भूमिका 26 दिसम्बर 2004 को आई सूनामी दुनिया के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक है और यह परिमाण के अनुसार सबसे अधिक घातक है। भारतीय सूनामी पूर्व चेतावनी केन्द्र 15 अक्तूबर 2007 से कार्यरत है। अब यह क्षेत्रीय सूनामी सेवाप्रदाता (आरटीएसपी) बन गया है और हिंद महासागर के आस पास के देशों को परामर्शी सेवाएं प्रदान करेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंद महासागर में आने वाले संभावित सूनामीजनित भूकंपों का पता लगाना, स्थान जानना तथा इसके परिमाण का निर्धारण और 24x7 आधार पर समय पर सलाह प्रदान करना। कोर प्रेक्षण प्रणालियों (2-4 बीपीआर और 21 ज्वार मापी और डेटा प्रसारण के लिए संचार प्रणालियां) का रखरखाव। वास्तविक समय सूनामी मॉडलिंग और जलप्लावन मानचित्रण। आरटीएसपी आदि के लिए डीएसएस अनुप्रयोग और अन्य संबद्ध तत्वों को बढ़ाना। संभावित सूनामी खतरा आकलन पर अनुसंधान और विकास। बहु आपदा (तूफान मर्होमि) पूर्वानुमान सेवा का विकास और कार्यान्वयन। प्रतिभागी संस्थाएं भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र, हैदराबाद राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान, (एनआईओटी), चेन्नै एकीकृत तटीय एवं समुद्री क्षेत्र प्रबंधन परियोजना निदेशालय, चेन्नै कार्यान्वयन योजना इंकॉइस भूकंप का अपने आप पता लगाने और सूनामी की चेतावनी जारी करने तथा भारतीय तट के साथ ज्वार के मापन की तैनाती और अनुरक्षण के लिए भी जिम्मेदार होगा। एनआईओटी तल दाब रिकॉर्डर की तैनाती और रखरखाव द्वारा योगदान देंगे और इकमाम मॉडलिंग को समर्थन देंगे। वितरण योग्य इंकॉइस जब और जैसे आवश्यकता होगी, पूर्व चेतावनी जारी करेगा। स्रोत: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार