मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना, 2018 मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना – 2018 के तहत पंजीकृत श्रमिकों के पंजीकरण प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करने पर ऐसे परिवारों को बिना कनैक्शन प्रभार के लिए (नि:शुल्क) विद्युत कनैक्शन प्रदान किया जाए। जहां, आयोग के विनियम अनुसार ऐसे उपभोक्ता से कनैक्शन प्रभार देय हो, वहाँ वितरण कंपनी द्वारा इस राशि की सब्सिडी का दावा शासन को प्रस्तुत किया जाए। उपरोक्त के अतिरिक्त, 200 रुपये प्रतिमाह की दर से सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ उक्त पंजीकृत श्रमिकों को दिया जाए। मीटर्ड उपभकताओं की बिलिंग मीटर रीडिंग के आधार पर की जाए। आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में एल.वी. – 1.2 की उपश्रेणी (ii) में 500 वॉट तक के उपभोक्ताओं हेतु लागू दर से ही विद्युत देयक की गणना की जाए। सरल बिजली स्कीम नीचे दी गयी तालिका अनुसार लागू की जाए :- क्र. उपभोक्ता श्रेणी उपभोक्ता द्वारा देय मासिक राशि (रुपये) 1. मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना – 2018 के तहत पंजीकृत श्रमिक 200 टीप – 1) उपरोक्त मासिक देयक या विगत एक वर्ष का मासिक औसत बिल, जो भी कम हो, उपभोक्ता द्वारा देय होगा। 2) उपभोक्ताओं द्वारा प्रतिमाह उपरोकतानुसार मत मासिक विद्युत देयक का भुगतान किया जाएगा एवं मीटर में अंकित खपत के आधार पर तैयार मासिक विद्युत देयक की शेष राशि की सब्सिडी राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को दी जाएगी। इसमें से उपभोक्ता द्वारा 200 रुपये प्रतिमाह तक की राशि का उल्लेख बिल में अवश्य किया जाएगा। 3) एयर कंडीशनर, हीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ता तथा 1000वॉट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ता उपरोक्त योजना के लिए अपात्र होंगे। जिन उपभिकताओं का विगत एक वर्ष का औसत मासिक बिल 200 रुपये से कम है, उन्हें उपरोक्त तालिका अनुसार उतनी ही राशि की ही बिलिंग की जाए। अन्य उपभोक्ताओं हेतु मासिक बिजली बिल अनुसार 200 रुपये उपभोक्ता से एवं शेष राशि की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 65 के अनुसार सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को प्रदान की जाए। विद्युत के अपव्यय को रोकने के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सरल बिजली बिल स्कीम के अंतर्गत घर में बल्ब जलाने, पंखा चलाने एवं टी.वी. चलाने ले उपयोग को दृष्टिगत रखते हुए खपत की बिलिंग प्रारम्भिक रूप से अधिकतम 100 यूनिट तक राखी जाए, जिसकी एवज में राज्य शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए। चूंकि, सब्सिडी की वास्तविक गणना में समय लगेगा, अत: सितंबर तिमाही की अनुमानित सब्सिडी अग्रिम देते हुए तत्पश्चात सितंबर माह में दिसंबर तिमाही की अग्रिम सब्सिडी देने हेतु प्रथम/द्विवित्तीय अनुपूरक अनुमान में शेष राशि का प्रावधान किया जाए। परिशिष्ठ -1 पर संलग्न उक्त पंजीकृत श्रमिकों एवं बीपीएल उपभकताओं के घरेलू संयोजनों हेतु संशोधित बिजली बिल बकाया समाधान स्कीम, 2018 को एक समान लागू करने हेतु तीनों विद्युत वितरण कंपनियों को स्वीकृत प्रदान की जाए। बिजली बिल बकाया समाधान स्कीम, 2018 के अंतर्गत दिनांक 30.06.2018 की स्थिति में बीपीएल उपभोक्ताओं एवं पंजीकृत श्रमिकों के घरेलू संयोजनों पर कुल बकाया राशि में सेपूर्ण सरचार्ज तथा मूल बकाया राशि की 50 प्रतिशत की माफी विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा की जाएगी एवं मूल बकाया राशि की शेष 50 प्रतिशत का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। इस हेतु राज्य शासन द्वारा विद्युत वितरण कंपनियों को सब्सिडी 3 बराबर किश्तों (वर्ष 2018-19, वर्ष 2019-20 एवं वर्ष 2020-21) मेन प्रदान की जाए। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री बकाया बिल माफी स्कीम-2018 रखा जाए। वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित मानदंड के अतिरिक्त और कोई आंकलित यूनिट बिल मेन नहीं जोड़ें जाएँ। सरल बिजली बिल योजना लागू करने पर ए-2, ए-3 एवं ए-4 अंतर्गत कार्यरत एजेंसियों की निरंतता एवं कांट्रैक्टस मेन आवशयक्तानुसार परिवर्तन के संबंध में पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रस्ताव पर निर्णय लेने हेतु ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया जाए। वितरण कंपनियों द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के अनमीटर्ड कनेक्शनों पर मीटर लगाने तथा जले/खराब मीटर बदलने हेतु कार्य योजना तैयार की जाए। वितरण कंपनियों द्वारा प्री-पेड मीटर भी लगाए जाएँ। मीटरीकरण का पूर्ण कार्य मार्च 2020 तक अनिवार्यत: सम्पन्न किया जाए। उक्त अवधि में पूर्ण मीटरीकरण वितरण कंपनियों के प्रबंध संचालकों का दायित्व होगा। प्रबंध संचालक, पावर मैनेजमेंट कंपनी इसकी कंपनीवार समय-समय पर समीक्षा कर करी पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना -2018 में पंजीकृत श्रमिकों के लिए सरल बिजली बिल स्कीम व मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम, 2018 लागू होने के पश्चात आवशयक्तानुसार ऐसे आंशिक संसोधन, जिनमें वित्तीय प्रभाव न हो, करने हेतु ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया जाए। उपरोक्त स्कीमें जुलाई, 2018 (बिल- अगस्त, 2018) से लागू की जाएँ तथा वितरण कंपनियों द्वारा इसके निर्बाध क्रियान्वयन की पुख्ता किया जाए। क्या है योजना का उद्देश्य? मध्यप्रदेश सरकार इस योजना की मदद से राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचाना चाहती है। कैसे मिलेगा योजना का फायदा? मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना का फायदा उठाने के लिए गरीब परिवार के लोग अपने क्षेत्र के पार्षद के पास आवेदन दे सकते हैं। क्या है योजना में आवेदन की योग्यता? मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत लाभ पाने के लिए जरूरी है कि परिवार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की कैटेगरी में हो। इसके साथ ही परिवार की बिजली खपत महीने में 100 यूनिट या उससे कम हो। इस योजना का लाभ लेने के लिए यह भी जरूरी है कि आपके घर में एक किलोवाट लोड का ही कनेक्शन हो। मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन करते वक्त कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। योजना में पंजीयन कराने वाले महीने से पहले के महीने का बकाया बिजली शुल्क माफ़ कर दिया जायेगा। योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेज मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना के तहत पंजीयन के लिए आपके नजदीकी पार्षद कार्यालय से एक फॉर्म मिलेगा। इस फॉर्म के साथ आधार कार्ड, फैमिली आईडी की फोटो कॉपी और 2 फोटो को लेकर पार्षद कार्यालय पर पंजीयन कराया जा सकता है। योजना से जुड़ी अन्य बातें इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य गरीब परिवारों का पुराना बिजली बिल माफ़ करना भी है। योजना के तहत अगर बीपीएल परिवार के सदस्य बिजली कनेक्शन लेना चाहें तो उन्हें यह भी बिना किसी चार्ज के बिजली का नया कनेक्शन दिया जायेगा। स्त्रोत: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, भारत सरकार