प्रोमोटरों अंशदान से संबंधित वित्तीयन मानदंड को संक्षिप्त में अनुलग्नक - क में प्रस्तुत किया गया है। ब्याज दर की शासकीय प्रयोज्यता प्रत्येक संवितरण के समय विद्यमान ब्याज दर संस्वीकृति के समय रेट की गई ग्रेड के अनुसार लागू होगी। वर्तमान ब्याज दर, परियेाजना के कमिशनिंग या प्रथम संवितरण की तिथि से दो वर्ष बाद, जो भी पहले हो और उसके बाद प्रत्येक दो वर्षों पर रिसेट (पुनर्निधारण) के शर्त के अधीन है। प्रथम संवितरण के पहले कमिशन हो गई परियेाजनाओं के लिए प्रथम रिसेट प्रथम संवितरण के दो वर्षों बाद होगी। अपशिष्ट से ऊर्जा और सीआरआरएस रेटिंग द्वारा कवर न किए गए अन्य ग्रिड से असंबद्ध परियोजनाओं के लिए ब्याज दर प्रत्येक संवितरण के समय विद्यमान ब्याज दरें लागू होंगी। 31 मार्च, 2008 से पहले संस्वीकृत परियेाजनाएं जिनके ऋण करार में रिसेट (पुनर्निधारण) शर्त शामिल हैं, प्रथम रिसेट के समय सीआरआरएस द्वारा रेटिंग के पात्र होंगे और रेटिंग के अनुसार लागू ब्याज दर लगाया जाएगा। यह उन परियोजनाओं पर लागू होगा जिनकी ब्याज दरों को इस श्रेणी के अंतर्गत पहले ही रिसेट कर दिया गया है। इरेडा द्वारा की गई रेटिंग के तदनुरूप ब्याज दर, ब्याज दर रिसेट की तिथि से इस शर्त पर लागू होगा कि ऋण प्राप्त कर्ता की प्रयोज्य रिसेट तिथि के दो महीने के अधिकतम अवधि के अंदर रेटिंग हेतु सारी संबंधित जानकारी/दस्तावेज प्रदान करना होगा, जिसके जमा नहीं किए जाने पर आवेदन को ग्रेड - IV के अनुरूप रेटिंग किया जाएगा। रिसेट (पुनर्निधारण) अवधि में भी परिवर्तन किया जा सकता है। पिछड़े/ग्रामीण क्षेत्रों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला उद्यमियों आदि के लिए विशेष प्रयास और रियायतें पिछड़े/ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, भूतपूर्व सैनिकों तथा विकलांग श्रेणियों के प्रोमोटरों को सहायता देने के लिए उन्हें प्रोत्साहित कर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। तत्संबंधी विवरण इस प्रकार है - क. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिला, भूतपूर्व सैनिक और विकलांग श्रेणियों के उद्यमियों के लिए (केवल 75 लाख रुपए तक के परियोजनाओं के लिए लागू) ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की छूट निम्नलिखित के भुगतान में छूट प्रोसेसिंग शुल्क निरीक्षण व्यय नामिति निदेशकों पर व्यय फ्रंट-एंड-फी प्रोमोटरों के योगदान में 5 प्रतिशत की रियायत टिप्पणी - अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिला, भूतपूर्व सैनिक और विकलांग श्रेणियों के उद्यमियों की परिभाषा इस प्रकार होगी - कंपनी अधिनियम और सहकारी समिति अधिनिमय के अंतर्गत निगमित कंपनियों के लिए - इक्विटी शेयर होल्डिंग/शेयर पूंजी का 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक और विकलांग उद्यमियों के पास एकल अथवा संयुक्त रूप से हो। उपक्रम का प्रबंधन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक और विकलांग द्वारा किया जाता हो अर्थात निदेशक मंडल/शासी निकाय में बहुमत के रूप में प्रबंधन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक/विकलांग के पास हो। समितियों (सोसाइटी) तथा गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लिए सदस्यों का बहुमत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक/विकलांग श्रेणी के हों। शासी निकाय/परिषद/मंडल (बोर्ड) में बहुमत के रूप में प्रबंधन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक/विकलांग के पास हो। ख. उत्तर पूर्वी राज्यों तथा सिक्किम, उत्तरांचल, झारखंड तथा छत्तीसगढ़ में परियोजनाएं स्थापित करने वाली उद्यमी (I) ग्रिड से जुड़ी परियोजनाएं (i) ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत की छूट (ii) निम्नलिखित के भुगतान में 50 प्रतिशत की छूट (क) प्रोसेसिंग शुल्क (ख) निरीक्षण व्यय (ग) विधिक व्यय (वसूली पर उपगत व्यय को छोड़कर) (घ) नामिति निदेशक (कों) पर उपगत व्यय (ड.) फ्रंट-एंड-फी (II) ग्रिड से असंबद्ध परियोजनाएं (i) ब्याज दर में 10 प्रतिशत की छूट (ii) निम्नलिखित के भुगतान में 50 प्रतिशतकी छूट (क) प्रोसेसिंग शुल्क (ख) निरीक्षण व्यय (ग) विधिक व्यय (वसूली पर उपगत व्यय को छोड़कर) (घ) नामिति निदेशक (कों) पर उपगत व्यय (ड.) फ्रंट-एंड-फी टिप्पणी - i.यदि उद्यमी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक/विकलांग श्रेणी के भी हैं तो अतिरिक्त रियायत, यदि इस श्रेणी के लिए उपलब्ध है तो वह भी इन्हें उपलब्ध होगी। ii. उत्तर पूर्वी क्षेत्र तथा सिक्किम के लिए बीडीए योजना के अंतर्गत आधारभूत संरचना ऋण के लिए ब्याज दर शून्य प्रतिशत (%) होगा। ग. द्वीपों, नदीमुखों, जम्मू तथा कश्मीर में परियोजनाएं (ग्रिड से जुड़ी अथवा ग्रिड से असंबद्ध) स्थापित करने वाले उद्यमी (i) ब्याज दर में 1.0 प्रतिशत की छूट (ii) निम्नलिखित के भुगतान में 50 प्रतिशत की छूट (क) प्रोसेसिंग शुल्क (ख) निरीक्षण व्यय (ग) विधिक व्यय (वसूली पर उपगत व्यय को छोड़कर) (घ) नामिति निदेशक (कों) पर उपगत व्यय (ड.) फ्रंट-एंड-फी टिप्पणी - i. यदि उद्यमी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला/भूतपूर्व सैनिक/विकलांग श्रेणी के भी हैं तो अतिरिक्त रियायत, यदि इस श्रेणी के लिए उपलब्ध है तो वह भी इन्हें उपलब्ध होगी। ii. द्वीपों, नदीमुखों की परिभाषा केन्द्र/राज्य सरकार/स्थानीय प्राधिकारियों के सक्षम प्राधिकारियों द्वारा राजपत्र/सरकारी आदेश/परिपत्र/कार्यपालक आदेश/विशिष्ट स्पष्टीकरण पत्र यथा अधिसूचित/उद्घोषणा/घोषणा के रूप में ही होगी जिसे इरेडा द्वारा निर्धारित प्रपत्र में भरा जाए। ब्याज दर में सभी रियायत/छूत इसी शर्त पर उपलब्ध होगी कि ऋण प्राप्त कर्ता द्वारा ऋण और ब्याज की किस्तों का नियत तिथियों या उससे पहले भुगतान किया जाए। यह बैंक गारंटी देने के लिए छूट पर लागू नहीं होगा। 8. ब्याज दर में छूट - क. सीआरआरएस (CRRS) के अंतर्गत कवर न की परियोजनाओं के लिए यथा लागू छूट प्राप्त करने के पात्र तभी होंगे जब ऋण प्राप्त कर्ता द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में यथा वर्णित अनुसूचित बैंकों से इरेडा द्वारा संवितरण की गई ऋण राशि के बराबर बैंक गारंटी की प्रतिभूति अथवा ‘एएए’ या समकक्ष रेटिंग वाली अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों से बिना शर्त और अखंड गारंटी जमा कराई जाए या अनुसूचित बैंकों द्वारा जारी एफडीआर को रेहन रखा जाए। रेट की जाने वाली परियोजनाओं के लिए लगायी जाने वाली ब्याज दर वही होगी जो ग्रेड 1 ऋण प्राप्त कर्ता के लिए यथा लागू ब्याज दर होगी। किसी परियेाजना के लिए ऋण दर किसी भी स्थिति में इरेडा के सामान्य वित्तीय मार्गनिर्देशिका (ब्याज सब्सिडी, यदि कोई हो, को छोड़कर) के अंतर्गत विशेष रियायतें और छूट को शामिल करते हुए न्यूनतम आधार दर (जो सीआरआरएस के लागू होने की तिथि से प्रभावी होगा) से कम नहीं होगा। अववर्जन (एक्सक्लूशन) i. ट्रस्ट एवं रिटेंशन खाता (टीआरए) के अपेक्षानुसार ऋण सेवा आरक्षित धन (डीएसआरएम) पर बैंक गारंटी/एफडीआर ii. संपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल सिक्यूरिटी)/प्रोमोटर के योगदान पर ऋण के लिए दी गई बैंक गारंटी/ एफडीआर ख. पवन जीबीआई परियोजना को विशेष छूट- पवन ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (जीबीआई) प्राप्त करने वाले परियोजनाओं के लिए ब्याज दर में विशेष छूट की अनुमति होगी जो जिस अवधि के लिए लाभ उपलब्ध है, के लिए और नियमित वापसी अदायगी पर ही उपलब्ध होगा। पूर्व-भुगतान की नीति इरेडा द्वारा ऋण के पूर्व-भुगतान /ब्याज का वर्तमान ऋण/उधार दर में परिवर्तन की नीति बनाई गई है। ऋण के पूरे भाग/हिस्से के पूर्व-भुगतान की अनुमति ऋण प्राप्त कर्ता द्वारा न्यूनतम 30 दिनों की लिखित सूचना और पूर्व-भुगतान प्रीमियम के भुगतान किए जाने पर ही दी जाएगी। यदि कोई ऋण प्राप्तकर्ता इरेडा से ऋण की सुविधा को जारी रखने का प्रस्ताव करता है परंतु वह यह इच्छा व्यक्त करता है कि प्रलेखित ब्याज दर को किसी सेक्टर विशेष के लिए लागू वर्तमान ब्याज दर में परिवर्तित कर दिया जाए तो पूर्व-भुगतान प्रीमियम के शर्त पर इरेडा द्वारा इस पर भी विचार किया जाएगा। क. यदि कोई ऋण प्राप्त कर्ता ऋण का पूर्व-समापन करता है जब ऋण की अवधि के दौरान ब्याज दर का पुनर्निर्धारण (रिसेट) नहीं किया जाता है; i. पूर्व-भुगतान अवधि के लिए प्रलेख दर और सेक्टर के लिए वर्तमान ऋण/उधार दर के आधार पर अवधि के लिए नकद प्रवाह धारा का हिसाब लगाया जाए। ii. विभेदक ब्याज (संवितरण दर में से ऋण प्राप्तकर्ता के लिए लागू वर्तमान ऋण/उधार दर को घटाकर प्राप्त) नकद प्रवाह को ज्ञात करने के लिए बट्टा कारक को लागू वर्तमान ऋण/उधार दर के रूप में हिसाब लगाते हुए दैनिक आधार पर घटाया जाता है। iii. उपर्युक्त में परिगणित के अनुसार पूर्व-भुगतान प्रीमियम लिया जाएगा तथा न्यूनतम प्रीमियम राशि बकाया ऋण का कम से कम 2 प्रतिशत होगा। अववर्जन (एक्सक्लूशन) i. ऋण राशि के हिस्से/पूरे भाग को पूंजीगत सब्सिडी/अनुदान से चुका कर पूर्व-समापन करने की स्थिति में उपर्युक्त लागू नहीं होगा। ii. उपर्युक्त ऐसे परियोजनाओं पर लागू नहीं होगा जहां ऋण करार में विशिष्ट रूप से पूर्व-भुगतान शर्तों का प्रावधान किया गया है। ख. यदि ऋण प्राप्तकर्ता घटाई गई ब्याज दर अर्थात सेक्टर के लिए वर्तमान ऋण/उधार दर पर ऋण जारी रखता है - i. उपर्युक्त क (i) और (ii) में परिगणित के अनुसार प्रीमियम लगेगा और ऋण/उधार दर को कम कर वर्तमान दर में परिवर्तित किया जाएगा। ii. उपर्युक्त (i) में परिगणित प्रीमियम का 50 प्रतिशत इस शर्त पर लगेगा कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा संस्वीकृत ब्याज सब्सिडी, यदि कोई हो, के लिए निर्धारित शर्तों का अनुपालन किया गया है। iii. ऋण अवधि के दौरान ब्याज दर को वर्तमान ऋण/उधार दर में अधिक बार परिवर्तन की अनुमति दी जा सकती है बशर्तें उपर्युक्त ख (ii) के शर्त का अनुपालन किया गया है। ग. यदि ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा ब्याज को वर्तमान ऋण/उधार दर में परिवर्तन की सुविधा उठा लेने के बाद ऋण का पूर्व-समापन किया जाता है। यदि कोई ऋण प्राप्तकर्ता उपर्युक्त के अनुसार ब्याज दर में कमी की सुविधा का लाभ उठा लेने के बाद भविष्य में किसी भी समय ऋण को पूर्व-समाप्त करने का विकल्प का प्रयोग करता है, उन्हें प्रीमियम का भुगतान करना होगा जो पूर्व-समापन के समय मूल प्रलेखित दर और वर्तमान ऋण/उधार में अंतर के बराबर होगा (प्रीमियम उपर्युक्त ‘क’ के अनुसार देय होगा)। तथापि उपर्युक्त पैरा ख (ii) में इंगित के अनुसार भुगतान किए गए प्रीमियम का फिर हिसाब लगाए गए देय प्रीमियम में समायोजित किया जाएगा। घ. आंशिक पूर्व-भुगतान यदि ऋण अवधि के दौरान किसी ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा वापसी अदायगी की सामान्य किस्त से अधिक का भुगतान किया जाता है तो उक्त पूर्व-भुगतान में निम्नलिखित शर्त सहित कोई पूर्व-भुगतान प्रीमियम नहीं लगेगा - क. किसी एक वित्तीय वर्ष में आंशिक पूर्व-समापन हेतु बकाया ऋण राशि का 10 प्रतिशत से अधिक के भुगतान की अनुमति नहीं होगी। ख. उक्त आंशिक पूर्व-भुगतान को परियोजना के आंतरिक प्रोद्भवन (ऐक्रूअल)/अधिशेष राजस्व निधि से ही किया जाए। इस संबंध में ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा दस्तावेज के साक्ष्यों से इरेडा को संतुष्ट करना होगा। ग. आंशिक पूर्व-भुगतान के बाद किसी भी समय यदि ऋण प्राप्तकर्ता द्वारा 10 प्रतिशत से अधिक के शेष ऋण राशि का पूर्व-भुगतान करने का विकलप चयन किया जाता है तो उन्हें उपर्युक्त पैरा ‘क’ और पैरा ‘ख’ में इंगित तरीके से ही पूर्व-भुगतान प्रीमीयम का भुगतान करना होगा। परिसमाप्त हानियों के लिए प्रभार समय से भुगतान में चुक की स्थिति में ऋण के मूलधन पर लगने वाले ब्याज दर से ही चक्रवृद्धि ब्याज लगेगा। देय तिथियों को मूलधन के किस्तों, ब्याज और अन्य धनराशि (हानिपूर्ति परिव्यय को छोड़कर) के भुगतान में चूक की स्थिति में परियोजना के लिए लागू ब्याज दर से 2.50 प्रतिशत प्रतिवर्ष अधिक की दर से हानिपूर्ति परिव्यय का भुगतान देय होगा। ब्याज और मूलधन की वापसी अदायगी के भुगतान न किए जाने पर हानिपूर्ति परिव्यय के रूप में अतिरिक्त ब्याज की गणना दैनिक आधार पर की जाती है। एक वर्ष में कुल दिनों की संख्या 365 मानी जाती है। (लागू होने की प्रयोज्यता/तिथि - दिनांक 21.02.2008 से सभी विद्यमान और भविष्य की परियोजनाएं के लिए लागू) शुल्कों की तालिका (क) प्रोसेसिंग शुल्क - ऋण की राशि पंजीकरण शुल्क/आवेदन 1 करोड़ रुपए तक 10,000/- रुपए + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर 1 करोड़ रुपए से अधिक और 20 करोड़ तक 30,000/- रुपए + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर 20 करोड़ रुपए से अधिक और 40 करोड़ तक 50,000/- रुपए + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर 40 करोड़ रुपए से अधिक 60,000/- रुपए + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर (ख) फ्रंट-एंड-फी ऋण प्राप्तकर्ताओं को निम्नलिखित के अनुसार फ्रंट-एंड-फी का भुगतान करना होगा - ऋण की राशि पंजीकरण शुल्क/आवेदन 5.0 करोड़ रुपए तक 0.5% + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर 5.0 करोड़ रुपए से अधिक 1% + यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर टिप्पणियां इरेडा द्वारा जारी संस्वीकृति पत्र की तिथि से 60 दिनों के अंदर भुगतान किए जाने पर फ्रंट-एंड-फी में 20 प्रतिशत की छूट उपलब्ध होगी। ऋण अधिग्रहण के लिए लागू शुल्क-यथा लागू फ्रंट-एंड-फी का 50 प्रतिशत राज्य नोडल एजेंसियों के लिए ऋण राशि का ध्यान रखे बिना यह 0.5 प्रतिशत होगा। इस राशि का भुगतान संस्वीकृति के बाद ऋण करार के हस्ताक्षर करने से पहले या यथा निर्धारित समय तक करना होगा तथा यह वापस नहीं होगा। फ्रंट-एंड-फी की राशि को परियोजना लागत के एक भाग के रूप में शामिल किया जा सकता है तथा यह निधियों के उपयोग और संस्वीकृति परियोजना के कार्यान्वयन हेतु ऋण प्राप्तकर्ता की प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करने के लिए है। यदि अतिरिक्त ऋण को संस्वीकृत किया जाता है, कुल ऋण राशि के संदर्भ में इसका विनियमन उपर्युक्त तालिका से किया जाएगा, लेकिन अतिरिक्त ऋण घटक पर भी फ्रंट-एंड-फी लगेगा। प्रयोज्यता प्रस्तावित फ्रंट इंड फी ढांचा अब के बाद से मंजूर की गई सभी परियोजनाओं के लिए लागू होगा तथा उन परियोजनाओं के लिए भी लागू होगा जहां फ्रंट इंड फी का भुगतान नहीं किया जाता है और ऋण करार अभी हस्ताक्षर किया जाना रहता है। (ग) समय-सारणी पुनर्निर्धारण शुल्क सामान्यत- इरेडा द्वारा ऋण करार में दिए गए ऋण के किस्त/किस्तों के समय-सारणी पुनर्निधारण की अनुमति नहीं देता है। समय-सारणी पुनर्निधारण/पुनर्संरचना के लिए आवेदन के साथ 25,000/- रुपए का आवेदन शुल्क तथा सेवा कर, शिक्षा उपकर इत्यादि प्रदान करना होगा। (घ) अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने/मूल्यांकन (अप्रेजलो) साझा करने के लिए शुल्क इरेडा द्वारा प्रत्येक अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए प्रति निवेदन पर बकाया ऋण का 1 प्रतिशत या 25,000/- रुपए, इनमें से जो भी कम हो, तथा यथा लागू सेवा कर एवं शिक्षा उपकर और मूल्यांकन रिपोर्ट साझा करने के लिए प्रति निवेदन पर 1,00,000/- रुपए तथा यथा लागू सेवाकर एवं शिक्षा उपकर शुल्क लिया जाएगा। मूल्यांकन रिपोर्ट को साझा तक किया जाएगा जब परियोजना में सह-वित्तीयन की परिकल्पना की गई है और/अथवा इरेडा द्वारा परियोजना के मूल्यांकन के समय ऋण प्राप्तकर्ता को कार्यशील पूंजी की आवश्कयता है। (ड़) कम्फर्ट-पत्र जारी करने संबंधी शुल्क इरेडा द्वारा कम्फर्ट-पत्र जारी करने के लिए कम्फर्ट-पत्र की राशि का 1 प्रतिशत शुल्क के रूप में लिया जाएगा। (च) विलयन/एकीकरण/विदेशी सहभागिता आदि के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने संबंधी शुल्क इरेडा द्वारा विलयन/एकीकरण/विदेशी सहभागिता इत्यादि के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र के लिए 1,00,000/- रुपए का शुल्क लिया जाएगा। वित्तीय मानदंडों एवं दिशा निर्देशों में संशोधन/पुनरीक्षा क्र.सं. संशोधन/पुनरीक्षण की तारीख खंड संदर्भ पृष्ठ सं. परिवर्तन का सारांश 1 22.07.2010 अनुलग्नक क के बायोमास विद्युत के अंतर्गत नोट अनुलग्नक क का 16 बायोमास विद्युत उत्पादन पर नोट की मद सं. 5 पर स्पष्टीकरण 2 27.07.2010 अनुलग्नक क अनुलग्नक क के सभी पृष्ठ दिनांक 27.07.2010 से प्रभावी नई ब्याज दरें 3 25.02.2011 फीस की अनुसूची खंड सं. 11(ख) वित्तीय मानदंड एवं योजना का 16 फ्रंट इंड फी का पुनरीक्षण 4 04.06.2011 अनुलग्नक क अनुलग्नक क के सभी पृष्ठ दिनांक 04.06.2011 से प्रभावी नई ब्याज दरें 5 16.08.2011 अनुलग्नक क अनुलग्नक क के सभी पृष्ठ दिनांक 16.08.2011 से प्रभावी नई ब्याज दरें अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के भविष्य नकद प्रवाह के प्रतिभूतिकरण के प्रति ऋण पृष्ठभूमि इरेडा मौजूदा अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के भविष्य नकद प्रवाहों के प्रतिभूतिकरण के प्रति ऋण की मंजूरी पर विचार करती है जिसका उपयोग अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता सेक्टरों में भविष्य में व्यवसाय के विस्तार के लिए किया जा सकता है। प्रस्तावित ऋण योजना इरेडा के मौजूदा ऋण प्राप्तकर्ताओं को छोड़कर सभी आवेदकों एवं इरेडा के मौजूदा ऋणप्राप्तकर्ताओं दोनों के लिए अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता सेक्टरों में उनके व्यवसाय के विस्तार के लिए होगी। कंपनी को मौजूदा परियोजना को सफलतापूर्वक चालू किया हुआ होना चाहिए तथा कम-से-कम पिछले तीन वर्षों तक सफलतापूर्वक इसे चलाए हुए होना। तथापि, उपयुक्त शर्त में छूट देकर इसे दो वर्ष किया जा सकता है बशर्तें कि परियोजना पिछले दो वर्षों के लिए औसत डी एस सी आर 1.4 हो। भविष्य नकद प्रवाह के निवल वर्तमान मूल्य का आकलन 10 वर्ष की अधिकतम अवधि के लिए किया जाएगा और सेक्टर की अधिकतम ऋण दर पर छूट दी जाएगी। योजना को उन परियोजनाओं तक बढ़ाया जाएगा जिनके लिए चालू होने की तारीख से 20 वर्षों की अधिकतम अवधि पर विचार किया जा रहा हो। न्यूनतम प्रतिभूति कवरेज (भविष्य नकद प्रवाह सहित) ऋण राशि के 1.5 गुना होना चाहिए। चूँकि ऋण राशि, उपलब्ध भविष्य संचयी नकद प्रवाह अधिशेषों के आधार पर निर्धारित की गई है, इसलिए संवितरण की तारीख महत्वपूर्ण है और वैधता अवधि को बढ़ाने पर विचार नहीं किय जाएगा। अनिवार्य पात्रता मानदंड शर्तें (ईईसीसी) क) परियोजना चालू हो गई हो तथा कम से कम पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही हो। तथापि, इस शर्त में छूट देकर इसे 2 वर्ष किया जा सकता है कि परियोजना पिछले 2 वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही हो और पिछले दो वर्षों के लिए औसतन डीएससीआर 1.4 हो। ख) आवेदक कंपनी को पिछले न्यूनतम तीन वर्षों से नकद लाभ अर्जित किया हुआ होना चाहिए। तथापि, शर्त में मौजूदा तीन वर्षों को कम करके 2 वर्षों किया जा सकता है बशर्तें कि कंपनी उपर्युक्त (क) में दर्शाए गए छूट संबंधी मानदंड को पूरा कर रही हो। ग) मौजूदा ऋण खाते के न्यूनतम 40 प्रतिशत सह वित्तपोषकों के ऋण, यदि कोई हो, की वापसी अदायगी की हुई होनी चाहिए। तथापि, इस शर्त में ऐसे मामलों में छूट दी जा सकती है जहाँ कंपनी पिछले 2 वर्षों से देय राशियों की नियमित रूप से वापसी अदायगी कर रही हो तथा प्रस्तावित ऋण सहित कंपनी का अधिकतम ऋण इक्विटी अनुपात (डीईआर) 3-1 से अधिक नहीं होना चाहिए और उपर्युक्त कंपनी (क) एवं (ख) में दिए गए छूट मानदंडों को पूरी करती हो। घ) विगत में किसी भी कारण से किसी भी समय ऋण खाते को एनपीए घोषित नहीं किया गया हुआ होना चाहिए। ड.) मौजूदा ऋण सहित न्यूनतम औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात (डीएससीआर), ऋण वापसी अदायगी अवधि के लिए 1.4 होना चाहिए। च) विगत में किसी भी समय उत्पादन में कमी के कारण ऋण खाते की पुनर्संरचना नहीं की गई होनी चाहिए। छ) विद्युत (पावर) क्रय करार, न्यूनतम ऋण प्रणाली अदायगी अवधि के बराबर या उससे अधिक अवधि के लिए एसईबी/विद्युत (पावर) व्यापार कंपनी के साथ किया हुआ होना चाहिए या इरेडा की संतुष्टि में काई अन्य विद्युत बिक्री व्यवस्था की हुई होनी चाहिए। ज) कंपनी का अधिकतम ऋण इक्विटी अनुपात (डीईआर) 4-1 से अधिक नहीं होना चाहिए। संवितरण से पहले अनिवार्य शर्तें - क) i) मशीन के ठप हो जाने (एमबीडी) ii) प्राकृतिक आपदाओं (आग) के कारण उत्पादन में हुई हानि को कवर करने हेतु अतिरिक्त बीमा पालिसियाँ, ख) इरेडा के ऋण प्राप्तकर्ताओं एवं इरेडा के ऋणप्राप्तकर्ताओं को छोड़कर आवेदकों के लिए, ट्रस्ट एवं रिटेंशन खाता (टीआरए), इरेडा की अपेक्षाओं के अनुसार खोला जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऋणप्राप्तकर्ता से यह वचन लिया जाएगा कि वे यह ध्यान देंगे और वचन देंगे कि वे इरेडा से पूर्व लिखित अनुमति लिए बिना इरेडा के चूक की स्थिति में टी आर ए से कोई राशि आहरित नहीं करेंगे। ग) ऋणप्राप्तकर्ता एसईबी/ऑफ टेकर से टी आर ए में विद्युत (पावर) के बिक्री आगमों को जमा करने के बारे में एक पत्र प्रस्तुत करेगा। घ) रियोजना सभी दस्तावेज अर्थात पी पी ए, टी आर ए, आबंटन पत्र कार्यान्वयन करार, समझौता ज्ञापन संविदाएं आदि इरेडा को सौंपेगें, यदि पहले नहीं सौंपा है तो ड.) कंपनी के कुल शेयरों का 51 प्रतिशत प्लेज जिसमें इरेडा के मौजूदा ऋणप्राप्तकर्ताओं के लिए गारंटरों का 100 प्रतिशत शेयर शामिल होगा। इरेडा के मौजूदा ऋणप्राप्तकर्ताओं को छोड़कर आवेदकों के लिए यदि शेयरों को परियोजना के मौजूदा अवधि ऋणदाताओं को पहले प्लेज नहीं किया गया है तो प्रथम प्रभार परस्पर आधार पर शेयरों का प्लेज प्राप्त किया जाएगा। च) सभी मौजूदा प्रतिभूतियाँ, इरेडा के मौजूदा ऋणप्राप्तकर्ताओं के लिए प्रस्तावित ऋण हेतु दी जाएगी। इरेडा के मौजूदा ऋण प्राप्तकर्ताओं को छोड़कर आवेदकों के सभी मौजूदा प्रतिभूतियाँ, प्रथम प्रभार परस्पर आधार पर शेयरों का प्लेज प्राप्त किया जाएगा। छ) खाते की मानीटरिंग के लिए यदि आवश्यक होता तो ऋणदाता का लेखा परीक्षक और/या इंजीनियर नियुक्त किया जाएगा। फीस एवं वैधता अवधि - क) इरेडा के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन फीस। ख) मंजूरी आदेश जारी करने की तारीख से 45 दिनों के लिए मंजूरी पत्र वैध रहेगा। ग) ऋण करार निष्पादित किए जाने से पहले ऋण का 1.0 प्रतिशत फ्रन्ट इन्ड फी का भुगतान किया जाना। घ) मंजूरी पत्र जारी करने की तारीख से 45 दिनों के भीतर ऋण करार निष्पादित करना। ड.) ऋण करार हस्ताक्षर करने की तारीख से 60 दिनों के भीतर संवितरण ऋण शर्तें - क) ब्याज दर परियोजना की रेटिंग पर आधारित होगी और संवितरण की तारीख से प्रत्येक दो वर्ष में पुन- निर्धारित ब्याज के साथ 1.25 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दर। ख) अतिरिक्त ब्याज दर सी आर आर एस समिति द्वारा निश्चित की जाएगी, तथापि आरंभ में इसे सभी ग्रेडों के लिए अतिरिक्त ब्याज दर के रूप में 1.25 प्रतिशत निश्चित करने का प्रस्ताव है। ग) इरेडा के मौजूदा मानदंडों के अनुसार समय से पहले वापसी अदायगी के लिए प्रभार घ) संवितरण की तारीख से ऋण वापसी अदायगी की अधिकतम अवधि 8 वर्ष। ड.) कोई समय विस्तार नहीं। च) तिमाही मूल किस्तों की फ्लेक्सी वापसी अदायगी समय-सारणी उत्पादन एवं नकद प्रवाह अनुमानों के आधार पर तैयार की जाएगी। छ) ऋण प्राप्तकर्ता यह वचन देगा कि इरेडा द्वारा वित्तपोषित राशि का उपयोग भविष्य की अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के लिए सीड मनी के रूप में किया जाएगा और यह कि इरेडा का इन परियोजनाओं को वित्तपोषित करने का पहला अधिकार होगा। क्रिया विधि - यह सुनिश्चित करने के लिए कि मंजूर किए गए ऋण का उपयोग अक्षय ऊर्जा/ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के लिए किया जाता है; आवेदक कंपनी निम्नलिखित दस्तावेज/सूचना करेगी- क) यह वचन पत्र कि इरेडा द्वारा जारी की गई निधि का उपयोग केवल अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता सेक्टरों में व्यवसाय के विस्तार हेतु किया जाएगा। ख) एक विस्तृत व्यवसाय योजना, समर्थन में वे दस्तावेज जो अक्षय ऊर्जा/ऊर्जा दक्षता के विकास के लिए निधियों के प्रस्तावित उपयोग को दर्शाया गया हो और विस्तृत समय सीमा दी गई हो। संवितरण, ऋण करार पर हस्ताक्षर होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर किया जाएगा। निधियों का उपयोग, संवितरण की तारीख से 2 वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। ग) इरेडा द्वारा जारी निधियों को जमा करने एवं उपयोग करने के लिए एक विशेष ‘नो लियन’ खाता इरेडा की अपेक्षानुसार खोला जाएगा और तिमाही ‘नो लियन’ खाता विवरण ओर चार्टर्ड एकाउन्टेंट से उपयोग प्रमाण पत्र, इरेडा को प्रस्तुत किया जाएगा। घ) अंतरिम अवधि के दौरान अर्थात जब तक अक्षय ऊर्जा/ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं में निवेश के लिए निधियों का पूरा उपयोग नहीं कर लिया जाता है, नो लियन खाते में शेष/उपयोग की गई निधियों के हिस्से को उसी खाते में सावधि जमा के रूप में रखा जाएगा। निधियों को शेयरों, म्यूच्वल फंडों आदि सहित किन्हीं अन्य लिखतों में निवेश नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उपर्युक्त सावधि जमा से प्राप्त किसी ब्याज का उपयोग इरेडा को देय राशि, यदि कोई हो, की वापसी अदायगी के लिए किया जा सकता है। ड.) ऋण की किस्त एवं ब्याज की वापसी अदायगी ही आर ए खाते के जरिए मौजूदा परियोजना के विद्युत के बिक्री आगमों से किया जाएगा। च) संवितरण की तारीख से 2 वर्ष के अंत में चार्टर्ड एकाउन्टेंट द्वारा प्रमाणित एक समेकित उपयोग प्रमाण पत्र और दस्तावेजी प्रमाण इरेडा को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि नो लियन खाते में कोई बिना उपयोग की गई निधि उपलब्ध है तो इरेडा को प्रस्तावित नई परियोजना की प्रगति को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लेने का अधिकार होगा। दिनांक 01-11-2015 के बाद से क्षेत्रों के लिए ब्याज मेट्रीक्स क्र. सं. ऋण प्राप्तकर्ता/क्षेत्र ग्रेड I ग्रेड II ग्रेड III ग्रेड IV 1 अनुसूची ए, ‘एएए’ मूल्यांकित पीएसयू (Net) 9.90% 2 राज्य क्षेत्र के ऋणकर्ता(Net) 9.90% 10.20% 10.50% 10.75% 3 पुन- वित्तपोषण और अन्य के लिए एलओसी कर्ज लेने की लागत + 1.00% to 2.00% ( विस्तार) 4 छत के ऊपर सौर 10.05% 10.30% 10.60% 10.90% 5 पवन ऊर्जा, और ग्रिड से जुड़े सौर पीवी 10.20% 10.95% 11.10% 11.40% 6 सह उत्पादन, पनबिजली और सीएसपी 10.50% 11.20% 11.45% 11.70% 7 ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा संरक्षण और ऑफ-ग्रिड सौर ताप / सौर पीवी, बायोमास पावर और अन्य क्षेत्र 10.60% 11.25% 11.65% 11.90% 8 विनिर्माण (सभी सेक्टर) मौजूदा यूनिटों वाली कंपनियां 11.70% ग्रीन फील्ड 11.90% नोट- 1.बाह्य ग्रेडिंग क्रमश- ग्रेड-।, ग्रेड-।। और ग्रेड-।।। के लिए 25 बीपीएस, 20 बीपीएस और 15 बीपीएस तक लागू ब्याज दरों के ऊपर कटौती (इरेडा की आंतरिक ग्रेडिंग पर लागू नहीं) उपर्युक्त क्रम सं. 1 एवं 2 को छोड़कर । 2.उपर्युक्त क्रम सं. 1 एवं 2 को छोड़कर, देय तिथियों पर यदि ब्याज की किस्तें और मूलधन पूर्णरूप से भुगतान किया गया है, तो लागू ब्याज दर पर 15 बीपीएस की त्वरित भुगतान छूट । त्वरित भुगतान छूट ऐसी परियोजनाओं के लिए लागू हैं, जहां पहली बार ऋण संवितरण दिनांक 28.07.2015 को या उसके बाद प्रभावी हो । 3.पवन ऊर्जा परियोजनाओं की रि-पावरिंग करने के लिए लागू ब्याज दरों के ऊपर कटौती । 4. पवन और सौर क्षेत्र को छोड़कर, परियोजना के चालू होने तक लागू ब्याज दरों के ऊपर 0.50% अतिरिक्त ब्याज । निर्माण कार्य के दौरान निम्नलिखित के लिए कोई भी अतिरिक्त ब्याज देय नहीं है - (i) शिड्यूल-ए, एएए प्रमाणित पीएसयू(ii) ऐसे राज्य सेक्टर लेनदार, जो पावर सेक्टर से जुड़े हैं और 200 मेगावाट से कम की पन बिजली परियोजनाओं का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है तथा हाइड्रो सेक्टर परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रहे हैं । 5. विनिर्माण सुविधाओं हेतु यदि ऋण की संस्वीकृति की गई है, तो विनिर्माण के दौरान कोई भी अतिरिक्त ब्याज नहीं लगाया जाएगा । कृपया ध्यान दें - उपर्युक्त दर्शाई गई ब्याज दरें परिवर्तनीय हैं और किसी भी समय इरेडा के निर्णय पर बदली जा सकती हैं । प्रत्येक ऋण संवितरण के समय मौजूद ब्याज दरें ही लागू होंगी नोट- इरेडा की योजनाओं, वित्तीय दिशा-निर्देश और अन्य अद्यतन जानकारी के लिए संस्थान से संपर्क करें I स्रोत: भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास समिति