सरकार डेयरी के सहकारी क्षेत्र में डेयरी अवसंरचना के विकास के द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। एएचडीआइएफ को एमएसएमई के रूप में स्थापित किया गया है और निजी कंपनियों को भी प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित बुनियादी ढांचे में उनकी भागीदारी के लिए बढ़ावा देने और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। लाभार्थी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), एमएसएमई, धारा 8 के अंतर्गत आने वाली कंपनियां, निजी कंपनियां और व्यक्तिगत उद्यमी इस योजना के तहत लाभ के पात्र होंगे। मिलने वाले लाभ लाभार्थी को निवेश के रूप में न्यूनतम 10% संचय राशि(मार्जिन मनी) का योगदान करना होता है। शेष 90% राशि अनुसूचित बैंकों द्वारा ऋण के रुप में उपलब्ध करायी जाएगी।। भारत सरकार द्वारा पात्र लाभार्थी को 3% ब्याज अनुदान दिया जाएगा। मूल ऋण राशि पर 2 वर्ष की मोहलत अवधि और उसके बाद 6 वर्ष की पुनर्भुगतान करने की अवधि होगी। एमएसएमई द्वारा निर्धारित सीमा के अंतर्गत आने वाली स्वीकृत परियोजनाओं को क्रेडिट गारंटी फंड की तरफ से क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। दी जाने वाली गारंटी उधारकर्ता की क्रेडिट सुविधा का 25% तक होगी। कैसे आवेदन करें डेयरी और मांस प्रसंस्करण और मूल्य वर्धित अवसंरचना ढांचे की स्थापना या मौजूदा बुनियादी ढांचे में वृद्धि के लिए निवेश करने वाले इच्छुक लाभार्थी SIDBI के "उदमी मित्र" पोर्टल से अनुसूचित बैंक में ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना संबंधी सभी दिशानिर्देशाें काे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।