भूमिका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (एनआईएसई) जो एक स्वायत्त संस्था है, और नवीन नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय(एमएनआरई) सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान है। देश भर में विभिन्न स्थानों पर एनआईएसई राज्य नोडल एजेंसियों के सहयोग से सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के कौशल को विकसित करना, भारत और विदेशों में बढ़ते सौर ऊर्जा रोजगार के अवसरों को देखते हुए ऊर्जा परियोजना की स्थापना, संचालन और रखरखाव करना है । सूर्यमित्र कार्यक्रम सौर ऊर्जा क्षेत्र में उम्मीदवारों को नए उद्यमियों के रूप में तैयार करने के लिए भी तैयार किया गया है। सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रम भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित हैं। एनआईएसई द्वारा देश में सोलर पावर को बढ़ावा देने का कार्यक्रम है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की कमी है तो एनआईएसई द्वारा ट्रैनिंग देकर युवाओं को तैयार किया जाएगा, जिन्हे सोलर मित्र नाम दिया गया है। दसवीं पास और इलेक्ट्रिशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक, फिटर, शीट मैटल में आईटीआई कर चुके युवा सूर्य मित्रों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार है। इसके लिए एनआईएसई द्वारा दिया जा रही ट्रेनिंग पूरी तरह से फ्री रेजीडेंशियल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जहां रहना और खाना भी फ्री होगा। यह 600 घंटे का ट्रेनिंग प्रोग्राम है। ट्रेनिंग के बाद आवेदकों का मूल्यांकन भी होगा। इसके लिए एनआईएसई द्वारा देश भर में 99 सेंटरों को भी अधिकृत किया है। योजना के पात्रता मापदंड निम्नलिखित उम्मीदवार जो ये योग्यता वाले हैं इस योजना के पात्र होंगे- आवश्यक योग्यता वे उम्मीदवार जो 10 वीं पास है और इलेक्ट्रीशियन/ वायरमेन/ इलेक्ट्रानिक मैकेनिक / फिटर / शीट मेटल में आईटीआई किया हो तथा जिनकी उम्र 18 साल से कम नहीं हो। वांछनीय योग्यता इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स शाखाओं में डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इलेक्ट्रीशियन प्रमाणपत्र और अनुभव के साथ उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इंजीनियरिंग स्नातक और अन्य उच्च योग्यता वाले व्यक्ति आवेदन करने के लिए पात्र नहीं हैं। प्रशिक्षुओं के चयन के दौरान, ग्रामीण पृष्ठभूमि, बेरोजगार युवा, महिला, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों से आने वाले व्यक्तियों को विशेष जोर दिया जायेगा। किसी भी अनुशासन या उच्चतर डिग्री की तरह उच्च योग्यता वाले व्यक्ति इसके पात्र नहीं हैं। कार्यक्रम की अवधि और सीटें इस आवासीय कौशल विकास कार्यक्रम की अवधि 600 घंटे (लगभग 90 दिन) है। यह आवासीय कार्यक्रम है और यह मुफ़्त है जिसमें बोर्डिंग और लॉजिंग शामिल है। सूर्यमित्र कौशल विकास कार्यक्रम को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया है। सीटें- वर्तमान में, प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्येक बैच के लिए 30 सीट होंगे। पाठ्यक्रम के अंत में उचित मूल्यांकन किया जाएगा और प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। कार्यक्रम में दाखिला नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य नोडल एजेंसियों और मेजबान इंस्टीट्यूट के ने कार्यक्रम के बैचों को प्रिंट और/ या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तारीखों और प्रशिक्षण के स्थान सहित के बारे में विज्ञापित हाेता है। कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षुओं का अंतिम चयन मेजबान संस्थान द्वारा किया जाता है और प्रस्तावित प्रतिभागियों के विवरण कार्यक्रम की शुरुआत से पहले एनआईएसई/ संबंधित एसएनए को सूचित किया जाना चाहिए। प्रशिक्षुओं के चयन के दौरान, ग्रामीण पृष्ठभूमि, बेरोजगार, महिला उम्मीदवारों, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों से आने वाले प्रशिक्षुओं को विशेष जोर दिया जाता है। प्रशिक्षण के फायदे ट्रेनिंग लेने के बाद युवा अपना सोलर बिजनेस शुरू कर सकते हैं। सरकार का सोलर चैनल पार्टनर भी बन सकते हैं। युवाओं को सोलर सिस्टम के मेंटेनेंस, ऑपरेशन और इंस्टॉलेशन की ट्रेनिंग दी जाती है। देश में सोलर प्लांट लगा रही व पैनल मैनयुफैक्चरिंग कर रही देशी विदेशी कंपनियों में जॉब कर सकते हैं। सूर्यमित्र मोबाइल एप्प इसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली स्वायत संस्था राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ने विकसित किया है। 'सूर्यमित्र' मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है जहां से इसे डाउनलोड कर पूरे भारत में इस्तेमाल किया सकेगा। इस बारे में अधिक जानकारी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की नवीनतम जानकारी के लिए राष्ट्रीय. साैर ऊर्जा संस्थान या नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट काे देंखे। स्रोत: राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार